Category: जुर्म

  • सहजनवा मासूम हत्याकांड: पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा अंशुमान का शव, चीख-पुकार से दहला गांव

    सहजनवा मासूम हत्याकांड: पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा अंशुमान का शव, चीख-पुकार से दहला गांव

    आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी को फांसी देने की उठाई मांग, हंगामे के बीच अधिकारियों ने संभाला मोर्चा।

    सीसीटीवी फुटेज से पुलिस आरोपी तक पहुंची, निशानदेही पर खंडहरनुमा कमरे से बरामद हुआ था मासूम का शव।

    संवाददाता – एस.पी. सिंह
    सहजनवा, (गोरखपुर)।

    नगर पंचायत सहजनवा के वार्ड नंबर नौ पिपरा निवासी पांच वर्षीय अंशुमान सिंह की हत्या के बाद शनिवार को पोस्टमार्टम के उपरांत उसका शव घर पहुंचा तो पूरे गांव में मातम पसर गया। मासूम का शव देखते ही परिजनों की चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं घटना से आक्रोशित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और आरोपी को फांसी की सजा दिलाने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
    गौरतलब है कि पांच वर्षीय अंशुमान सिंह गुरुवार शाम करीब पांच बजे घर के पास फुल्की खाने के लिए निकला था, लेकिन इसके बाद वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया। काफी तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने सहजनवा पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर क्षेत्राधिकारी गीडा के नेतृत्व में कई टीमों का गठन किया और पूरी रात मासूम की तलाश में अभियान चलाया।
    जांच के दौरान पुलिस ने क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। एक फुटेज में मासूम के साथ एक युवक दिखाई दिया। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने कल्पेश राय पुत्र संजय राय, निवासी सांथा, थाना धर्मसिंहवा, जनपद संत कबीर नगर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
    पुलिस के अनुसार, पूछताछ के बाद आरोपी की निशानदेही पर नगर पंचायत सहजनवा के वार्ड नंबर 10 में बलराम गुप्ता की खंडहर पड़ी जमीन पर बने कमरेनुमा ढांचे से मासूम अंशुमान का शव बरामद किया गया। शव मिलने की खबर फैलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
    घटना की सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर समेत क्षेत्राधिकारी गीडा, थाना प्रभारी गीडा, अतिरिक्त थाना प्रभारी सहजनवा और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए, जबकि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    शव पहुंचते ही मचा कोहराम, गुस्से में फूट पड़ा गांव।

    शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब तीन बजे जैसे ही मासूम अंशुमान का शव उसके घर पहुंचा, परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। बेटे का शव देखकर परिवार के सदस्य बेसुध हो गए। मासूम की मौत से आहत ग्रामीणों का गुस्सा भी फूट पड़ा।
    आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी का बयान सार्वजनिक करने और उसे फांसी की सजा दिलाने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों के आक्रोश के चलते कुछ समय के लिए मौके पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।

    अधिकारियों ने संभाला मोर्चा, कठोर कार्रवाई का दिया भरोसा।

    हंगामे और तनाव की सूचना मिलते ही उप जिलाधिकारी सहजनवा केसरी नंदन त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी गीडा, थाना प्रभारी गीडा और अतिरिक्त थाना प्रभारी सहजनवा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया।
    अधिकारियों ने मामले में निष्पक्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद परिजन और ग्रामीण मासूम के अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।
    फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और मामले की विवेचना जारी है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी उपलब्ध साक्ष्यों की गहनता से जांच की जा रही है। विवेचना और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

  • रिश्तों का कत्ल: 16 साल के किशोर पर तीन हत्याओं का आरोप, सोते परिवार पर किया गया जानलेवा हमला

    रिश्तों का कत्ल: 16 साल के किशोर पर तीन हत्याओं का आरोप, सोते परिवार पर किया गया जानलेवा हमला

    सूर्य प्रकाश ओझा गोरखपुर ,निष्पक्ष टुडे :-

    गोरखपुर में एक ही घर से उठीं तीन अर्थियां; बड़े भाई, भाभी और 3 साल के मासूम की मौत से गांव स्तब्ध

    गोरखपुर। बांसगांव थाना क्षेत्र के बलुआ गांव में सोमवार तड़के हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। आरोप है कि एक 16 वर्षीय किशोर ने अपने ही बड़े भाई, भाभी और तीन वर्षीय भतीजे पर उस समय धारदार हथियार से हमला कर दिया, जब वे गहरी नींद में थे। घटना में तीनों की मौत हो गई।

    परिजनों की चीख-पुकार और सूचना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

    माता-पिता की आंखों के सामने बिखर गया परिवार
    बताया जा रहा है कि दूसरे कमरे में सो रहे माता-पिता चीख सुनकर पहुंचे तो घर का भयावह दृश्य देखकर सन्न रह गए। उनके सामने बेटा, बहू और मासूम पोता खून से लथपथ पड़े थे। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

    छत के कमरे से हिरासत में लिया गया आरोपी

    सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी किशोर को घर की छत पर बने कमरे से हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार उसके पास से खून से सना हथियार भी बरामद किया गया है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।

    क्या दुकान का विवाद बना तिहरे हत्याकांड की वजह?

    प्रारंभिक जांच में परिवार के व्यवसाय और दुकान से जुड़े विवाद की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।

    🔴 बड़ी बातें (Big Highlights)

    ⚠️ एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
    ⚠️ 16 वर्षीय किशोर पर हत्या का आरोप
    ⚠️ बड़े भाई, भाभी और 3 साल के मासूम की गई जान
    ⚠️ तड़के 3 बजे हुई वारदात से गांव में दहशत
    ⚠️ छत के कमरे से हिरासत में लिया गया आरोपी
    ⚠️ दुकान विवाद की एंगल से जांच
    ⚠️ पूरे क्षेत्र में शोक और चर्चा का माहौल

  • एम्स में नौकरी दिलाने के नाम पर 3.09 लाख की कथित ठगी

    एम्स में नौकरी दिलाने के नाम पर 3.09 लाख की कथित ठगी

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    खुद को एचआर अधिकारी बताने वाले युवक पर महिला सुपरवाइजर ने लगाया आरोप, कई अन्य लोगों से भी रकम वसूलने का दावा

    गोरखपुर। एम्स गोरखपुर में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। मोहद्दीपुर स्थित रिलायंस ट्रेंड्स में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत प्रतिमा शर्मा ने विपिन कुमार मिश्रा उर्फ नीरज मिश्रा नामक युवक पर खुद को एम्स का एचआर अधिकारी बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर 3 लाख 9 हजार रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस से मामले की जांच कर कार्रवाई और धनराशि की रिकवरी की मांग की है।

    शिकायत के अनुसार, 2 अप्रैल 2026 को रिलायंस ट्रेंड्स में कार्य के दौरान प्रतिमा शर्मा की मुलाकात एक युवक से हुई, जिसने स्वयं को एम्स गोरखपुर में एचआर पद पर कार्यरत बताया। आरोप है कि युवक ने बेहतर वेतन वाली नौकरी दिलाने का आश्वासन देते हुए दस्तावेज और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर धनराशि जमा कराने को कहा।

    पीड़िता का कहना है कि 6 अप्रैल को उसे एम्स परिसर बुलाकर दस्तावेज लिए गए तथा बाद में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और नियुक्ति प्रक्रिया के नाम पर अलग-अलग तिथियों में ऑनलाइन माध्यम से पैसे लिए गए। आरोप है कि युवक ने व्हाट्सएप पर कर्मचारी आईडी और ज्वाइनिंग से जुड़े संदेश भेजकर भरोसा कायम रखा।

    प्रतिमा शर्मा के अनुसार, उसने अपने कई परिचितों और सहकर्मियों को भी भर्ती प्रक्रिया की जानकारी दी, जिसके बाद उनसे भी धनराशि जमा कराई गई। शिकायत में दावा किया गया है कि विभिन्न बैंक खातों से कुल 3 लाख 9 हजार रुपये आरोपी के यूपीआई खाते में ट्रांसफर किए गए।

    जब निर्धारित तिथियों पर नियुक्ति पत्र और ज्वाइनिंग नहीं मिली तो पीड़िता ने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि इस पर युवक ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया तथा पुलिस में शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

    पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात और धमकी देने सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उच्चस्तरीय जांच कराने तथा ठगी गई धनराशि की शीघ्र रिकवरी कराने की मांग की है।

  • भरत तिवारी मुठभेड़ मामला: पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

    भरत तिवारी मुठभेड़ मामला: पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

    आरा/रोहतास ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    समाजसेवी युवक की मौत के बाद निष्पक्ष जांच की मांग तेज

    आरा/रोहतास/बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ के बाद हुई मौत को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। परिजनों और समर्थकों का आरोप है कि यह एक फर्जी मुठभेड़ का मामला है, जबकि पुलिस अपनी कार्रवाई को कानून सम्मत बता रही है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।

    कौन थे भरत तिवारी?

    परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार भरत भूषण तिवारी ने रोहतास से बीएससी की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की। बताया जाता है कि उन्होंने व्यक्तिगत जीवन से दूरी बनाते हुए सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और कई स्थानीय समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया।

    विस्थापन और जलजमाव के मुद्दे को उठा रहे थे।समर्थकों का कहना है कि बेलौटी क्षेत्र में गंगा कटान और विस्थापन से जुड़े मुद्दों को लेकर भरत तिवारी लगातार आवाज उठा रहे थे। उनका आरोप है कि प्रभावित लोगों को पर्याप्त राहत और स्थायी समाधान नहीं मिल रहा था। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने कई बार स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात भी की थी।

    हथियार के साथ वीडियो के बाद बढ़ा विवाद

    पुलिस के अनुसार भरत तिवारी हथियार के साथ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहे थे। वहीं समर्थकों का दावा है कि वह प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए ऐसा कर रहे थे और उनकी मुख्य मांग विस्थापित लोगों की समस्याओं का समाधान था।

     

    मुठभेड़ और मौत पर सवाल

    परिजनों और समर्थकों का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान भरत तिवारी को गोली लगी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

    अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि गोली पैर में लगी थी, तो मौत किन परिस्थितियों में हुई? क्या उन्हें समय पर और पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई? घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ? इन सवालों के जवाब अब जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे।

    पुलिस के पहले बयान पर भी चर्चा

    घटना से एक दिन पहले जारी पुलिस प्रेस विज्ञप्ति में संबंधित व्यक्ति को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया गया था। ऐसे में अब यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि पुलिस स्वयं उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ मान रही थी, तो उसके साथ किस प्रकार की कार्रवाई की गई और क्या सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया?

    निष्पक्ष जांच की मांग

    मृतक के परिजनों, स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की न्यायिक अथवा स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल दस्तावेज और मुठभेड़ से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

    जनता की नजर जांच पर

    फिलहाल यह मामला भोजपुर और आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन और आक्रोश की खबरें भी सामने आ रही हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाता है।

    Highlight Points:

    🔥 समाजसेवी की संदिग्ध मौत!

    🔥 पैर में गोली, मौत का राज क्या?

    🔥 कल ‘मानसिक बीमार’, आज मौत!

    🔥 भरत तिवारी केस में नया मोड़

    🔥 क्या यह फर्जी एनकाउंटर था?

    🔥 परिजनों का बड़ा आरोप

    🔥 सवालों के घेरे में बिहार पुलिस

    🔥 सच छुपाया जा रहा है?

    🔥 मौत पर मचा सियासी घमासान

    🔥 जवाब मांगेगा बिहार!

  • रिश्तों का कत्ल: बेटे ने सोते पिता को कुल्हाड़ी से काटकर की हत्या, गिरफ्तार

    रिश्तों का कत्ल: बेटे ने सोते पिता को कुल्हाड़ी से काटकर की हत्या, गिरफ्तार

    सूर्य प्रकाश ओझा गोरखपुर, निष्पक्ष टुडे :-

    गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र में सनसनीखेज वारदात, हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद

    गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक बेटे ने अपने ही पिता की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है।

    गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद टोला नौका में एक बेटे ने अपने पिता की निर्मम हत्या कर दी। आरोपी की पहचान गोलू कन्नौजिया के रूप में हुई है, जिसने अपने पिता ब्रम्हदेव कन्नौजिया पर कुल्हाड़ी से हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। परिजनों की तहरीर के आधार पर थाना गुलरिहा में मुकदमा संख्या 481/26 दर्ज किया गया।

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराधियों की धरपकड़ अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक जे.पी. पाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। लगातार दबिश के बाद पुलिस ने आरोपी गोलू कन्नौजिया को गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई है। पुलिस अब मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

    महत्वपूर्ण बिंदु (Highlights)

    🔴 बेटे ने पिता की कुल्हाड़ी से हत्या की
    🔴 घटना गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद टोला नौका की
    🔴 आरोपी गोलू कन्नौजिया गिरफ्तार
    🔴 मृतक की पहचान ब्रम्हदेव कन्नौजिया के रूप में
    🔴 पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद की
    🔴 बीएनएस की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज
    🔴 मामले की सभी पहलुओं से जांच जारी

  • जुबली कॉम्प्लेक्स में शटर तोड़कर 1.75 लाख रुपये की चोरी, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात

    जुबली कॉम्प्लेक्स में शटर तोड़कर 1.75 लाख रुपये की चोरी, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    कोतवाली क्षेत्र की घटना से व्यापारियों में आक्रोश, पुलिस जांच में जुटी

    गोरखपुर, संवाददाता। कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित जुबली कॉम्प्लेक्स में बीती रात चोरों ने एक दुकान का शटर तोड़कर करीब 1.75 लाख रुपये की नकदी चोरी कर ली। चोरी की यह पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, जुबली कॉम्प्लेक्स में स्थित एक्सपेयर इंडिया नामक दुकान के संचालक अमीरुल्लाह अंसारी ने बताया कि दुकान बंद करते समय उन्होंने एक व्यापारी को भुगतान करने के लिए 1 लाख 60 हजार रुपये नगद दुकान में रखे थे। इसके अलावा दिनभर की बिक्री के करीब 15 हजार रुपये भी दुकान में मौजूद थे।

    बताया जा रहा है कि देर रात अज्ञात चोरों ने दुकान का शटर तोड़कर अंदर प्रवेश किया और दुकान में रखी कुल करीब 1 लाख 75 हजार रुपये की नकदी लेकर फरार हो गए।
    सुबह जब दुकान मालिक दुकान खोलने पहुंचे तो शटर टूटा हुआ मिला और दुकान के अंदर रखी नकदी गायब थी। इसके बाद उन्होंने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए जांच शुरू कर दी।

    दुकान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में चोरी की वारदात कैद होने की बात सामने आई है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है।

    इस घटना के बाद क्षेत्र के व्यापारियों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी तथा चोरी गई रकम की बरामदगी की मांग की है।

  • गोरखपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: करोड़ों के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

    गोरखपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: करोड़ों के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

    गोरखपुर,ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    गोरखपुर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।

    पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी दस्तावेजों के जरिए मर्चेंट क्यूआर कोड तैयार कर साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में मदद करते थे।

    पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी कोतवाली के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में साइबर कमांडो उपनिरीक्षक उपेंद्र सिंह, जनपदीय एंटी थेफ्ट टीम और कोतवाली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए संकेत राय, तौहीद आलम उर्फ गोलू तथा राज सिंह को गिरफ्तार किया।

    पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 मोबाइल फोन, 5 सिम कार्ड, 40 गत्तों में रखे 1308 साउंड पॉड तथा 2 गत्तों में 866 क्यूआर स्कैनर बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों की मदद से Google Pay, BharatPe, Mobikwik समेत अन्य कंपनियों के मर्चेंट क्यूआर कोड तैयार करते थे। इन क्यूआर कोड का इस्तेमाल साइबर ठगी से अर्जित धनराशि के लेन-देन और निकासी के लिए किया जाता था।

    बरामद मोबाइल फोन की जांच में बड़ी संख्या में फर्जी पैन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। इन दस्तावेजों से जुड़े कई मामलों में देश के विभिन्न राज्यों और जिलों में ऑनलाइन साइबर शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, जांच में मिले बैंक खातों में करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड से संबंधित लेन-देन के संकेत मिले हैं।

    पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे साइबर अपराधियों के लिए लोगों को बहला-फुसलाकर उनके नाम पर म्यूल बैंक खाते खुलवाते थे। बाद में फर्जी पैन कार्ड और वोटर आईडी बनाकर इन खातों को Google Pay और BharatPe जैसे प्लेटफॉर्म पर मर्चेंट के रूप में पंजीकृत कराया जाता था। इसके बाद इन खातों से मर्चेंट क्यूआर कोड और साउंड पॉड जोड़ दिए जाते थे, जिससे खातों में रोजाना अधिक लेन-देन दिखाया जा सके और साइबर ठगी की शिकायत होने पर भी ऐसे खाते तत्काल फ्रीज न हो सकें।

    गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर कोतवाली थाने में बीएनएस की संबंधित धाराओं एवं आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में फैले साइबर ठगी गिरोहों से जुड़ा हो सकता है और जांच में आगे और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।

    प्रमुख बरामदगी:-

    • 13 मोबाइल फोन

    • 5 सिम कार्ड

    • 1308 साउंड पॉड

    • 866 क्यूआर स्कैनर

    • फर्जी पैन कार्ड, आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेज

    “मामले की गहन जांच की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।”
    निमिष पाटिल, पुलिस अधीक्षक नगर, गोरखपुर

  • गोरखपुर में तोता तस्करी का भंडाफोड़, STF और वन विभाग की बड़ी कार्रवाई

    गोरखपुर में तोता तस्करी का भंडाफोड़, STF और वन विभाग की बड़ी कार्रवाई

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    100 तोतों के साथ तस्कर गिरफ्तार, विशेष स्कॉटी भी जब्त

    गोरखपुर। वन्यजीव तस्करी के खिलाफ गोरखपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनऊ एसटीएफ और वन विभाग की संयुक्त टीम ने 100 तोतों के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान तस्करी में इस्तेमाल की जा रही विशेष स्कॉटी को भी जब्त किया गया।

     

    जानकारी के अनुसार डीएफओ के मार्गदर्शन और एसडीओ के निर्देश पर तिलकोनिया रेंज की टीम ने एसटीएफ लखनऊ यूनिट के साथ मिलकर नंदानगर क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान संदिग्ध स्कॉटी की जांच करने पर उसमें बड़ी संख्या में तोते बरामद हुए।

    महत्वपूर्ण बिंदु:

    – STF लखनऊ और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई
    – नंदानगर क्षेत्र से 100 तोते बरामद
    – एक तस्कर गिरफ्तार, स्कूटी जब्त
    – तिलकोनिया रेंज की टीम ने की कार्रवाई
    – वन्यजीव तस्करी रोकने के लिए अभियान तेज
    – वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों की तस्करी करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान चलाया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

  • पति के जेल जाने का उठाया फायदा, जीजा पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने का आरोप

    पति के जेल जाने का उठाया फायदा, जीजा पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने का आरोप

    दहेज में एक लाख रुपये और बाइक की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को मारपीट कर घर से निकाला।

    संवाददाता – एस.पी. सिंह

    सहजनवा, (गोरखपुर)।

    सहजनवा थाना क्षेत्र के हड़हा सोनबरसा गांव की एक विवाहिता ने अपने ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न और मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का आरोप है कि पति के जेल में होने का फायदा उठाते हुए उसका जीजा उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बना रहा था। विरोध करने पर उसे प्रताड़ित किया गया और अंततः मारपीट कर घर से निकाल दिया गया।

    पीड़िता द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार उसका विवाह 19 जून 2024 को हुआ था। शादी के करीब एक माह बाद वह गर्भवती हो गई। इसी दौरान उसका पति एक मामले में जेल चला गया। पति के जेल जाने के बाद ससुराल पक्ष का व्यवहार बदल गया और उसे कम दहेज लाने का ताना देकर प्रताड़ित किया जाने लगा।

    महिला का आरोप है कि ससुराल वाले दहेज में एक लाख रुपये नकद और बाइक की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। इसी बीच पति दूसरी बार जेल चला गया, जिसके बाद उसका जीजा उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाने लगा। विरोध करने पर ससुराल पक्ष ने उसके साथ मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया।

    वर्तमान में पीड़िता अपने मायके में रह रही है। उसने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सहजनवा थाने में तहरीर दी है।

    इस संबंध में पुलिस ने बताया कि मामले में तहरीर प्राप्त हुई है। दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया है और मामले की जांच की जा रही।

  • दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को प्रताड़ित करने का आरोप, जान से मारने की कोशिश का भी दावा

    दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को प्रताड़ित करने का आरोप, जान से मारने की कोशिश का भी दावा

    पति, ससुराल पक्ष और जेठानी पर गंभीर आरोप, पीड़िता ने एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार।

    संवाददाता – एस.पी. सिंह

    सहजनवा, (गोरखपुर)।

    सहजनवा थाना क्षेत्र के धर्मदासपट्टी गांव निवासी एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट, मानसिक प्रताड़ना तथा जान से मारने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार धर्मदासपट्टी निवासी रागिनी यादव पुत्री रोकेश यादव का विवाह 11 मई 2025 को बनौली गांव निवासी युवक के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। पीड़िता का आरोप है कि विवाह में मायके पक्ष द्वारा नकदी, जेवरात और घरेलू सामान देने के बावजूद ससुराल वाले संतुष्ट नहीं थे। शादी के कुछ दिनों बाद से ही अतिरिक्त दहेज में स्कॉर्पियो वाहन और 10 लाख रुपये की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा।

    पीड़िता ने आरोप लगाया कि मांग पूरी न होने पर उसके साथ लगातार मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया गया। इतना ही नहीं, 12 सितंबर 2025 को पति और ससुराल पक्ष के लोगों ने कथित रूप से उसकी हत्या करने की नीयत से उसे फांसी पर लटकाने का प्रयास किया, लेकिन किसी तरह उसकी जान बच गई।

    महिला ने अपने देवर पर छेड़छाड़ करने और पति पर अवैध संबंध रखने का भी आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि विरोध करने पर उसे प्रताड़ित किया जाता था। आरोप है कि ससुराल पक्ष पति का विवाह उसकी जेठानी से कराना चाहता था जिसका विरोध करने पर उसे घर से निकाल दिया गया।

    पीड़िता ने अपने प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि गर्भवती होने के दौरान उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसका गर्भपात हो गया। वर्तमान में वह अपने मायके में रह रही है और न्याय की मांग कर रही है।

    महिला ने पति, सास, ससुर, देवर, जेठानी समेत अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।