महाकुंभ हादसे पर पंचायती अखाड़े का बयान ” पिछले स्नान के बाद हमने प्रशासन को सचेत किया।
जब अंदाजा था कि 40-50 करोड़ लोग आने वाले हैं। तो पूरे मेला क्षेत्र को सेना के हवाले क्यों नही किया गया। यह प्रश्न विचारणीय है। यह पुलिस प्रशासन के बस का काम नही है।
आज किसी के बाप का बेटा चला गया है।किसी का बाप किसी का पुत्र चला गया बहुत दुखद समाचार है। निकम्मा प्रशासन पूरी तरह फेल, प्रशासन सिर्फ वीआईपी की जी हुजूरी में लगा रहा। इसके अलावा उन्हें कुंभ से कोई मतलब नही है।”
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