“मोदी-योगी सरकार की महिला केंद्रित योजनाएं बन रही हैं सशक्त भारत की नींव”
संवाददाता– एस.पी. सिंह
सहजनवा, ( गोरखपुर ) ।
घघसरा नगर पंचायत के एक निजी मैरेज हॉल में शुक्रवार को महारानी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में “महिला सशक्तीकरण” विषय पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभाकर दुबे ने किया। जिस अवसर पर मुख्य अतिथि क्षेत्रीय महामंत्री, विधायक प्रदीप शुक्ल ने लोगो को संबोधित करते हुए कहा कि, मोदी-योगी सरकार महिलाओं को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि भागीदार के रूप में देखती है। वित्तीय साक्षरता, महिला उद्यमिता, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। जिससे वे समाज की रीढ़ बन सकें।
उन्होंने कहा कि जब तक महिलाएं हर क्षेत्र में समानता के साथ आगे नहीं बढ़ेंगी, तब तक समाज और राष्ट्र का सर्वांगीण विकास अधूरा रहेगा।
अहिल्याबाई ने शिक्षा के क्षेत्र में गुरुकुलों की स्थापना की, और वे पहली महिला शासिका थीं, जिन्होंने महिला सैनिकों की नियुक्ति की। उनके शासनकाल में तोपों का निर्माण हुआ और उन्होंने राष्ट्रवादी संस्कृति को सशक्त किया। उनके द्वारा हरिद्वार से लेकर रामेश्वरम्, कन्याकुमारी और काशी विश्वनाथ मंदिर तक कई प्रमुख तीर्थ स्थलों का पुनर्निर्माण कराया गया।
प्रदीप शुक्ला ने कहा कि आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश में 200 मंदिरों के पुनर्निर्माण जैसे कार्य कर रहे हैं, तो यह माता अहिल्याबाई की प्रेरणा का ही परिणाम है। यह राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की यात्रा है, जिसमें उनका स्मरण अत्यंत प्रासंगिक है।
मुख्य वक्ता ब्लॉक प्रमुख बेलघाट डॉ पूजा सिंह कौशिक ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि माता अहिल्याबाई ने अपने व्यक्तिगत दुख को दरकिनार करते हुए सदैव लोक कल्याण की सर्वोच्च प्राथमिकता दी। कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिलाओं को पुरस्कार वितरण किया गया।
कार्यक्रम का संचालन त्र्यंबक उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर कृष्ण मोहन कसौधन, शिवचरण प्रसाद, रुचिका मिश्र, दयाशंकर सिंह, विजय बहादुर, कृष्ण मोहन कसौधन, समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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