Category: हेल्थ

  • एम्स गोरखपुर मैं सीटी स्कैन मशीन हुई खराब, शीघ्र ही होगी मरम्मत

    एम्स गोरखपुर मैं सीटी स्कैन मशीन हुई खराब, शीघ्र ही होगी मरम्मत

    अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), गोरखपुर के सीटी स्कैन मशीन में तकनीकी खराबी के कारण फिलहाल जांच कार्य अस्थायी रूप से बंद है। संस्थान प्रशासन ने सीटी स्कैन मशीन के निर्माता सिएमेंस कंपनी से तुरंत संपर्क कर मरम्मत प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर तेज करने का अनुरोध किया है। संबंधित तकनीकी टीम से लगातार समन्वय किया जा रहा है, ताकि मशीन को यथाशीघ्र सुचारू रूप से पुनः चालू किया जा सके।आवश्यक पुर्जे जर्मनी से मंगाए जा रहे हैं, जिनके अगले दो दिनों के भीतर पहुंचने और मशीन के पुनः चालू होने की संभावना है.

    इस असुविधा के लिए एम्स गोरखपुर प्रशासन खेद व्यक्त करता है और मरीजों एवं उनके परिजनों से सहयोग व समझदारी की अपेक्षा करता है।

    एम्स प्रशासन नई सीटी मशीन की खरीद के प्रयास में भी है।
    जिन मरीजों की सीटी स्कैन जांच नियोजित थी, उनसे अनुरोध है कि वे अद्यतन जानकारी एवं आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्थाओं के लिए अस्पताल की हेल्पलाइन अथवा संबंधित विभाग से संपर्क करें।

  • दिल्ली ब्लास्ट साजिश: डॉ. प्रियंका की गिरफ्तारी

    दिल्ली ब्लास्ट साजिश: डॉ. प्रियंका की गिरफ्तारी

    दिल्ली ब्लास्ट साजिश: डॉ. प्रियंका की गिरफ्तारी

    दिल्ली में प्रस्तावित ब्लास्ट की जांच में रोहतक की डॉ. प्रियंका गिरफ्तार हुईं। पुलवामा गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में लेक्चरर प्रियंका ने सहकर्मी डॉ. नदीम को 8 लाख रुपये ट्रांसफर किए, जो मेवात में विस्फोटक खरीदने पहुंचे।

    मध्यमवर्गीय परिवार की प्रियंका ने एमबीबीएस-एमडी किया, सरकारी नौकरी पाई। पुलवामा में काम करते हुए सेकुलिरजम यानी उदारवादी विचार अपनाए, स्थानीय संबंध मजबूत किए। नदीम की मदद मांग पर बिना संदेह धन भेजा। जांच में पता चला—फंड आतंक नेटवर्क तक पहुंचा।

    प्रियंका पर यूएपीए सहित आतंक फंडिंग की धाराएं लगीं। माता-पिता स्तब्ध है; जीवनभर की कमाई शिक्षा पर लगी, अब जेल का ठप्पा। अब जो सेकुलिरजम का कीड़ा काटता है हिन्दू लड़कियों वो इससे सबक ले सकती है कि तुम्हारी जिंदग्गी किस तरह तबाह हो सकती है लग गया देशद्रोह का ठप्पा अब बताओ ये जीवन किस अर्थ का जिस जीवन पर देश से गद्दारी का ठप्पा लग जाये

    यह घटना चेतावनी है: संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी। अंधविश्वास या अति सहिष्णुता खतरे पैदा कर सकती है। सफलता के बावजूद गलत संबंध जीवन बर्बाद कर देते हैं। सुरक्षा व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। जांच जारी, न्याय की प्रतीक्षा में घर वाले रो रहे है कोई मदत को भी नही खड़ा हो रहा है क्योंकि गद्दारो का मदत करना सनातन धर्म के नियमो के खिलाफ है।

  • डीएम के निरीक्षण में सीएचसी सहजनवा में मिला गंदगी का अंबार, अधीक्षक से जताई नाराजगी 

    डीएम के निरीक्षण में सीएचसी सहजनवा में मिला गंदगी का अंबार, अधीक्षक से जताई नाराजगी 

    जर्जर रैन बसेरा ध्वस्त करने का निर्देश, वैक्सीन कक्ष में कैल्सिड नदारद, रजिस्टर और हस्ताक्षर भी गायब।

    संवाददाता– एस.पी. सिंह

    सहजनवा, (गोरखपुर)।

    मंगलवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहजनवा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर और कैंटीन में फैली गंदगी देखकर डीएम ने अधीक्षक से अपनी नाराजगी जताई।

    उन्होंने इमरजेंसी वार्ड, प्रसूता कक्ष, इंसेफलाइटिस वार्ड और प्रवेश कक्ष का निरीक्षण किया, जहां रजिस्टर, फार्मेसी रजिस्टर, टीकाकरण रजिस्टर और डेड स्टॉक रजिस्टर तक मौजूद नहीं मिले। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और अधीक्षक से कहा कि सभी वार्डों पर नाम व नंबर के अनुसार बोर्ड लगाए जाएं।

    डीएम ने जब खून की कमी होने पर वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में पूछा तो कोई जवाब नहीं दे सका। जन औषधि केंद्र पर भी नाम गलत लिखा पाया गया, जिस पर प्रभारी को फटकार लगाई गई। उन्होंने दवाएं जगह-जगह बिखरी देखकर नाराजगी जताई और अधीक्षक को निर्देश दिए कि रजिस्टरों की रूटीन जांच नियमित रूप से की जाए।

    बीसीपीएम आर.के. शरण के पास भरसाड़ केंद्र के टीकाकरण की रिपोर्ट न मिलने पर डीएम ने चेतावनी दी कि यदि सभी रिकार्ड समय से दुरुस्त नहीं किए गए तो कार्रवाई की जाएगी।

    जिलाधिकारी ने जर्जर भवन और रैन बसेरा को देख नाराजगी व्यक्त की और रैन बसेरा को ध्वस्त कराने व पूरी रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने अधीक्षक को चेताया कि अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं एक माह के भीतर दुरुस्त की जाएं।

    निरीक्षण के दौरान परिसर में धरना दे रही आशा कार्यकर्ताओं को देखकर डीएम ने कड़ी फटकार लगाई और अधीक्षक को निर्देश दिया कि उनका धरना सुरक्षित स्थान पर कराया जाए।

    डीएम ने अधीक्षक से कहा आप सामान्य चीजों का जवाब नहीं दे पा रहे हैं, अगर तकनीकी प्रश्न पूछूं तो शायद कोई जवाब न होगा।

    निरीक्षण के दौरान एसडीएम केशरी नंदन तिवारी, अधीक्षक डॉ. व्यास कुशवाहा, डॉ. शुभम सहित अनेक स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

  • सदर विधानसभा 322 के बीएलओ को घर-घर जाकर एसआईआर कार्यों में तेजी

    सदर विधानसभा 322 के बीएलओ को घर-घर जाकर एसआईआर कार्यों में तेजी

    सदर विधानसभा 322 के बीएलओ को घर-घर जाकर एसआईआर कार्यों में तेजी लाने के लिए एसडीएम सदर ने दिया निर्देश

    गोरखपुर। सदर तहसील सभागार में गुरुवार को गोरखपुर सदर विधानसभा क्षेत्र 322 के सुपरवाइजरों की बैठक ईआरओ एवं एसडीएम सदर दीपक गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में एसडीएम ने आगामी विधानसभा निर्वाचन कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी सुपरवाइजरों और बीएलओ को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे एसआईआर (स्पेशल समरी रिवीजन) अभियान के तहत घर-घर जाकर मतदाता सूची संशोधन का कार्य पूरी जिम्मेदारी और गहनता से करें।

    एसडीएम दीपक गुप्ता ने कहा कि निर्वाचन कार्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी सुपरवाइजरों से कहा कि वे अपने-अपने बीएलओ के साथ बेहतर सामंजस्य स्थापित करें और दिए गए लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए टीम भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी कर्मचारी या अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ेगा, उसके खिलाफ निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    बैठक में एसडीएम दीपक गुप्ता ने सुपरवाइजरों को स्पष्ट किया कि बीएलओ अपने क्षेत्र में जाकर प्रत्येक घर तक पहुंचे और मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन से संबंधित सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें। उन्होंने कहा कि नए मतदाताओं के नाम जोड़ने में विशेष सतर्कता बरती जाए, ताकि कोई पात्र व्यक्ति मताधिकार से वंचित न रह जाए।

    उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बीएलओ और सुपरवाइजर क्षेत्र भ्रमण के दौरान यह सुनिश्चित करें कि मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे। सभी दस्तावेजों का सत्यापन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए और यदि कहीं कोई समस्या या विवाद उत्पन्न होता है, तो उसकी तत्काल सूचना एसडीएम कार्यालय को दी जाए।

    इस अवसर पर निर्वाचन आयोग द्वारा सुपरवाइजरों को निर्वाचन किट का वितरण भी किया गया। एसडीएम ने कहा कि यह किट निर्वाचन कार्यों के सुचारू संचालन में सहायक होगी, इसलिए इसका सही और समय पर उपयोग सुनिश्चित करें।

    बैठक के दौरान एईआरओ आकांक्षा पासवान ने भी निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित दिशा-निर्देशों की जानकारी दी और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण संबंधी बिंदुओं पर विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि हर सुपरवाइजर को अपने अधीन बीएलओ के कार्यों की निगरानी करनी चाहिए और प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट ईआरओ कार्यालय को उपलब्ध करानी चाहिए।

    कार्यक्रम में रजिस्ट्रार कानूनगो राजू सिंह, निर्वाचन शाखा के कर्मचारी, सभी सुपरवाइजर एवं बीएलओ मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यों को समय पर पूर्ण कराना और आगामी चुनाव प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाना था।

    एसडीएम दीपक गुप्ता ने अंत में कहा कि “मतदाता सूची की शुद्धता ही निष्पक्ष चुनाव की नींव है, इसलिए हर अधिकारी और कर्मचारी को यह जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी होगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि गोरखपुर सदर विधानसभा में एसआईआर कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण हो और किसी भी मतदाता को कोई असुविधा न हो

  • रजत हॉस्पिटल में गैस्ट्रो और न्यूरो विशेषज्ञों की ओपीडी की हुई शुरूआत

    रजत हॉस्पिटल में गैस्ट्रो और न्यूरो विशेषज्ञों की ओपीडी की हुई शुरूआत

    “जिले ही नहीं, पूरे पूर्वांचल के मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज”

    “बेहतर चिकित्सा के साथ-साथ मरीजों की अच्छी देखभाल करना व उन्हें स्वस्थ करना अस्पताल का है मुख्य उद्देश्य – राकेश चतुर्वेदी”

    ​बस्ती । जनपद वासियों के लिए रजत हॉस्पिटल से एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब गैस्ट्रो (लिवर, पेनक्रियाज, पित्त एवं पेट रोग) और न्यूरो (तंत्रिका तंत्र/मस्तिष्क संबंधी रोग) से पीड़ित मरीजों को उच्च स्तरीय इलाज के लिए बाहर भटकने की जरूरत नहीं बस्ती मंडल के रजत हॉस्पिटल ने इन दो महत्वपूर्ण चिकित्सा क्षेत्रों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएँ शुरू की हैं।​ गैस्ट्रो विशेषज्ञ की साप्ताहिक सेवा ​लिवर, पेनक्रियाज, पित्त एवं पेट रोग विशेषज्ञ डॉ. बी.आर. राय अब रजत हॉस्पिटल में अपनी सेवाएँ देंगे। डॉ. राय ने प्रेस वार्ता में बताया कि लिवर, पेनक्रियाज सहित पेट संबंधित सभी बीमारियों का अस्पताल पर बेहतर इलाज किया जाएगा।​ उपलब्धता: डॉ. बी.आर. राय प्रत्येक शनिवार को रजत हॉस्पिटल में मरीजों को देखेंगे।

    ​वहीं, न्यूरो सर्जन डॉ. सुरजीत सिंह भी महीने में दो बार अस्पताल पर पहुँचकर मरीजों को अपनी सेवा देंगे।
    ​उपलब्धता: डॉ. सुरजीत सिंह महीने के पहले और तीसरे शनिवार को रजत हॉस्पिटल पर पहुँचेंगे।​ न्यूरो सर्जन ने प्रेस वार्ता कर आश्वासन दिया कि मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए महीने के पहले और तीसरे शनिवार को अस्पताल में ओपीडी लगेगी, जिससे विभिन्न रोगों से संबंधित मरीज अपना इलाज सुनिश्चित कर सकते हैं।​ अस्पताल का उद्देश्य बेहतर स्वास्थ्य सुविधा

    दोनों डॉक्टरों ने अस्पताल पर पहुँचकर सभी सुविधाओं की जानकारी ली और संबंधित कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।​ अस्पताल के एमडी राकेश चतुर्वेदी ने इस पहल पर कहा कि रजत हॉस्पिटल खोलने का एकमात्र उद्देश्य जिले ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मुहैया कराना है। उन्होंने कहा कि इन विशेषज्ञों के आने से गैस्ट्रो और न्यूरो संबंधी सभी बीमारियों का इलाज बेहतर तरीके से करना संभव हो सकेगा।​इस नई सुविधा से जनपद और आस-पास के क्षेत्रों के मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। विभिन्न रोगों से संबंधित मरीज अब अस्पताल पर पहुंचकर अपना बेहतर इलाज सुनिश्चित कर सकते हैं।

  • A B, A+B,  सावधान! इन ब्लड ग्रुप वालों को हार्ट अटैक का ज्यादा खतरा

    A B, A+B,  सावधान! इन ब्लड ग्रुप वालों को हार्ट अटैक का ज्यादा खतरा

    अध्ययन में हुआ चौंकाने वाला खुलासा  क्या आपका ब्लड ग्रुप भी दिल की सेहत को प्रभावित कर सकता है?

    अब तक माना जाता रहा है कि दिल की बीमारियों का खतरा उम्र, मोटापा, धूम्रपान और खराब खानपान जैसे कारणों से होता है। लेकिन हाल ही में हुए कई वैज्ञानिक अध्ययनों ने यह संकेत दिया है कि व्यक्ति का ब्लड ग्रुप भी हार्ट अटैक और ब्लड क्लॉट्स (रक्त के थक्के) जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकता है।अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की जानी-मानी जर्नल Arteriosclerosis, Thrombosis and Vascular Biology में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, जिन लोगों का ब्लड ग्रुप A, B या AB होता है, उन्हें हार्ट अटैक का जोखिम ब्लड ग्रुप O वालों की तुलना में औसतन 8% अधिक होता है। यह अध्ययन करीब 4 लाख लोगों के स्वास्थ्य डेटा पर आधारित था, जिससे यह निष्कर्ष निकाला गया कि नॉन-O ब्लड ग्रुप वाले लोगों में दिल की बीमारियों की आशंका अधिक पाई जाती है। साल 2017 में European Society of Cardiology द्वारा किए गए एक बड़े अध्ययन में 13.6 लाख से अधिक लोगों को शामिल किया गया। अध्ययन के अनुसार, जिन लोगों का ब्लड ग्रुप O के अलावा कोई और है, उनमें दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा 9% अधिक पाया गया। इस शोध में यह भी देखा गया कि B ब्लड ग्रुप वालों में हार्ट अटैक का जोखिम 15% ज्यादा, और A ब्लड ग्रुप वालों में हार्ट फेल होने की संभावना 11% अधिक थी।

  • विश्व ट्रॉमा दिवस पर एम्स गोरखपुर में सीएमई एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

    विश्व ट्रॉमा दिवस पर एम्स गोरखपुर में सीएमई एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

    गोरखपुर, 17 अक्टूबर 2025: एम्स गोरखपुर के ट्रॉमा एवं आकस्मिक चिकित्सा विभाग द्वारा विश्व ट्रॉमा दिवस के अवसर पर एक सतत् चिकित्सीय शिक्षा (CME) एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह दिवस प्रतिवर्ष 17 अक्टूबर को पूरे विश्व में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य ट्रॉमा (आघात) की रोकथाम, शीघ्र उपचार तथा समय पर देखभाल के महत्व के प्रति जन-जागरूकता फैलाना है।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. (डॉ.) एम. सी. मिश्रा, पूर्व निदेशक, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) नई दिल्ली एवं पूर्व ट्रॉमा प्रमुख, जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर, नई दिल्ली उपस्थित रहे। उन्होंने “भारत में ट्रॉमा केयर सिस्टम का विकास और चुनौतियाँ” विषय पर व्याख्यान दिया। डॉ. मिश्रा ने अपने संबोधन में बताया कि किस प्रकार एक सुव्यवस्थित, बहु-विषयक दृष्टिकोण अपनाने से ट्रॉमा जनित मृत्यु दर और विकलांगता को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने इस दिशा में संस्थानों एवं चिकित्साकर्मियों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता एआईआईएमएस गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) विभा दत्ता ने की। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सामुदायिक जागरूकता एवं जिम्मेदार व्यवहार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आघात के बाद प्रारंभिक क्षणों (गोल्डन ऑवर) में दी गई सही देखभाल जीवनरक्षक सिद्ध हो सकती है। मेजर जनरल दत्ता ने विभाग के इस प्रयास की सराहना की, जो शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व को भी जोड़ता है।

    कार्यक्रम में संस्थान के संकाय सदस्य, स्नातकोत्तर एवं स्नातक छात्र, नर्सिंग अधिकारी एवं नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सत्रों में ट्रॉमा प्रबंधन, प्राथमिक जीवनरक्षक तकनीक (BLS) और गोल्डन ऑवर के महत्व पर चर्चा की गई।

    कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा नर्सिंग छात्रों एवं नर्सिंग अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक, जो आपातकालीन प्रवेश द्वार के फोयर क्षेत्र में प्रस्तुत किया गया। इस नाटक में सड़क दुर्घटना की रोकथाम, आघातग्रस्त व्यक्ति की तत्काल सहायता, तथा सीपीआर (CPR) की विधियों को दर्शाया गया। यह नाटक न केवल शिक्षाप्रद रहा बल्कि आमजन में भी बड़ी रुचि का केंद्र बना। कई सामान्य नागरिकों ने भी इसमें स्वेच्छा से भाग लिया, जिससे यह कार्यक्रम एक सच्चा सामुदायिक जागरूकता अभियान बन गया।

    कार्यक्रम ने शैक्षणिक ज्ञान एवं जन-जागरूकता को एक साथ जोड़ते हुए एआईआईएमएस गोरखपुर की सेवा, शिक्षा एवं समाज कल्याण की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट किया।

    ट्रॉमा एवं आकस्मिक चिकित्सा विभाग ने इस अवसर पर पुनः यह संदेश दिया कि —

    “समय पर की गई सही कार्रवाई ही जीवन बचा सकती है।”

  • संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ, सांसद रवि किशन ने दिखाई हरी झंडी

    संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ, सांसद रवि किशन ने दिखाई हरी झंडी

    “गाँव, वार्ड और मोहल्लों को रोगमुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे दिलाई शपथ”

    गोरखपुर। कलेक्ट्रेट स्थित पर्यटन भवन से रविवार को विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान (5 से 31 अक्टूबर) का शुभारंभ किया गया। सदर सांसद रवि किशन शुक्ला ने अभियान की शुरुआत करते हुए संचारी रोग निवारण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संचारी रोगों से बचाव के लिए जनजागरूकता और स्वच्छता ही सबसे प्रभावी उपाय है।

    कार्यक्रम से पहले जिलाधिकारी सभागार में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में सांसद ने उपस्थित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, नगर निगम, पशुपालन और स्वास्थ्य विभाग के वर्करों को शपथ दिलाई। उन्होंने सभी को यह संकल्प कराया कि वे अपने गाँव, वार्ड और मोहल्लों को रोगमुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे और साफ-सफाई एवं स्वच्छता को जीवन का हिस्सा बनाएंगे।

    सांसद ने कहा कि “घर-घर दस्तक अभियान—स्वस्थ व्यवहार अपनाना है, संचारी रोग को हराना है” को सफल बनाने के लिए हर नागरिक को आगे आना होगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के अनुरूप स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और ग्रामीण विभाग मिलकर इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप देंगे।

    मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ राजेश झा ने बताया कि जिले में संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वर्ष 2025 में अब तक सिर्फ 21 इंसेफलाइटिस के मरीज बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुए हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से कम हैं। यह प्रशासनिक प्रयासों और जन-सहयोग का परिणाम है।
    दस्तक अभियान 11 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर बुखार, डेंगू, मलेरिया, जापानी इंसेफलाइटिस, चिकनगुनिया और अन्य संचारी रोगों से बचाव की जानकारी देंगी तथा बीमार लोगों को तुरंत सरकारी अस्पताल पहुंचाने के लिए प्रेरित करेंगी।
    कार्यक्रम में विधायक विपिन सिंह, जिलाधिकारी दीपक मीणा, एसीएमओ डॉ. राजेश कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र पांडेय, बीएसए रामेंद्र सिंह, डीपीआरओ नीलेश प्रताप सिंह, पार्षद अजय राय, पार्षद रणंजय सिंह जुगनू सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

    सांसद रवि किशन ने अंत में कहा कि यह अभियान तभी सफल होगा जब प्रत्येक व्यक्ति अपने घर और आसपास की स्वच्छता की जिम्मेदारी खुद उठाए। उन्होंने कहा, “अगर जनता और प्रशासन एकजुट होकर काम करें तो गोरखपुर को पूरी तरह रोगमुक्त बनाया जा सकता है।

  • रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लिखी जा रही एलोपैथ की दवा

    रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लिखी जा रही एलोपैथ की दवा

    नौतनवा। रतनपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात एक आयुष चिकित्सक पर गंभीर आरोप लगाया है। प्रार्थी अनुराग सिंह निवासी नौतनवा ने राज्य के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और सीएमओ महराजगंज को पत्र भेजकर रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयुष चिकित्सक द्वारा एलोपैथ की दवाएं लिखने की शिकायत की है।

    प्रार्थी ने आरोप लगाया कि रतनपुर के आयुर्वेद चिकित्सक अक्सर एलोपैथ दवाओं के पर्चे लिख रहे हैं, जबकि उनके पास ऐसा लिखने का अधिकार नहीं है। इसके अलावा, जन औषधि की आड़ में बाहरी एलोपैथ दवाओं की बिक्री की जा रही है, जिससे आम नागरिकों को आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो रही है।

    पत्र में दावा किया गया है कि डाक्टर सिरप “लाइकोपिन” और अन्य बाहरी दवाओं का प्रयोग कर रहे हैं, जिनमें ताकत और गैस की दवाएं भी शामिल हैं। इस मामले में स्थानीय स्तर पर एक सिंडिकेट की संलिप्तता की भी आशंका जताई गई है। प्रार्थी ने बताया कि डाक्टर चंद पैसों की लालच में इस तरह की दवाएं लिख रहे हैं, और इसके साक्ष्य भी उपलब्ध कराए गए हैं। प्रार्थी ने संबंधित अधिकारियों से इस मामले में तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

  • एम्स गोरखपुर में “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” का शुभारंभ

    एम्स गोरखपुर में “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” का शुभारंभ

    अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) गोरखपुर में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का शुभारंभ मुख्य अतिथि माननीय श्री विपिन सिंह, विधायक (गोरखपुर ग्रामीण) के कर-कमलों द्वारा किया गया।

    एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और परिवार की संपूर्ण सेहत को महिलाओं की देखभाल के माध्यम से सशक्त बनाना है।

    अभियान के अंतर्गत नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर निम्न स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे:

     डुमरी खास
    गौनौर
    शिवपुर
    झरना टोला
    एम्स गोरखपुर परिसर

    स्वास्थ्य शिविरों में उपलब्ध नि:शुल्क सेवाएँ

     रक्तचाप (बी.पी.) की जाँच
    ब्लड शुगर (मधुमेह) की जाँच
    हीमोग्लोबिन स्तर की जाँच
    मासिक धर्म स्वच्छता संबंधी जागरूकता
    मुख एवं गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की स्क्रीनिंग
    नेत्र परीक्षण
    मानसिक स्वास्थ्य आकलन
    स्वस्थ जीवनशैली पर परामर्श

    इसके अतिरिक्त, एम्स परिसर में रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया जाएगा, ताकि आमजन को जीवन बचाने के इस पुनीत कार्य में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया जा सके।

    सक्रिय सहयोग करने वाले विभाग

     प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग
    सामुदायिक एवं परिवार चिकित्सा विभाग
    मनोचिकित्सा विभाग
    दंत चिकित्सा विभाग
    नेत्र रोग विभाग

    यह अभियान महिलाओं के समय पर स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो परिवार एवं समाज के समग्र स्वास्थ्य को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होगा।