गोरखपुर। आनंद मार्ग प्रचारक संघ, गोरखपुर द्वारा रविवार 14 सितंबर को बक्शीपुर स्थित चित्रगुप्त मंदिर प्रांगण में प्रभात संगीत दिवस बड़े ही उत्साह और धूमधाम से मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ आनंद मार्गी एवं मुख्य अतिथि अखिलेन्दु श्रीवास्तव ने श्री श्री आनंद मूर्ति जी की प्रतिकृति पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इसके बाद पूजा, समृद्धि, आकृति, परिधि, तन्वी, वेदांश, आराध्या, सृष्टि, साक्षी, रोशनी, अर्चिता, साधना, संगीता, डॉ. रंजना बागची, नंदनी एवं रूमा द्वारा प्रभात संगीत गायन व नृत्य प्रस्तुतियां दी गईं।
इस अवसर पर अवधूतिका आनंद अदिति आचार्या ने कहा कि आनंद मार्ग प्रचारक संघ के प्रवर्तक श्री प्रभात रंजन सरकार, जिन्हें लोग श्री श्री आनंद मूर्ति के नाम से जानते हैं, ने 14 सितंबर 1982 को देवघर (झारखंड) में प्रथम प्रभात संगीत दिया था। इसके बाद मात्र आठ वर्षों में उन्होंने 5018 प्रभात गीतों की रचना कर एक संपूर्ण संगीत शास्त्र की नींव रखी।
वहीं अवधूतिका कल्याणमया आचार्या ने अपने उद्बोधन में कहा कि मानव जीवन में संगीत का अत्यधिक महत्व है।
इस दौरान रक्तदान करने वाले 26 दाताओं और प्रभात संगीत प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि अखिलेन्दु श्रीवास्तव ने भी अपने विचार व्यक्त किए, जबकि संजय श्रीवास्तव ने संघ की ओर से धन्यवाद ज्ञापन किया।
कार्यक्रम का संचालन मेजर साकेत जी ने किया। इस अवसर पर राजेंद्र, संजय तिवारी, अभिनव प्रकाश, डॉ. धनीराम मौर्य, नंदनी, कृपाचार्य, सुनील करुणानंद सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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