63वां प्रांतीय महाधिवेशन शुरू: शिक्षकों की आवाज बुलंद, संघर्ष का संकल्प

गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

गोरखपुर | 6 मई 2026 उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के 63वें वार्षिक प्रांतीय महाधिवेशन का शुभारंभ आज गोरखपुर स्थित रेलवे ऑडिटोरियम, महाप्रबंधक कार्यालय पूर्वोत्तर रेलवे में पूर्वान्ह 11 बजे भव्य रूप से हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रांतीय मुख्य संरक्षक श्रद्धेय जगदीश पांडेय ठुकराई, अध्यक्ष डॉ उमेश चंद्र त्यागी और महामंत्री लालमणि द्विवेदी के नेतृत्व में झंडारोहण से हुई। जिला मंत्री डॉ शोभित श्रीवास्तव ने झंडा गीत प्रस्तुत किया।

इसके बाद मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलन के साथ मंचीय कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। राम नारायण लाल गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया, वहीं गुरु गोरक्षनाथ के बटुकों ने मंगलाचरण किया।

मुख्य अतिथि सहित सभी विशिष्ट अतिथियों का अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। स्वागत समिति द्वारा सभी अतिथियों और पदाधिकारियों का बैज व माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रांतीय मुख्य संरक्षक जगदीश पांडेय ठुकराई ने कहा कि

 

“शिक्षा तेजी से बाजार के हवाले होती जा रही है, ऐसे में कोठारी आयोग की संस्तुतियों को लागू करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि सभी को समान और रोजगारपरक शिक्षा मिल सके।”

प्रांतीय अध्यक्ष डॉ उमेश चंद्र त्यागी ने शिक्षकों की गरिमा पर जोर देते हुए कहा कि

 

मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए आश्वासन दिया कि महाधिवेशन में पारित प्रस्तावों को सरकार तक पहुंचाकर शिक्षकों के अधिकारों को मजबूत किया जाएगा।

एमएलसी डॉ धर्मेंद्र सिंह ने शिक्षक को ज्ञान का दीपक बताते हुए समाज में उनकी भूमिका को सर्वोपरि बताया। वहीं कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने शिक्षकों की मांगों को समय पर पूरा करने और उनकी सेवा सुरक्षा मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।


महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षक ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं, उनका सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

महाधिवेशन में समान शिक्षा व्यवस्था, पेंशन बहाली, सेवा शर्तों में सुधार और कैशलेस चिकित्सा जैसी महत्वपूर्ण मांगों पर प्रस्ताव पारित किए जाने की बात कही गई। महामंत्री लालमणि द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि यदि वार्ता से समाधान नहीं निकला तो संगठन संघर्ष का रास्ता अपनाएगा।

इस अवसर पर स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आए हजारों शिक्षक प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों की भारी उपस्थिति रही, जिससे आयोजन की भव्यता और महत्व और अधिक बढ़ गया।

अंत में जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह और जिलामंत्री डॉ शोभित श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम की जानकारी साझा की।

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