महराजगंज में निषाद पार्टी के प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद की आत्महत्या किए जाने को लेकर लोकदल की प्रतिक्रिया सरकार अपने सहयोगी दल के नेता मंत्री संजय निषाद और उनके दो बेटों पर मुकदमा कायम हो,
फर्जी मुकदमे ने धर्मात्मा निषाद की ली जान: लोकदल
भाई पर फर्जी मुकदमें ने मेरे भाई को आत्महत्या को विवश होना पड़ा लोकदल की मांग निषाद (पीड़ित परिवार) परिवार को न्याय मिले,
भाई ने भाई खोया है: लोकदल
आज एक मां ने अपने बेटे को खोया है। लोकदल निषाद समाज के साथ है, ये सब बर्दाश्त के बाहर है। जब तक उन चारों के खिलाफ केस दर्ज नहीं होगा। उन लोगों को जेल नहीं भेजा जाएगा,
लोकदल शांत नहीं रहेगा। यह बात लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने मृतक के भाई परमात्मा निषाद से टेलीफोनिक फोन पर बात करके बताया है और भाजपा के सहयोगी पार्टी के डॉ. संजय कुमार निषाद, उनके बेटे प्रवीण कुमार निषाद और श्रवण कुमार निषाद समेत जय प्रकाश निषाद, इन चारों के ऊपर केस अभी तक क्यों नहीं किया गया ? और जेल अभी तक नहीं भेजा गया? तो यह सरकार का जंगल राज को दिखाता है।सरकार के सहयोगी दल के ये लोग निषाद समाज का शोषण कर रहे हैं।
समाजवादी पार्टी सांसद इकरा हसन ने सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दायर कर पूजा स्थल अधिनियम 1991 (Places Of Worship Act 1991) को लागू करने की मांग की है। चीफ जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की पीठ ने आज इस याचिका को अन्य संबंधित याचिकाओं के साथ संलग्न कर दिया, जिनमें पूजा स्थल अधिनियम की संवैधानिकता को चुनौती दी गई है।
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, जब मामला सुनवाई के लिए आया तो चीफ जस्टिस ने मौखिक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इतनी सारी नई याचिकाएं क्यों दायर की जा रही हैं? हर हफ्ते हमें एक मिलती है। इकरा हसन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल उपस्थित हुए।