एम्स गोरखपुर में केंद्र सरकार की प्रधान मंत्री आयुष्मान योजना के तहत पैंक्रियास के कैंसर का हुआ मुफ्त व्हिप्पल्स ऑपरेशन !

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गोरखपुर एम्स के सर्जरी विभाग ने जटिल ऑपरेशन्स की श्रंखला में एक और सफलता अर्जित की !

एक 55 वर्षिय वृद्ध पीलिया की शिकायत एवं शरीर में खुजली की समस्या से कई दिनों से पीड़ित था। कई जगह इलाज़ लेने के बाद जब समस्या का हल नहीं मिल पाया तो उसने एम्स के सर्जरी विभाग के सह आचार्य डॉ धर्मेंद्र पिपल को दिखाया। डॉ पिपल ने जांचों के पाया की मरीज़ एमपूलरी कैंसर से पीडत है ,जो की एक तरह का पैंक्रिअटिक कैंसर होता है। एम्स के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के डॉ सौरभ केड़िया ने मरीज़ की एंडोस्कोपी कर जांच में पता लगाया की मरीज़ को एम्पुला के पास एक गाँठ है जिसकी वज़ह से मरीज़ की कॉमन बाइल डक्ट में रुकावट की वजह से पीलिया बढ़ता जा रहा है |

इस कैंसर का इलाज़ व्हिप्प्ल्स ऑपरेशन के द्वारा ही सम्भव है और वो भी अगर समय पर नहीं हो तो कैंसर फ़ैल सकता है और तब ऑपरेशन करना संभव नहीं होता | यह व्हिप्प्ल्स आपरेशन बहुत जटिल ऑपेऱशनों में से एक है, जिसमे आमाशय का दूरस्थ भाग, कॉमन बाइल डक्ट , ड्योडेनाम, जेजुनम, पैंक्रिअटिक हैड एवं कई लिम्फ नोड्स को निकाला जाता है| तत्पश्चात अमाशय, पैंक्रियास एवं कॉमन बाइल डक्ट के बचे हुए भागों को जेजुनम से जोड़ना पड़ता है| कई तरह के आंतों में जोड़ होने की वजह से बाइल, पैंक्रिअटिक जूस और कभी कभी मल का लीक होने की भी समस्या खड़ी हो सकती है, जिसकी वजस से मरीज़ की जान भी जा सकती है |

मरीज़ और उसके परिजनों को बीमारी एवं उसके उपचार केबारे में पूरी तरह बताया गया! ऑपरेशन के दौरान एवं बाद में होने वाले सभी परिणामों एवं दुश्परिणाममों के बारे में विस्तारपूर्वक सम्पूर्ण जानकारी देने के बाद सहमति ली गई एवं ऑपरेशन का निर्णय लिया गया! मरीज़ और परिजनों ने एम्स के सर्जरी विभाग पर भरोसा जताया और आयुष्मान योजना के आर्थिक सहयोग से उसके स्वस्थ्य लाभ मिल सका !

मरीज़ के ऑपरेशन को आज 15 दिन हो चुके हैं। ऑपरेशन में करीब 7 से 8 घंटे तक का समय लगा, तत्पश्चात मरीज को अनेस्थेसिस विभाग के नवनिर्मित क्रिटिकल केयर यूनिट में रखा गया, जहाँ क्रिटिकल केयर टीम ने मरीज की दिन रात देखभाल कर ऑपरेशन को सफल बनाया। अब मरीज की सेहत में तीव्र गति से सुधार हो रहा है। उसने खाना पीना भी शुरू कर दिया है, और जल्द ही उसे छुट्टी भी दे दी जायेगी।

चूँकि, इस ऑपरेशन में बहुत खर्चा आता है, गरीब मरीज़ों के लिए यह ऑपरेशन करा पाना बहुत ही असंभव है! गोरखपुर एम्स में केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना इस मरीज़ के लिए काफी लाभदायक एवं जीवनदायक सिद्ध हुई! इस योजना की वजह से मरीज के ऑपरेशन में उपयोग में आने वाले महँगे उपकरण एवं दवाएं जैसे की स्टैप्लरस, हायर एंटीबायोटिक्स, एल्ब्युमिन, टीपीएन इत्यादि मुफ्त में एम्स की अमृत फार्मेसी द्वारा उपलब्ध कराये गए!

ऑपरेशन करने वाली टीम : डॉ धर्मेंद्र कुमार पीपल ( सह आचार्य ), डॉ रजनीश ( सहायक आचार्य ), डॉ गौरव गुप्ता (एडिशनल प्रोफेसर एंड हेड ), डॉ रवि गुप्ता ( सह आचार्य ) डॉ रवि प्रकाश ( सीनियर रेजिडेंट ) , डॉ आदित्य , डॉ स्वाति , डॉ ऐश्वर्या डॉ राजेश , डॉ हर्षा , डॉ दर्शन , डॉ राजा मुर्तज़ा , डॉ शशिकांत, एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर टीम: डॉ सोनम पटेल, डॉ संतोष , डॉ विक्रम वर्धन , डॉ भूपेंद्र सिंह , डॉ सीमा यादव, डॉ प्रियंका , डॉ विजयेता , डॉ गणेश निमजे , डॉ रविशंकर , डॉ अंकिता काबी, डॉ गौरव , डॉ अजय ,डॉ अरुंधति, डॉ रिया , डॉ आशुतोष, डॉ उर्वशी, सिस्टर संगीथा।

एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक मेजर डॉ विभा दत्ता ने सर्जरी विभाग को उत्कर्ष कार्य की सराहना कर भविष्य में और ऐसे कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

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