Category: जुर्म

  • साहस, तकनीक और जिद से चोर के घर पहुंची अंकिता -अस्सी घाट वाराणसी –

    साहस, तकनीक और जिद से चोर के घर पहुंची अंकिता -अस्सी घाट वाराणसी –

    वाराणसी ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंकिता ने सिस्टम को दिखाया आईना,

    अस्सी घाट पर मोबाइल चोर गिरोह बेनकाब।

    रात में पुलिस ने निभाई औपचारिकता, सुबह 20 महंगे मोबाइल बरामद अस्सी घाट से छीना गया दो लाख का आई फोन

    काशी की पहचान सिर्फ आध्यात्मिक नगरी की नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र की भी है। लेकिन नववर्ष और छुट्टियों के बीच अस्सी घाट पर जो हुआ, उसने पर्यटन सुरक्षा और पुलिसिंग के दावों की परतें खोल कर रख दीं। मोबाइल चोरों के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किसी स्पेशल पुलिस ऑपरेशन से नहीं, बल्कि एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर पर्यटक अंकिता गुप्ता नामक युवती के साहस, तकनीकी दक्षता और अडिग संकल्प से हुआ।

    मुंबई के घाटकोपर निवासी उमेश गुप्ता की पुत्री अंकिता गुप्ता, जो पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, बनारस भ्रमण पर आई थीं। सोमवार की सायंकाल अस्सी घाट की भीड़ में एक उचक्का उनका करीब दो लाख रुपये कीमत का आई फोन छीनकर फरार हो गया। यह वही समय था जब घाटों पर पर्यटकों की संख्या चरम पर थी और सुरक्षा व्यवस्था कागजों तक सीमित नजर आ रही थी।

         रपट दर्ज, कार्रवाई ठप

    घटना के तुरंत बाद अंकिता ने भेलूपुर थाने को सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली, लेकिन इसके बाद जांच की रफ्तार वहीं थम गई। पीड़िता ने मोबाइल का बिल, दस्तावेज, ईएमआई नंबर और अन्य जरूरी जानकारी पुलिस को सौंप दी, बावजूद इसके पुलिस ने न तो लोकेशन ट्रेस की और न ही संदिग्ध इलाके में तलाशी ली। यह स्थिति तब है, जब प्रदेश सरकार पुलिस को अत्याधुनिक तकनीक और संसाधन उपलब्ध कराने के दावे करती है।

     

    जब पुलिस पीछे हटी, तब पीड़िता आगे बढ़ी

    पुलिस की उदासीनता से निराश होकर अंकिता ने खुद मोर्चा संभाला। सॉफ्टवेयर इंजीनियर होने के नाते उन्होंने मोबाइल के ईएमआई नंबर को एक एप के जरिए ट्रेस किया। मोबाइल की लोकेशन लगातार एक ही स्थान पर दिखाई देती रही। रात करीब दो बजे अंकिता खुद उस लोकेशन पर पहुंच गईं और अकेले ही वहीं डटी रहीं। पत्रकार सुरेश गांधी के हस्तक्षेप के बाद पुलिस काफी देर से मौके पर पहुंची, लेकिन न तो कमरे की तलाशी ली गई और न ही संदिग्ध को दबोचने का प्रयास किया गया। औपचारिकता पूरी कर पुलिस ने वही पुराना आश्वासन दिया और लौट गई।

    सुबह बदला घटनाक्रम

    मोबाइल की लोकेशन रातभर जस की तस बनी रही। मंगलवार सुबह करीब पांच बजे अंकिता दोबारा उसी जगह पहुंचीं। इस बार आसपास के लोग भी जुट गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि संदिग्ध युवक चांदपुर चौराहा, जीटी रोड स्थित मकान मालिक राजेंद्र पटेल के यहां किराये पर रहता है।

    https://www.instagram.com/reel/DS7XWDakS1U/?igsh=ZzFpZW02YzNiNGNj

    जब मकान मालिक ने कमरे का ताला खुलवाया तो चोर फरार हो चुका था, लेकिन कमरे के अंदर का दृश्य चौंकाने वाला था, वहां 15 से 20 महंगे मोबाइल फोन पड़े थे। अंकिता ने मौके पर ही अपने आई फोन की पहचान कर ली।

    पुलिस को दोबारा बुलाना पड़ा

    पत्रकार सुरेश गांधी की सूचना पर पुलिस एक बार फिर मौके पर पहुंची और सभी मोबाइल फोन को कब्जे में लिया। सवाल यह है कि यदि रात में ही गंभीरता दिखाई जाती, तो आरोपी की गिरफ्तारी के साथ पूरे नेटवर्क का खुलासा उसी समय हो सकता था।

    लंबे समय से सक्रिय था गिरोह

    स्थानीय लोगों के अनुसार अस्सी घाट, दशाश्वमेध और आसपास के इलाकों में मोबाइल चोरी की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। रोजाना 4 से 6 मोबाइल चोरी की चर्चा आम है, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से चोरों के हौसले बुलंद थे। इस घटना ने साफ कर दिया कि यह कोई छुटपुट वारदात नहीं, बल्कि संगठित गिरोह का काम है।

    पत्रकार संगठन ने उठाए सवाल

    काशी पत्रकार संघ के महामंत्री जितेंद्र श्रीवास्तव ने पुलिस की भूमिका पर तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि जब पीड़ित सटीक लोकेशन और तकनीकी साक्ष्य उपलब्ध कराए, तब भी कार्रवाई न होना बेहद गंभीर विषय है। ऐसी पुलिसिंग से अपराधियों का मनोबल बढ़ता है और आम नागरिक का भरोसा टूटता है।

    पुलिस का वर्जन

    पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल फोन को कब्जे में ले लिया गया है। फरार आरोपी की तलाश की जा रही है और मामले में विधिक कार्रवाई की जाएगी। बरामद मोबाइलों के आधार पर अन्य पीड़ितों की पहचान भी की जाएगी।

    जब सिस्टम सुस्त हो तो कैसे रुके अपराध

    यह घटना सिर्फ एक मोबाइल चोरी की कहानी नहीं है, बल्कि यह बताती है कि जब सिस्टम सुस्त हो जाता है, तब एक जागरूक, शिक्षित और साहसी नागरिक किस तरह पूरे गिरोह की परतें खोल सकता है।

    अस्सी घाट जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल पर यदि पर्यटकों को खुद सुरक्षा की लड़ाई लड़नी पड़े, तो यह प्रशासन के लिए चेतावनी नहीं, बल्कि चुनौती है। फिरहाल, काशी की छवि तभी सुरक्षित रहेगी, जब कानून अपराधियों से तेज और पीड़ितों के साथ खड़ा नजर आएं.

  • ओडिशा/नक्सल विरोधी बड़ा अभियान

    ओडिशा/नक्सल विरोधी बड़ा अभियान

    नेशनल डेस्क निष्पक्ष टुडे :-

    मारा गया एक करोड़ से अधिक का इनामी नक्सली कमांडर गणेश उईके

    ओडिशा के स्पेशल फोर्स SOG, CRPF, BSF की संयुक्त टीम ने किया ढेर।

    कंधमाल और गंजम जिले से लगे राम्पा के जंगल में एनकाउंटर  2 महिला समेत 4 नक्सलियों के शव बरामद मौके से कई हथियार भी बरामद

  • सामने वाली जान मारे ली ,प्रेम,साज़िश और मौत।;

    सामने वाली जान मारे ली ,प्रेम,साज़िश और मौत।;

    गोंडा ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    ये गोण्डा की सोनल सिंह है,
    ये अपने घर के सामाने रहने वाले इंजी. अभिषेक श्रीवास्तव को अपने प्रेम जाल में फसा कर ऐंठी  लाखो रुपया 👇
    गोंडा में 25 साल के इंजीनियर अभिषेक श्रीवास्तव ने सुसाइड किया। अभिषेक के मामले में जो कुछ निकलकर सामने आया वह बहुत हैरान करने वाला है। असल में अभिषेक घर के सामने रहने वाली शादीशुदा महिला से प्यार कर बैठे थे, लेकिन महिला प्यार का नाटक कर रही थी। असल में उसकी प्रॉपर्टी पर थी। पहले अकेले ही इस खेल में शामिल थी।

    जब उसके पति को इस बात का पता चला तो वह भी इस नाटक में शामिल हो गया। फिर दोनों उससे पैसे ऐंठने लगे। 6 महीने में 7 लाख रुपए ऐंठे। इसमें 2 लाख की शॉपिंग और 5 लाख रुपए कैश शामिल है। धीरे-धीरे अभिषेक नाटक को समझ गया और दूरी बना ली।

    इसके बाद प्रेमिका उस पर बातचीत का दबाव बनाने लगी। वह नहीं माना तो तो झूठा केस दर्ज करा दिया। आरोप लगाया कि इंजीनियर ने उसके अश्लील फोटो को खींच लिए हैं। ब्लैकमेल कर रहा है। पुलिस ने इंजीनियर को अरेस्ट कर जेल भेज दिया।

    जेल से छूटा तो केस खत्म करवाने के लिए महिला और उसका पति 10 लाख रुपए मांगने लगे। शर्त रखी कि जिंदगी में जब भी उन्हें पैसे की जरूरत होगी, इंजीनियर को देने होंगे। फिर चाहे प्रॉपर्टी बेचनी पड़े या एफडी तोड़नी पड़े। इससे अभिषेक टूट गया। सारे सबूत इकट्‌ठा किए। गुरुवार शाम कमरे में वॉट्सऐप चैट और वीडियो कॉल के 35 प्रिंटआउट लगाए और फंदे से लटककर जान दे दी।

    पुलिस ने सोनल सिंह और उसके पति अजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है।

  • फाइनेंस कंपनी के सेल्स मैनेजर पर महिलाओं से जालसाजी का आरोप, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज

    फाइनेंस कंपनी के सेल्स मैनेजर पर महिलाओं से जालसाजी का आरोप, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज

    संवाददाता– एस.पी. सिंह

    सहजनवा, (गोरखपुर)।

    सहजनवा स्थित एक फाइनेंस कंपनी की शाखा में तैनात सेल्स मैनेजर द्वारा समूह से जुड़ी महिलाओं के साथ जालसाजी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सेल्स मैनेजर महिलाओं से धोखे से ओटीपी प्राप्त कर उनके खातों से रकम हड़प लेता था। मामले में फाइनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक द्वारा न्यायालय की शरण लेने के बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

    मिली जानकारी के अनुसार, सहजनवा स्थित फाइनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक शिवम पाठक पुत्र अवधेश पाठक ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि कंपनी में सेल्स मैनेजर के पद पर तैनात शिवम यादव निवासी घूरहवा, जिला फैजाबाद ने समूह की महिलाओं के साथ धोखाधड़ी की। कंपनी द्वारा महिलाओं को लोन उपलब्ध कराया जाता था, इसी दौरान आरोपी ने संगीता, संध्या, अरुणा, निशा, सुमन देवी, रेनू, ओम सती, पिंकी, सरिता सहित कई महिलाओं के बैंक खाते बैंक ऑफ महाराष्ट्र एवं एयरटेल बैंक में खुलवाए।

    आरोप है कि आरोपी ने महिलाओं से धोखे से ओटीपी हासिल कर उनके पासबुक और खातों के माध्यम से रकम निकाल ली। जब कंपनी को इस अनियमितता की जानकारी हुई तो आंतरिक जांच कराई गई, जिसमें जालसाजी का मामला सामने आया। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने फर्जी नाम और पते के आधार पर कंपनी में नौकरी हासिल की थी।

    पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी का वास्तविक नाम दयानंद यादव पुत्र राम प्रसाद निवासी निबरहर, थाना सहजनवा है। कंपनी के अधिकारी जब उसके पते पर पहुंचे तो वह फरार मिला। इसके बाद शाखा प्रबंधक ने न्यायालय में मामला दर्ज कराने के लिए आवेदन किया।

    कोर्ट के आदेश पर सहजनवा पुलिस ने आरोपी दयानंद यादव के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

  • कूटरचित दस्तावेजों से बैंक धोखाधड़ी करने वाली महिला गिरफ्तार

    कूटरचित दस्तावेजों से बैंक धोखाधड़ी करने वाली महिला गिरफ्तार

    ब्यूरो प्रभारी-वेद प्रकाश यादव

    गोला बाजार। गोला फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र के सहारे लोन माफ कराने और बीमा की रकम हड़पने के संगठित षड्यंत्र में शामिल आरोपियों पर गोला पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में पुलिस ने इस मामले में फरार चल रही एक महिला अभियुक्ता को मंगलवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इससे पहले इस बहुचर्चित घोटाले में पांच पूर्व बैंक कर्मियों और चार महिलाओं को पुलिस जेल भेज चुकी है। सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 व 120बी भादंसं के तहत मुकदमा पंजीकृत है।
    पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्ता की पहचान रोजी पत्नी आजाद, निवासी भटौली बाजार थाना बाँसगाँव, हाल निवासी कस्बा गोला स्थित बड़ी मस्जिद के पास के रूप में हुई है। अभियुक्ता लंबे समय से फरार चल रही थी, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई थी।
    ——–
    फर्जी मौत दिखाकर लोन और बीमा की रकम हड़पी……
    पुलिस के मुताबिक अभियुक्ता ने बैंक से लोन लेने के बाद कूटरचित मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया। इसके जरिए न केवल लोन की किस्तें जमा नहीं की गईं, बल्कि पहले से जमा रकम को भी धोखाधड़ी कर ‘डेथ पे अमाउंट’ के रूप में बैंक से निकलवा लिया गया। बैंक की तहरीर पर थाना गोला में इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था।
    ———
    क्या था पूरा मामला…..
    मामले की शुरुआत 28 अक्तूबर 2023 को हुई, जब भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड इंडसइंड बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक दिनेश कुमार ने बैंक के 11 सेंटरों से लोन लेने वाली 19 महिला सदस्यों के मृत्यु प्रमाणपत्रों पर संदेह जताते हुए गोला थाने में मुकदमा दर्ज कराया। शुरुआती जांच में पूर्व शाखा प्रबंधक बृजेश कुमार सरोज और उनके पिता रामबली को मुख्य आरोपित बनाया गया था।
    आरोप था कि बृजेश कुमार ने अन्य बैंक कर्मियों के साथ मिलकर समूह की महिला सदस्यों के पतियों को मृत दिखाया, जिससे न सिर्फ लोन माफ कराया गया बल्कि बीमा की रकम भी साजिशन हड़प ली गई। इस पूरे फर्जीवाड़े में करीब 6.44 लाख रुपये की धोखाधड़ी सामने आई थी।
    ———-
    विवेचना में उठे सवाल, फिर हुआ खुलासा….
    मामले की विवेचना के दौरान एसआई चंदन राय के स्थानांतरण के बाद जांच एसआई अजय कुमार को सौंपी गई। आरोप है कि विवेचना के दौरान उन्होंने मुख्य अभियुक्त पूर्व शाखा प्रबंधक का नाम केस से हटा दिया और केवल समूह की महिलाओं को आरोपी बना दिया। इसके बाद तीसरे विवेचक एसआई देवेंद्र सिंह यादव ने चार महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा। जब यह मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया तो पूरी विवेचना पर सवाल खड़े हो गए। बैंक कर्मियों को बचाने के आरोप सामने आने के बाद निवर्तमान एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने गोला थानेदार को स्वयं विवेचना सौंपी। नए सिरे से जांच में पूर्व शाखा प्रबंधक सहित अन्य बैंक कर्मियों की भूमिका स्पष्ट हुई, जिसके बाद गोला पुलिस ने पांच बैंक कर्मियों को गिरफ्तार कर पूरे घोटाले का पर्दाफाश किया।

  • समूह लोन प्रकरण में वांछित एक और आरोपी गिरफ्तार

             बयूरो प्रभारी-वेद प्रकाश यादव

    गोला बाजार।गोला कस्बा स्थित इंडसइंड बैंक में अपने पतियों का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र लगाकर बीमा राशि हड़पने वाले चर्चित समूह लोन प्रकरण में वांछित एक और आरोपित को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपित की पहचान रोजी पत्नी आजाद, निवासी भटौली बाजार, थाना बांसगांव, हालमुकाम कस्बा गोला बड़ी मस्जिद गोरखपुर के रुप में हुई है। उसके विरुद्ध धारा 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत मुकदमा दर्ज था तथा उसके विरुद्ध एनबीडब्लू की कार्यवाही कर पुलिस द्वारा दबिश दी जा रही थी।
    वर्ष 2023 में बैंक की शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक दिनेश कुमार ने पूर्व शाखा प्रबंधक बृजेश कुमार सरोज सहित अन्य पर लोन लेने वाली महिलाओं के पतियों का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र लगाकर बीमा राशि हड़पने सहित विभिन्न तरह के आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उस दौरान जांच कर रहे आईओ अजय कुमार ने आरोपित बैंक प्रबंधक का नाम ही मुकदमें से निकाल दिया और महिलाओं को आरोपित बना दिया। जांच आगे बढी तो नए आईओ ने चार महिलाओं मोती पत्नी गौरीशंकर, आयशा पत्नी इस्लाम, साधना मौर्या पत्नी विनय मौर्या व राजकुमारी देवी पत्नी नीरज जायसवाल को जेल भेज दिया। उसके पश्चात पुनः आईओ बदल दिए गए और थानाध्यक्ष गोला को मामले का आईओ बना दिया गया। बीते पांच अप्रैल को पुलिस ने अभय तिवारी, आशुतोष दूबे, संजय गिरि, जय कुमार व वारिश अंसारी, 26 जून को अरुण पुत्र सुबाष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और मालती देवी पत्नी खुशहाल, रेखा पत्नी बबलू सोनकर, गौतम कुमार श्रीवास्तव पुत्र धर्मेंद्र लाल, गोपाल सिंह पुत्र नागेंद्र सिंह, अरुण कुमार पुत्र सुभाष प्रसाद, शाखा प्रबंधक बृजेश कुमार सरोज, संगम गौड़ पुत्र राजेंद्र गौड़, कृष्ण कुमार शर्मा पुत्र अज्ञात, शबनम खातुन पत्नी अलाउद्दीन आदि को फरार घोषित किया था। फरार चल रहे इन आरोपियों पर पुलिस ने एनबीडब्लू की कार्यवाही कर गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। इससे पहले बिसरा निवासी मालती पत्नी खुशहाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस संबंध में थानाध्यक्ष राहुल शुक्ल ने कहा कि अभी भी एक आरोपित पुलिस की पकड़ से दूर है। उसके भी गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। मुख्य आरोपित बैंक प्रबंधक हाईकोर्ट से स्टे लिया हुआ है।

  • दरवाजे पर पेशाब को लेकर दो पट्टीदारो मे मारपीट : गोला थाना मे दोनो पक्षों पर मुकदमा दर्ज, पुलिस जाच मे जुटी

    दरवाजे पर पेशाब को लेकर दो पट्टीदारो मे मारपीट : गोला थाना मे दोनो पक्षों पर मुकदमा दर्ज, पुलिस जाच मे जुटी

           ब्यूरो प्रभारी-वेद प्रकाश यादव

    गोला बाजार। गोला थाना क्षेत्र के चौकड़ी गाँव में दरवाजे पर पेशाब करने को लेकर दो पट्टीदारो के बीच विवाद हो गया। यह विवाद मारपीट मे बदल गया। घटना 14 दिसंबर की शाम करीब 5 बजे की है। गोला पुलिस ने दोनो पक्षो की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
    पहले पक्ष की ओर से राजेंद्र यादव की पत्नी बेबी यादव ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा नीरज यादव मानसिक रुप से अस्वस्थ है। 14 दिसंबर की शाम उसने अपनी जेठानी राजकुमारी (शिवशंकर की पत्नी) के दरवाजे के पास पेशाब कर दिया।इस पर राजकुमारी ने गाली-गलौज शुरु कर दी। जब बेबी ने गाली देने से मना किया तो विवाद बढ़ गया। बेबी का आरोप है कि राजकुमारी, प्रतीक दुबे (बबलू दुबे का बेटा)और राज यादव (शिवशंकर का बेटा)ने लाठी-डंडो और लात-घुंसो से उनके साथ मारपीट की।बीच-बचाव करने आए उनके पति राजेंद्र यादव तथा बेटों धीरज यादव और सिर फट गए।
    दूसरे पक्ष से शिवशंकर की पत्नी राजकुमारी ने अपनी शिकायत मे आरोप लगाया कि नीरज यादव को उनके घर के पास पेशाब करने से मना करने पर राजेंद्र यादव, उनकी पत्नी बेबी, और बेटे धीरज और नीरज यादव नाराज हो गये। उन्होने उनके घर मे घुसकर ईटों और लात-घुंसों से मारपीट की। इस मामले मे राजकुमारी को गंभीर चोटें आई। शोर सुनकर बीच-बचाव करने आए उनके बेटे किशन को भी पीटकर घायल कर दिया गया।

    थाना प्रभारी राहुल कुमार शुक्ला ने बताया कि दोनो पक्षों की शिकायत प्राप्त हुई है।मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।शिकायतो के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस)2023 की धारा 151(2), 352, 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मेडिकल रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • NRI बहन ने गिरफ्तार कराया फर्जी MBBS भाई

    NRI बहन ने गिरफ्तार कराया फर्जी MBBS भाई

    यूपी ललितपुर-(ब्यूरो)

    जीजा की MBBS की डिग्री पर साला बना हृदय रोग विशेषज्ञ,यूपी के ललितपुर मेडिकल कॉलेज में था पोस्टेड, अमेरिका में बैठी इसी आरोपी की बहन की शिकायत पर ही हुई कार्रवाई,अब आरोपी अभिनव सिंह को भेजा जा रहा है जेल।

  • इस विषकन्या महिला सिपाही के नौ अय्याश प्रभारियों से रहे संबंध.

    इस विषकन्या महिला सिपाही के नौ अय्याश प्रभारियों से रहे संबंध.

    लखनऊ

    जालौन में तैनात महिला सिपाही मिनाक्षी शर्मा के मृत अय्याश इस्पेक्टर राय से जुड़े चौंकाने वाले तथ्य 3 दिनों में उसके द्वारा 109 बार कॉल किए जाने के मिले है रिकॉर्ड, अधिकांश वीडियो कॉल इस्पेक्टर राय के साथ थे!
    पूछताछ में मीनाक्षी शर्मा ने स्वीकार किया है कि उसके करीब 9 थाना प्रभारियों से संबंध रहे हैं…..इनमें दरोगा, इंस्पेक्टर के अलावा एक पूर्व राजपत्रित अधिकारी अर्थात PPS शामिल है,।

     

    पूर्व में कई पुलिसकर्मी उसे सोना (गोल्ड) और मोबाइल गिफ्ट कर चुके हैं..मिनाक्षी ने बरेली में एक सिपाही को बलात्कार के केस में जेल भिजवाया, बीते 5 वर्षों में ट्रेनिंग से लेकर पीलीभीत और फिर जालौन की तैनाती में लगभग 11 सिम बदली हैं फिलहाल 4 सिम बरामद हुई हैं! उ.प्र पुलिस में इस तरह के बढ़ते मामले सोचनीय है! अगर खुद ही पुलिस वाले हनी ट्रैप का शिकार होंगे।

    तो पब्लिक को इन विष कन्याओं और अय्याशबाज़ दरोगाओं / सिपाहियों / अधिकारिओं से कौन बचाएगा ??

    सूत्रों के अनुसार …

  • पॉवर स्टार पवन सिंह को जान से मारने की धमकी लौरेन्स विष्नोई गैंग द्वारा।

    पॉवर स्टार पवन सिंह को जान से मारने की धमकी लौरेन्स विष्नोई गैंग द्वारा।

    भोजपुरी इंडस्ट्री के पावर स्टार पवन सिंह को लॉरेंस बिश्नोई गैंग की तरफ से धमकी मिली है.जिसका स्क्रीनशॉट अब सामने आया है. धमकी बबलू नाम के व्यक्ति ने दी. उसने पवन सिंह के करीबी लोगों को धमकी भरा वॉट्सऐप मैसेज भेजा है. जिसमें लिखा है- ‘पवन सिंह को बोल देना मेरा फोन नहीं उठाता है, आज से उसकी उल्टा गिनती शुरू., लखनऊ में गोली मारेंगे.। दुनिया के किसी भी कोने में मिलेगा गोली मार देंगे.’

    बबलू ने पवन सिंह को बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के साथ काम न करने की चेतावनी दी.। पवन सिंह ने मुंबई में शिकायत दर्ज कराई है.