मुख्यमंत्री को अंधेरे में रखकर बदला गया चौरी-चौरा ओवरब्रिज का नक्शा, सेतु निगम ने आरटीआई में कबूला सच: काली शंकर यदुवंशी

चौरी-चौरा/गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद के बहुचर्चित सम्पार संख्या 147B रेलवे ओवरब्रिज मामले में एक बेहद सनसनीखेज और बड़ा प्रशासनिक घोटाला सामने आया है। वन भारत सिटीजन पार्टी (ओबीसी पार्टी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष काली शंकर यदुवंशी ने उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड द्वारा सूचना के अधिकार के तहत दिए गए लिखित जवाब को सार्वजनिक करते हुए अफसरों और रसूखदारों के सिंडिकेट को बेनकाब किया है।

काली शंकर यदुवंशी ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को पूरी तरह अंधेरे में रखकर और उनके विशेषाधिकार का उल्लंघन करके इस उनसठ करोड़ चवालीस लाख रुपये की परियोजना का मूल स्वरूप बदला गया है।

काली शंकर यदुवंशी ने सेतु निगम के आधिकारिक पत्र का हवाला देते हुए बताया कि विभाग ने लिखित रूप में स्वीकार किया है कि इस ओवरब्रिज के जनहितकारी ‘Y’ टाइप मॉडल की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति स्वयं माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुपालन में शासनादेश संख्या 573/2021/आई दिनांक 21 दिसंबर 2021 द्वारा प्रदान की गई थी।

काली शंकर यदुवंशी ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि सेतु निगम के जवाब से यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि वर्ष 2023 में कुछ अधिकारियों ने बिना किसी नए शासनादेश या कैबिनेट की मंजूरी के, महज़ एक समीक्षा बैठक का बहाना बनाकर मुख्यमंत्री जी द्वारा स्वीकृत जनहित के मूल नक्शे को अपनी मर्जी से बदल दिया और उसे ‘L’ मॉडल में परिवर्तित कर दिया। यह सीधे तौर पर मुख्यमंत्री कार्यालय की अवमानना और चौरी-चौरा के लाखों नागरिकों, व्यापारियों व छात्रों के साथ हुआ बहुत बड़ा विश्वासघात है।

काली शंकर यदुवंशी ने कहा कि सेतु निगम के आधिकारिक पत्र से यह पूरी तरह साफ हो गया है कि वह खेल फरवरी और मार्च 2023 के दौरान ही खेला गया था, जिसके आधार पर भ्रष्ट अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के मूल आदेश को फाइलों में दबाकर रसूखदारों को फायदा पहुँचाया।

काली शंकर यदुवंशी ने इस गंभीर जालसाजी और प्रशासनिक सुचिता में हुई बड़ी सेंध को लेकर मुख्यमंत्री को एक आपातकालीन पत्र प्रेषित कर मांग की है कि मुख्यमंत्री के आदेश को ठेंगे पर रखने वाले और फर्जी लेटरहेड के आधार पर जालसाजी करने वाले दोषी अधिकारियों व रसूखदारों को चिन्हित कर तत्काल जेल भेजा जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2021 में स्वीकृत मूल ‘वाई-मॉडल’ को तत्काल प्रभाव से बहाल कर उसी के अनुसार निर्माण कार्य कराया जाए।

यदुवंशी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो पुल 2023 में बन जाना चाहिए था, वह आज 2026 तक भ्रष्टाचार की भेंट चढ़कर अधूरा पड़ा है, लेकिन चौरी-चौरा की न्यायप्रिय जनता इस तानाशाही और जालसाजी को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और जब तक जनता का हक बहाल नहीं होता, उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं।

News Courtesy: काली शंकर यदुवंशी,राष्ट्रीय अध्यक्ष, वन भारत सिटीजन पार्टी (ओबीसी पार्टी)।

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