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लोकदल : जनसेवा, न्याय और विकास के लिए प्रतिबद्ध
“चुनाव तय करेगा विधानसभा चुनाव का रास्ता – लोकदल”
“पंचायत से परिवर्तन, विधानसभा तक विकास – यही है लोकदल का संकल्प”
लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा है कि पंचायत चुनाव केवल स्थानीय निकाय का चुनाव नहीं है, बल्कि यह आगामी विधानसभा चुनाव की दिशा और दशा तय करने वाला महत्वपूर्ण भूमिक निभाने वाला है। गाँव की सरकार, यानि पंचायत, जनता के सबसे नजदीक होती है और यह वही स्थान है जहाँ से असली बदलाव की शुरुआत होती है। आज जब देश और प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं से जूझ रही है, तब पंचायत चुनाव एक अवसर है कि जनता अपने जनप्रतिनिधियों को सोच-समझ कर चुने और एक मजबूत विकल्प को आगे बढ़ाए। लोकदल का प्रत्येक कार्यकर्ता गाँव-गाँव, ढाणी-ढाणी जाकर यह संदेश दे रहा है कि यदि बदलाव लाना है, तो इसकी शुरुआत पंचायत से ही करनी होगी।लोकदल ने अपने पंचायत प्रतिनिधियों के चयन में पारदर्शिता, ईमानदारी और जनसेवा की भावना को प्राथमिकता देगा। हर पंचायत में योग्य, निष्ठावान और जनता के बीच से चुने गए प्रतिनिधि सत्ता में आएं, ताकि लोकनीति का असली स्वरूप सामने आ सके। लोकदल पार्टी आगामी पंचायत चुनाव में पूरी ताकत के साथ उतरने जा रही है। खास तौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के साथ-साथ पार्टी ने गाँव-गाँव में जनसम्पर्क अभियान तेज कर दिया है और सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करने का निर्णय की तैयारी कर रहा है,लोकदल पार्टी हमेशा से किसानों, मजदूरों, युवाओं और ग्रामीण समाज की आवाज रही है। पंचायत चुनाव के जरिए पार्टी गाँवों में विकास, पारदर्शिता और जनहित की नीतियों को सशक्त बनाने का संकल्प ले रहा है।
लोकदल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने आगे कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हर पंचायत में लोकदल की भागीदारी हो और जनहित में सशक्त निर्णय लिए जाएँ। हम योग्य, जनसेवाभावी और ईमानदार प्रत्याशियों को मैदान में उतारेंगे।”
लोकदल पार्टी अपने मजबूत संगठन, सक्रिय कार्यकर्ताओं और जनसमर्थन के बल पर पंचायत चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। पंचायत चुनाव में यदि जनता ने हमें भरपूर समर्थन दिया, तो यही लहर विधानसभा चुनाव में भी परिवर्तन का कारण बनेगी। -

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आज गोरखपुर-महराजगंज के विधान परिषद सदस्य सी.पी. चन्द ने शिष्टाचार भेंट की
गोरखपुर – महाराजगंज क्षेत्र के विधान परिषद सदस्य सी पी चंद ने गोरखपुर के दक्षिणाचंल में सरयू नदी पर गोला-हाजीपुर पुल को पूरा करने के लिए 263 करोड़ 48 लाख 56 हजार रूपये व किसानों को सिंचाई की सुविधा बेहतरीन बनाने के लिए बारानगर सरयू कैनाल के लिए 22 करोड़ 29 लाख स्वीकृति और किश्तों में जारी हुए रुपयों के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर पूर्व विधान परिषद सदस्य रमेश मिश्रा भी उपस्थित रहें। -

यूपी में मुसलमान त्यौहार नहीं मना पा रहा है यूपी में मुसलमान का हक छीना जा रहा है: लोकदल
“जाति मजहब धर्म को लेकर सरकार कार्य कर रही है: लोकदल”
लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह जी ने मुसलमान की सुरक्षा को लेकर अपने बयान में कहा है कि उत्तर प्रदेश में ना तो हिंदू सुरक्षित है और ना ही मुसलमान।मुसलमानों को लेकर जो बयान दिया जा रहा है वो सत्यता से परे है. सुनील सिंह का कहना कि प्रदेश में जितने हिंदू सुरक्षित हैं, उतने ही मुसलमान भाई सुरक्षित हैं ये गलत है, जबकि सच्चाई ये हैं कि जबसे उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार आई है, तब से प्रदेश में न तो हिन्दू सुरक्षित हैं और न ही मुसलमान सुरक्षित हैं।
मुसलमान त्योहार नहीं मना पा रहे,सरकार को घेरते हुए कई मुद्दे पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि 8 वर्षों में सरकार ने किसानों की उपलब्धि पर क्या कार्य किया? एक भी उपलब्धि नहीं है? गन्ना किसानों के गन्ने का मूल्य कितना बढ़ा कितना घटा इसको सरकार नहीं बता रही है? बेरोजगारों को कितना रोजगार मिला नहीं बता रही है? महंगाई आसमान पर है इन 8 वर्षों में महंगाई कितनी कम हुई है ? उसको सरकार नहीं बता रही है। सरकार का सिर्फ मुख्य विषय है हिंदू मुस्लिम।
सुनील सिंह ने यह भी आरोप लगाया है कि जनता ने रामपुर, संभल उत्तर प्रदेश में के कई हिस्सों में दंगे देखे हैं यदि आपको मुसलमान की सुरक्षा की बात करनी है तो मुसलमान के बारे में अंदाजा लगाना है तो उनकी बस्तियों में जाए, थाने में जाएं, आपको स्थिति का पता चल जाएगा मुसलमान के ऊपर इस सरकार में फर्जी मुकदमे दिखाए जा रहे हैं पुलिस प्रशासन मुसलमान की सर नेम के ऊपर झूठे मुकदमे कायम कर रही है। फर्जी जेल में डाला जा रहा है मुसलमान के खिलाफ एक तरफा कार्रवाई की जा रही है ,मौजूदा भाजपा की सरकार अल्पसंख्यक विरोधी सरकार है। minority का मतलब सिर्फ मुसलमान नहीं होता है।यूपी में उन का हक छीना जा रहा है देश छोड़िए, ह्यूमन राइट्स कमीशन छोड़िए, हाई कोर्ट छोड़िए, सुप्रीम कोर्ट छोड़िए पर अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियां यह बताती हैं कि 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश में मुसलमानों के साथ कैसे उनके डेमोक्रेटिक राइट्स का क्रॉस वायलेशन हुआ है। क्या उत्तरप्रदेश में मुसलमान सेफ हैं,मुसलमानों की सुरक्षा को लेकर सरकार पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है।
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भाजपा जिलाध्यक्ष ने अस्पताल को बनाया पार्टी कार्यालय
“सिर्फ पैर टूटा है हौसला नहीं…”
कानपुर। भाजपा के जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित का पैर फ्रैक्चर हो गया। चूंकि बैठक पहले से निर्धारित थी, इसलिए भाजपा कार्यालय जाने में असमर्थ होने का कारण ‘महानेता’ ने अस्पताल में ही बैनर लगाकर पार्टी कार्यालय मानकर बैठक कर डाली।
कहा जाता है इंसान में इच्छा शक्ति हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं होती। वैसे भाजपाइयों को तो बहाना बनाना आता ही नहीं…. । -

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का बयान
लखनऊ। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने समाजवादी विचारक डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती के अवसर पर उनकी विरासत को याद करते हुए देश में बढ़ती बेरोजगारी, गैरबराबरी और असमानता पर चिंता जताई है …..इस मौके पर उन्होंने कहा कि भगत सिंह का सपना आजादी के बाद एक समाजवादी भारत का निर्माण था, जहां लोग संपन्न, खुशहाल हों और तरक्की के साथ-साथ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का बयान खत्म हो……अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा, “राम मनोहर लोहिया ने अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी और हम उसी रास्ते पर चल रहे हैं। लेकिन आज हमारे देश में बेरोजगारी, गैरबराबरी और असमानता बढ़ती जा रही है…उन्होंने लोहिया के विचारों को आज के समय में प्रासंगिक बताते हुए समाजवादी मूल्यों पर जोर दिया….अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए समाजवादी विचारधारा को इन समस्याओं के समाधान के रूप में पेश किया…।
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ओबीसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने की डॉ संजय निषाद के बयान की कड़ी निंदा
ओबीसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष काली शंकर यदुवंशी ने उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद द्वारा पुलिस के नौजवानों के खिलाफ दिए गए अभद्र और आपत्तिजनक बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है।
यदुवंशी ने कहा कि पुलिस बल देश और समाज की सुरक्षा के लिए दिन-रात मेहनत करता है। उनके प्रति इस प्रकार की अपमानजनक भाषा का प्रयोग न केवल निंदनीय है, बल्कि पूरे पुलिस महकमे का मनोबल गिराने वाला भी है। ऐसे बयान देने वाले व्यक्ति को मंत्री पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
ओबीसी पार्टी निम्नलिखित मांग करती है:
1. डॉ. संजय कुमार निषाद को अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
2. उत्तर प्रदेश सरकार को उन्हें तत्काल बर्खास्त कर उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्यवाही करनी चाहिए।
3. भारत सरकार को भी इस मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा पुलिस बल के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग न हो।
ओबीसी पार्टी देश के सभी पुलिस जवानों के सम्मान और अधिकारों के साथ मजबूती से खड़ी है और हर उस व्यक्ति का विरोध करेगी जो हमारे रक्षक जवानों का अपमान करेगा।
News courtesy : काली शंकर यदुवंशी, राष्ट्रीय अध्यक्ष- ओबीसी पार्टी
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सीएम आदित्यनाथ के चुनावी शपथपत्रों का मामला, अमिताभ ठाकुर की आपत्ति
गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर द्वारा यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर चुनाव आयोग के सामने विभिन्न वर्षो में प्रस्तुत शपथ पत्र में अपने आपराधिक इतिहास के संबंध में असत्य और भ्रामक तथ्य अंकित किए जाने के आरोपों की संबंध में प्रेषित शिकायत को जांच तथा समुचित कार्यवाही हेतु चुनाव आयोग को संदर्भित कर दिया है.
अमिताभ ठाकुर ने अपनी शिकायत में कहा है कि योगी आदित्यनाथ द्वारा वर्ष 2009, 2014 है तथा 2017 में प्रस्तुत शपथ पत्रों में उनके आपराधिक इतिहास के संबंध में दिए गए विवरण में भारी त्रुटि दिखती है. उदाहरण के लिए उन्होंने वर्ष 2017 में एमएलसी चुनाव के समय अपने शपथ पत्र में वर्ष 2005 के थाना इटवा, सिद्धार्थनगर का एक एफआईआर प्रस्तुत किया, किंतु उन्होंने वर्ष 2009 तथा 2014 के शपथ पत्र में इस एफआईआर का उल्लेख नहीं किया गया था. इसी प्रकार एसपी सिद्धार्थनगर द्वारा डॉ नूतन ठाकुर को दी जानकारी के अनुसार आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री रहते सिद्धार्थनगर से उनके दो मुकदमे वापस हुए थे, किंतु इनमें एक मुकदमे का जिक्र उन्होंने किसी भी शपथ पत्र में नहीं किया. 2007 के गोरखपुर दंगों के संबंध में उनके खिलाफ थाना कैंट में विभिन्न गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज हुआ था, किंतु उन्होंने अपने किसी भी शपथ पत्र में उसका उल्लेख नहीं किया है.
उन्होंने इसे गंभीर प्रकरण बताते हुए इसका तत्काल संज्ञान लिए जाने की मांग की है.
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मायावती नहीं चाहती हैं कि आकाश आनंद बीजेपी पर सीधा हमला बोलें: लोकदल
3 मार्च 2025 भतीजे आकाश आनंद को पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक समेत सभी अहम पदों से हटाए जाने पर लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि मायावती सत्ताधारी पाार्टी बीजेपी के दबाव में काम कर रही हैं. आकाश आनंद एक नौजवान नेता है ऐसे में आकाश आनंद बीजेपी पर हमला बोलते हैं तो मायावती असहज हो जाती हैं. मायावती ने एक तरह से ख़ुद को सक्रिय राजनीति से बाहर कर लिया है. मायावती के समर्थकों को भी अहसास हो गया है कि वह अब खुलकर राजनीति नहीं करने वाली हैं.”मायावती क़रीब 70 साल की हो गई हैं और पार्टी को एक नौजवान नेता चाहिए. ऐसे में आकाश आनंद को भले अभी नेपथ्य में रख रही हैं लेकिन आख़िरकार पार्टी की कमान परिवार के हाथों में ही आएगी.।पार्टी अपना जनाधार वापस पाने के लिए क्या करेगी? मायावती सड़कों पर उतरती नहीं हैं, ऐसे में बीएसपी में भविष्य का नेतृत्व कहा है?
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सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सीएम योगी के उस बयान पर पलटवार किया
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सीएम योगी के उस बयान पर पलटवार किया है जिसमें उन्होंने कहा था कि “महाकुंभ में जिसने जो तलाशा, उसको वो मिला…”
अखिलेश यादव ने कहा- “…वह (मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ) अपने ‘गिद्ध’ बयान के जरिए किसका अपमान कर रहे थे? जो लोग अपने परिवार के लापता सदस्यों की तलाश कर रहे थे?…वह ‘सुआर’ की बात कर रहे हैं। हममें से किसी ने नहीं कहा कि गंगा नदी के पानी की गुणवत्ता खराब है, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कहा…तो, सरकार किसे ‘सुअर’ कह रही थी? मुझे लगता है, दिल्ली और लखनऊ की लड़ाई में वे एक-दूसरे को गाली दे रहे हैं। अगर उत्तर प्रदेश प्रदूषण बोर्ड कह रहा है कि पानी साफ है और दिल्ली का प्रदूषण बोर्ड कहता है कि पानी खराब है, तो इसका मतलब है कि ‘लखनऊ’ ‘दिल्ली’ को ‘सुअर’ कह रहा था।”









