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बालाजी सरकार दरबार में धूमधाम से मना गणेश चतुर्दशी एवं हरीतालिका तीज
गोरखपुर। आज इस पावन अवसर पर श्री बालाजी मंदिर में प्रातः काल से मात्र शक्तियों का अपार संख्या में आकर भगवान नर्वदेश्वर को जल अच्छत दूध पुष्प के साथ पूजन अर्चन शुरू हुआ।

पूरा दिन देर रात तक चलता रहा। बालाजी सेवा समिति ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री जितेंद्र मणि तिवारी तथा उपाध्यक्ष अमितेश्वर कुमार दुबे की देखरेख में तथा समिति के सभी सदस्यों के सहयोग से किसी भी भक्त को कोई दिक्कत नहीं होने पाया मुख्य रूप से पंडित शुभम शास्त्री कामाख्या नारायण सिंह रंजन बाबा राकेश राय सक्षम दुबे आदि का सहयोग रहा। “बालाजी की कृपा हम सब पर सदा बनी रहे।”
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छठींयारे महोत्सव में झूमा बालाजी दरबार
गोरखपुर। श्री बालाजी मंदिर में जन्माष्टमी पर्व के पश्चात छठींयारें का कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया।
सायं काल से शुरू हुआ गीत संगीत एवं नृत्य का कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा। अपार संख्या में मात्र शक्तियों ने अपना सहयोग दिया।
समिति की तरफ से अध्यक्ष श्री जितेंद्र मणि त्रिपाठी के मार्गदर्शन में एवं उपाध्यक्ष अमितेश्वर कुमार दुबे बबलू की देखरेख में सारा कार्यक्रम संपन्न हुआ। तत्पश्चात छठींयारे के भोजन का प्रसाद वितरण किया गया। मुख्य रूप से कार्यक्रम को संपन्न कराने में पंडित शुभम शास्त्री कामाख्या नारायण सिंह जयप्रकाश ओझा आरके पांडे राकेश राय आदि का सहयोग रहा। समिति के उपाध्यक्ष अमितेश्वर कुमार दुबे बबलू ने सभी भक्तों एवं मातृ शक्तियों का आभार एवं धन्यवाद प्रकट किया। “जय बालाजी सरकार।”
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पवित्र सावन माह के अंतिम सोमवार को पूरा दिन हुआ जलाभिषेक बालाजी मंदिर में
गोरखपुर। श्री बालाजी मंदिर, निकट सेल टैक्स ऑफिस तारामंडल गोरखपुर, पर आज सावन की चतुर्थ एवं अंतिम सोमवार को प्रातः काल से जलाभिषेक दूध, अच्छत, दही एवं गन्नें के रस शुरू हुआ तथा पूरा दिन चलता रहा।
संपूर्ण बालाजी दरबार ‘ओम नमः शिवाय, की जयकारे से गूंजता रहा। समस्त तारामंडल का माहौल भक्ति मय बना रहा। बालाजी सेवा समिति ट्रस्ट के अध्यक्ष जितेंद्र मणि त्रिपाठी एवं उपाध्यक्ष अमितेश्वर कुमार दुबे ‘बबलू’ की देख रेख में शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से आज का कार्यक्रम संपन्न हुआ।

मुख्य रूप से समिति के पंडित शुभम शास्त्री, कामाख्या नारायण सिंह, सक्षम दुबे, डॉक्टर सीताराम पांडे, राणा सिंह, गोरख पांडेय का आज की व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान रहा। भगवान भोलेनाथ हम सब का कल्याण करें।




सायं काल से शुरू हुआ गीत संगीत एवं नृत्य का कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा। अपार संख्या में मात्र शक्तियों ने अपना सहयोग दिया।

