रोवर्स एवं रेंजर्स द्वारा काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव

रोवर्स एवं रेंजर्स द्वारा काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव   काकोरी ट्रेन एक्शन की 100 वी वर्षगांठ के शुभारम्भ रोवर्स एवं रेंजर्स, अनुभाग, जिला संस्था, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय द्वारा काकोरी ट्रेन एक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम डॉ० श्री प्रकाश सिंह, भूगोल विभाग, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर टीम लीडर द्वारा रोवर्स एवं रेंजर्स छात्र-छात्राओं को काकोरी घटना भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को गति प्रदान करने वाली एक अकल्पनीय घटना थी, जिसने अंग्रेजी हुकूमत की जड़ो को हिला कर रख दिया था। 9 अगस्त 1925 को काकोरी में हुई ट्रेन लूट हिंदुस्तान रिपब्लिक एसोशिएशन द्वारा की गई पहली बड़ी कार्रवाई थी। जिसमें जैसे ही ट्रेन काकोरी के पास पहुंची एक क्रांतिकारी (राजेंद्र नाथ लाहिडी) ने ट्रेन को रोक ट्रेन में खजाने के बैग थे जिसमें सरकारी धन था। क्रांतिकारियों ने इस धन को लूट लिया, इसके बारे में उनका मानना था कि यह वैधानिक रूप से भारतीयों का घन है। इस कार्य को करने के पीछे क्रांतिकारियों की मंशा यह थी कि हिंदुस्तान रिपब्लिक एसोशिएशन को वित्तपोषित करना तथा अपने कार्य तथा मिशन के प्रति जनता का ध्यान आकर्षित करना। इस घटना के बाद ब्रिटिश आधिकारियों ने कठोर कार्रवाई शुरू की, जिसके परिणाम स्वरूप हिंदुस्तान रिपब्लिक एसोसिएशन के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसमें से चार सदस्यों को फासी और अन्य को लंबी अवधि के कारावास की सजा मिली। उत्तर प्रदेश सरकार ने काकोरी कांड का नाम बदलकर काकोरी ट्रेन एक्शन कर दिया है। यू०पी० सरकार का मानना है कि कांड शब्द का प्रयोग भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के अंतर्गत काकोरी घटना की मूलभावना को नकारात्मक रूप से प्रदर्शित करता है।
इस कार्यक्रम में संयोजक, रोवर्स एवं रेंजर्स, अनुभाग प्रो० विनय कुमार सिंह, के निर्देशन में संपन्न हुआ इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ० श्री प्रकाश सिंह, टीम लीडर और रोवर्स एवं रेंजर्स छात्र-छात्राओं मानुस कसेरा, रणावीर सिंह, आदित्य शर्मा आदि छात्र-छात्रा उपस्थित रहे।

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