गोरखपुर। चिलुआताल थाना क्षेत्र से लापता हुई 6 वर्षीय मासूम बच्ची को गोरखपुर पुलिस ने अपनी त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ से मात्र 72 घंटे के भीतर जनपद महराजगंज से सकुशल बरामद कर लिया। इस कार्रवाई ने न केवल बच्ची के परिजनों के चेहरों पर खुशी लौटाई, बल्कि पुलिस की कार्यकुशलता और संवेदनशीलता की भी मिसाल कायम की। परिजनों ने भावुक होकर पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया और इस सफलता ने पुलिस-जनता के बीच विश्वास को और मजबूत किया।
जानकारी के अनुसार 24 जुलाई 2025 की शाम की है, जब चिलुआताल थाना क्षेत्र के एक परिवार ने थाने पर सूचना दी कि उनकी 6 वर्षीय बेटी अचानक घर से लापता हो गई है। परिजनों ने स्वयं बच्ची की खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। मामले की गंभीरता को देखते हुए चिलुआताल पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। थाना प्रभारी अतुल कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई, जिसमें उपनिरीक्षक नीरज राय, नरेश सिंह और महिला उपनिरीक्षक प्रीती विश्वकर्मा शामिल थे।पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण, स्थानीय स्रोतों और गुप्त सूचनाओं का सहारा लिया। अथक प्रयासों और लगन के बाद 27 जुलाई 2025 को बच्ची को जनपद महराजगंज से सकुशल बरामद कर लिया गया। बच्ची को पूरी सुरक्षा के साथ परिजनों को सौंपा गया। बरामदगी के क्षण में परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू और चेहरों पर राहत की चमक साफ नजर आ रही थी। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने उनके दिलों में पुलिस के प्रति सम्मान को और बढ़ा दिया।
चिलुआताल पुलिस की इस संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई की चारों ओर प्रशंसा हो रही है। यह घटना न केवल पुलिस की कार्यक्षमता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि सही समय पर सही कदम उठाने से कितना बड़ा बदलाव आ सकता है। बच्ची की सुरक्षित वापसी ने न केवल एक परिवार को फिर से जोड़ा, बल्कि समाज में पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत किया।
पुलिस टीम की सराहना
इस ऑपरेशन में शामिल पुलिसकर्मियों-प्रभारी निरीक्षक अतुल कुमार श्रीवास्तव, उपनिरीक्षक नीरज राय, उपनिरीक्षक नरेश सिंह और महिला उपनिरीक्षक प्रीती विश्वकर्मा की जितनी तारीफ की जाए, कम है। उनकी मेहनत और समर्पण ने एक मासूम की जिंदगी को सुरक्षित किया और एक परिवार को फिर से मुस्कान दी। यह घटना गोरखपुर पुलिस के लिए गर्व का विषय है और समाज में उनकी छवि को और निखारती है।
जनता का बढ़ता विश्वास
चिलुआताल पुलिस की इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पुलिस न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए है, बल्कि समाज की सुरक्षा और सेवा के लिए भी तत्पर है। इस तरह की घटनाएं जनता और पुलिस के बीच की दूरी को कम करती हैं और आपसी विश्वास को बढ़ावा देती हैं। गोरखपुर पुलिस की यह उपलब्धि निश्चित रूप से एक प्रेरणादायक उदाहरण है, जो भविष्य में भी लोगों को पुलिस पर भरोसा करने के लिए प्रेरित करेगा।
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