गोरखपुर में 6–8 मई तक शिक्षकों का महासम्मेलन: 63वां प्रांतीय महाधिवेशन होगा ऐतिहासिक

गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

गोरखपुर |उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई द्वारा आयोजित 63वां वार्षिक प्रांतीय महाधिवेशन 6, 7 और 8 मई को गोरखपुर में भव्य रूप से आयोजित होने जा रहा है। इस तीन दिवसीय महाधिवेशन में प्रदेश भर से लगभग 2000 से अधिक शिक्षक प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।

इस महाधिवेशन की तैयारियों को लेकर आज 5 मई को रेलवे ऑडिटोरियम, महाप्रबंधक कार्यालय पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर (ऑफिसर्स क्लब के निकट) में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महाधिवेशन संयोजक एवं प्रांतीय मंत्री डॉ. अजय कुमार पाण्डेय ने की, जबकि संचालन सह-संयोजक सत्यपाल सिंह (जिलाध्यक्ष) एवं डॉ. शोभित श्रीवास्तव (जिलामंत्री) ने किया।

प्रांतीय संरक्षक जगदीश पांडेय ठकुराई ने बताया कि इस महाधिवेशन में प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. उमेश चंद्र त्यागी, महामंत्री लालमणि द्विवेदी, कोषाध्यक्ष अयोध्या प्रसाद अग्रवाल सहित सभी प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन के दौरान शिक्षा के उन्नयन, शिक्षकों की समस्याओं, तथा भविष्य के संघर्ष कार्यक्रमों को लेकर महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।

महाधिवेशन संयोजक डॉ. अजय कुमार पाण्डेय ने इसे “बाबा गोरक्षनाथ की पावन धरती पर आयोजित ऐतिहासिक सम्मेलन” बताया। उन्होंने जानकारी दी कि उद्घाटन सत्र 6 मई को प्रातः 11 बजे होगा, जिसमें केंद्रीय कृषि मंत्री कमलेश पासवान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा कुलपति पूनम टंडन, एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह और डॉ. धर्मेंद्र सिंह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव सहित कई जनप्रतिनिधि और शिक्षाविद् भी उपस्थित रहेंगे।

सम्मेलन समन्वयक देवेंद्र सिंह गौतम के अनुसार, महाधिवेशन को 5 सत्रों में आयोजित किया जाएगा। पहले दिन उद्घाटन सत्र के बाद प्रांतीय मंत्री और कोषाध्यक्ष का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा, जबकि शाम 7 बजे से कवि सम्मेलन का आयोजन भी होगा।

स्मारिका संपादक जागतारण शरण ने बताया कि महाधिवेशन की स्मारिका अंतिम चरण में है, जिसमें शिक्षा अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों के लेख शामिल किए जा रहे हैं।

जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह और जिलामंत्री डॉ. शोभित श्रीवास्तव ने बताया कि सम्मेलन को लेकर शिक्षकों में भारी उत्साह है और सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं।

यह महाधिवेशन न केवल शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच होगा, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की दिशा में भी अहम साबित हो सकता है।

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