गोरखपुर ।सहजनवां थाना क्षेत्र के पिपरौली गांव में शुक्रवार को दर्दनाक हादसा हो गया। आंटा चक्की
के बेल्ट में फंस कर 8 साल के मासूम की मौत हो गई। जिस
घर में आंटा चक्की चल रही थी मासूम उससी घर के ऊपरी
मंजिल में रहता था। चक्की मलिक मशीन चला कर कही चला
गया इस बीच मासूम खेलते हुए बेल्ट में फंस गया और उसकी
मौत हो गई। जब चक्की मालिक को घटना की जानकारी हुई
तो वह मौके से फरार हो गया।जब परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो घर में चींख पुकार मच गई। परिजनों ने इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मासूम के शव को कब्जे में ले कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की पड़ताल में जुट गई। वही मासूम के परिजनों ने आटा चक्की मालिक के खिलाफ पुलिस को लिखित तहरीर दी है। हालांकि, अभी इस मामले में पुलिस ने केस नहीं दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार आसिफ के पिता सफीक पिछले कई साल से किराये के घर में रहते थे और नीचे मकान मालिक अपना आंटा चक्की चलता था। कल शाम 7 बजे आसिफ खेलने के लिये नीचे उतरा तभी उसका पैर चक्की के बेल्ट में फस गया और वह घायल हो गया। जब यह घटना चक्की मलिक रामज्ञा सिंह ने देखा तो बच्चे को बचाने की बजाए उसको तड़पता छोड़ भाग गया और बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद बच्चे के परिजन पुलिस के पास पहुँचे।
परिजनों ने बताया कि चक्की मलिक की लापरवाही से यह दुर्घटना हुई है। वह अक्सर ही मशीन को चालू कर के गायब हो जाया करता है। कुछ दिनों पहले ही किराये को लेकर मकान मालिक और आसिफ के पिता सादिक के बीच कुछ कहा सुनी भी हुई थी।
आटा चक्की की बेल्ट में फंस कर बच्चे की मौत
संवाददाता सूर्य प्रकाश ओझा
गोरखपुर ।सहजनवां थाना क्षेत्र के पिपरौली गांव में शुक्रवार को दर्दनाक हादसा हो गया। आंटा चक्की
के बेल्ट में फंस कर 8 साल के मासूम की मौत हो गई। जिस
घर में आंटा चक्की चल रही थी मासूम उससी घर के ऊपरी
मंजिल में रहता था। चक्की मलिक मशीन चला कर कही चला
गया इस बीच मासूम खेलते हुए बेल्ट में फंस गया और उसकी
मौत हो गई। जब चक्की मालिक को घटना की जानकारी हुई
तो वह मौके से फरार हो गया।जब परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो घर में चींख पुकार मच गई। परिजनों ने इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मासूम के शव को कब्जे में ले कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की पड़ताल में जुट गई। वही मासूम के परिजनों ने आटा चक्की मालिक के खिलाफ पुलिस को लिखित तहरीर दी है। हालांकि, अभी इस मामले में पुलिस ने केस नहीं दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार आसिफ के पिता सफीक पिछले कई साल से किराये के घर में रहते थे और नीचे मकान मालिक अपना आंटा चक्की चलता था। कल शाम 7 बजे आसिफ खेलने के लिये नीचे उतरा तभी उसका पैर चक्की के बेल्ट में फस गया और वह घायल हो गया। जब यह घटना चक्की मलिक रामज्ञा सिंह ने देखा तो बच्चे को बचाने की बजाए उसको तड़पता छोड़ भाग गया और बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद बच्चे के परिजन पुलिस के पास पहुँचे।
परिजनों ने बताया कि चक्की मलिक की लापरवाही से यह दुर्घटना हुई है। वह अक्सर ही मशीन को चालू कर के गायब हो जाया करता है। कुछ दिनों पहले ही किराये को लेकर मकान मालिक और आसिफ के पिता सादिक के बीच कुछ कहा सुनी भी हुई थी।
फिल्म मेकर व निर्देशक मनोज ओझा भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के तीसरे दौर के शुरुआत से ही सिनेमा जगत में अपना अहम योगदान देते चले आ रहे हैं। उन्होंने जब भी किसी फिल्म का निर्देशन किया है तो उस फ़िल्म ने इतिहास रचा है। ऐसे में मनोज ओझा निर्देशित भोजपुरी फिल्म ‘बोले चूड़ियाँ बोले कँगना’ जहाँ सुर्खियों में है, वहीं इस फ़िल्म का टाइटल सांग इंस्टाग्राम रील पर लगातार तीन हप्ते से ट्रेंडिंग में है, जोकि एक रिकॉर्ड है। इस फ़िल्म से मनोज ओझा ने अपने कुशल निर्देशन से एक बार फिर इतिहास रच दिया है।
बता दें कि भोजपुरी फिल्म ‘बोले चूड़ियाँ बोले कँगना’ का टाइटल सांग ईगल होम एंटरटेनमेंट के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है। यह सांग एक्टर प्रिंस सिंह राजपूत और एक्ट्रेस पायस पंडित पर फिल्माया गया है। इस गाने में उनकी केमेस्ट्री कमाल की लग रही है और उनकी परफॉर्मेंस ऑडियंस को खूब पसंद आ रही है। इस गाने को मोहन राठौर और शिल्पी राज ने गाया है। इसके गीतकार प्रकाश बारूद और संगीतकार सरविन्द मल्हार हैं।
गौरतलब है कि भोजपुरी सिनेमा के तीसरे दौर की पारी में 18 साल पहले बतौर निर्देशक मनोज ओझा ने सुपर डुपर हिट भोजपुरी फ़िल्म ‘चलत मुसाफिर मोह लियो रे’ का निर्देशन करके बहुत बड़ी मिसाल कायम किया था। उस फिल्म से गायक से नायक बने थे दिनेश लाल यादव निरहुआ, सिंगर से एक्ट्रेस बनी थी कल्पना पोटवारी। तब से अब तक मनोज ओझा लगातार अपना योगदान भोजपुरी फ़िल्म इंडस्ट्री में देते आ रहे हैं और 18 साल बाद फिर से फ़िल्म निर्देशन में उतरे फ़िल्म निर्देशक मनोज ओझा के निर्देशन बनी प्रिंस सिंह राजपूत, पायस पंडित और डिम्पल सिंह स्टारर भोजपुरी फिल्म ‘बोले चूड़ियाँ बोले कँगना’ की मेकिंग किया है। इस फ़िल्म का ट्रेलर यूट्यूब पर देखा जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि कमला फिल्म्स क्रिएशन्स, डिजिटेक प्रोडक्शन के बैनर तले बिग लेबल पर निर्मित की गई भोजपुरी फिल्म ‘बोले चूड़ियाँ बोले कँगना’ की पूरी शूटिंग उत्तर प्रदेश की पावन भूमि वाराणसी में बिग लेबल पर की गई है। इस फिल्म के निर्माता गौतम कुमार, मनु भाई शाह, लोकेश मिश्रा हैं। इस फिल्म के निर्देशक मनोज ओझा हैं। फिल्म के लेखक सभा वर्मा हैं। गीतकार प्रकाश बारूद, संगीतकार प्रकाश बारूद, सर्विन्द मल्हार ने। डीओपी फ़िरोज़ खान, डांस मास्टर कानू मुखर्जी, आर्ट डायरेक्टर सतीश गिरी, एडीटर गोविन्द दूबे, कलरिस्ट गजाननं वादवे हैं। पब्लिसिटी डिजाईन एवं वीएफएक्स सुमित ओझा ने किया है। इस फिल्म की मार्केटिंग ‘मेक योर फ़िल्म इंडिया’ कंपनी कर रही है। फिल्म के मुख्य कलाकार प्रिंस सिंह राजपूत, पायस पंडित, डिम्पल सिंह, जे नीलम, जेपी सिंह, सोनिया मिश्रा, धर्मेन्द्र श्रीवास्तव, सचिन श्रीवास्तव, रवि रंजन, प्रिया, अंकुश कहार, आरती निगम, प्राची सिंह आदि हैं।
मनोज ओझा निर्देशित फिल्म ‘बोले चूड़ियाँ बोले कँगना’ का टाइटल सांग तीन हप्ते से ट्रेंडिंग में इंस्टाग्राम रील पर
फिल्म मेकर व निर्देशक मनोज ओझा भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के तीसरे दौर के शुरुआत से ही सिनेमा जगत में अपना अहम योगदान देते चले आ रहे हैं। उन्होंने जब भी किसी फिल्म का निर्देशन किया है तो उस फ़िल्म ने इतिहास रचा है। ऐसे में मनोज ओझा निर्देशित भोजपुरी फिल्म ‘बोले चूड़ियाँ बोले कँगना’ जहाँ सुर्खियों में है, वहीं इस फ़िल्म का टाइटल सांग इंस्टाग्राम रील पर लगातार तीन हप्ते से ट्रेंडिंग में है, जोकि एक रिकॉर्ड है। इस फ़िल्म से मनोज ओझा ने अपने कुशल निर्देशन से एक बार फिर इतिहास रच दिया है।
बता दें कि भोजपुरी फिल्म ‘बोले चूड़ियाँ बोले कँगना’ का टाइटल सांग ईगल होम एंटरटेनमेंट के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है। यह सांग एक्टर प्रिंस सिंह राजपूत और एक्ट्रेस पायस पंडित पर फिल्माया गया है। इस गाने में उनकी केमेस्ट्री कमाल की लग रही है और उनकी परफॉर्मेंस ऑडियंस को खूब पसंद आ रही है। इस गाने को मोहन राठौर और शिल्पी राज ने गाया है। इसके गीतकार प्रकाश बारूद और संगीतकार सरविन्द मल्हार हैं।
गौरतलब है कि भोजपुरी सिनेमा के तीसरे दौर की पारी में 18 साल पहले बतौर निर्देशक मनोज ओझा ने सुपर डुपर हिट भोजपुरी फ़िल्म ‘चलत मुसाफिर मोह लियो रे’ का निर्देशन करके बहुत बड़ी मिसाल कायम किया था। उस फिल्म से गायक से नायक बने थे दिनेश लाल यादव निरहुआ, सिंगर से एक्ट्रेस बनी थी कल्पना पोटवारी। तब से अब तक मनोज ओझा लगातार अपना योगदान भोजपुरी फ़िल्म इंडस्ट्री में देते आ रहे हैं और 18 साल बाद फिर से फ़िल्म निर्देशन में उतरे फ़िल्म निर्देशक मनोज ओझा के निर्देशन बनी प्रिंस सिंह राजपूत, पायस पंडित और डिम्पल सिंह स्टारर भोजपुरी फिल्म ‘बोले चूड़ियाँ बोले कँगना’ की मेकिंग किया है। इस फ़िल्म का ट्रेलर यूट्यूब पर देखा जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि कमला फिल्म्स क्रिएशन्स, डिजिटेक प्रोडक्शन के बैनर तले बिग लेबल पर निर्मित की गई भोजपुरी फिल्म ‘बोले चूड़ियाँ बोले कँगना’ की पूरी शूटिंग उत्तर प्रदेश की पावन भूमि वाराणसी में बिग लेबल पर की गई है। इस फिल्म के निर्माता गौतम कुमार, मनु भाई शाह, लोकेश मिश्रा हैं। इस फिल्म के निर्देशक मनोज ओझा हैं। फिल्म के लेखक सभा वर्मा हैं। गीतकार प्रकाश बारूद, संगीतकार प्रकाश बारूद, सर्विन्द मल्हार ने। डीओपी फ़िरोज़ खान, डांस मास्टर कानू मुखर्जी, आर्ट डायरेक्टर सतीश गिरी, एडीटर गोविन्द दूबे, कलरिस्ट गजाननं वादवे हैं। पब्लिसिटी डिजाईन एवं वीएफएक्स सुमित ओझा ने किया है। इस फिल्म की मार्केटिंग ‘मेक योर फ़िल्म इंडिया’ कंपनी कर रही है। फिल्म के मुख्य कलाकार प्रिंस सिंह राजपूत, पायस पंडित, डिम्पल सिंह, जे नीलम, जेपी सिंह, सोनिया मिश्रा, धर्मेन्द्र श्रीवास्तव, सचिन श्रीवास्तव, रवि रंजन, प्रिया, अंकुश कहार, आरती निगम, प्राची सिंह आदि हैं।
ब्रह्मपुर के दो और खोराबार के एक आयुष्मान आरोग्य मंदिर का हुआ प्रमाणन
1.26 लाख की पुरस्कार राशि से व्यवस्था सुदृढ़ीकरण में मिलेंगी मदद
गोरखपुर: गोरखपुर जिले के तीन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेट (एनक्वास) प्रमाणन हुआ है। इसमें आकांक्षी ब्लॉक ब्रह्मपुर का राजधानी और राघो पट्टी व खोराबार का लहसड़ी आयुष्मान आरोग्य मंदिर शामिल है । इन्हें 1.26 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी, जिसे यह मरीजों की सुविधाओं के लिए व्यवस्था सुदृढ़ीकरण और कर्मचारियों के प्रोत्साहन व पुरस्कार के लिए खर्च कर सकते हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि जनपद में अब एनक्वास सर्टिफाइड आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या पांच हो गयी है। हाल ही में पिपरौली ब्लॉक का कालेसर आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी प्रमाणित हुआ है । इससे पहले भटहट ब्लॉक का जैनपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी एनक्वास सर्टिफाइड हो चुका है।
डॉ दूबे ने बताया कि इस समय जिले में 460 सक्रिय आयुष्मान आरोग्य मंदिर समुदाय को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा प्रदान कर रहे हैं। वहां बीमारियों की स्क्रीनिंग, टेलीकंसल्टेशन से चिकित्सकों से परामर्श और दवा उपलब्ध कराना, मातृ शिशु स्वास्थ्य जांच की सुविधा प्रदान करना, गैर संचारी बीमारियों की स्क्रीनिंग और संचारी रोगों की रोकथाम के कार्य किये जा रहे हैं। कुछ केंद्रों पर संस्थागत प्रसव भी होते हैं। जनसमुदाय को स्वास्थ्य देने में इन केंद्रों की अहम भूमिका है और इनका एनक्वास प्रमाणीकरण गुणवत्तापूर्ण सेवा की गारंटी है।
सीएमओ ने बताया कि इस प्रमाण पत्र को हासिल करने में वहां के स्थानीय ग्राम प्रधान, सीएचओ, एएनएम, आशा, अधीक्षक व प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, नोडल अधिकारी डॉ एके चौधरी और जिला व ब्लॉक कार्यक्रम प्रबन्धन इकाई और जिला व मंडलीय क्वालिटी टीम एवं कंसल्टेंट ने प्रमुख भूमिका निभाई है। क्वालिटी कार्यक्रम के प्रमुख सहयोगी विजय श्रीवास्तव का भी सबसे अहम योगदान रहा है । जिले में क्वालिटी एश्योरेंस कंसल्टेंट का पद खाली है और इन विपरीत परिस्थितियों में भी इन इकाइयों का सहयोग कर उन्हें प्रमाणन दिलवाने में उन्होंने भरपूर मदद की।
एनएचआरसी के पत्र से मिली जानकारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (एनएचआरसी) के कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल प्रोफेसर अतुल कोटवाल की तरफ से जारी पत्र में एनक्वास सर्टिफिकेशन की जानकारी दी गयी है। पत्र के मुताबिक ब्रह्मपुर ब्लॉक के राजधानी आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 87.3 फीसदी, जबकि राघो पट्टी आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 86.79 फीसदी अंक मिले हैं। इन दोनों का राष्ट्रीय स्तर का मूल्यांकन इसी साल मई में हुआ था। खोराबार ब्लॉक के लहसड़ी आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 83 फीसदी अंकों के साथ सशर्त प्रमाणन मिला है। इसका मूल्यांकन फरवरी 2024 में हुआ था। इन केंद्रों को जो पुरस्कार मिलेंगे उनकी 75 फीसदी रकम अस्पताल में गुणात्मक सेवा देने के उपायों पर खर्च करनी है, जबकि 25 फीसदी की धनराशि कर्मचारियों के प्रोत्साहन व पुरस्कार में खर्च करने का प्रावधान है।
इन सात सेवाओं का हुआ मूल्यांकन
गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान देखभाल
नवजात और शिशु स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं
बाल और किशोर स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं
परिवार नियोजन, गर्भनिरोधक सेवाएं एवं अन्य प्रजनन देखभाल सेवाएं
संचारी रोगों का प्रबंधन (राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम)
सामान्य संक्रामक रोगों का प्रबन्धन और तीव्र साधारण बीमारियों और छोटी बीमारियों के लिए सामान्य बाह्य रोगी देखभाल
गैर संचारी रोगों और टीबी व कुष्ठ रोग जैसी दीर्घकालिक संचारी बीमारियों की जांच, रोकथाम, प्रबन्धन और नियंत्रण
एनक्वास सर्टिफाइड हुये जनपद के तीन आयुष्मान आरोग्य मंदिर
ब्रह्मपुर के दो और खोराबार के एक आयुष्मान आरोग्य मंदिर का हुआ प्रमाणन
1.26 लाख की पुरस्कार राशि से व्यवस्था सुदृढ़ीकरण में मिलेंगी मदद
गोरखपुर: गोरखपुर जिले के तीन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेट (एनक्वास) प्रमाणन हुआ है। इसमें आकांक्षी ब्लॉक ब्रह्मपुर का राजधानी और राघो पट्टी व खोराबार का लहसड़ी आयुष्मान आरोग्य मंदिर शामिल है । इन्हें 1.26 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी, जिसे यह मरीजों की सुविधाओं के लिए व्यवस्था सुदृढ़ीकरण और कर्मचारियों के प्रोत्साहन व पुरस्कार के लिए खर्च कर सकते हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि जनपद में अब एनक्वास सर्टिफाइड आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या पांच हो गयी है। हाल ही में पिपरौली ब्लॉक का कालेसर आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी प्रमाणित हुआ है । इससे पहले भटहट ब्लॉक का जैनपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी एनक्वास सर्टिफाइड हो चुका है।
डॉ दूबे ने बताया कि इस समय जिले में 460 सक्रिय आयुष्मान आरोग्य मंदिर समुदाय को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा प्रदान कर रहे हैं। वहां बीमारियों की स्क्रीनिंग, टेलीकंसल्टेशन से चिकित्सकों से परामर्श और दवा उपलब्ध कराना, मातृ शिशु स्वास्थ्य जांच की सुविधा प्रदान करना, गैर संचारी बीमारियों की स्क्रीनिंग और संचारी रोगों की रोकथाम के कार्य किये जा रहे हैं। कुछ केंद्रों पर संस्थागत प्रसव भी होते हैं। जनसमुदाय को स्वास्थ्य देने में इन केंद्रों की अहम भूमिका है और इनका एनक्वास प्रमाणीकरण गुणवत्तापूर्ण सेवा की गारंटी है।
सीएमओ ने बताया कि इस प्रमाण पत्र को हासिल करने में वहां के स्थानीय ग्राम प्रधान, सीएचओ, एएनएम, आशा, अधीक्षक व प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, नोडल अधिकारी डॉ एके चौधरी और जिला व ब्लॉक कार्यक्रम प्रबन्धन इकाई और जिला व मंडलीय क्वालिटी टीम एवं कंसल्टेंट ने प्रमुख भूमिका निभाई है। क्वालिटी कार्यक्रम के प्रमुख सहयोगी विजय श्रीवास्तव का भी सबसे अहम योगदान रहा है । जिले में क्वालिटी एश्योरेंस कंसल्टेंट का पद खाली है और इन विपरीत परिस्थितियों में भी इन इकाइयों का सहयोग कर उन्हें प्रमाणन दिलवाने में उन्होंने भरपूर मदद की।
एनएचआरसी के पत्र से मिली जानकारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (एनएचआरसी) के कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल प्रोफेसर अतुल कोटवाल की तरफ से जारी पत्र में एनक्वास सर्टिफिकेशन की जानकारी दी गयी है। पत्र के मुताबिक ब्रह्मपुर ब्लॉक के राजधानी आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 87.3 फीसदी, जबकि राघो पट्टी आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 86.79 फीसदी अंक मिले हैं। इन दोनों का राष्ट्रीय स्तर का मूल्यांकन इसी साल मई में हुआ था। खोराबार ब्लॉक के लहसड़ी आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 83 फीसदी अंकों के साथ सशर्त प्रमाणन मिला है। इसका मूल्यांकन फरवरी 2024 में हुआ था। इन केंद्रों को जो पुरस्कार मिलेंगे उनकी 75 फीसदी रकम अस्पताल में गुणात्मक सेवा देने के उपायों पर खर्च करनी है, जबकि 25 फीसदी की धनराशि कर्मचारियों के प्रोत्साहन व पुरस्कार में खर्च करने का प्रावधान है।
इन सात सेवाओं का हुआ मूल्यांकन
गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान देखभाल
नवजात और शिशु स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं
बाल और किशोर स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं
परिवार नियोजन, गर्भनिरोधक सेवाएं एवं अन्य प्रजनन देखभाल सेवाएं
संचारी रोगों का प्रबंधन (राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम)
सामान्य संक्रामक रोगों का प्रबन्धन और तीव्र साधारण बीमारियों और छोटी बीमारियों के लिए सामान्य बाह्य रोगी देखभाल
गैर संचारी रोगों और टीबी व कुष्ठ रोग जैसी दीर्घकालिक संचारी बीमारियों की जांच, रोकथाम, प्रबन्धन और नियंत्रण
गोरखपुर। गोरखपुर मंडल में सी०बी०एस०ई० / सी०आई०सी०एस०ई० बोर्ड नई दिल्ली से सम्बद्धता प्राप्त प्रार्थना पत्र के निस्तारण के लिए मंडलायुक्त सभागार में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर समीक्षा किया गया जिससे उन सभी विद्यालयों के प्राप्त प्रार्थना पत्रों पर विचार कर एनओ दिया जा सके जनपद-गोरखपुर राणा दिलीप चन्द्र सिंह किसमती देवी विद्यापीठ, जंगल भेलमपुर गोरखपुर ग्रो ट्री एकेडमी, ग्राम-बनगाव पोस्ट-सहजवती समय गोरखपुर – सेन्ट जेवियर्स स्कूल, तालनदौर, भौकधार, महाबीरं प्रपना, गोरखपुर निधि आइडियल स्कूल, जंगल तुलसीराम शाहपुर गोरखपुर पोस्ट-टिकरिया, गोरखपुर सिल्वर लाईन एकेडमी झुगिया गेट र्टिलाइजर गोरखपुर रेनबो इन्टरनेशनल स्कूलर धाम तेनुहारी शुक्ल पोस्ट-पाली सहजंनवा गोरखपुर जनपद-देवरिया जयपुरिया सकूल, सलेमपुर- सेठ एस०आय सलेमपुर, देवरिया रोठ एम०आर० जयपुरिया स्कूल, तिलई बेला, वैजरिया सदर देवानि ओ०पी०आरए सेन्ट्रल एकेडमी-बसन्तपुर, पोस्ट-रामपुर तमुना देवरिया जनपद-कुशीनगर- लार्ड एकेडमी सेकेन्ड्री स्कूल मथौली पोस्ट मथौली कुशीनगर जनपद-महराजगंज सेठ एम०आर० जयपुरिया स्कूल सेंदुरिया महराजगंज एपीएम एकेडमी पिपरा लाला श्याम देवउरवा महाराजगंज बैठक में प्रमुख रूप से देवरिया महाराजगंज कुशीनगर के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े रहे अन्य संबंधित अधिकारी गोरखपुर के मंडलायुक्त सभागार में मौजूद रहे जिसमें प्रमुख रूप से मुख्य राजस्व अधिकारी सुशील कुमार गौड़ ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम सदर एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी सदा तहसीलदार विकास कुमार सिंह सहित अन्य संबंधित शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
नगर आयुक्त ,अपर नगर आयुक्त ऑनलाइन जुड़कर शहर के जल जमाव की स्थिति को लाइव दिखा गोरखपुर। नगर निगम के नए भवन में आईसीसीसी ‘इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर’ के जरिए शहर के 80 वार्ड में सफाई व्यवस्था चाक चौबंद बनाए रखने के लिए स्वयं नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह के साथ वार्डों में लगाए गए सीसी कैमरे के जरिए कंट्रोल रूम से निगरानी करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए दिखाई दिए जिससे गोरखपुर नगर निगम को स्मार्ट व सेफ सिटी बनाया जा सके शहर के 80 वार्ड, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, पेट्रोल पंप और शराब की दुकान पर लगे कैमरे से लाइव निगरानी की जा रही जिसमें आईटीएमएस का भी सहयोग लिया जा रहा शहर के 80 वार्ड में लगे सभी 500 से अधिक कैमरे इससे जुड़ गए हैं आईसीसीसी इन सभी की रिकॉर्डिंग अपने पास रखेगा. वहीं 7 दिनों के बाद डाटा को किसी क्लाउड स्टोरेज में सुरक्षित कर दिया जाएगा शहर को साफ सुथरा व सेफ रखा जाएगा. इससे किसी भी क्राइम की जानकारी तुरंत मिलेगी साथ ही लाइव लोकेशन भी देखा जा रहा शहर को और भी साफ सुथरा व सुरक्षित रखा जाएगा. कैमरा के जरिए लाइव लोकेशन देखा जा रहा एलईडी स्क्रीन के जरिए लोकेशन ट्रेस कर देखा जा रहा आईसीसीसी से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन वाली गाड़ी में लगे जीपीएस से जोड़ा गया है साथ ही गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन को भी जोड़ दिया जायेगा। शहर में कहीं भी जल जमाव की स्थिति उत्पन्न होती है तो तत्काल जल जमाव से निजात मिल जाएगा।
सामाजिक विषमता को दूर कर के ही वैश्विक शक्ति बन सकता है भारत: प्रो पालीवाल गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में सात दिवसीय ‘भारतीय राजनीति के समक्ष चुनौतियां’ विषयक वैल्यू ऐडेड कोर्स का उद्घाटन सत्र संपन्न हुआ। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो पूनम टंडन ने की तथा मुख्य अतिथि हरिद्वार के प्रो राजेश चंद्र पालीवाल रहे। अपने उद्बोधन में कुलपति प्रो पूनम टंडन ने कहा कि आम चुनाव के परिणाम के बाद यह समसामयिक विषय है। ऐसे में भारतीय राजनीति का अध्ययन अत्यंत प्रासंगिक हो गया है। कुलपति ने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है आप सभी प्रतभागी इस कोर्स से लाभांवित होंगे। मुख्य अतिथि प्रो प्रो राजेश चंद्र पालीवाल ने समसामयिक भारतीय राजनीति के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। सामाजिक विषमता को दूर कर के ही भारत वैश्विक शक्ति बन सकता है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या, साक्षरता, गरीबी, बेरोज़गारी, लैंगिक भेदभाव, क्षेत्रीयता जैसी समस्याएं भारत की राजनीति के समक्ष चुनौती बनकर खड़ी है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत की बढ़ती वैश्विक शक्ति के बारे में भी चर्चा की। इससे पहले कार्यक्रम के रूपरेखा की प्रस्तुति तथा स्वागत उद्बोधन विभागाध्यक्ष प्रो राजेश कुमार सिंह ने दिया। इस कार्यक्रम में राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो रजनीकांत पांडेय सहित महाविद्यालयों के शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ महेंद्र कुमार सिंह ने दिया।
वो कहते हैं न कि लहरों से डर कर नौका कभी पार नहीं होती कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। इस कहावत को भोजपुरी इंडस्ट्री के दिग्गज फिल्म मेकर और वर्ल्डवाइड रिकार्ड्स के एमडी रत्नाकर कुमार ने सही साबित कर दिया है। निर्माता रत्नाकर कुमार की बहुचर्चित भोजपुरी फिल्म जया पिछले 5 महीनों से सेंसर बोर्ड में अटकी हुई थी। जिसे आखिरकार सेंसर बोर्ड ने हरी झंडी दिखा दी है। इस फिल्म को सेंसर बोर्ड की तरफ से यू/ए सर्टिफिकेट जारी किया हैं। निर्माता रत्नाकर कुमार की पिछले पांच महीनों की जद्दोजहद काम आई और फिल्म की रिलीजिंग का रास्ता साफ हो गया है। जी हां जया में भोजपुरी फिल्म एक्ट्रेस माही श्रीवास्तव और हिंदी फिल्म एक्टर दया शंकर पांडे पिता और पुत्री की भूमिका निभा रहे हैं। जब से फिल्म का ट्रेलर आया था तभी से भोजपुरिया दर्शक फिल्म की रिलीज का इंतजार कर रहे थे। अब दर्शकों का इंतजार खत्म करते हुए निर्माता जल्द से जल्द इस फिल्म को रिलीज करने की तैयारी कर रहे हैं। फिल्म जल्द ही सिनेमाघरों में दस्तक देंगी। जिसकी जानकारी जल्द ही दर्शकों के बीच सांझा की जाएगी। वर्ल्डवाइड चैनल और जितेंद्र गुलाटी प्रस्तुत इस फ़िल्म के निर्माता रत्नाकर कुमार और को प्रोड्यूसर निवेदिता कुमार हैं वही इसके निर्देशन की भागदौड़ धीरू यादव ने संभाल रखी हैं। वही फिल्म के डीओपी समीर सय्यद और फिल्म का लेखन की जिम्मेदारी एक्टर और राइटर धर्मेंद्र सिंह ने ले रखी है। फिल्म के पीआरओ ब्रजेश मेहर हैं। वही फिल्म का म्यूजिक साहिल खान एंड धीरू यादव, लिरिक्स शकील आज़मी, एग्जेक्यूटिव प्रोड्यूसर राजेश सिरसट, बिज़नेस हेड इमरोज़ अख्तर(मुन्ना), कोरियोग्राफर महेश आचार्य, एडिटर सनी सिंह, डीआई निमेष चौधरी, बैकग्राउंड म्यूजिक एसएस ब्रदर, मिक्सिंग इंजीनियर सरोज शर्मा, वीएफएक्स सोनू मधेसिया,सिंक साउंड शत्रुघ्न सिंह,एसोसिएट डिरेक्टर सतीश दुबे, आर्ट सिकंदर विश्कर्मा एंड चंदन आर्ट, प्रोडक्शन जुबेर शाह, स्टिल फोटोग्राफर पंकज सक्सेना,पब्लिसिटी डिजाइन सागर सिन्हा हैं। फिल्म में माही श्रीवास्तव, दया शंकर पांडे, सुकेश आनंद, मनु कृष्णा, महेश आचार्य, धर्मेंद्र सिंह, राव रणविजय, ओमी कश्यप, रंभा साहनी, सोनाली मिश्रा, जुबेर शाह, योगेश पांडे, सोनू कुमार, निरंजन चौबे, अनामिका राय, नीरज कुमार सिंह, अनिता तिवारी, राम बिलास सिंह, सरिता सिंह, उत्पल सिंह, अभिषेक सिंह हैं।