अधिशासी अधिकारी के सामने सरकारी काम में बाधा, युवक पर हमला करने का आरोप

गोरखपुर /गोला ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

जर्जर बिजली पोल के सर्वे के दौरान विवाद, ईंट से हमला करने के प्रयास का भी आरोप; युवक ने अब तक थाने में नहीं दी लिखित शिकायत


गोरखपुर/गोला। गोला उपनगर के वार्ड संख्या-14 में जर्जर बिजली पोल और तारों को बदलने व स्थानांतरित करने के लिए किए जा रहे सर्वे के दौरान विवाद का मामला सामने आया है। आरोप है कि 22 सितंबर को अधिकारियों की मौजूदगी में आवेदनकर्ता शिवम तिवारी के साथ मारपीट की गई और ईंट से हमला करने का प्रयास किया गया। घटना के दौरान बिजली विभाग के अधिकारी और जूनियर इंजीनियर भी मौके पर मौजूद बताए जा रहे हैं।

अधिकारियों के सामने हमला करने का आरोप

जानकारी के मुताबिक, सार्वजनिक सुविधा को देखते हुए क्षतिग्रस्त बिजली पोल को बदलने और स्थानांतरित करने के संबंध में सर्वे किया जा रहा था। इसी दौरान शिवम तिवारी पर अचानक हमला किए जाने का आरोप है। आरोप यह भी है कि उनके साथ मौजूद अधिकारियों के सामने ईंट से हमला करने का प्रयास किया गया।

छह महीने में जान से मरवाने की धमकी का आरोप

शिवम तिवारी की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, विवाद के दौरान उन्हें कथित तौर पर धमकी दी गई कि “छह महीने के अंदर जैसे तुम्हारे बाप को मरवाया है, वैसे तुम्हें भी मरवा दूंगा।” इसके अलावा सर्वेश तिवारी की ओर से युवक के आवागमन को बाधित करने की धमकी दिए जाने का भी आरोप है।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में पुलिस में अभी तक कोई लिखित शिकायत दिए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।

मौके पर मौजूद थे बिजली विभाग के अधिकारी

बताया जा रहा है कि जिस समय विवाद हुआ, उस समय गोला के जूनियर इंजीनियर सहित विभागीय अधिकारी मौके पर मौजूद थे। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि सरकारी कार्य के लिए किए जा रहे सर्वे के दौरान अधिकारियों की मौजूदगी में विवाद और कथित हमले की स्थिति कैसे बनी।

जर्जर पोल और खुले तार बने खतरा-

मामले का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू क्षतिग्रस्त बिजली पोल और भारी-भरकम तारों से जुड़ा है। आरोप है कि तारों की स्थिति ऐसी है कि तेज हवा या आंधी के दौरान इनके मकान पर गिरने का खतरा बना रहता है।

यही वजह है कि आवेदनकर्ता की ओर से पोल को बदलने अथवा स्थानांतरित करने के लिए विभाग से कार्रवाई की मांग की गई थी।

अब कार्रवाई पर टिकी नजर –

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बिजली विभाग जर्जर पोल और ढीले/खुले तारों को समय रहते ठीक कराएगा? साथ ही, अधिकारियों की मौजूदगी में सरकारी कार्य में कथित बाधा और युवक पर हमले के आरोपों को लेकर विभाग और पुलिस स्तर पर क्या कार्रवाई होती है, यह भी देखना होगा।

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • 22 सितंबर को गोला वार्ड-14 में घटना का आरोप।
  • जर्जर बिजली पोल के सर्वे के दौरान विवाद।
  • अधिकारियों के सामने युवक से मारपीट का आरोप।
  • ईंट से हमला करने के प्रयास का भी आरोप।
  • जान से मरवाने और आवागमन बाधित करने की धमकी का आरोप।
  • मौके पर जूनियर इंजीनियर समेत अधिकारी मौजूद बताए गए।
  • आवेदनकर्ता ने अभी तक थाने में लिखित शिकायत नहीं दी है।
  • जर्जर पोल और तारों से दुर्घटना की आशंका का दावा।

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