गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर द्वारा यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर चुनाव आयोग के सामने विभिन्न वर्षो में प्रस्तुत शपथ पत्र में अपने आपराधिक इतिहास के संबंध में असत्य और भ्रामक तथ्य अंकित किए जाने के आरोपों की संबंध में प्रेषित शिकायत को जांच तथा समुचित कार्यवाही हेतु चुनाव आयोग को संदर्भित कर दिया है.
अमिताभ ठाकुर ने अपनी शिकायत में कहा है कि योगी आदित्यनाथ द्वारा वर्ष 2009, 2014 है तथा 2017 में प्रस्तुत शपथ पत्रों में उनके आपराधिक इतिहास के संबंध में दिए गए विवरण में भारी त्रुटि दिखती है. उदाहरण के लिए उन्होंने वर्ष 2017 में एमएलसी चुनाव के समय अपने शपथ पत्र में वर्ष 2005 के थाना इटवा, सिद्धार्थनगर का एक एफआईआर प्रस्तुत किया, किंतु उन्होंने वर्ष 2009 तथा 2014 के शपथ पत्र में इस एफआईआर का उल्लेख नहीं किया गया था. इसी प्रकार एसपी सिद्धार्थनगर द्वारा डॉ नूतन ठाकुर को दी जानकारी के अनुसार आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री रहते सिद्धार्थनगर से उनके दो मुकदमे वापस हुए थे, किंतु इनमें एक मुकदमे का जिक्र उन्होंने किसी भी शपथ पत्र में नहीं किया. 2007 के गोरखपुर दंगों के संबंध में उनके खिलाफ थाना कैंट में विभिन्न गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज हुआ था, किंतु उन्होंने अपने किसी भी शपथ पत्र में उसका उल्लेख नहीं किया है.
उन्होंने इसे गंभीर प्रकरण बताते हुए इसका तत्काल संज्ञान लिए जाने की मांग की है.
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