डीएम के निरीक्षण में सीएचसी सहजनवा में मिला गंदगी का अंबार, अधीक्षक से जताई नाराजगी 

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जर्जर रैन बसेरा ध्वस्त करने का निर्देश, वैक्सीन कक्ष में कैल्सिड नदारद, रजिस्टर और हस्ताक्षर भी गायब।

संवाददाता– एस.पी. सिंह

सहजनवा, (गोरखपुर)।

मंगलवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहजनवा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर और कैंटीन में फैली गंदगी देखकर डीएम ने अधीक्षक से अपनी नाराजगी जताई।

उन्होंने इमरजेंसी वार्ड, प्रसूता कक्ष, इंसेफलाइटिस वार्ड और प्रवेश कक्ष का निरीक्षण किया, जहां रजिस्टर, फार्मेसी रजिस्टर, टीकाकरण रजिस्टर और डेड स्टॉक रजिस्टर तक मौजूद नहीं मिले। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और अधीक्षक से कहा कि सभी वार्डों पर नाम व नंबर के अनुसार बोर्ड लगाए जाएं।

डीएम ने जब खून की कमी होने पर वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में पूछा तो कोई जवाब नहीं दे सका। जन औषधि केंद्र पर भी नाम गलत लिखा पाया गया, जिस पर प्रभारी को फटकार लगाई गई। उन्होंने दवाएं जगह-जगह बिखरी देखकर नाराजगी जताई और अधीक्षक को निर्देश दिए कि रजिस्टरों की रूटीन जांच नियमित रूप से की जाए।

बीसीपीएम आर.के. शरण के पास भरसाड़ केंद्र के टीकाकरण की रिपोर्ट न मिलने पर डीएम ने चेतावनी दी कि यदि सभी रिकार्ड समय से दुरुस्त नहीं किए गए तो कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने जर्जर भवन और रैन बसेरा को देख नाराजगी व्यक्त की और रैन बसेरा को ध्वस्त कराने व पूरी रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने अधीक्षक को चेताया कि अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं एक माह के भीतर दुरुस्त की जाएं।

निरीक्षण के दौरान परिसर में धरना दे रही आशा कार्यकर्ताओं को देखकर डीएम ने कड़ी फटकार लगाई और अधीक्षक को निर्देश दिया कि उनका धरना सुरक्षित स्थान पर कराया जाए।

डीएम ने अधीक्षक से कहा आप सामान्य चीजों का जवाब नहीं दे पा रहे हैं, अगर तकनीकी प्रश्न पूछूं तो शायद कोई जवाब न होगा।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम केशरी नंदन तिवारी, अधीक्षक डॉ. व्यास कुशवाहा, डॉ. शुभम सहित अनेक स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

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