Category: हेल्थ

  • पुलिस लाइन में मेगा हेल्थ और कैंसर स्क्रीनिंग कैंप, एसपी सिटी की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों व छात्राओं की हुई जांच

    पुलिस लाइन में मेगा हेल्थ और कैंसर स्क्रीनिंग कैंप, एसपी सिटी की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों व छात्राओं की हुई जांच

    पुलिस लाइन में मेगा हेल्थ और कैंसर स्क्रीनिंग कैंप, एसपी सिटी की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों व छात्राओं की हुई जांच

    सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर। पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस में रविवार को सिनर्जी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड कैंसर इंस्टीट्यूट की ओर से पुलिसकर्मियों, उनके परिजनों और विभिन्न स्कूलों की छात्राओं के लिए एक दिवसीय मेगा हेल्थ एवं कैंसर स्क्रीनिंग कैंप का सफल आयोजन किया गया। शिविर में पुलिस महकमे के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों और छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
    इस अवसर पर मुख्य रूप से मौजूद पुलिस अधीक्षक नगर (एसपी सिटी) गोरखपुर और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी लाइन ने शिविर का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बेहद जरूरी बताया। कार्यक्रम में अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. आलोक तिवारी, मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सौरभ मिश्रा और एडमिनिस्ट्रेटिव डायरेक्टर डॉ. अंजलि जैन भी उपस्थित रहे।
    शिविर में सिनर्जी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मरीजों को परामर्श देने के साथ ही आवश्यक जांच सेवाएं भी उपलब्ध कराईं। इसमें डॉ. शहाना पुन्नेशेट्टी (गायनी ऑन्कोलॉजी), डॉ. आर.के. सिंह (यूरोलॉजी), डॉ. शशांक श्रीवास्तव (ऑर्थोपेडिक्स), डॉ. सौरभ मिश्रा (गैस्ट्रोएंटरोलॉजी), डॉ. शुभम श्रीवास्तव (कार्डियोलॉजी), डॉ. वरुण शुक्ला (प्लास्टिक सर्जरी), डॉ. तारिक अनवर (हेड एंड नेक सर्जरी) एवं डॉ. गौरव जायसवाल (डेंटल सर्जरी) ने अपनी विशेषज्ञ सेवाएं दीं। शिविर में आए लोगों को गंभीर बीमारियों के शुरुआती लक्षणों और उनसे बचाव के तरीकों के प्रति भी जागरूक किया गया।

     

    पुलिस लाइन में मेगा हेल्थ और कैंसर स्क्रीनिंग कैंप, एसपी सिटी की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों व छात्राओं की हुई जांच

    सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर। पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस में रविवार को सिनर्जी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड कैंसर इंस्टीट्यूट की ओर से पुलिसकर्मियों, उनके परिजनों और विभिन्न स्कूलों की छात्राओं के लिए एक दिवसीय मेगा हेल्थ एवं कैंसर स्क्रीनिंग कैंप का सफल आयोजन किया गया। शिविर में पुलिस महकमे के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों और छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
    इस अवसर पर मुख्य रूप से मौजूद पुलिस अधीक्षक नगर (एसपी सिटी) गोरखपुर और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी लाइन ने शिविर का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बेहद जरूरी बताया। कार्यक्रम में अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. आलोक तिवारी, मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सौरभ मिश्रा और एडमिनिस्ट्रेटिव डायरेक्टर डॉ. अंजलि जैन भी उपस्थित रहे।
    शिविर में सिनर्जी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मरीजों को परामर्श देने के साथ ही आवश्यक जांच सेवाएं भी उपलब्ध कराईं। इसमें डॉ. शहाना पुन्नेशेट्टी (गायनी ऑन्कोलॉजी), डॉ. आर.के. सिंह (यूरोलॉजी), डॉ. शशांक श्रीवास्तव (ऑर्थोपेडिक्स), डॉ. सौरभ मिश्रा (गैस्ट्रोएंटरोलॉजी), डॉ. शुभम श्रीवास्तव (कार्डियोलॉजी), डॉ. वरुण शुक्ला (प्लास्टिक सर्जरी), डॉ. तारिक अनवर (हेड एंड नेक सर्जरी) एवं डॉ. गौरव जायसवाल (डेंटल सर्जरी) ने अपनी विशेषज्ञ सेवाएं दीं। शिविर में आए लोगों को गंभीर बीमारियों के शुरुआती लक्षणों और उनसे बचाव के तरीकों के प्रति भी जागरूक किया गया।

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    सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर। पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस में रविवार को सिनर्जी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड कैंसर इंस्टीट्यूट की ओर से पुलिसकर्मियों, उनके परिजनों और विभिन्न स्कूलों की छात्राओं के लिए एक दिवसीय मेगा हेल्थ एवं कैंसर स्क्रीनिंग कैंप का सफल आयोजन किया गया। शिविर में पुलिस महकमे के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों और छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
    इस अवसर पर मुख्य रूप से मौजूद पुलिस अधीक्षक नगर (एसपी सिटी) गोरखपुर और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी लाइन ने शिविर का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बेहद जरूरी बताया। कार्यक्रम में अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. आलोक तिवारी, मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सौरभ मिश्रा और एडमिनिस्ट्रेटिव डायरेक्टर डॉ. अंजलि जैन भी उपस्थित रहे।
    शिविर में सिनर्जी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मरीजों को परामर्श देने के साथ ही आवश्यक जांच सेवाएं भी उपलब्ध कराईं। इसमें डॉ. शहाना पुन्नेशेट्टी (गायनी ऑन्कोलॉजी), डॉ. आर.के. सिंह (यूरोलॉजी), डॉ. शशांक श्रीवास्तव (ऑर्थोपेडिक्स), डॉ. सौरभ मिश्रा (गैस्ट्रोएंटरोलॉजी), डॉ. शुभम श्रीवास्तव (कार्डियोलॉजी), डॉ. वरुण शुक्ला (प्लास्टिक सर्जरी), डॉ. तारिक अनवर (हेड एंड नेक सर्जरी) एवं डॉ. गौरव जायसवाल (डेंटल सर्जरी) ने अपनी विशेषज्ञ सेवाएं दीं। शिविर में आए लोगों को गंभीर बीमारियों के शुरुआती लक्षणों और उनसे बचाव के तरीकों के प्रति भी जागरूक किया गया।

     

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    सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर। पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस में रविवार को सिनर्जी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड कैंसर इंस्टीट्यूट की ओर से पुलिसकर्मियों, उनके परिजनों और विभिन्न स्कूलों की छात्राओं के लिए एक दिवसीय मेगा हेल्थ एवं कैंसर स्क्रीनिंग कैंप का सफल आयोजन किया गया। शिविर में पुलिस महकमे के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों और छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
    इस अवसर पर मुख्य रूप से मौजूद पुलिस अधीक्षक नगर (एसपी सिटी) गोरखपुर और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी लाइन ने शिविर का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बेहद जरूरी बताया। कार्यक्रम में अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. आलोक तिवारी, मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सौरभ मिश्रा और एडमिनिस्ट्रेटिव डायरेक्टर डॉ. अंजलि जैन भी उपस्थित रहे।
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    सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर। पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस में रविवार को सिनर्जी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड कैंसर इंस्टीट्यूट की ओर से पुलिसकर्मियों, उनके परिजनों और विभिन्न स्कूलों की छात्राओं के लिए एक दिवसीय मेगा हेल्थ एवं कैंसर स्क्रीनिंग कैंप का सफल आयोजन किया गया। शिविर में पुलिस महकमे के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों और छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
    इस अवसर पर मुख्य रूप से मौजूद पुलिस अधीक्षक नगर (एसपी सिटी) गोरखपुर और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी लाइन ने शिविर का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बेहद जरूरी बताया। कार्यक्रम में अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. आलोक तिवारी, मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सौरभ मिश्रा और एडमिनिस्ट्रेटिव डायरेक्टर डॉ. अंजलि जैन भी उपस्थित रहे।
    शिविर में सिनर्जी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मरीजों को परामर्श देने के साथ ही आवश्यक जांच सेवाएं भी उपलब्ध कराईं। इसमें डॉ. शहाना पुन्नेशेट्टी (गायनी ऑन्कोलॉजी), डॉ. आर.के. सिंह (यूरोलॉजी), डॉ. शशांक श्रीवास्तव (ऑर्थोपेडिक्स), डॉ. सौरभ मिश्रा (गैस्ट्रोएंटरोलॉजी), डॉ. शुभम श्रीवास्तव (कार्डियोलॉजी), डॉ. वरुण शुक्ला (प्लास्टिक सर्जरी), डॉ. तारिक अनवर (हेड एंड नेक सर्जरी) एवं डॉ. गौरव जायसवाल (डेंटल सर्जरी) ने अपनी विशेषज्ञ सेवाएं दीं। शिविर में आए लोगों को गंभीर बीमारियों के शुरुआती लक्षणों और उनसे बचाव के तरीकों के प्रति भी जागरूक किया गया।

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    सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर। पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस में रविवार को सिनर्जी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड कैंसर इंस्टीट्यूट की ओर से पुलिसकर्मियों, उनके परिजनों और विभिन्न स्कूलों की छात्राओं के लिए एक दिवसीय मेगा हेल्थ एवं कैंसर स्क्रीनिंग कैंप का सफल आयोजन किया गया। शिविर में पुलिस महकमे के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों और छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
    इस अवसर पर मुख्य रूप से मौजूद पुलिस अधीक्षक नगर (एसपी सिटी) गोरखपुर और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी लाइन ने शिविर का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बेहद जरूरी बताया। कार्यक्रम में अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. आलोक तिवारी, मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सौरभ मिश्रा और एडमिनिस्ट्रेटिव डायरेक्टर डॉ. अंजलि जैन भी उपस्थित रहे।
    शिविर में सिनर्जी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मरीजों को परामर्श देने के साथ ही आवश्यक जांच सेवाएं भी उपलब्ध कराईं। इसमें डॉ. शहाना पुन्नेशेट्टी (गायनी ऑन्कोलॉजी), डॉ. आर.के. सिंह (यूरोलॉजी), डॉ. शशांक श्रीवास्तव (ऑर्थोपेडिक्स), डॉ. सौरभ मिश्रा (गैस्ट्रोएंटरोलॉजी), डॉ. शुभम श्रीवास्तव (कार्डियोलॉजी), डॉ. वरुण शुक्ला (प्लास्टिक सर्जरी), डॉ. तारिक अनवर (हेड एंड नेक सर्जरी) एवं डॉ. गौरव जायसवाल (डेंटल सर्जरी) ने अपनी विशेषज्ञ सेवाएं दीं। शिविर में आए लोगों को गंभीर बीमारियों के शुरुआती लक्षणों और उनसे बचाव के तरीकों के प्रति भी जागरूक किया गया।

     

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    गोरखपुर। पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस में रविवार को सिनर्जी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड कैंसर इंस्टीट्यूट की ओर से पुलिसकर्मियों, उनके परिजनों और विभिन्न स्कूलों की छात्राओं के लिए एक दिवसीय मेगा हेल्थ एवं कैंसर स्क्रीनिंग कैंप का सफल आयोजन किया गया। शिविर में पुलिस महकमे के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों और छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
    इस अवसर पर मुख्य रूप से मौजूद पुलिस अधीक्षक नगर (एसपी सिटी) गोरखपुर और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी लाइन ने शिविर का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बेहद जरूरी बताया। कार्यक्रम में अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. आलोक तिवारी, मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सौरभ मिश्रा और एडमिनिस्ट्रेटिव डायरेक्टर डॉ. अंजलि जैन भी उपस्थित रहे।
    शिविर में सिनर्जी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मरीजों को परामर्श देने के साथ ही आवश्यक जांच सेवाएं भी उपलब्ध कराईं। इसमें डॉ. शहाना पुन्नेशेट्टी (गायनी ऑन्कोलॉजी), डॉ. आर.के. सिंह (यूरोलॉजी), डॉ. शशांक श्रीवास्तव (ऑर्थोपेडिक्स), डॉ. सौरभ मिश्रा (गैस्ट्रोएंटरोलॉजी), डॉ. शुभम श्रीवास्तव (कार्डियोलॉजी), डॉ. वरुण शुक्ला (प्लास्टिक सर्जरी), डॉ. तारिक अनवर (हेड एंड नेक सर्जरी) एवं डॉ. गौरव जायसवाल (डेंटल सर्जरी) ने अपनी विशेषज्ञ सेवाएं दीं। शिविर में आए लोगों को गंभीर बीमारियों के शुरुआती लक्षणों और उनसे बचाव के तरीकों के प्रति भी जागरूक किया गया।

     

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    इस अवसर पर मुख्य रूप से मौजूद पुलिस अधीक्षक नगर (एसपी सिटी) गोरखपुर और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी लाइन ने शिविर का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बेहद जरूरी बताया। कार्यक्रम में अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. आलोक तिवारी, मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सौरभ मिश्रा और एडमिनिस्ट्रेटिव डायरेक्टर डॉ. अंजलि जैन भी उपस्थित रहे।
    शिविर में सिनर्जी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मरीजों को परामर्श देने के साथ ही आवश्यक जांच सेवाएं भी उपलब्ध कराईं। इसमें डॉ. शहाना पुन्नेशेट्टी (गायनी ऑन्कोलॉजी), डॉ. आर.के. सिंह (यूरोलॉजी), डॉ. शशांक श्रीवास्तव (ऑर्थोपेडिक्स), डॉ. सौरभ मिश्रा (गैस्ट्रोएंटरोलॉजी), डॉ. शुभम श्रीवास्तव (कार्डियोलॉजी), डॉ. वरुण शुक्ला (प्लास्टिक सर्जरी), डॉ. तारिक अनवर (हेड एंड नेक सर्जरी) एवं डॉ. गौरव जायसवाल (डेंटल सर्जरी) ने अपनी विशेषज्ञ सेवाएं दीं। शिविर में आए लोगों को गंभीर बीमारियों के शुरुआती लक्षणों और उनसे बचाव के तरीकों के प्रति भी जागरूक किया गया।

    पुलिस लाइन में मेगा हेल्थ और कैंसर स्क्रीनिंग कैंप, एसपी सिटी की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों व छात्राओं की हुई जांच

    सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर। पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस में रविवार को सिनर्जी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड कैंसर इंस्टीट्यूट की ओर से पुलिसकर्मियों, उनके परिजनों और विभिन्न स्कूलों की छात्राओं के लिए एक दिवसीय मेगा हेल्थ एवं कैंसर स्क्रीनिंग कैंप का सफल आयोजन किया गया। शिविर में पुलिस महकमे के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों और छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
    इस अवसर पर मुख्य रूप से मौजूद पुलिस अधीक्षक नगर (एसपी सिटी) गोरखपुर और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी लाइन ने शिविर का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बेहद जरूरी बताया। कार्यक्रम में अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. आलोक तिवारी, मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सौरभ मिश्रा और एडमिनिस्ट्रेटिव डायरेक्टर डॉ. अंजलि जैन भी उपस्थित रहे।
    शिविर में सिनर्जी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मरीजों को परामर्श देने के साथ ही आवश्यक जांच सेवाएं भी उपलब्ध कराईं। इसमें डॉ. शहाना पुन्नेशेट्टी (गायनी ऑन्कोलॉजी), डॉ. आर.के. सिंह (यूरोलॉजी), डॉ. शशांक श्रीवास्तव (ऑर्थोपेडिक्स), डॉ. सौरभ मिश्रा (गैस्ट्रोएंटरोलॉजी), डॉ. शुभम श्रीवास्तव (कार्डियोलॉजी), डॉ. वरुण शुक्ला (प्लास्टिक सर्जरी), डॉ. तारिक अनवर (हेड एंड नेक सर्जरी) एवं डॉ. गौरव जायसवाल (डेंटल सर्जरी) ने अपनी विशेषज्ञ सेवाएं दीं। शिविर में आए लोगों को गंभीर बीमारियों के शुरुआती लक्षणों और उनसे बचाव के तरीकों के प्रति भी जागरूक किया गया।

     

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    सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर। पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस में रविवार को सिनर्जी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड कैंसर इंस्टीट्यूट की ओर से पुलिसकर्मियों, उनके परिजनों और विभिन्न स्कूलों की छात्राओं के लिए एक दिवसीय मेगा हेल्थ एवं कैंसर स्क्रीनिंग कैंप का सफल आयोजन किया गया। शिविर में पुलिस महकमे के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों और छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
    इस अवसर पर मुख्य रूप से मौजूद पुलिस अधीक्षक नगर (एसपी सिटी) गोरखपुर और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी लाइन ने शिविर का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बेहद जरूरी बताया। कार्यक्रम में अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. आलोक तिवारी, मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सौरभ मिश्रा और एडमिनिस्ट्रेटिव डायरेक्टर डॉ. अंजलि जैन भी उपस्थित रहे।
    शिविर में सिनर्जी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मरीजों को परामर्श देने के साथ ही आवश्यक जांच सेवाएं भी उपलब्ध कराईं। इसमें डॉ. शहाना पुन्नेशेट्टी (गायनी ऑन्कोलॉजी), डॉ. आर.के. सिंह (यूरोलॉजी), डॉ. शशांक श्रीवास्तव (ऑर्थोपेडिक्स), डॉ. सौरभ मिश्रा (गैस्ट्रोएंटरोलॉजी), डॉ. शुभम श्रीवास्तव (कार्डियोलॉजी), डॉ. वरुण शुक्ला (प्लास्टिक सर्जरी), डॉ. तारिक अनवर (हेड एंड नेक सर्जरी) एवं डॉ. गौरव जायसवाल (डेंटल सर्जरी) ने अपनी विशेषज्ञ सेवाएं दीं। शिविर में आए लोगों को गंभीर बीमारियों के शुरुआती लक्षणों और उनसे बचाव के तरीकों के प्रति भी जागरूक किया गया।

     

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    सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर। पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस में रविवार को सिनर्जी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड कैंसर इंस्टीट्यूट की ओर से पुलिसकर्मियों, उनके परिजनों और विभिन्न स्कूलों की छात्राओं के लिए एक दिवसीय मेगा हेल्थ एवं कैंसर स्क्रीनिंग कैंप का सफल आयोजन किया गया। शिविर में पुलिस महकमे के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों और छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
    इस अवसर पर मुख्य रूप से मौजूद पुलिस अधीक्षक नगर (एसपी सिटी) गोरखपुर और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी लाइन ने शिविर का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बेहद जरूरी बताया। कार्यक्रम में अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. आलोक तिवारी, मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सौरभ मिश्रा और एडमिनिस्ट्रेटिव डायरेक्टर डॉ. अंजलि जैन भी उपस्थित रहे।
    शिविर में सिनर्जी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मरीजों को परामर्श देने के साथ ही आवश्यक जांच सेवाएं भी उपलब्ध कराईं। इसमें डॉ. शहाना पुन्नेशेट्टी (गायनी ऑन्कोलॉजी), डॉ. आर.के. सिंह (यूरोलॉजी), डॉ. शशांक श्रीवास्तव (ऑर्थोपेडिक्स), डॉ. सौरभ मिश्रा (गैस्ट्रोएंटरोलॉजी), डॉ. शुभम श्रीवास्तव (कार्डियोलॉजी), डॉ. वरुण शुक्ला (प्लास्टिक सर्जरी), डॉ. तारिक अनवर (हेड एंड नेक सर्जरी) एवं डॉ. गौरव जायसवाल (डेंटल सर्जरी) ने अपनी विशेषज्ञ सेवाएं दीं। शिविर में आए लोगों को गंभीर बीमारियों के शुरुआती लक्षणों और उनसे बचाव के तरीकों के प्रति भी जागरूक किया गया।

    पुलिस लाइन में मेगा हेल्थ और कैंसर स्क्रीनिंग कैंप, एसपी सिटी की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों व छात्राओं की हुई जांच

    सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर। पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस में रविवार को सिनर्जी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड कैंसर इंस्टीट्यूट की ओर से पुलिसकर्मियों, उनके परिजनों और विभिन्न स्कूलों की छात्राओं के लिए एक दिवसीय मेगा हेल्थ एवं कैंसर स्क्रीनिंग कैंप का सफल आयोजन किया गया। शिविर में पुलिस महकमे के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों और छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
    इस अवसर पर मुख्य रूप से मौजूद पुलिस अधीक्षक नगर (एसपी सिटी) गोरखपुर और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी लाइन ने शिविर का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बेहद जरूरी बताया। कार्यक्रम में अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. आलोक तिवारी, मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सौरभ मिश्रा और एडमिनिस्ट्रेटिव डायरेक्टर डॉ. अंजलि जैन भी उपस्थित रहे।
    शिविर में सिनर्जी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मरीजों को परामर्श देने के साथ ही आवश्यक जांच सेवाएं भी उपलब्ध कराईं। इसमें डॉ. शहाना पुन्नेशेट्टी (गायनी ऑन्कोलॉजी), डॉ. आर.के. सिंह (यूरोलॉजी), डॉ. शशांक श्रीवास्तव (ऑर्थोपेडिक्स), डॉ. सौरभ मिश्रा (गैस्ट्रोएंटरोलॉजी), डॉ. शुभम श्रीवास्तव (कार्डियोलॉजी), डॉ. वरुण शुक्ला (प्लास्टिक सर्जरी), डॉ. तारिक अनवर (हेड एंड नेक सर्जरी) एवं डॉ. गौरव जायसवाल (डेंटल सर्जरी) ने अपनी विशेषज्ञ सेवाएं दीं। शिविर में आए लोगों को गंभीर बीमारियों के शुरुआती लक्षणों और उनसे बचाव के तरीकों के प्रति भी जागरूक किया गया।

    सूर्य प्रकाश ओझा

  • लुधियाना में चिकित्सा निदान के क्षेत्र में नई पहल

    लुधियाना में चिकित्सा निदान के क्षेत्र में नई पहल

    लुधियाना / निष्पक्ष टुडे | विशेष स्वास्थ्य समाचार

    कूका डायग्नोस्टिक सेंटर में PET-CT और गामा कैमरा की अत्याधुनिक सुविधाओं का शुभारंभ


    लुधियाना, 11 अक्टूबर 2026।

    लुधियाना में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लगभग 25 वर्षों से अपनी पहचान बनाए हुए कूका डायग्नोस्टिक सेंटर ने आधुनिक चिकित्सा निदान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सेंटर में अब PET-CT स्कैन और गामा कैमरा जैसी अत्याधुनिक जांच सुविधाएं शुरू की गई हैं। सेंटर का उद्देश्य मरीजों को बेहतर तकनीक के साथ सटीक, समयबद्ध और किफायती जांच सेवाएं उपलब्ध कराना है।

    प्रमुख आकर्षण: अब एक ही सेंटर पर उन्नत जांच सुविधाएं –

    कूका डायग्नोस्टिक सेंटर के अनुसार, यहां पहले से ही अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई, मैमोग्राफी और विभिन्न प्रकार की लैबोरेटरी जांच की सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब PET-CT और गामा कैमरा की शुरुआत से सेंटर की जांच सेवाओं का दायरा और विस्तृत हुआ है।

    PET-CT स्कैन कैंप की विशेष दर ₹10,999

    इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण सीमित अवधि के लिए घोषित PET-CT स्कैन कैंप की विशेष दर ₹10,999 है। सेंटर का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को उन्नत जांच सुविधाएं अपेक्षाकृत किफायती दरों पर उपलब्ध कराना है। यह जांच चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार कराई जा सकती है।

    GE Healthcare, USA की आधुनिक मशीनें –

    सेंटर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, PET-CT और गामा कैमरा दोनों मशीनें GE Healthcare, USA की हैं और आधुनिक तकनीक से लैस हैं। इन सुविधाओं के माध्यम से चिकित्सकों को विभिन्न बीमारियों के निदान, रोग की स्थिति के आकलन और मरीजों के चिकित्सकीय मूल्यांकन में सहायता मिल सकती है।

    25 वर्षों की सेवा के साथ आधुनिक तकनीक पर जोर –

    कूका डायग्नोस्टिक सेंटर गुणवत्तापूर्ण जांच सेवाओं और रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ लुधियाना एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है। सेंटर के अनुसार, आम जनता को उचित एवं रियायती दरों पर जांच सुविधाएं देना भी उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

    महत्वपूर्ण बिंदु एक नजर में

    • नई सुविधाएं: PET-CT स्कैन एवं गामा कैमरा।
    • विशेष कैंप दर: PET-CT स्कैन ₹10,999, सीमित अवधि के लिए।
    • मशीन निर्माता: GE Healthcare, USA — सेंटर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार।
    • अन्य सुविधाएं: अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई, मैमोग्राफी एवं लैब जांच।
    • अनुभव: लगभग 25 वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कार्यरत।
    • उद्देश्य: आधुनिक तकनीक के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण और किफायती जांच सेवाएं उपलब्ध कराना।

    कूका डायग्नोस्टिक सेंटर में PET-CT और गामा कैमरा की नई सुविधाओं की शुरुआत लुधियाना में उन्नत चिकित्सा निदान सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। विशेष कैंप दर के माध्यम से मरीजों को किफायती जांच का विकल्प देने का प्रयास किया गया है। हालांकि, जांच कराने से पहले मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श, कैंप की वैधता, जांच में शामिल सेवाओं और अन्य संभावित शुल्कों की जानकारी सेंटर से अवश्य प्राप्त करनी चाहिए।

    निष्पक्ष टुडे — स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें, जनहित के साथ।

  • रीजेंसी हॉस्पिटल गोरखपुर में पेट एवं पाचन तंत्र से जुड़ी जटिल बीमारियों का सफल इलाज, कई मरीजों को मिली राहत

    रीजेंसी हॉस्पिटल गोरखपुर में पेट एवं पाचन तंत्र से जुड़ी जटिल बीमारियों का सफल इलाज, कई मरीजों को मिली राहत

    • 22 वर्षीय महिला के जटिल पैंक्रियाटाइटिस का बिना बड़ी सर्जरी के एंडोस्कोपी से सफल इलाज
    • डेढ़ साल से ब्लीडिंग की समस्या से परेशान 46 वर्षीय महिला के ग्रेड-3 हेमोरॉयड्स का सफल ऑपरेशन
    • 3,100 से अधिक मरीजों का सफल इलाज, रीजेंसी हॉस्पिटल गोरखपुर की गैस्ट्रो एवं पाचन तंत्र संबंधी सेवाओं पर बढ़ा भरोसा

    गोरखपुर, 09 अक्टूबर 2026: रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर में पेट एवं पाचन तंत्र से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हैं। गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डिपार्टमेंट में अब तक 3,100 से अधिक मरीजों का इलाज किया जा चुका है। यहां गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी की विशेषज्ञ टीम के साथ आधुनिक जांच एवं उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। हाल ही में टीम ने पैंक्रियाटाइटिस और हेमोरॉयड्स के जटिल मामलों का सफल इलाज किया।
    पहले मामले में 22 वर्षीय महिला करीब छह सप्ताह से पेट दर्द, पेट फूलने और उल्टी से परेशान थीं। जांच में पैंक्रियास के आसपास काफी मात्रा में फ्लूड और डेड टिश्यू जमा मिला, जिसे वॉल्ड-ऑफ नेक्रोसिस कहा जाता है। इसके कारण खाना आगे जाने में भी रुकावट हो रही थी। जांच में गॉल स्टोन की समस्या भी सामने आई। शुरुआती इलाज से अपेक्षित सुधार नहीं होने पर एंडोस्कोपी के जरिए उपचार का निर्णय लिया गया।
    रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर के कंसल्टेंट गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. सचिन एच. जे. की देखरेख में 1 सितंबर 2026 को ईयूएस-गाइडेड सिस्टोगैस्ट्रोस्टॉमी की गई। इस प्रोसीजर में पेट के रास्ते पैंक्रियास के पास जमा फ्लूड और डेड टिश्यू को बाहर निकालने के लिए एक स्पेशल स्टेंट लगाया गया। प्रोसीजर के बाद मरीज की हालत स्टेबल रही और कोई गंभीर समस्या नहीं हुई। अगले दिन लिक्विड डाइट शुरू की गई और बाद में मरीज ने बिना उल्टी के सेमी-सॉलिड डाइट भी लेना शुरू कर दिया। संतोषजनक स्थिति में मरीज को 4 सितंबर 2026 को डिस्चार्ज किया गया।
    डॉ. सचिन एच. जे., कंसल्टेंट-गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर ने कहा, “पैंक्रियाटाइटिस में पैंक्रियास के आसपास फ्लूड और डेड टिश्यू जमा होने से स्थिति गंभीर हो सकती है। इस मरीज में एंडोस्कोपिक ड्रेनेज से इन्हें बाहर निकालने में मदद मिली और मरीज की हालत में सुधार हुआ। लगातार पेट दर्द, पेट फूलना और उल्टी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय पर विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।”
    दूसरे मामले में बिहार के पीरापुर निवासी 46 वर्षीय श्रीमती सुषमा सिंह करीब डेढ़ साल से शौच के दौरान फ्रेश ब्लड आने की समस्या से परेशान थीं। पिछले दो सप्ताह में ब्लीडिंग बढ़ने पर जांच कराई गई। कोलोनोस्कोपी में बड़ी बाहरी बवासीर और आगे की जांच में 7 बजे व 11 बजे की पोजिशन पर दो ग्रेड-3 इंटरनल हेमोरॉयड्स पाए गए। मरीज की स्थिति को देखते हुए 7 सितंबर 2026 को स्पाइनल एनेस्थीसिया के तहत ओपन मिलिगन-मॉर्गन हेमोरॉयडेक्टॉमी की गई। दोनों प्रभावित हेमोरॉयड्स को हटाकर ब्लीडिंग नियंत्रित की गई। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति सामान्य रही और 9 सितंबर 2026 को संतोषजनक स्थिति में डिस्चार्ज कर दिया गया। मरीज का इलाज डॉ. सौम्यदीप साईं, एम.एस. (जनरल सर्जरी), डीआरएनबी (सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी), एसोसिएट कंसल्टेंट-सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, एचपीबी सर्जरी एवं लिवर ट्रांसप्लांटेशन, रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर की देखरेख में किया गया।

    डॉ. सौम्यदीप साईं ने कहा, “बवासीर के साथ बार-बार फ्रेश ब्लड आना या लंबे समय तक ब्लीडिंग होना नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कब्ज और शौच के दौरान ज्यादा जोर लगाने से समस्या बढ़ सकती है। ऐसे लक्षणों में समय पर डॉक्टर से जांच कराकर ब्लीडिंग की वजह पता करना और उचित इलाज लेना जरूरी है।”
    डॉ. चंद्रमौली मिश्रा, कंसल्टेंट-गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर ने कहा, “लगातार पेट दर्द, पेट फूलना, उल्टी, ब्लीडिंग या लंबे समय तक कब्ज जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और विशेषज्ञ की सलाह से बीमारी की सही पहचान और उचित इलाज संभव है।”
    रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर की गैस्ट्रो टीम में डॉ. सचिन एच. जे., डॉ. चंद्रमौली मिश्रा और डॉ. सौम्यदीप साईं शामिल हैं। विभाग में अब तक 3,100 से अधिक मरीजों का इलाज किया जा चुका है। यहां पेट, आंत, लिवर, पित्त की थैली और पैंक्रियास से जुड़ी बीमारियों के लिए जांच, एंडोस्कोपी और जरूरत के अनुसार सर्जिकल ट्रीटमेंट की सुविधा उपलब्ध है।
    रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर के वाइस प्रेसिडेंट-ऑपरेशन्स, संदीप शर्मा ने कहा, “हमारा प्रयास है कि गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को पेट एवं पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए विशेषज्ञ सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध कराई जा सकें। हॉस्पिटल में अनुभवी डॉक्टरों की टीम के साथ आधुनिक जांच और इलाज की सुविधाएं उपलब्ध हैं। गंभीर और जटिल मामलों में मरीज की स्थिति के अनुसार विशेषज्ञों की टीम मिलकर इलाज की योजना तैयार करती है। हमारा फोकस मरीजों को समय पर सही इलाज और बेहतर देखभाल उपलब्ध कराने पर है।”
    रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर में पेट एवं पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और संबंधित विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हैं। यहां मरीजों की जरूरत के अनुसार जांच, एंडोस्कोपी, सर्जिकल ट्रीटमेंट और फॉलो-अप की सुविधा दी जाती है। हॉस्पिटल का उद्देश्य गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को समय पर विशेषज्ञ सलाह, आधुनिक इलाज और बेहतर मरीज देखभाल उपलब्ध कराना है।

  • AIIMS गोरखपुर में अचानक होने वाली प्राकृतिक एवं कार्डियक मृत्यु पर CME एवं हैंड्स-ऑन कार्यशाला आयोजित

    AIIMS गोरखपुर में अचानक होने वाली प्राकृतिक एवं कार्डियक मृत्यु पर CME एवं हैंड्स-ऑन कार्यशाला आयोजित

    गोरखपुर, 27 सितम्बर 2026: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), गोरखपुर के न्यायिक चिकित्सा एवं विष विज्ञान विभाग द्वारा “UNRAVELING SUDDEN NATURAL DEATH: A Masterclass CME with Hands-on Dissection” विषय पर CME एवं हैंड्स-ऑन कार्यशाला का सफल आयोजन 27 सितम्बर 2026 को सेमिनार हॉल ऑडिटोरियम, AIIMS गोरखपुर में किया गया।

    कार्यक्रम में विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संस्थानों से लगभग 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया। AIIMS गोरखपुर के न्यायिक चिकित्सा एवं विष विज्ञान तथा पैथोलॉजी विभाग के संकाय सदस्यों एवं रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की।

    कार्यक्रम में देश के विभिन्न संस्थानों से आमंत्रित विशेषज्ञों ने अचानक होने वाली प्राकृतिक मृत्यु, विशेष रूप से अचानक होने वाली कार्डियक मृत्यु एवं युवा व्यक्तियों में होने वाली अप्रत्याशित मृत्यु के विभिन्न क्लिनिकल, पैथोलॉजिकल एवं फोरेंसिक पहलुओं पर अपने अनुभव एवं विशेषज्ञता साझा की। डॉ. अरविंद कुमार, UCMS एवं GTB Hospital, दिल्ली; डॉ. निलेश तुमराम, नंदुरबार मेडिकल कॉलेज; डॉ. विकास श्रीवास्तव; डॉ. यशवंत कुमार सिंह; डॉ. आशुतोष त्रिपाठी तथा डॉ. काजल हटगांवकर ने विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञ व्याख्यान एवं अकादमिक चर्चा में योगदान दिया।

    विशेषज्ञ व्याख्यानों में अचानक होने वाली मृत्यु के संभावित कारणों, युवा व्यक्तियों में अचानक कार्डियक मृत्यु के अंतर्निहित कारणों, कार्डियक पैथोलॉजी, क्लिनिकल एवं ऑटोप्सी निष्कर्षों के समन्वित मूल्यांकन तथा मृत्यु के कारण के वैज्ञानिक एवं मेडिको-लीगल निर्धारण पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रतिभागियों को ऐसे मामलों में सूक्ष्म एवं व्यवस्थित जांच की आवश्यकता से अवगत कराया गया।

    हैंड्स-ऑन कार्डियक डिसेक्शन

    कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण हैंड्स-ऑन कार्डियक डिसेक्शन एवं इंटरैक्टिव प्रैक्टिकल प्रशिक्षण रहा। इस सत्र का संचालन डॉ. यशवंत कुमार सिंह, डॉ. मिम्ना, डॉ. दीपिका एवं डॉ. नवनीत अटेरिया द्वारा किया गया। प्रतिभागियों को हृदय की व्यवस्थित फोरेंसिक जांच, विभिन्न कार्डियक संरचनाओं की पहचान, डिसेक्शन की व्यावहारिक तकनीक तथा अचानक कार्डियक मृत्यु से संबंधित महत्वपूर्ण पैथोलॉजिकल निष्कर्षों की पहचान का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

    युवा व्यक्तियों में अचानक कार्डियक मृत्यु पर बहुविषयक पैनल चर्चा

    कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण युवा व्यक्तियों में अचानक होने वाली कार्डियक मृत्यु पर केंद्रित बहुविषयक पैनल चर्चा रही। चर्चा का संचालन डॉ. आशीष सराफ ने किया। पैनल में अचानक कार्डियक मृत्यु के मामलों में क्लिनिकल इतिहास, संभावित कार्डियक कारणों, ऑटोप्सी निष्कर्षों, हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच तथा उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के समन्वित मूल्यांकन पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। विशेष रूप से उन मामलों में मृत्यु के कारण तक पहुंचने की चुनौतियों पर चर्चा की गई, जहां युवा व्यक्ति में मृत्यु बिना किसी स्पष्ट पूर्व चेतावनी के हुई हो।

    कार्यक्रम का आयोजन मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता, SM, कार्यकारी निदेशक, AIIMS गोरखपुर के मार्गदर्शन में किया गया। डॉ. मनोज बी. पारचके, अतिरिक्त प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, न्यायिक चिकित्सा एवं विष विज्ञान विभाग आयोजन अध्यक्ष रहे। डॉ. नवनीत अटेरिया आयोजन सचिव तथा डॉ. यशवंत कुमार सिंह एवं डॉ. आशीष सराफ सह-आयोजन सचिव रहे।

    कार्यशाला ने विशेषज्ञ व्याख्यान, व्यावहारिक कार्डियक डिसेक्शन तथा युवा व्यक्तियों में अचानक कार्डियक मृत्यु पर केंद्रित बहुविषयक पैनल चर्चा के माध्यम से अचानक होने वाली प्राकृतिक एवं कार्डियक मृत्यु के वैज्ञानिक, क्लिनिकल, पैथोलॉजिकल एवं मेडिको-लीगल मूल्यांकन के लिए एक प्रभावी अकादमिक मंच प्रदान किया।

  • अयोध्या की आयुर्वेद गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ. समीक्षा को मिला गांधी सेवा रत्न सम्मान, चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित



    ब्यूरो चीफ नीलम सिंह

    अयोध्या। चिकित्सा एवं आयुर्वेद के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए अयोध्या की आयुर्वेद गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ. समीक्षा को राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित ‘गांधी सेवा रत्न’ सम्मान से नवाजा गया। राजस्थान के सूरजगढ़ स्थित रानी बाग पैलेस में आयोजित राष्ट्रीय प्रतिभा सम्मान समारोह में उन्हें यह सम्मान चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं अभिनव योगदान के लिए प्रदान किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के पूर्व पुलिस महानिदेशक रवि प्रकाश मेहरड़ा ने डॉ. समीक्षा को सम्मान प्रदान कर उनके कार्यों की सराहना की।
    सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि रवि प्रकाश मेहरड़ा ने कहा कि चिकित्सक मानव सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चिकित्सा केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि समाज और मानवता के प्रति बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों की सेवा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने डॉ. समीक्षा के चिकित्सा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
    कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राजस्थान सरकार के पूर्व संयुक्त सचिव इंद्र राज सिंह ने शिक्षा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं विकास के लिए ए.एस.एस. इंडिया द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और नई पीढ़ी को बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
    आयुर्वेद और प्राकृतिक जीवनशैली पर जोर
    सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. समीक्षा ने अपने संबोधन में आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अत्यधिक तनाव, अनियमित दिनचर्या और खान-पान में लापरवाही के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में प्राकृतिक जीवनशैली और संतुलित दिनचर्या को अपनाना बेहद जरूरी है।
    उन्होंने इन्फर्टिलिटी यानी बांझपन की समस्या को भी गंभीर विषय बताते हुए कहा कि इसका प्रभाव केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दंपत्तियों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। डॉ. समीक्षा ने आयुर्वेद आधारित जीवनशैली, उचित खान-पान और मानसिक संतुलन के महत्व पर जोर दिया।
    उन्होंने बताया कि आयुर्वेद एवं प्राकृतिक जीवनशैली के माध्यम से संतान सुख की इच्छा रखने वाले अनेक दंपत्तियों को मातृत्व की दिशा में सहायता देने का प्रयास किया गया है। उनका कहना है कि स्वस्थ जीवन के लिए व्यक्ति को अपनी दिनचर्या, खान-पान और मानसिक स्वास्थ्य पर समान रूप से ध्यान देना चाहिए।
    डॉ. समीक्षा विश्व आयुर्वेद परिषद, अयोध्या की महिला प्रकोष्ठ प्रभारी भी हैं। चिकित्सा सेवा के साथ-साथ वह आयुर्वेद के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए भी सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उनके अनुसार, आयुर्वेद की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति और प्राकृतिक जीवनशैली को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समझकर अपनाना स्वस्थ समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
    सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
    राष्ट्रीय प्रतिभा सम्मान समारोह में चिकित्सा, शिक्षा, साहित्य और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान राजस्थान के पारंपरिक लोकनृत्यों सहित विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया और समारोह को यादगार बना दिया।
    इस अवसर पर डॉ. स्वामी चरण, डॉ. तेज सिंह राठौड़, निकिता थालोर, साहित्यकार अब्दुल समद राही तथा विश्व आयुर्वेद परिषद अयोध्या के सचिव डॉ. विवेक श्रीवास्तव सहित अनेक विशिष्टजन मौजूद रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन मनजीत सिंह तंवर ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन श्री धर्मपाल सिंह गांधी ने किया।
    डॉ. समीक्षा को मिले इस राष्ट्रीय सम्मान से अयोध्या के चिकित्सा और आयुर्वेद क्षेत्र से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है। लोगों ने इसे उनके चिकित्सा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और आयुर्वेद के प्रति जागरूकता फैलाने के प्रयासों का महत्वपूर्ण सम्मान बताया। राष्ट्रीय मंच पर अयोध्या की प्रतिभा को मिले इस सम्मान को जिले के लिए भी गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

  • एम्स गोरखपुर में रक्तदान शिविर संपन्न, 31 लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान

    एम्स गोरखपुर में रक्तदान शिविर संपन्न, 31 लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान

    गोरखपुर, 14 अगस्त 2026 : स्वतंत्रता दिवस के पूर्व एम्स गोरखपुर में ‘रक्त सेवा–हर बूंद राष्ट्र के 6 नाम’ थीम के तहत विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन एवं ब्लड सेंटर विभाग द्वारा आयोजित शिविर में 31 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    शिविर ब्लड सेंटर, ग्राउंड फ्लोर, आईपीडी ईस्ट में सुबह 9 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित हुआ। रक्तदाताओं की आवश्यक चिकित्सकीय जांच के बाद सुरक्षित एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रक्त संग्रह किया गया।

    विभागाध्यक्ष डॉ. शौरव मूर्ति के मार्गदर्शन में डॉ. चेतन साहनी, डॉ. मोनिशा, डॉ. निरंजन, पारसा, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर रूबी, नर्सिंग ऑफिसर आरती एवं अन्य स्टाफ ने शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता, एसएम (सेवानिवृत्त) के नेतृत्व में आयोजित इस पहल के माध्यम से राष्ट्रसेवा के साथ मानवसेवा का संदेश दिया गया। ‘हर घर तिरंगा 2026’ अभियान की भावना के अनुरूप संस्थान ने ‘तिरंगा–सेवा, संकल्प और स्वस्थ भारत’ का संदेश भी प्रसारित किया।

    एम्स गोरखपुर ने सभी 31 रक्तदाताओं एवं आयोजन में सहयोग करने वाली पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए लोगों से भविष्य में भी स्वैच्छिक रक्तदान जैसे जनहितकारी अभियानों में सक्रिय भागीदारी की अपील की।

  • जिला अस्पताल में डीएम का छापा, अव्यवस्थाओं पर कड़ी चेतावनी

    जिला अस्पताल में डीएम का छापा, अव्यवस्थाओं पर कड़ी चेतावनी

    जिला अस्पताल में डीएम का छापा, अव्यवस्थाओं पर कड़ी चेतावनी

    अगली जांच में गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई तय”—सफाई, दवा व्यवस्था और ऑनलाइन सिस्टम पर सख्त निर्देश

    गोरखपुर। जिला चिकित्सालय के औचक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी दीपक मीणा का सख्त तेवर देखने को मिला। अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने न सिर्फ कई खामियां पकड़ीं, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि “अगले एक महीने बाद जब दोबारा निरीक्षण होगा, तब कोई भी कमी नहीं मिलनी चाहिए।” डीएम ने साफ शब्दों में कहा कि अस्पताल में हर व्यवस्था पारदर्शी, व्यवस्थित और ऑनलाइन होनी चाहिए, लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    निरीक्षण के दौरान डीएम ने जिला चिकित्सालय परिसर में संचालित दिव्यांग आयुष्मान प्रशिक्षण एवं निवारण केंद्र, डॉ ओपी सिंह ने बताया कि डिस्टिक ड्रग हाउस खोराबार मंडलीय पिपराइच में है डीएम ने आईएलआर (ILR) सिस्टम सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की। उन्होंने दवा भंडारण व्यवस्था को लेकर विशेष नाराजगी जताई। निर्देश देते हुए कहा कि हर अलमारी के ऊपर स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए कि उसमें कौन-कौन सी दवाएं रखी गई हैं और उनका स्थान क्या है। बिना लेबल और अव्यवस्थित तरीके से रखी दवाओं पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई।

    डीएम ने कहा कि अस्पताल में कौन कर्मचारी कहां बैठता है, इसकी स्पष्ट जानकारी बोर्ड पर अंकित होनी चाहिए, ताकि मरीजों और तीमारदारों को भटकना न पड़े। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पूरे अस्पताल परिसर में कहीं भी कचरा दिखाई नहीं देना चाहिए। साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि यह सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि नियमित और प्रभावी तरीके से लागू होनी चाहिए।

    बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम की भी डीएम ने मौके पर जांच की। कई स्थानों पर उपस्थिति को लेकर ढिलाई सामने आने पर उन्होंने सख्त नाराजगी जाहिर की और निर्देश दिया कि सभी कर्मचारी समय से उपस्थित रहें और बायोमीट्रिक प्रणाली का अनिवार्य रूप से पालन करें। उन्होंने कहा कि अनुपस्थित रहने या नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    डीएम दीपक मीणा ने स्पष्ट किया कि अस्पताल की हर गतिविधि ऑनलाइन होनी चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न हो। उन्होंने सीएमओ कार्यालय, औषधि नियंत्रण कक्ष, इमरजेंसी वार्ड, न्यू बिल्डिंग और ओपीडी का भी गहन निरीक्षण किया। इस दौरान मरीजों से बातचीत कर उन्होंने उपचार और सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का फीडबैक भी लिया।

    निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं मिलने पर डीएम ने मौके पर ही जिम्मेदार अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। “यहां आने वाला हर व्यक्ति बेहतर इलाज और सम्मान की उम्मीद लेकर आता है, ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है जिलचिकित्सालय में चल रहे निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण कर आवश्य दिशा निर्देश दिये।

    डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि दवाओं की उपलब्धता, वितरण और स्टॉक की पूरी जानकारी ऑनलाइन अपडेट रहे। किसी भी मरीज को दवा के लिए भटकना न पड़े, यह सुनिश्चित करना अस्पताल प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। साथ ही, उन्होंने कहा कि आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह सक्रिय और व्यवस्थित रहें, ताकि किसी भी आपदा या आकस्मिक स्थिति में तुरंत प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

    निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मुकुल खंडेलवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओ.पी. सिंह सहित अन्य चिकित्सक और अधिकारी मौजूद रहे। डीएम के सख्त रुख के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप की स्थिति रही और तत्काल सुधार के प्रयास शुरू कर दिए गए।

    कुल मिलाकर, डीएम दीपक मीणा का यह औचक निरीक्षण जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की दिशा में एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि एक महीने बाद होने वाले अगले निरीक्षण में अस्पताल प्रशासन इन निर्देशों पर कितना खरा उतरता है।

  • पूर्वांचल में मस्तिष्क और नसों के उपचार में नई मजबूती

    पूर्वांचल में मस्तिष्क और नसों के उपचार में नई मजबूती

    “रीजेंसी हॉस्पिटल में अत्याधुनिक ब्रेन और स्पाइन की सर्जरी और न्यूरो आईसीयू की सुविधा”

    • रीजेंसी हॉस्पिटल में स्पाइन सर्जरी से मरीज को कमर दर्द और पैरों के सुन्नपन से मिली राहत
    • गंभीर ब्रेन इंजरी के एक मरीज की सफल न्यूरोसर्जरी, रीजेंसी हॉस्पिटल में बची जान
    • 250 से अधिक सफल न्यूरोसर्जरी के साथ पूर्वांचल में रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर पर बढ़ा भरोसा
    • स्ट्रोक क्लिनिक के लिए समर्पित विशेषज्ञ टीम और आधुनिक उपचार सुविधाएँ

    संवाददाता: शिशिर श्रीवास्तव।

    गोरखपुर, 10 जुलाई 2026। रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी सेवाओं का विस्तार किया है। अस्पताल अब तक 250 से अधिक सफल न्यूरोसर्जरी कर चुका है। यहां 24×7 न्यूरो इमरजेंसी, समर्पित स्ट्रोक क्लिनिक, आधुनिक जांच सुविधाएं तथा ब्रेन और स्पाइन की जटिल बीमारियों के इलाज और माइक्रोस्कोपिक और एंडोस्कोपिक सर्जरी की सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध है। इससे अब पूर्वांचल के मरीजों को बेहतर न्यूरो उपचार के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

    हाल ही में अस्पताल में लंबे समय से कमर दर्द और पैरों में सुन्नपन से परेशान 40 वर्षीय एक मरीज का सफल उपचार किया गया। मरीज कई महीनों से कमर दर्द, पैरों में फैलते दर्द, झुनझुनी और सुन्नपन से परेशान थे। चलने-फिरने और लंबे समय तक खड़े रहने में भी कठिनाई होने लगी थी। कई जगह इलाज के बाद भी आराम नहीं मिलने पर उन्होंने रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर में वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. त्रिपुरारी पाण्डेय से परामर्श लिया। जांच में मरीज को एल4-एल5 पीआईवीडी (स्लिप डिस्क), ग्रेड-1 लिस्थेसिस (रीढ़ की हड्डी का हल्का खिसकना) और लम्बर कैनाल स्टेनोसिस (कमर की नसों की नली का संकरा होना) की समस्या पाई गई। इसके बाद मरीज की एल4-एल5 पीएलआईएफ (पोस्टेरियर लम्बर इंटरबॉडी फ्यूजन) सर्जरी की गई। इस प्रक्रिया में नसों पर दबाव कम कर रीढ़ की हड्डी को स्थिर किया गया। सर्जरी सफल रही और मरीज के कमर व पैरों के दर्द में काफी राहत मिली। स्वास्थ्य में सुधार होने पर मरीज को आवश्यक दवाइयों, लम्बोसैक्रल बेल्ट और नियमित फॉलो-अप की सलाह के साथ सिर्फ 1 दिन में छुट्टी दे दी गई। मरीज और उनके परिजनों ने सफल उपचार के लिए डॉ. त्रिपुरारी पाण्डेय एवं रीजेंसी हॉस्पिटल की टीम का आभार व्यक्त किया।

    इसी तरह सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 30 वर्षीय मरीज को नाजुक हालत में रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर के इमरजेंसी विभाग में भर्ती कराया गया। सीटी स्कैन में सामने वाले हिस्से की खोपड़ी की हड्डी धंसी हुई मिली। दिमाग के आसपास दो जगह खून जमा था, जिससे दिमाग पर दबाव बढ़ गया था और वह अपनी जगह से थोड़ा खिसक गया था। इसके अलावा खोपड़ी के निचले हिस्से की हड्डी भी टूटी हुई पाई गई। स्थिति गंभीर होने के कारण तत्काल सर्जरी का निर्णय लिया गया। वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. त्रिपुरारी पाण्डेय और उनकी टीम ने आधुनिक तकनीक से सफल ऑपरेशन कर मस्तिष्क में जमा रक्त निकाला और बढ़े हुए दबाव को कम किया। इसके बाद मरीज को न्यूरो क्रिटिकल केयर यूनिट में वेंटिलेटर सपोर्ट, दवाइयों और 24 घंटे विशेषज्ञ निगरानी में रखा गया। इलाज के दौरान संक्रमण सहित अन्य जटिलताओं का भी सफलतापूर्वक प्रबंधन किया गया। नियमित सीटी स्कैन और विशेषज्ञों की लगातार निगरानी से मरीज की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ। स्वास्थ्य स्थिर होने पर उन्हें आवश्यक दवाइयों, देखभाल और नियमित फॉलो-अप की सलाह के साथ अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

    डॉ. त्रिपुरारी पाण्डेय, कंसल्टेंट, न्यूरोसर्जरी ने कहा, “ब्रेन और स्पाइन से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों में समय पर सही इलाज मरीज की जिंदगी बदल सकता है। लगातार कमर दर्द, पैरों में सुन्नपन, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी, सिर में गंभीर चोट या अचानक स्ट्रोक के लक्षणों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आधुनिक न्यूरोसर्जरी तकनीकों और समय पर हस्तक्षेप से आज कई जटिल मामलों का भी सफल उपचार संभव है। हमारा प्रयास है कि मरीजों को पूर्वांचल में ही विश्वस्तरीय न्यूरोसर्जरी सेवाएं उपलब्ध हों, ताकि उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।”

    डॉ. मुकुंद अग्रवाल, कंसल्टेंट, न्यूरोलॉजी ने कहा, “स्ट्रोक, मिर्गी, पार्किंसन, लगातार सिरदर्द, नसों की कमजोरी और अन्य न्यूरोलॉजिकल बीमारियों में समय पर पहचान और उपचार बेहद महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से स्ट्रोक के मामलों में शुरुआती कुछ घंटे मरीज की जान बचाने और स्थायी विकलांगता से बचाने के लिए सबसे अहम होते हैं। रीजेंसी हॉस्पिटल में समर्पित स्ट्रोक क्लिनिक, 24×7 इमरजेंसी न्यूरो सेवाएं और आधुनिक जांच सुविधाओं के माध्यम से मरीजों को तेज, सटीक और समग्र उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है औरअब तक कई मरीज की जान बचाई जा चुकी है।

    डॉ. आशुतोष एवं डॉ. आनंद कुमार सिंह ने बताया कि न्यूरो सर्जरी एवं स्ट्रोक के गंभीर मरीजों के उपचार में अनुभवी न्यूरोसर्जन, न्यूरोलॉजिस्ट, इंटेंसिविस्ट तथा प्रशिक्षित क्रिटिकल केयर नर्सों की समर्पित टीम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यह टीम मरीज की स्थिति पर 24×7 सतत निगरानी रखते हुए आवश्यकतानुसार त्वरित एवं समन्वित उपचार प्रदान करती है। इस समग्र देखभाल से जटिलताओं का जोखिम कम होता है, रिकवरी की प्रक्रिया बेहतर होती है तथा मरीज के शीघ्र एवं सुरक्षित स्वास्थ्य लाभ की संभावना बढ़ जाती है।

    रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर के प्रवक्ता संदीप शर्मा (वाइस प्रेसिडेंट – ऑपरेशन्स) ने कहा, “पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों को विश्वस्तरीय न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी सेवाएं उनके अपने क्षेत्र में उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर में अब तक 250 से अधिक सफल न्यूरोसर्जरी की जा चुकी हैं, जो मरीजों के बढ़ते विश्वास और हमारी विशेषज्ञ टीम की दक्षता को दर्शाती हैं। आधुनिक तकनीक, अनुभवी न्यूरोलॉजिस्ट और न्यूरोसर्जन, 24×7 न्यूरो इमरजेंसी, समर्पित स्ट्रोक क्लिनिक और उन्नत न्यूरो क्रिटिकल केयर सुविधाओं की मदद से हम ब्रेन और स्पाइन से जुड़ी जटिल बीमारियों का भी सफल उपचार कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि मरीजों को बेहतर इलाज के लिए महानगरों की ओर न जाना पड़े और उन्हें अपने ही क्षेत्र में समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।”

    अस्पताल में ब्रेन और स्पाइन रोगों की जांच, न्यूरोसर्जरी, स्ट्रोक मैनेजमेंट, न्यूरो क्रिटिकल केयर, इमरजेंसी न्यूरो सेवाएं और सर्जरी के बाद की समग्र देखभाल जैसी सभी महत्वपूर्ण सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। इन आधुनिक सुविधाओं और सफल उपचारों के साथ रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर पूर्वी उत्तर प्रदेश में न्यूरोलॉजी एवं न्यूरोसर्जरी उपचार के एक प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान लगातार मजबूत कर रहा है। इससे उन मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है, जिन्हें पहले जटिल ब्रेन और स्पाइन उपचार के लिए लखनऊ, दिल्ली या अन्य महानगरों का रुख करना पड़ता था।

  • संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर–157 में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर गूंजा ‘योग से निरोग’ का संदेश

    संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर–157 में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर गूंजा ‘योग से निरोग’ का संदेश

    संवाददाता – एस.पी. सिंह

    सहजनवां, गोरखपुर।

    44 यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा भोलाराम मस्कारा इंटर कॉलेज, सहजनवा में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर–157 के अंतर्गत शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्साह एवं अनुशासन के साथ मनाया गया। योग कार्यक्रम मगर स्थित कबीर मठ परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट्स, अधिकारीगण एवं स्टाफ सदस्यों ने सहभागिता की।

    प्रातःकाल आयोजित योग सत्र में कैडेट्स ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान क्रियाओं का अभ्यास कर शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। योग सत्र का संचालन प्रशिक्षित योगाचार्य राम मोहन पाल एवं सविता राय ने किया। उन्होंने योग के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक लाभों की जानकारी देते हुए नियमित योगाभ्यास के महत्व पर प्रकाश डाला।

    इस अवसर पर शिविर कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर है, जो स्वस्थ, संतुलित एवं अनुशासित जीवन का आधार है। उन्होंने सभी कैडेट्स से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया।

    कार्यक्रम के समापन पर लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी ने योगाचार्य राम मोहन पाल एवं सविता राय को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। योग दिवस का यह आयोजन कैडेट्स में स्वास्थ्य, अनुशासन एवं सकारात्मक जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने में प्रेरणादायी सिद्ध हुआ।

    इस अवसर पर लेफ्टिनेंट प्रभाकर शाही, चीफ ऑफिसर अनिल गुप्ता, फर्स्ट ऑफिसर भारत सिंह, सेकंड ऑफिसर सूर्य प्रताप सिंह, लेफ्टिनेंट अरुण यादव, लेफ्टिनेंट वंदिता त्रिपाठी, सूबेदार मेजर एम.एल. अब्राहम सूबेदार कवराज भाटी, जीसीआई आकांक्षा मौर्या, सीटीओ नीला चैटर्जी सहित पी.आई. स्टाफ एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

  • एम्स गोरखपुर में प्रथम पोस्टग्रेजुएट एंडो-ट्रेनर स्किल लैब का उद्घाटन

    एम्स गोरखपुर में प्रथम पोस्टग्रेजुएट एंडो-ट्रेनर स्किल लैब का उद्घाटन

    गोरखपुर, 16 मई 2026। एम्स गोरखपुर के सर्जरी विभाग में आज सर्जिकल शिक्षा एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि जुड़ गई, जब विभाग में प्रथम पोस्टग्रेजुएट एंडो-ट्रेनर स्किल लैब का उद्घाटन किया गया। इस अत्याधुनिक स्किल लैब का उद्घाटन संस्थान की कार्यकारी निदेशक रिटायर्ड मेजर जनरल प्रोफेसर डॉ. विभा दत्ता द्वारा मेल सर्जरी वार्ड में किया गया।

    इस अवसर पर सामान्य शल्य चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ. गौरव गुप्ता सहित विभाग के वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. धर्मेंद्र पिपल, डॉ. रवि गुप्ता, डॉ. मुकुल सिंह, डॉ. हरिकेश यादव, डॉ. रजनीश, डॉ. शहनवाज एवं डॉ. मनीष उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग से डॉ. शिखा सेठ तथा न्यूरोसर्जरी विभाग से डॉ. नीरज कनौजिया सहित अन्य विभागों के संकाय सदस्य भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नर्सिंग स्टाफ तथा अन्य सहयोगी कर्मचारियों की भी सक्रिय सहभागिता रही।

    यह पीजी स्किल लैब सर्जिकल स्पेशियलिटी के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को लेप्रोस्कोपिक एवं मिनिमली इनवेसिव सर्जरी की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान करेगी। एंडो-ट्रेनर आधारित इस सुविधा में छात्र वास्तविक ऑपरेशन से पूर्व सिमुलेशन के माध्यम से सर्जिकल उपकरणों का सुरक्षित एवं व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। उद्घाटन समारोह के दौरान विद्यार्थियों को उपकरणों का लाइव प्रदर्शन दिखाया गया तथा एंडो-ट्रेनर पर अभ्यास भी कराया गया। सामान्य शल्य चिकित्सा विभाग के पीजी विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    विशेषज्ञों के अनुसार यह स्किल लैब भविष्य के सर्जनों में हाथों की दक्षता, सटीकता, समन्वय तथा आत्मविश्वास विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे ऑपरेशन के दौरान संभावित त्रुटियों में कमी आएगी, मरीजों की सुरक्षा बेहतर होगी तथा प्रशिक्षुओं को आधुनिक सर्जिकल तकनीकों का वास्तविक अनुभव प्राप्त होगा।

    इसके अतिरिक्त यह सुविधा शोध, अकादमिक प्रशिक्षण तथा विभिन्न सर्जिकल शाखाओं के बीच समन्वित शिक्षण को भी बढ़ावा देगी। एंडो-ट्रेनर आधारित प्रशिक्षण से विद्यार्थियों को बार-बार अभ्यास का अवसर मिलेगा, जिससे वे बिना मरीज पर जोखिम डाले जटिल प्रक्रियाओं में दक्षता प्राप्त कर सकेंगे।

    एम्स गोरखपुर की यह पहल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा में आधुनिक तकनीकों को शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है तथा भविष्य में मिनिमली इनवेसिव सर्जरी के क्षेत्र में बेहतर एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी।