रक्षाबंधन पर बाबा महाकाल का भव्य श्रृंगार, अर्पित हुई राखी; सवा लाख लड्डुओं का लगा भोग

उज्जैन ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

भस्म आरती में दिखा बाबा महाकाल का दिव्य स्वरूप, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा मंदिर परिसर


उज्जैन। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर के दरबार में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। ब्रह्ममुहूर्त में होने वाली भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का विशेष और आकर्षक श्रृंगार किया गया। इसके बाद बाबा को राखी अर्पित कर रक्षाबंधन उत्सव मनाया गया।
॥ ॐ नमः शिवाय ॥

🕉️ भस्म आरती में हुआ बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार

सुबह भस्म आरती के समय मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल का स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

॥ कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।
सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥ ॥

मंदिर परिसर में शंखध्वनि और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच भक्तों ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन किए।

🎀 बाबा महाकाल को अर्पित की गई राखी

रक्षाबंधन के अवसर पर बाबा महाकाल को राखी अर्पित की गई। भगवान को राखी अर्पित करने का यह दृश्य श्रद्धा और भक्ति से भर देने वाला रहा।

रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और रक्षा के संकल्प का पर्व है। इसी पावन भावना को बाबा महाकाल के चरणों में समर्पित करते हुए रक्षाबंधन उत्सव मनाया गया।

॥ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥ ॥

🍬 सवा लाख लड्डुओं का भव्य भोग

रक्षाबंधन के इस विशेष आयोजन में बाबा महाकाल को सवा लाख लड्डुओं का भोग अर्पित किया गया। भोग के इस विशेष आयोजन ने पर्व की भव्यता को और बढ़ा दिया।

॥ अन्नं ब्रह्म रसो विष्णुः भोक्ता देवो महेश्वरः॥ ॥

भक्तों ने बाबा महाकाल से अपने परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और रक्षा की कामना की।

🔱 जयघोष से गूंजा महाकाल का दरबार

भस्म आरती और विशेष श्रृंगार के दौरान पूरा मंदिर परिसर शिवभक्ति में डूबा नजर आया। श्रद्धालुओं के बीच ‘हर हर महादेव’ और ‘जय श्री महाकाल’ के जयघोष गूंजते रहे।

॥ शिवं शान्तं जगन्नाथं लोकानुग्रहकारकम्।
नमामि देवदेवेशं महाकालं महेश्वरम्॥ ॥

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बाबा महाकाल को राखी अर्पण, दिव्य श्रृंगार और सवा लाख लड्डुओं का भोग—यह पूरा आयोजन श्रद्धा, परंपरा और भक्ति का ऐसा संगम बना, जिसने महाकाल की नगरी को एक बार फिर शिवमय कर दिया।

हर-हर महादेव! 🔱
जय श्री महाकाल! 🙏

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