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  • फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन कर महापौर ने एमडीए अभियान का किया शुभारंभ

    फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन कर महापौर ने एमडीए अभियान का किया शुभारंभ

    गोरखपुर:शहर के महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव ने जिला अस्पताल परिसर में बने बूथ पर फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन कर शनिवार को सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान का शुभारंभ किया । यह अभियान दो सितम्बर तक चलेगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने महापौर को दवा का सेवन कराया । उन्होंने बताया कि सोमवार से सप्ताह में चार दिन बचाव की दवा खिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम घर घर जाएंगी। विभाग की टीम के सामने ही दवा का सेवन करना है। इस मौके पर सभी लोगों ने फाइलेरिया उन्मूलन की शपथ ली और जनजागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया।

    दवा सेवन के उपरांत महापौर ने जनपदवासियों से अपील की कि वह फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन अवश्य करें। वह खुद विगत कई वर्षों से दवा का सेवन कर रहे हैं। यह पूरी तरह से सुरक्षित है। यह दवा खाली पेट नहीं खानी है । उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता जाहिर की कि महानगर के लोगों की जागरूकता के कारण सोलह शहरी क्षेत्र फाइलेरिया से मुक्ति की ओर अग्रसर हैं। इस बार शहर के सिर्फ सात क्षेत्रों में यह अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगर निगम इस अभियान में हरसंभव सहयोग करेगा ताकि पूरे शहर को फाइलेरिया मुक्त किया जा सके।

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि जिले में 4133 टीम द्वारा करीब 46 लाख लोगों को घर घर जाकर दवा खिलाई जाएगी। प्रत्येक सोमवार, मंगलवार, गुरूवार और शुक्रवार को टीम घर घर जाएंगी। टीम में आशा कार्यकर्ता के साथ एक पुरुष सदस्य होंगे। टीम के लोग दवा खिलाने के साथ साथ नये फाइलेरिया रोगियों को भी ढूंढेंगे। इस अभियान में स्वयंसेवी संस्था डब्ल्यूएचओ, पाथ, पीसीआई, सीफार और फाइलेरिया रोगी नेटवर्क भी सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

    इस मौके पर जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ जय कुमार, महिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ जय कुमार, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एके चौधरी, डॉ एनएल कुशवाहा, जिला सर्विलांस अधिकारी व नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह, सहायक मलेरिया अधिकारी राजेश चौबे, जेई एईएस कंसल्टेंट सिद्धेश्वरी सिंह, समस्त मलेरिया और फाइलेरिया निरीक्षक समेत सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधिगण भी मौजूद रहे।

    *लगातार पांच साल तक खानी है दवा*

    जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि फाइलेरिया जिसे आमतौर पर हाथीपांव भी कहते हैं, एक लाइलाज बीमारी है। इस बीमारी से खुद को, परिवार को और समाज को बचाने के लिए दवा का सेवन बेहद जरूरी है। लगातार पांच साल तक साल में एक बार अगर फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन किया जाए तो इस बीमारी से पूरे समाज को मुक्ति मिल सकती है। वर्ष में एक बार दवा खा लेने के बाद वर्ष भर के अव्यस्क कृमि मर जाते हैं और लगातार पांच साल तक दवा खाई जाती है तो हर साल इन अव्यस्क कृमि का सफाया तो होता ही है, साथ में वयस्क कृमि भी समाप्त हो जाता है। इस तरह से दवा का सेवन करने वाला व्यक्ति फाइलेरिया से बच जाता है। फाइलेरिया के प्रमुख लक्षणों में हाथ, पैर, स्तन व अंडकोष में सूजन हैं। यह लक्षण संक्रमित मच्छर के काटने के पांच से पंद्रह साल बाद प्रकट होते हैं।

    *मिथक बनती है बाधा*

    श्री सिंह ने बताया कि कुछ लोग इस मिथक के कारण दवा का सेवन नहीं करते हैं कि दवा खुली हुई है और इसकी सुरक्षा में संशय है। ऐसे लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि दवा विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुसार प्रमाणित है। इसे तभी खोला जाता है जब लाभार्थी को सेवन करवाना होता है। दवा का कोई भी दुष्प्रभाव नहीं होता है। जिन लोगों के भीतर पहले से माइक्रोफाइलेरी मौजूद होते हैं उन्हें दवा के सेवन के बाद मतली, चक्कर आना, सिरदर्द जैसे लक्षण आते हैं जो कुछ समय बाद स्वतः समाप्त हो जाते हैं। ये पूरी तरह से सामान्य लक्षण हैं और इनसे घबराने की आवश्यकता नहीं है। शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान सभी ने दवा का सेवन किया है और किसी को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई।

  • एसडीएम की अध्यक्षता में थाना समाधान दिवस में आये 18 प्रार्थना पत्रों में मात्र दो निस्तारित

    एसडीएम की अध्यक्षता में थाना समाधान दिवस में आये 18 प्रार्थना पत्रों में मात्र दो निस्तारित

     

    गोरखपुर। कैंपियरगंज शनिवार को स्थानीय थाना परिसर में आयोजित थाना समाधान दिवस में कुल 18 प्रार्थनापत्र आये जिनमें मात्र दो ही प्रार्थना पत्र का निस्तारण हो सका है। समाधान दिवस की अध्यक्षता एसडीएम रोहित मौर्य ने किया। समाधान दिवस में सर्वाधिक मामले जमीन से जुड़े होने से उनके निस्तारण के लिए एसडीएम ने सम्बन्धित राजस्व निरीक्षकों एवं लेखपालों को संयुक्त रूप से मामले का निस्तारण करने का निर्देश दिया। पुलिस एवं राजस्व विभाग से तत्काल दो मामलों का निस्तारण किया गया जोकि पुलिस से सम्बन्धित थे।
    समाधान दिवस में एसडीएम की मौजूदगी से फरियादियों को निस्तारण को लेकर काफी उम्मीदें थीं लेकिन निस्तारण के लिए कोई ठोस पहल न देख कर फरियादियों को निराशा हुई जिससे अधिकांश लोगों ने बिना प्रार्थना पत्र दिये वापस चलें गये। समाधान दिवस को सुनने के लिए बैठे अधिकारी के उदासीन रवैए को लेकर लोग जहां फरियादी हतोत्साहित देखें गये वहीं फरियाद लेकर आये लालमणि बंशू ,कौशिल्या देवी सहित कई लोगों का कहना था कि समाधान दिवस में मौजूद उच्चाधिकारी की रुचि मामले को लेकर उदासीन है और वह बे मन से खाना पूर्ति कर रहे थे इसलिए मामले को उनके सामने प्रस्तुत करने के बाद भी रुचि नहीं दिखाई इस लिए हमने अपने प्रार्थना पत्र को लेकर हम वापस चलें आये अब मुख्यमंत्री दरबार में अपनी फरियाद लेकर जायेंगे।
    पुलिस से सम्बन्धित आये मामले को प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार सिंह ने लेकर तत्काल सम्बन्धित पुलिस कर्मियों को मौके पर पहुंच कर मामले में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
    समाधान दिवस में नायब तहसीलदार हंसराज प्रसाद, चौकी प्रभारी राकेश कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह, उमाशंकर कनौजिया, रुद्र प्रताप सिंह,,एस आई ज्ञान प्रकाश शुक्ला, प्रमोद यादव,आशीष चौधरी, सचिन कुमार, राहुल द्रविड़, राजस्व निरीक्षक रमाशंकर, जद्दू सिंह भगवंत प्रसाद, राजस्व लेखपाल रत्नेश कुमार मिश्र, हेमंत शुक्ला, योगेन्द्र सिंह, गुरविंदर सिंह, हरे राम, गणेश, जितेन्द्र कुमार, माधवी त्रिपाठी, सुलेखा, संगीता गुप्ता, अमन भूषण सहित दर्जनों राजस्व कर्मी उपस्थित थे।

  • फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की शुरुआत मेयर ने हरी झंडी दिखाकर की

    फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की शुरुआत मेयर ने हरी झंडी दिखाकर की

    1. गोरखपुर।मेयर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव ने आज जिला अस्पताल में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की शुरुआत किया और प्रचार गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 10 अगस्त से 2 सितंबर तक जिले में इस अभियान को चलाया जाएगा। तकरीबन 3.5 हजार स्वास्थ्य कर्मियों को घर-घर जाकर फाइलेरिया की दवा लोगों को खिलाने का लक्ष्य दिया गया है। फाइलेरिया बीमारी को आम बोलचाल की भाषा में हाथी पांव की बीमारी भी कहा जाता है। इस बीमारी के रोकथाम के लिए प्रतिवर्ष फाइलेरिया की दवा खानी होती है, जोकि 5 सालों तक निरंतर खाने से फाइलेरिया की बीमारी से बच सकते हैं।

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी आशुतोष कुमार दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 10 अगस्त से 2 सितंबर तक फाइलेरिया रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए सैकड़ो की संख्या में हजारों की संख्या में स्वास्थ्य कर्मियों को लगाया गया है जो लोगों के घर-घर जाकर फाइलेरिया की दवा खिलाएंगे उन्होंने बताया कि पूरे जिले में 46 लाख लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

  • फाइलेरिया दवा वितरण अभियान का हुआ शुभारंभ

    फाइलेरिया दवा वितरण अभियान का हुआ शुभारंभ

     

    गोला: फाइलेरिया उन्मूलन एवं रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के क्रम में बड़हलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दवा वितरण अभियान का शुभारंभ किया गया।

    शनिवार को बड़हलगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर फाइलेरिया दवा वितरण अभियान का शुभारंभ करते हुए चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर व स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉक्टर शुभम कुमार ने कहा कि फाइलेरिया बीमारी के रोकथाम के मद्देनजर मोदी व योगी सरकार विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। डा० शुभम कुमार ने बताया कि 2 वर्ष से अधिक प्रत्येक व्यक्ति को दवा खिलाई जाएगी। इस दौरान डा० शैलेश पांडेय, दीपक रजक, वाजिद अहमद, कमलेश नायक, रविंद्र, सभासद दीपक शर्मा, सूरज सोनकर, वीरेंद्र गुप्ता, लक्ष्मण साहनी, रवि साहनी, संजय सोनकर, बृजेश उमर, हिमांशु गौंड, विकास सहित अन्य लोग मौजूद रहें।

  • आधुनिक तकनीकी से खेती कर बढ़ाएं उत्पादन: धीसम

    आधुनिक तकनीकी से खेती कर बढ़ाएं उत्पादन: धीसम

    गोला । देश में औद्योगिक विकास सड़क भवन निर्माण से खेती का क्षेत्रफल कम हो रहा है। जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। देश के नागरिकों को भोजन की व्यवस्था की जिम्मेदारी सरकार वैज्ञानिक कृषि विभाग एवं किसान भाईयों की है। अधिकतम खाद्यान्न उत्पादन तभी संभव है जब आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रयोग उन्नतशील बीज कृषि रक्षा रसायन का प्रयोग कर वैज्ञानिक तकनीकी एवं सरकार की योजनाओं का उपयोग कर खेती कर उत्पादन किया जाए तभी देश खाद्यान्न उत्पादन मैं आत्मनिर्भर होगा। उक्त जानकारी विकास खंड बड़हलगंज में आयोजित तिलहन विकास गोष्ठी में खंड विकास अधिकारी धीसम प्रसाद ने दिया। गोष्ठी में प्रमुख शैलेंद्र राय उर्फ पिंटू ने किसान भाइयों से अपील किया कि सरकार की योजनाओं का उपयोग कर वैज्ञानिक सलाह पर आधुनिक कृषि निवेश का प्रयोग कर खेती करें उत्पादन बढ़ाकर प्रदेश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाएं। शस्य वैज्ञानिक पीजी कॉलेज बड़हलगंज के डॉ वीरभद्र त्रिपाठी ने खेती में खेती के लिए मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरक प्रयोग बीज शोधन सिंचाई जल प्रबंधन आदि पर विस्तार से दी जानकारी। गोष्ठी में पूर्व अपर जिला कृषि अधिकारी राम अधार यादव ने आधुनिक कृषि यंत्रों की खेती में उपयोगिता फसल अवशेष प्रबंधन सरकार की कृषि उपयोगी योजनाओं की विस्तार से दी जानकारी। डॉ शिवेंद्र सिंह डॉ चिंतामणि हीरालाल चौहान रूप लाल दास ने प्राकृतिक खेती पशुओं की बीमारी एवं रोकथाम टीकाकरण जैविक खाद एवं रसायन फसल सुरक्षा फसल बीमा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि आदि कृषि सबंधी योजनाओं पर दी जानकारी।मानसिंह यादव और दिवाकर मनीष अजीत मिश्रा वीरेंद्र गिरी सोना यादव सोनम दुबे ने तकनीकी जानकारी दी।गोष्ठी की अध्यक्षता सहायक विकास अधिकारी प्रवीण सिंह और संचालन क्रांति कुमार ने किया। इस अवसर पर रमेश शाही अतुल शाही अंगद शाही आलोक राय बैरिस्टर यादव मंजू सुनीता आरती मौर्य भीम यादव सुरेश दिनेश पाल सहित अधिक संख्या में किसान गण मौजूद रहे।

  • दस्तक/ संचारी अभियान का शुभारंभ

    दस्तक/ संचारी अभियान का शुभारंभ

    आज दस्तक/ संचारी अभियान का शुभारंभ मेयर डाक्टर मंगलेश एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी महोदय द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया साथ में सभी अपर सी एम , डी एम ओ उप जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी, एस एम ओ जेई ए ई एस कंसल्टेंट,सभी पार्टन एजेंसियां मीडिया कर्मी,स्टाफ नर्स एवं अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे
  • एनक्वास सर्टिफाइड हुये जनपद के तीन आयुष्मान आरोग्य मंदिर

    एनक्वास सर्टिफाइड हुये जनपद के तीन आयुष्मान आरोग्य मंदिर

    ब्रह्मपुर के दो और खोराबार के एक आयुष्मान आरोग्य मंदिर का हुआ प्रमाणन

    1.26 लाख की पुरस्कार राशि से व्यवस्था सुदृढ़ीकरण में मिलेंगी मदद

    गोरखपुर: गोरखपुर जिले के तीन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेट (एनक्वास) प्रमाणन हुआ है। इसमें आकांक्षी ब्लॉक ब्रह्मपुर का राजधानी और राघो पट्टी व खोराबार का लहसड़ी आयुष्मान आरोग्य मंदिर शामिल है । इन्हें 1.26 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी, जिसे यह मरीजों की सुविधाओं के लिए व्यवस्था सुदृढ़ीकरण और कर्मचारियों के प्रोत्साहन व पुरस्कार के लिए खर्च कर सकते हैं।

     

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि जनपद में अब एनक्वास सर्टिफाइड आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या पांच हो गयी है। हाल ही में पिपरौली ब्लॉक का कालेसर आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी प्रमाणित हुआ है । इससे पहले भटहट ब्लॉक का जैनपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी एनक्वास सर्टिफाइड हो चुका है।

    डॉ दूबे ने बताया कि इस समय जिले में 460 सक्रिय आयुष्मान आरोग्य मंदिर समुदाय को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा प्रदान कर रहे हैं। वहां बीमारियों की स्क्रीनिंग, टेलीकंसल्टेशन से चिकित्सकों से परामर्श और दवा उपलब्ध कराना, मातृ शिशु स्वास्थ्य जांच की सुविधा प्रदान करना, गैर संचारी बीमारियों की स्क्रीनिंग और संचारी रोगों की रोकथाम के कार्य किये जा रहे हैं। कुछ केंद्रों पर संस्थागत प्रसव भी होते हैं। जनसमुदाय को स्वास्थ्य देने में इन केंद्रों की अहम भूमिका है और इनका एनक्वास प्रमाणीकरण गुणवत्तापूर्ण सेवा की गारंटी है।

    सीएमओ ने बताया कि इस प्रमाण पत्र को हासिल करने में वहां के स्थानीय ग्राम प्रधान, सीएचओ, एएनएम, आशा, अधीक्षक व प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, नोडल अधिकारी डॉ एके चौधरी और जिला व ब्लॉक कार्यक्रम प्रबन्धन इकाई और जिला व मंडलीय क्वालिटी टीम एवं कंसल्टेंट ने प्रमुख भूमिका निभाई है। क्वालिटी कार्यक्रम के प्रमुख सहयोगी विजय श्रीवास्तव का भी सबसे अहम योगदान रहा है । जिले में क्वालिटी एश्योरेंस कंसल्टेंट का पद खाली है और इन विपरीत परिस्थितियों में भी इन इकाइयों का सहयोग कर उन्हें प्रमाणन दिलवाने में उन्होंने भरपूर मदद की।

     

     

    एनएचआरसी के पत्र से मिली जानकारी

     

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (एनएचआरसी) के कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल प्रोफेसर अतुल कोटवाल की तरफ से जारी पत्र में एनक्वास सर्टिफिकेशन की जानकारी दी गयी है। पत्र के मुताबिक ब्रह्मपुर ब्लॉक के राजधानी आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 87.3 फीसदी, जबकि राघो पट्टी आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 86.79 फीसदी अंक मिले हैं। इन दोनों का राष्ट्रीय स्तर का मूल्यांकन इसी साल मई में हुआ था। खोराबार ब्लॉक के लहसड़ी आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 83 फीसदी अंकों के साथ सशर्त प्रमाणन मिला है। इसका मूल्यांकन फरवरी 2024 में हुआ था। इन केंद्रों को जो पुरस्कार मिलेंगे उनकी 75 फीसदी रकम अस्पताल में गुणात्मक सेवा देने के उपायों पर खर्च करनी है, जबकि 25 फीसदी की धनराशि कर्मचारियों के प्रोत्साहन व पुरस्कार में खर्च करने का प्रावधान है।

     

    इन सात सेवाओं का हुआ मूल्यांकन

     

     गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान देखभाल

     नवजात और शिशु स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं

     बाल और किशोर स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं

     परिवार नियोजन, गर्भनिरोधक सेवाएं एवं अन्य प्रजनन देखभाल सेवाएं

     संचारी रोगों का प्रबंधन (राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम)

     सामान्य संक्रामक रोगों का प्रबन्धन और तीव्र साधारण बीमारियों और छोटी बीमारियों के लिए सामान्य बाह्य रोगी देखभाल

    गैर संचारी रोगों और टीबी व कुष्ठ रोग जैसी दीर्घकालिक संचारी बीमारियों की जांच, रोकथाम, प्रबन्धन और नियंत्रण

    एनक्वास सर्टिफाइड हुये जनपद के तीन आयुष्मान आरोग्य मंदिर

    ब्रह्मपुर के दो और खोराबार के एक आयुष्मान आरोग्य मंदिर का हुआ प्रमाणन

    1.26 लाख की पुरस्कार राशि से व्यवस्था सुदृढ़ीकरण में मिलेंगी मदद

    गोरखपुर: गोरखपुर जिले के तीन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेट (एनक्वास) प्रमाणन हुआ है। इसमें आकांक्षी ब्लॉक ब्रह्मपुर का राजधानी और राघो पट्टी व खोराबार का लहसड़ी आयुष्मान आरोग्य मंदिर शामिल है । इन्हें 1.26 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी, जिसे यह मरीजों की सुविधाओं के लिए व्यवस्था सुदृढ़ीकरण और कर्मचारियों के प्रोत्साहन व पुरस्कार के लिए खर्च कर सकते हैं।

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि जनपद में अब एनक्वास सर्टिफाइड आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या पांच हो गयी है। हाल ही में पिपरौली ब्लॉक का कालेसर आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी प्रमाणित हुआ है । इससे पहले भटहट ब्लॉक का जैनपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी एनक्वास सर्टिफाइड हो चुका है।
    डॉ दूबे ने बताया कि इस समय जिले में 460 सक्रिय आयुष्मान आरोग्य मंदिर समुदाय को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा प्रदान कर रहे हैं। वहां बीमारियों की स्क्रीनिंग, टेलीकंसल्टेशन से चिकित्सकों से परामर्श और दवा उपलब्ध कराना, मातृ शिशु स्वास्थ्य जांच की सुविधा प्रदान करना, गैर संचारी बीमारियों की स्क्रीनिंग और संचारी रोगों की रोकथाम के कार्य किये जा रहे हैं। कुछ केंद्रों पर संस्थागत प्रसव भी होते हैं। जनसमुदाय को स्वास्थ्य देने में इन केंद्रों की अहम भूमिका है और इनका एनक्वास प्रमाणीकरण गुणवत्तापूर्ण सेवा की गारंटी है।
    सीएमओ ने बताया कि इस प्रमाण पत्र को हासिल करने में वहां के स्थानीय ग्राम प्रधान, सीएचओ, एएनएम, आशा, अधीक्षक व प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, नोडल अधिकारी डॉ एके चौधरी और जिला व ब्लॉक कार्यक्रम प्रबन्धन इकाई और जिला व मंडलीय क्वालिटी टीम एवं कंसल्टेंट ने प्रमुख भूमिका निभाई है। क्वालिटी कार्यक्रम के प्रमुख सहयोगी विजय श्रीवास्तव का भी सबसे अहम योगदान रहा है । जिले में क्वालिटी एश्योरेंस कंसल्टेंट का पद खाली है और इन विपरीत परिस्थितियों में भी इन इकाइयों का सहयोग कर उन्हें प्रमाणन दिलवाने में उन्होंने भरपूर मदद की।

    एनएचआरसी के पत्र से मिली जानकारी

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (एनएचआरसी) के कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल प्रोफेसर अतुल कोटवाल की तरफ से जारी पत्र में एनक्वास सर्टिफिकेशन की जानकारी दी गयी है। पत्र के मुताबिक ब्रह्मपुर ब्लॉक के राजधानी आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 87.3 फीसदी, जबकि राघो पट्टी आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 86.79 फीसदी अंक मिले हैं। इन दोनों का राष्ट्रीय स्तर का मूल्यांकन इसी साल मई में हुआ था। खोराबार ब्लॉक के लहसड़ी आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 83 फीसदी अंकों के साथ सशर्त प्रमाणन मिला है। इसका मूल्यांकन फरवरी 2024 में हुआ था। इन केंद्रों को जो पुरस्कार मिलेंगे उनकी 75 फीसदी रकम अस्पताल में गुणात्मक सेवा देने के उपायों पर खर्च करनी है, जबकि 25 फीसदी की धनराशि कर्मचारियों के प्रोत्साहन व पुरस्कार में खर्च करने का प्रावधान है।

    इन सात सेवाओं का हुआ मूल्यांकन

     गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान देखभाल
     नवजात और शिशु स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं
     बाल और किशोर स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं
     परिवार नियोजन, गर्भनिरोधक सेवाएं एवं अन्य प्रजनन देखभाल सेवाएं
     संचारी रोगों का प्रबंधन (राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम)
     सामान्य संक्रामक रोगों का प्रबन्धन और तीव्र साधारण बीमारियों और छोटी बीमारियों के लिए सामान्य बाह्य रोगी देखभाल
    गैर संचारी रोगों और टीबी व कुष्ठ रोग जैसी दीर्घकालिक संचारी बीमारियों की जांच, रोकथाम, प्रबन्धन और नियंत्रण

  • समाज सेवा ही सच्ची सेवा:राजेश त्रिपाठी विधायक

    समाज सेवा ही सच्ची सेवा:राजेश त्रिपाठी विधायक

    स्व बाबू अवधनारायण सिंह ( बलता सिंह ) की स्मृति में मदरिया घाट का हुवा लोकार्पण

    गोरखपुर।समाज सेवा से बड़ा कोई पुण्य का कार्य नही। समाज सेवा अगर निः स्वार्थ भाव से की जाय तो मानवता का कर्तव्य सही मायनों में निभाया जा सकता है। मानवता की सेवा ही सच्ची सेवा है। उक्त बातें बाबू स्व. आर एन सिंह के परिवार द्वारा स्व. अवध नारायण सिंह ( बलता  सिंह) स्मृति में  गोला विकास खंड के मदरिया(नकटा )घाट के लोकार्पण के अवसर पर चिल्लूपार के विधायक राजेश त्रिपाठी ने उपस्थित लोगो को संबोधित करते हुए कही। आगे उन्होंने कहा कि बाबू आर एन सिंह का परिवार  शिक्षा, स्वास्थ्य, धर्म , अध्यात्म के माध्यम से अपनी जड़ से जुड़कर समाज की सेवा कर रहा है जो समाज के लिए अनुकरणीय है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सिद्ध पीठ मदरिया के उत्तराधिकारी श्रीश दास महाराज ने कहा कि समाज के लिए कुछ अच्छा करने का जज्बा हर किसी को होना चाहिए।समाज सेवा से पुण्य की प्राप्ति होती है। समाज की सेवा ही यश में वृद्धि करती है जो वर्षो तक याद की जाती है। कई पीढ़ियों का सम्मान बढ़ जाता है। इसके पूर्व कार्यक्रम को जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन रणविजय सिंह, आलोक सिंह ने भी संबोधित किया।

    कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य के. एल.शर्मा ने किया।

    अंत में कार्यक्रम के आयोजक अमरजीत सिंह एवम

    गीता सिंह ने सभी आगंतुकों का आभार प्रकट किया ।

    इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य माया शंकर शुक्ल, सत्य प्रकाश यादव,  रामअधार दुबे, बृजभूषण मिश्र, प्रसिद्ध दुबे, अश्वनी मिश्र, सुभाष मिश्र, वेद प्रकाश त्रिपाठी, विपिन मिश्र, प्रशांत शाही, महेंद्र सिंह, सतीश सिंह, महेंद्र शर्मा, हरे कृष्ण दुबे, प्रदीप दुबे, मिथिलेश सिंह, अभिनाश सिंह, रवींद्र नाथ दुबे, उधम सिंह, ज्वाहिर सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।