“होटल रमाडा से उठी एकजुटता की आवाज़, इंसाफ की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे लोग”
गोरखपुर। जम्मू-कश्मीर के पाहलगाम में छुट्टियां मनाने गए 27 निर्दोष हिन्दू सैलानियों को केवल उनके धर्म की पहचान पूछकर जिस बेरहमी से गोलियों से छलनी किया गया, उसने पूरे देश की आत्मा को झकझोर दिया है। इस अमानवीय और बर्बर आतंकी हमले के खिलाफ गुरुवार को गोरखपुर में तीव्र आक्रोश देखने को मिला।
गोरखनाथ मंदिर रोड स्थित होटल रमाडा से शाम 7 बजे आयोजित श्रद्धांजलि सभा और मोमबत्ती मार्च में सैकड़ों लोग शामिल हुए। इस आयोजन की अगुवाई होटल रमाडा के प्रबंध निदेशक कुणाल जायसवाल ने की। शहर के सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, पत्रकारों और युवाओं ने इस घटना के खिलाफ आवाज़ बुलंद की।
“धर्म पूछकर हत्या… ये मानवता के चेहरे पर सबसे बड़ा तमाचा है।”
यह आवाजें उस भीड़ से गूंज रही थीं, जिनके हाथों में मोमबत्तियां थीं और आंखों में आंसुओं के साथ-साथ ग़ुस्से की ज्वाला।
सभा में बोलते हुए कुणाल जायसवाल ने कहा कि,
“यह केवल आतंकवाद नहीं, यह सीधे-सीधे धर्म के नाम पर नरसंहार है। कब तक हम सहते रहेंगे? देश को अब निर्णायक और कठोर कार्रवाई करनी होगी।”
लोगों ने मांग की कि ऐसी घटनाओं के दोषियों को तुरंत पकड़कर सख्त से सख्त सज़ा दी जाए और पीड़ित परिवारों को न्याय मिले।
मोमबत्ती मार्च में “भारत माता की जय”, “शहीदों अमर रहें”, “आतंकवाद मुर्दाबाद”, और “अब चुप नहीं बैठेंगे” जैसे नारों से माहौल गूंज उठा। दो मिनट का मौन रखकर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
गोरखपुर की सड़कों से उठी यें आवाज़ अब देशभर में फैल रही है, हम डरेंगे नहीं, झुकेंगे नहीं, और अपने नागरिकों के लिए न्याय लेकर रहेंगे।
कुणाल जायसवाल एमडी रामडा, मनीष जायसवाल, राजगौरव सिंह, संजय जायसवाल, विनीत त्रिपाठी समरपाल सिंह, अनुज सिंह, कर्मवीर सिंह, वकील खान सही सैकड़ो लोग मौजूद रहे।
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