NH-28 और कस्बे के प्रमुख चौराहों पर रोजाना लग रहा भीषण जाम, अवैध स्टैंड और अतिक्रमण से जनता त्रस्त; यातायात व्यवस्था सुधारने में जिम्मेदारों की कथित नाकामी पर उठ रहे सवाल।
संवाददाता- एस.पी. सिंह
सहजनवां, (गोरखपुर)।
सहजनवां कस्बे और राष्ट्रीय राजमार्ग-28 पर रोजाना लगने वाले भीषण जाम ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें, चौराहों पर बेतरतीब खड़े ऑटो और ई-रिक्शा तथा सड़क की पटरियों पर अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आ रही है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में भी काफी समय लग जाता है। इसके बावजूद समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई होती दिखाई नहीं देने से पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जाम में फंस रहीं एंबुलेंस, मरीजों की जान पर संकट।
सहजनवां थाना चौराहे से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और तहसील की ओर जाने वाले मार्ग पर जाम की समस्या लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जाम के कारण एंबुलेंस और स्कूली बसों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सबसे चिंताजनक स्थिति तब होती है, जब किसी गंभीर मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस जाम में फंस जाती है। ऐसे में इलाज मिलने में देरी का खतरा बना रहता है। सवाल यह है कि यदि आपातकालीन वाहनों के लिए भी रास्ता सुगम नहीं है, तो यातायात व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारी आखिर क्या कर रहे हैं?
चौराहों पर अवैध स्टैंड का कब्जा, सड़क बनी पार्किंग।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि थाना चौराहे से घघसरा बाजार मोड़ तक ऑटो और ई-रिक्शा चालक सड़क किनारे तथा चौराहों के आसपास बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े कर देते हैं। इससे सड़क की चौड़ाई घट जाती है और जाम की स्थिति पैदा होती है। यदि इन स्थानों पर अवैध स्टैंड संचालित हो रहे हैं, तो उनकी पहचान कर कार्रवाई करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। आखिर बिना प्रभावी नियंत्रण के सड़कों पर वाहनों का जमावड़ा कैसे लगा रहता है?
पटरियों पर दुकानें, पैदल चलना भी मुश्किल।
मुख्य मार्ग की पटरियों पर फल, सब्जी और अन्य सामान की दुकानें लगने से पैदल यात्रियों को भी सड़क पर उतरकर चलना पड़ता है। इससे न केवल जाम बढ़ता है, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी जिन विभागों पर है, उन्हें केवल औपचारिकता निभाने के बजाय नियमित और निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।
हादसों का खतरा, जिम्मेदारों की जवाबदेही तय हो।
सहजनवां में यातायात की समस्या अब केवल असुविधा तक सीमित नहीं रह गई है। यह आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुकी है। रोजाना जाम से जूझते नागरिकों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब समस्या लंबे समय से बनी हुई है, तो पुलिस और प्रशासन की ओर से ठोस कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं?
सवाल पुलिस-प्रशासन से है: क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदारों की नींद खुलेगी? क्या एंबुलेंस के जाम में फंसने या किसी राहगीर के दुर्घटना का शिकार होने का इंतजार किया जा रहा है? यदि नहीं, तो फिर अवैध स्टैंड, बेतरतीब पार्किंग और अतिक्रमण पर सख्ती क्यों नहीं दिखाई दे रही है?
जनता की मांग – अब आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए।
स्थानीय लोगों ने सहजनवां के प्रमुख चौराहों पर नियमित यातायात पुलिस की तैनाती, अवैध स्टैंड हटाने, सड़क की पटरियों से अतिक्रमण मुक्त कराने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चालान व अन्य वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों के लिए निर्बाध रास्ता सुनिश्चित करने की भी जरूरत है।
अब पुलिस और प्रशासन को जवाबदेही के साथ कार्रवाई करनी होगी। सहजनवां की जनता को रोजाना जाम की सजा देना किसी भी सूरत में उचित नहीं है। यातायात व्यवस्था सुधारना कोई एहसान नहीं, बल्कि संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो जाम की यह समस्या किसी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
इस मामले में सीओ गीडा आभा सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
एक वर्ष से आरोपी की तलाश में जुटे थे उपनिरीक्षक सौरभ शर्मा, लगातार दी जा रही थी दबिश।
संवाददाता – एस.पी. सिंह
सहजनवा, (गोरखपुर)।
सहजनवा थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में वांछित आरोपी को बिहार से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज था।
पुलिस के मुताबिक, पटना, बिहार निवासी 21 वर्षीय गुड्डू यादव उर्फ शिव शंकर यादव के खिलाफ पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि आरोपी 7 अगस्त 2025 को वादिनी की नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले गया और शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
मामले में सहजनवा थाने पर मु.अ.सं. 444/25, धारा 137(2), 87, 65(1) बीएनएस एवं 5एल/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी।
बताया जा रहा है कि उपनिरीक्षक सौरभ शर्मा पिछले करीब एक वर्ष से आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रहे थे। थाना प्रभारी संजय कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने आखिरकार आरोपी को बिहार में चिन्हित कर 12 सितंबर 2026 की रात करीब 8:30 बजे गिरफ्तार कर लिया।
आवश्यक पूछताछ और विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपी को रविवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
आरोपी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक सौरभ शर्मा, उपनिरीक्षक वैभव मिश्रा और कांस्टेबल नितिन चौधरी शामिल रहे। पुलिस के अनुसार मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी को फांसी देने की उठाई मांग, हंगामे के बीच अधिकारियों ने संभाला मोर्चा।
सीसीटीवी फुटेज से पुलिस आरोपी तक पहुंची, निशानदेही पर खंडहरनुमा कमरे से बरामद हुआ था मासूम का शव।
संवाददाता – एस.पी. सिंह
सहजनवा, (गोरखपुर)।
नगर पंचायत सहजनवा के वार्ड नंबर नौ पिपरा निवासी पांच वर्षीय अंशुमान सिंह की हत्या के बाद शनिवार को पोस्टमार्टम के उपरांत उसका शव घर पहुंचा तो पूरे गांव में मातम पसर गया। मासूम का शव देखते ही परिजनों की चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं घटना से आक्रोशित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और आरोपी को फांसी की सजा दिलाने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
गौरतलब है कि पांच वर्षीय अंशुमान सिंह गुरुवार शाम करीब पांच बजे घर के पास फुल्की खाने के लिए निकला था, लेकिन इसके बाद वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया। काफी तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने सहजनवा पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर क्षेत्राधिकारी गीडा के नेतृत्व में कई टीमों का गठन किया और पूरी रात मासूम की तलाश में अभियान चलाया।
जांच के दौरान पुलिस ने क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। एक फुटेज में मासूम के साथ एक युवक दिखाई दिया। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने कल्पेश राय पुत्र संजय राय, निवासी सांथा, थाना धर्मसिंहवा, जनपद संत कबीर नगर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के बाद आरोपी की निशानदेही पर नगर पंचायत सहजनवा के वार्ड नंबर 10 में बलराम गुप्ता की खंडहर पड़ी जमीन पर बने कमरेनुमा ढांचे से मासूम अंशुमान का शव बरामद किया गया। शव मिलने की खबर फैलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
घटना की सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर समेत क्षेत्राधिकारी गीडा, थाना प्रभारी गीडा, अतिरिक्त थाना प्रभारी सहजनवा और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए, जबकि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शव पहुंचते ही मचा कोहराम, गुस्से में फूट पड़ा गांव।
शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब तीन बजे जैसे ही मासूम अंशुमान का शव उसके घर पहुंचा, परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। बेटे का शव देखकर परिवार के सदस्य बेसुध हो गए। मासूम की मौत से आहत ग्रामीणों का गुस्सा भी फूट पड़ा।
आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी का बयान सार्वजनिक करने और उसे फांसी की सजा दिलाने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों के आक्रोश के चलते कुछ समय के लिए मौके पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
अधिकारियों ने संभाला मोर्चा, कठोर कार्रवाई का दिया भरोसा।
हंगामे और तनाव की सूचना मिलते ही उप जिलाधिकारी सहजनवा केसरी नंदन त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी गीडा, थाना प्रभारी गीडा और अतिरिक्त थाना प्रभारी सहजनवा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया।
अधिकारियों ने मामले में निष्पक्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद परिजन और ग्रामीण मासूम के अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।
फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और मामले की विवेचना जारी है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी उपलब्ध साक्ष्यों की गहनता से जांच की जा रही है। विवेचना और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
थाना सहजनवा क्षेत्र में मिशन शक्ति अभियान फेज-5.0 के द्वितीय चरण के अंतर्गत सहजनवा थाना प्रभारी संजय मिश्रा के नेतृत्व में मिशन शक्ति टीम द्वारा ग्राम पंचायत भवन, हरदी में बहु-बेटी सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र की महिलाओं एवं बालिकाओं को एकत्रित कर महिला सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं।
सम्मेलन के दौरान महिलाओं एवं बच्चियों को महिला संबंधी अपराधों, उनसे बचाव के उपायों तथा उनके विधिक अधिकारों के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। साथ ही विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में वे वूमेन पावर लाइन 1090, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, साइबर हेल्पलाइन 1930, महिला हेल्पलाइन 181, एंबुलेंस सेवा 108, पुलिस आपातकालीन सेवा 112 तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का उपयोग कर सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
मिशन शक्ति टीम ने सरकार द्वारा संचालित विभिन्न महिला एवं बाल कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी तथा जागरूकता संबंधी पंपलेट वितरित किए। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक बनाना रहा।
इस अवसर पर मिशन शक्ति टीम में उप निरीक्षक सौरभ शर्मा, उप निरीक्षक राकेश यादव, महिला कांस्टेबल अर्चना, रेखा तथा महिला कांस्टेबल अर्चना सिंह उपस्थित रहीं। टीम ने महिलाओं को निडर होकर अपनी समस्याएं पुलिस तक पहुंचाने तथा किसी भी प्रकार के अपराध की सूचना तत्काल देने के लिए प्रेरित किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देश एवं सहजनवां थाना प्रभारी संजय मिश्रा के नेतृत्व में गहरे पानी में स्नान के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए थाना सहजनवा पुलिस द्वारा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में चौपाल लगाकर जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों एवं ग्रामीणों को नदी, तालाब और गहरे जलाशयों में स्नान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक करना रहा।
पुलिस की संयुक्त टीम ने भीटी रावत, कसरवल, समाधियां सहित नदी किनारे बसे अन्य गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद किया तथा बच्चों को अकेले नदी अथवा गहरे पानी में स्नान करने के लिए न भेजने की अपील की। चौपाल के माध्यम से लोगों को बताया गया कि गर्मी एवं बरसात के मौसम में नदी और तालाबों का जलस्तर अचानक बढ़ जाने से हादसों की आशंका अधिक रहती है, जिससे छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
अभियान के दौरान पुलिसकर्मियों ने अभिभावकों से बच्चों पर विशेष निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस एवं संबंधित विभाग को सूचना देने की बात कही। साथ ही ग्रामीणों को जल सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी भी प्रदान की गई।
इस दौरान आयोजित सभी चौपालों में भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। लोगों ने पुलिस के इस जनजागरूकता अभियान की सराहना करते हुए बच्चों की सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संकल्प लिया।
गैलेंट इस्पात फैक्ट्री से चोरी हुए 12.50 टन सरिया के मामले में सहजनवा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने सरिया से लदे डीसीएम वाहन के साथ चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, 6 अप्रैल को गैलेंट इस्पात फैक्ट्री से 12.50 टन सरिया डीसीएम पर लादकर सूरज ट्रेडिंग कंपनी, ढकरवा (लखीमपुर) के लिए भेजा गया था। रास्ते में चालक सरिया लेकर फरार हो गया था। इस संबंध में पुलिस ने चालक और वाहन मालिक के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी थी।
गुरुवार को सहजनवां थाना प्रभारी महेश कुमार चौबे के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सुरेश यादव, कांस्टेबल पारस यादव एवं रुद्र सिंह संदिग्ध व्यक्तियों और वारंटियों की तलाश में गीडा सेक्टर-26 क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को एक डीसीएम वाहन संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिया, जिस पर सरिया लदा हुआ था।
पुलिस ने वाहन को रोककर चालक से कागजात मांगे, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका और हिचकिचाने लगा। कड़ाई से पूछताछ करने पर चालक ने सरिया चोरी का होना स्वीकार कर लिया।
इसके बाद पुलिस ने चालक प्रमोद कुमार पुत्र नेमचंद, निवासी अजीजपुरा थाना रोजा, जिला शाहजहांपुर को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से डीसीएम पर लदा 12.50 टन सरिया बरामद किया गया।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है तथा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।