“महाकुंभ में यह हादसा अत्यंत दर्दनाक और असहनीय है। लोकदल परिवार उन परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया।
यह त्रासदी सरकार की असफलता और प्रशासनिक कुप्रबंधन का प्रतीक है। शुरुआत से ही सरकार का ध्यान प्रचार प्रसार आंकड़े दिखाने में लगा रहा। आम जनता की बजाय वीवीआईपी सेवाओं पर था। वीवीआईपी लोग गाड़ियों से सीधे नदी के तट तक पहुंचे, जबकि आम लोग लंबा सफर पैदल तय करने को मजबूर हुए।
सबसे शर्मनाक है कि सरकार अब तक मृतकों की सही संख्या जारी नहीं कर पाई, जो उनकी असंवेदनशीलता दर्शाता है। 10,000 करोड़ रुपये का बड़ा हिस्सा सिर्फ 2 लोगो वाली फोटो और उनके प्रचार में खर्च हुआ, जबकि सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की अनदेखी की गई।
सरकार को अब दिखावे से हटकर आम जनता की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आगे ऐसी त्रासदी न हो।”
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