Category: जुर्म
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किशोरी पर चाकू से हमला: हत्या के प्रयास का केस दर्ज, हालत गंभीर
संवाददाता – एस.पी. सिंह
सहजनवा, (गोरखपुर)।
गीडा थाना क्षेत्र के नौसढ़ यदुवंशी कॉलोनी में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां घर में अकेली किशोरी पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। पुलिस ने पीड़िता की मां की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नौसढ़ यदुवंशी टोला निवासी निक्की चौहान (पत्नी स्व. राजू चौहान) सोमवार शाम करीब 6 बजे किसी निजी कार्य से बाजार गई थीं। घर पर उनकी 17 वर्षीय बेटी करीना चौहान अकेली थी। इसी दौरान बेलीपार थाना क्षेत्र के ककराखोर निवासी विक्की सिंह (पुत्र किन्ना सिंह) मौके का फायदा उठाकर घर में घुस आया।
आरोप है कि आरोपी ने किशोरी को अकेला पाकर उस पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और परिजन व आसपास के लोग तुरंत उसे उपचार के लिए अस्पताल ले गए।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता की मां की तहरीर पर आरोपी विक्की सिंह के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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वालीबाल खेल के दौरान विवाद: दो पक्षों में मारपीट, छह लोगों पर केस दर्ज
संवाददाता – एस.पी. सिंह
सहजनवा, (गोरखपुर)।
सहजनवा थाना क्षेत्र के सीहापार उत्तरी टोला में गुरुवार शाम वालीबाल खेल के दौरान हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मामूली कहासुनी के बाद दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसमें जमकर मारपीट हुई और कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर कुल छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीहापार उत्तरी टोला निवासी नीरज (पुत्र वृन्दावन) गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे तालाब के पास बैठकर गांव के कुछ लोगों को वालीबाल खेलते हुए देख रहा था। इसी दौरान खेल के बीच दो व्यक्तियों के बीच विवाद शुरू हो गया और मामला नीरज के पास तक पहुंच गया। नीरज द्वारा दूरी बनाए रखने की बात कहने पर आरोप है कि कुछ मनबढ़ युवकों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। इस मामले में पुलिस ने सुदर्शन और पाटिल के खिलाफ केस दर्ज किया है।
वहीं, दूसरे पक्ष के सुदर्शन साहनी (पुत्र बेचन् लाल) ने भी आरोप लगाया कि वह गांव के लड़कों के साथ वालीबाल खेल रहा था। इसी दौरान दो लोगों के बीच विवाद हो रहा था, जिसे शांत कराने के लिए उसने बीच-बचाव किया। आरोप है कि इस दौरान नीरज और उसके साथियों ने उस पर हमला कर दिया। साथ ही, उनके परिजन भी मौके पर पहुंच गए और गाली-गलौज करते हुए धारदार हथियार से धमकाने लगे।
सुदर्शन की तहरीर पर पुलिस ने नीरज, सूरज, इंद्रेश और चंदन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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संत कबीर नगर: OTP दिखाने के बावजूद महिला को नहीं मिला गैस सिलेंडर!”
संतकबीर नगर ब्यूरो ;-
दो दिनों तक एजेंसी के चक्कर काटती रही पीड़िता परमशीला देवी, कर्मचारियों ने OTP को बताया फर्जी — लापरवाही पर भड़के ग्रामीण, कार्रवाई की मांग तेज
संत कबीर नगर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला को गैस सिलेंडर लेने के लिए दो दिनों तक भटकना पड़ा…
हैरानी की बात ये है कि महिला के पास बुकिंग का OTP होने के बावजूद एजेंसी ने उसे फर्जी बताकर सिलेंडर देने से मना कर दिया…”
मामला बेलहर थाना क्षेत्र के जंगल दशहर टोला नटेलवा का है
जहां की रहने वाली परमशीला देवी पिछले दो दिनों से गैस सिलेंडर के लिए परेशान हैं…
वह घंटों लाइन में खड़ी रहीं, लेकिन उन्हें सिलेंडर नहीं मिला…बताया गया कि गैस खत्म हो चुकी है…
इसके बाद एक बार फिर वह सुबह से शाम तक एजेंसी के बाहर इंतजार करती रहीं…
इस दौरान उन्होंने अपने मोबाइल पर बुकिंग का OTP भी दिखाया…लेकिन एजेंसी कर्मचारियों ने उस OTP को फर्जी बताते हुए सिलेंडर देने से साफ इनकार कर दिया।
लगातार दो दिनों तक चक्कर काटने के बाद भी जब महिला को खाली हाथ लौटना पड़ा, तो ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया…
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एजेंसी की लापरवाही के चलते उपभोक्ताओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है…
वहीं, एजेंसी मालिक उमेश अग्रहरि भी इस पूरे मामले पर संतोषजनक जवाब नहीं दे सके ।
अब सवाल उठता है कि क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी… और क्या पीड़िता को न्याय मिल पाएगा…”
“फिलहाल इस मामले ने गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं…
देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है। -

हिस्ट्रीशीटर के आतंक से ग्रामीणों में आक्रोश, तहसील पर प्रदर्शन
असलहा सटाकर 1500 रुपये छीनने और मारपीट कर घायल करने का आरोप, सीओ गीडा से की शिकायत
संवाददाता – एस.पी. सिंह
सहजनवा, (गोरखपुर)।
हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के मझौरा गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर सुरेंद्र यादव उर्फ भक्कू के कथित आतंक से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। आरोपों से नाराज ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और मामले की शिकायत सीओ गीडा से की।
मझौरा निवासी नासिर अली पुत्र तौफीक अली ने आरोप लगाया कि गुरुवार शाम करीब 6 बजे वह पचौरी चौराहे से दवा लेकर घर लौट रहा था। रास्ते में मदरिया पुलिया पर बैठा ही था कि तभी हिस्ट्रीशीटर सुरेंद्र यादव उर्फ भक्कू अपने एक अज्ञात साथी के साथ वहां पहुंच गया। आरोप है कि उसने असलहा सटाकर नासिर अली की जेब में रखे 1500 रुपये छीन लिए और जबरन बाइक पर बैठाकर अपने एक रिश्तेदार के घर ले गया, जहां उसकी बेरहमी से पिटाई की गई।
वहीं मझौरा निवासी राम प्रताप पुत्र स्व. रामकिशन ने भी आरोप लगाया कि गुरुवार शाम करीब 4:40 बजे वह एक दाह-संस्कार से लौट रहा था। इसी दौरान चुनाव लड़ने को लेकर हुए विवाद में हिस्ट्रीशीटर ने उसके साथ मारपीट कर दी, जिससे वह घायल हो गया।
घटनाओं से आक्रोशित ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन कर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में राम प्रताप, शिव प्रसाद, नासिर, राजेंद्र, अजय, शिव कुमार और समसुनिशा सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
इस संबंध में हरपुर बुदहट पुलिस ने बताया कि मामले में तहरीर मिलने पर आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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पति की प्रताड़ना से तंग आकर विवाहिता ने खाया जहर, इलाज के दौरान मौत
पिता की तहरीर पर पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज, पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया।
संवाददाता – एस.पी. सिंह
सहजनवा, (गोरखपुर)।
सहजनवा थाना क्षेत्र के रिठूंआखोर में पति की प्रताड़ना से तंग आकर एक 30 वर्षीय विवाहिता ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत गंभीर होने पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में विवाहिता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के हरपुर गांव निवासी राम सागर पुत्र स्व. रामबेलास ने अपनी पुत्री बबीता (30) की शादी वर्ष 2010 में अशोक पुत्र रामनवल के साथ की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही पति अशोक उसे प्रताड़ित करता था।
बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले अशोक को नगर पंचायत सहजनवा में संविदा पर सफाईकर्मी की नौकरी मिल गई थी। इसके बाद वह पत्नी के साथ सहजनवा नगर पंचायत क्षेत्र के धनश्याम नगरी में किराए के मकान में रहने लगा, जहां भी वह आए दिन पत्नी के साथ मारपीट और प्रताड़ना करता था।
गुरुवार को करीब 3:30 बजे पति की प्रताड़ना से परेशान होकर बबीता ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर पति उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सहजनवा लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल होते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका अपने पीछे दो बेटियों को छोड़ गई है।
इस मामले में विवाहिता के पिता राम सागर की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पति अशोक के खिलाफ प्रताड़ना कर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। वही पुलिस का कहना है कि आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच की जा रही है।
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गोरखपुर में 30 मरीजों ने कराया मोतियाबिंद का ऑपरेशन
गोरखपुर में 30 मरीजों ने कराया मोतियाबिंद का ऑपरेशन, संक्रमण से 9 मरीजों ने गंवाई आंख, हॉस्पिटल सील, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, अखिलेश ने साधा निशाना
यूपी के गोरखपुर के दक्षिणी ग्रामीण इलाके सिकरीगंज के न्यू राजेश हाईटेक हास्पिटल में 19 दिन पहले 30 मरीजों ने बाकायदा कैंप में मोतियाबिंद का आपरेशन कराया था. आपरेशन के 24 घंटे के अंदर ही मरीजों की आंख में संक्रमण हो गया और उनकी हालत बिगड़ने लगी. इसके बाद उन्हें इलाज के लिए एम्स दिल्ली में इलाज के लिए ले जाया गया. जहां 9 मरीजों की संक्रमण की वजह से आंख निकालनी पड़ी है. गोरखपुर के जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं. डीएम दीपक मीणा और सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि अस्पताल को सील कर दिया गया है. मजिस्ट्रियल जांच की रिपोर्ट भी एक-दो दिन में आ जाएगी. इस मामलें में अखिलेश ने लचर स्वास्थ्य व्यवस्था पर ट्वीट कर निशाना भी साधा है.
गोरखपुर के सिकरीगंज में न्यू राजेश हाईटेक हास्पिटल में 1 फरवरी को न्यू राजेश कैंप लगा था. गोरखपुर के दक्षिणी ग्रामीण इलाके के अलग-अगल गांव के 30 मरीजों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था. उनकी 24 घंटे में ही उनकी हालत बिगड़ने लगी. उनमें से 18 की आंखों में संक्रमण हो गया. हालत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली, लखनऊ और वाराणसी के सुपर स्पेशलिस्ट अस्पतालों में भर्ती कराया गया. 3 फरवरी को ही जिलाधिकारी दीपक मीणा ने न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल जादोपट्टी सिकरीगंज गोरखपुर में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के दौरान 11 मरीजों के आंख में गंभीर संक्रमण होने पर अपर जिलाधिकारी (नगर) के नेतृत्व में जांच कमेटी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एनएल कुशवाहा, बीआरडी मेडिकल कालेज के नेत्र सर्जन डा. पंकज सोनी और जिला चिकित्सालय के नेत्र सर्जन डा. अंजनी कुमार गुप्ता के नेतृत्व में शामिल कर मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए. जांच में गंभीर बैक्टीरीयल इंफेक्शन की बात सामने आने की बात कही जा रही है.
रमेश ने बताया कि उनकी चाची देवराजी देवी की आंख निकाली गई है. वे लोग कार्रवाई कर अस्पताल को सीज करने की मांग करते हैं. इंदाली के रहने वाले संजय सिंह ने अपने पिता का ऑपरेशन कराया था. उनके पिता की आंख में संक्रमण के बाद उनकी एक आंख से ब्लड आने लगा. वे उन्हें बनारस भेजा. खून बंद नहीं होने पर दिल्ली भेजा. उनके घर से दो लोग थे. अर्जुन सिंह और राजेन्द्र सिंह उनके पिता और चाचा है. नागेन्द्र सिंह ने बताया कि अर्जुन उनके भाई हैं. उनकी आंख संक्रमण की वजह से निकालनी पड़ी है. दीपू बारी गांव के रहने वाले हैं. उनकी बड़ी मम्मी का आपरेशन हुआ. आंख में संक्रमण की वजह से गोरखपुर और उनके बाद दिल्ली एम्स में उनकी दो दिन के बाद तीसरे दिन उनकी आंख निकालनी पड़ी. उनकी इलाज आयुष्मान से हुआ था. पुष्पा बारी गांव की रहने वाली हैं. उनके परिजन की आंख भी संक्रमण की वजह से निकालनी पड़ी है.
स्वास्थ्य विभाग की कल्चर रिपोर्ट में संक्रमण की बात सामने आई है. जिन डॉक्टरों ने इनका इलाज किया है, उनके खिलाफ भी मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है. न्यू राजेश हॉस्पिटल के नेत्र विभाग को सील कर दिया गया है. मरीजों के बयान दर्ज किए गए हैं. मरीजों की मेडिकल रिपोर्ट को भी बतौर सबूत जांच में शामिल किया गया है. मजिस्ट्रेट ने ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर के भी बयान दर्ज किए हैं. मरीजों का कहना है कि ऑपरेशन के दूसरे दिन आंख में दर्द और मवाद आने लगा था.
गोरखपुर के न्यू राजेश हॉस्पिटल के नेत्र विभाग में 1 फरवरी के दिन कुल 30 मरीजों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था। 3 से 4 घंटे ऑब्जर्वेशन में रखने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया. इसके बाद 2 फरवरी को अचानक सामने आया कि इन मरीजों की आंखों में इंफेक्शन हो रहा है. 1-1 करके 18 मरीज हॉस्पिटल दोबारा पहुंचे. इनका ऑपरेशन आयुष्मान योजना के तहत हुआ था. प्राइवेट हॉस्पिटल के डॉक्टरों के हाथ पाव फूल गए. मामला बिगड़ता हुआ देखकर इन मरीजों को गोरखपुर के सृजन आई केयर में रेफर किया गया. यहां प्राथमिक जांच के बाद सामने आया कि मरीजों की आंखों में सीवियर इंफेक्शन हुआ है. यहां भी मरीजों का इलाज ठीक से नहीं हो सका. इसके बाद उनके परिजन उन्हें वाराणसी, लखनऊ और एम्स दिल्ली लेकर गए. बताया जा रहा है कि 24 घंटे बाद सामने आया कि अलग-अलग जगह भर्ती 18 मरीजों में से 9 की आंखों की रोशनी चली गई. वहीं, 9 लोगों की आंख निकालनी पड़ी है, क्योंकि इंफेक्शन बढ़ता जा रहा था.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने X पर लिखा उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर निशाना साधा है. उन्होंने लिखा है कि ‘’गोरखपुर में लोगों की आंखों की रोशनी छिन रही है और कोई चैन से बैठा है. मुख्यमंत्री जब गोरखपुर आते हैं तो क्या कोई देखभाल या हिसाब-किताब करते हैं या फिर केवल जोड़-गांठ के चले जाते हैं. मोबाइल याद दिलाता है कि वो स्वास्थ्य मंत्री हैं. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने X पर लिखा ‘’मुख्यनगरी गोरखपुर में लोगों की आंखों की रोशनी छिन रही है और कोई चैन से बैठकर गाल बजा रहा है. मुख्यमंत्री जी जब गोरखपुर आते हैं, तो क्या और कोई भी देखभाल या हिसाब’किताब करते हैं या फिर केवल जोड़-गांठ के चले जाते हैं. इस बार जनता इन्हें गोरखपुर भी हराएगी और बताएगी कि चिराग तले अंधेरा कैसे होता है. रही बात स्वास्थ्य मंत्री जी की तो ये समझ लेना चाहिए कि वो खुद और उनका विभाग ‘हाता नहीं भाता’ की मुख्य-नीति के विस्तार के कारण, उन्हीं की तरह उपेक्षित है. अगले मंत्रिमंडल विस्तार में उनसे विभाग छीनने का आधार बनाया जा रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय और विभाग की ऐसी दुर्गति देखकर हर कोई ये सहज रूप से स्वीकार भी कर लेगा कि सच में स्वास्थ्य मंत्री महोदय की लापरवाही और कमीशनखोरी की वजह से प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं की इतनी दुर्दशा हुई है. जबकि सच ये है कि उन बेचारों के हाथ में पैसों के हिस्से बांट के अलावा और कुछ अधिकार या दूसरी शक्ति, सामर्थ्य और अख़्तियार नहीं है.’’
गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि सिकरीगंज के एक प्राइवेट अस्पताल में आंख के ऑपरेशन में संक्रमण की बात सामने आई है. पीड़ित मरीजों का अलग-अलग जगह पर इलाज चल रहा है. कुछ मरीजों को गंभीर संक्रमण हुआ है. अस्पताल को सील कर दिया गया है. मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं. एक-दो दिन में उसकी रिपोर्ट भी आ जाएगी. रिपोर्ट के आधार पर जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई भी की जाएगी और उनका रजिस्ट्रेशन भी कैंसिल किया जाएगा. उसके लिए भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
इस मामले के संदर्भ में गोरखपुर के सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि फूलों को 4 फरवरी को पता चला कि 1 फरवरी को 30 मरीजों के ऑपरेशन किए गए थे. उन मरीजों में कई लोगों को गंभीर संक्रमण की जानकारी हासिल हुई उसके बाद जिला स्तरीय कमेटी गठित कर जांच बैठाई गई. दिल्ली, वाराणसी समेत गोरखपुर के अलग-अलग अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है. यह दु:खद है कि कई मरीजों की आंख भी निकालनी पड़ी है. 6 फरवरी को वे लोग अस्पताल का निरीक्षण करने गए थे. इसके बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग और उनके द्वारा अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद जांच की गई है. प्रथम दृष्टया मामला संक्रमण का लग रहा है. इसे देखते हुए एहतियात के तौर पर पूरे अस्पताल को सील कर दिया गया है. अन्य ग्रामीण इलाके में स्थित अस्पतालों को संक्रमण रहित करने के निर्देश भी दिए गए हैं. उनके ऑपरेशन थिएटर और अन्य सर्जिकल स्थानों को भी संक्रमित करने के लिए टीम में लगाई गई है.
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बड़हलगंज में अजब-गजब मामला ! पत्नी ने पति सहित दो पर दर्ज कराई एफआईआर, पति ने विवेचक पर लगाए 50 हजार रुपये मांगने के आरोप
गोरखपुर (गोला) ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-
बड़हलगंज थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ओर पत्नी ने अपने पति सहित अन्य दो लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है, वहीं दूसरी ओर पति ने विवेचक पर 50 हजार रुपये की अवैध मांग करने का आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला
थाना बड़हलगंज में अपराध संख्या 0052/2026 के अंतर्गत एक महिला ने अपने पति और दो अन्य लोगों के विरुद्ध दूसरी महिला से अवैध संबंध, मारपीट तथा भरण-पोषण न देने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अनुराग सिंह द्वारा की जा रही है।
विवेचना के दौरान महिला के पति ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि विवेचक द्वारा उनसे 50,000 रुपये की मांग की जा रही है।
सूत्रों का दावा
सूत्रों के अनुसार, मामले में पति के अवैध संबंधों के साथ-साथ संपत्ति विवाद भी सामने आ रहा है। आरोप है कि पति द्वारा पत्नी के साथ मारपीट की जाती थी, खर्च नहीं दिया जा रहा था तथा पत्नी को मानसिक रूप से अस्थिर घोषित कर उसकी संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि विवेचक पर लगाए गए आरोप जांच को प्रभावित करने और मामले से वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान भटकाने की कोशिश हो सकते हैं।
विवेचक का बयान
इस संबंध में विवेचक उपनिरीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि अपराध संख्या 0052/2026 की विवेचना उनके द्वारा की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मामला महिला से जुड़ा है और जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। जांच अभी पूर्ण नहीं हुई है और बेबुनियाद आरोप लगाकर जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।थानाध्यक्ष का पक्ष
थानाध्यक्ष बड़हलगंज सुनील कुमार राय ने बताया कि मामला महिला उत्पीड़न से संबंधित है और मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। विवेचना निष्पक्ष रूप से जारी है।
उन्होंने कहा कि विवेचक पर लगाए गए आरोप निराधार प्रतीत होते हैं और पुलिस प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामला जांचाधीन है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई कर रही है।
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KGMU में नर्सिंग छात्रा ने मुस्लिम इंटर्न डॉक्टर पर शादी का झांसा देकर संबंध बनाने का आरोप
लखनऊ ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-
लखनऊ KGMU में नर्सिंग छात्रा ने इंटर्न डॉक्टर पर शादी का झांसा देकर संबंध बनाने का आरोप लगाया है। छात्रा ने आरोपी डॉ. मोहम्मद आदिल के खिलाफ FIR कराई है। पीड़िता ने इसमें बताया कि डॉक्टर ने उससे शादी का वादा किया।

इसके बाद फ्लैट पर बुलाकर कई बार उसके साथ संबंध बनाए। बाद में आरोपी शादी से मुकर गया।पीड़िता का कहना है कि जब उसने डॉक्टर से शादी के लिए कहा तो वह मुकर गया। धमकाया कि अगर किसी से कहा कि प्राइवेट फोटो वायरल कर देगा। कैसरबाग पुलिस ने FIR दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।
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