बड़हलगंज /गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज वीरबाल दिवस मण्डल संगोष्ठी का आयोजन आज उमा शंकर सिंह विद्यापीठ कोडारी, बड़हलगंज में संपन्न हुई। इस दौरान संगोष्ठी को मुख्य वक्ता जिला उपाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि भारतीय इतिहास में युवा शहीदों द्वारा प्रदर्शित असाधारण साहस को श्रद्धांजलि देने के लिए भारत में वीर बाल दिवस मनाया जाता है। यह दिन गुरु गोबिंद सिंह जी के युवा पुत्रों, साहिबज़ादा जोरावर सिंह और साहिबज़ादा फ़तेह सिंह को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने अपार वीरता दिखाई। वे अपने धर्म को त्यागने से इनकार करने के कारण शहीद हो गए, जिससे उन्होंने छोटी उम्र में बलिदान का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। वीर बाल दिवस 26 दिसंबर को मनाया जाता है, जो उनकी शहादत का दिन है। संगोष्ठी को जिला मंत्री स्वतंत्र सिंह ने संबंधित करते हुए कहा कि इस दिन विभिन्न शैक्षिक और सांस्कृतिक स्कूल गतिविधियों द्वारा चिह्नित किया जाता है, जिसका उद्देश्य युवा मन में बहादुरी, धैर्य और अटूट विश्वास के समान मूल्यों को स्थापित करना है। विद्यालय के प्रबंधक ज्योति नारायण सिंह ने कहा कि यह दसवें सिख गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे बेटों, साहिबजादा ज़ोरावर सिंह और साहिबजादा फ़तेह सिंह की शहादत की याद दिलाता है। 9 और 7 साल की उम्र के इन युवा राजकुमारों को अपने धर्म को त्यागने से इनकार करने के कारण ज़िंदा ईंटों में दबा दिया गया था। उनकी कहानी गंभीर प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद भी आत्मा की शक्ति और दृढ़ता का एक मार्मिक प्रमाण है। यह दिन अतीत की याद दिलाता है और साहस, अखंडता और अपने विश्वासों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का एक समकालीन पाठ है। बच्चे इन युवा नायकों द्वारा किए गए बलिदानों और अपने सिद्धांतों के लिए खड़े होने के महत्व के बारे में सीखते हैं। मण्डल अध्यक्ष अखण्ड प्रताप शाही ने कहा कि 1704 में, मुगल साम्राज्य द्वारा सिखों के तीव्र उत्पीड़न की अवधि के दौरान, इन युवा राजकुमारों, जिनकी उम्र सिर्फ़ 9 और 7 वर्ष थी, को पकड़ लिया गया और उन्हें एक क्रूर अल्टीमेटम दिया गया। इस्लाम में धर्मांतरण करो या मौत का सामना करो। असाधारण बहादुरी दिखाते हुए, उन्होंने अपने धर्म को त्यागने के बजाय शहादत को चुना। उनका बलिदान न केवल सिख इतिहास का एक मार्मिक अध्याय है, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक सीमाओं को पार करते हुए, अपने विश्वासों के प्रति अदम्य साहस और निष्ठा का प्रतीक भी है। । कार्यक्रम का संचालन मण्डल महामंत्री दुर्गेश मिश्र ने किया। इस दौरान महेश उमर, राजीव पांडेय, सुरेश मिश्र, मंटू चौबे, राजकुमार निगम, अखिलेश श्रीवास्तव, राजकुमार जायसवाल, श्रीकांत सोनी, भीम निषाद, राजेश सिंह, बैजनाथ राजभर, अजय दुबे, आनन्द शुक्ल, अशोक त्रिपाठी, राजेश राय, सुशील पांडेय, प्रकाशवीर जायसवाल, दीपक शर्मा, हिमांशु गौंड, अभिषेक गुप्ता सहित विद्यालय के बच्चे उपस्थित रहें।
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