टीबी उन्मूलन के लिए चल रही है जनजागरूकता की मुहिम: डॉ आशुतोष कुमार दूबे

Written by

in

“आगामी चौबीस मार्च को मनाया जाएगा विश्व टीबी दिवस”

“ट्यूबरक्लोसिस एसोसिएशन ऑफ इंडिया 12 मार्च से कर रहा है विविध गतिविधियों का आयोजन”

गोरखपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने कहा है कि ट्यूबरक्लोसिस एसोसिएशन ऑफ इंडिया, एक्शन अगेंस्ट स्टिगमा (आस) अभियान के जरिये टीबी उन्मूलन के लिए जनजागरूकता की मुहिम चला रहा है। इसी क्रम में 12 मार्च से ही निर्धारित कलेंडर के अनुसार विविध गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। यह गतिविधियां आगामी चौबीस मार्च तक आयोजित की जाएंगी। चौबीस मार्च को विश्व टीबी दिवस मनाया जाएगा।

डॉ दूबे ने बताया कि उन्नीस मार्च को वर्चुअल बैठक के जरिये टीबी उन्मूलन संबंधित गतिविधियों और अनुभवों का साझा किया जाएगा। बीस मार्च को उच्च जोखिम आबादी के साथ बैठके होंगी और संभावित टीबी रोगियों की खोज के लिए स्क्रीनिंग की जाएगी। इक्कीस मार्च को सोशल मीडिया एन्फ्लुएंशर्स के जरिये अपील और प्रचार प्रसार की गतिविधियां होंगी। बाईस मार्च को नुक्कड़ नाटक और ड्रामा के जरिये टीबी के प्रति व्याप्त भ्रांतियों और मिथकों का खंडन किया जाएगा। तेईस मार्च को पुनः वर्चुअल बैठक के जरिये चर्चा होगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि विश्व टीबी दिवस पर पूरे देश समेत गोरखपुर में भी बृहद आयोजन किया जाएगा। इस दिन टीबी उन्मूलन के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों और टीबी चैम्पियन को सम्मानित भी किया जाएगा।

डॉ दूबे ने बताया कि भय और भ्रांति के कारण नये टीबी मरीज सामने नहीं आते हैं जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। एक गैर उपचाराधीन टीबी मरीज एक वर्ष में दस से पंद्रह स्वस्थ लोगों को टीबी से संक्रमित कर देता है। वहीं, अगर समय से टीबी का उपचार शुरू हो जाए तो तीन से चार हफ्ते बाद उपचाराधीन मरीज से संक्रमण की आशंका नहीं रह जाती है। लोगों तक सही संदेश पहुंचा कर भेदभाव और कलंक की दुर्भावना को समाप्त करना है ताकि टीबी का उन्मूलन किया जा सके।

 

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More posts