Author: Nishpaksh Today

  • डिजिटल युग में हर हाथ में मोबाइल-टैबलेट फिर भी सामाजिक-सांस्कृतिक मूल्यों का अवमूल्यन-क्षरण का कठिन दौर: योगी आदित्यनाथ

    डिजिटल युग में हर हाथ में मोबाइल-टैबलेट फिर भी सामाजिक-सांस्कृतिक मूल्यों का अवमूल्यन-क्षरण का कठिन दौर: योगी आदित्यनाथ

    डिजिटल युग में हर हाथ में मोबाइल-टैबलेट फिर भी सामाजिक-सांस्कृतिक मूल्यों का अवमूल्यन-क्षरण का कठिन दौर: योगी आदित्यनाथ

    गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महापुरुषों का कृतित्व होता है. यही वजह है कि किसी भी आयोजन में जाओ और गो-सेवा गौ रक्षा की बात होती है, तो स्वतः ही भाईजी का स्मरण हो जाता है. वह एक शाश्वत सत्य की व्यवस्था पर आधारित होता है वह देश काल और परिस्थिति से आवंटित होता है. वह जितना प्रासंगिक उसे समय था, उतना आज भी है. भाई जी हनुमान प्रसाद पोद्दार के कृतित्व 132 वर्षों बाद भी आज हमें उनकी याद दिलाते हैं. लेकिन आज हमारे लिए सबसे कठिन दौर चल रहा है. आज जब हम डिजिटल युग और डिजिटल मीडिया के युग की ओर बढ़ रहे हैं हर हाथ में टैबलेट और मोबाइल है. सामाजिक सांस्कृतिक मूल्य का अवमूल्यन हुआ है. सामाजिक समरसता कमजोर पड़ी है सांस्कृतिक मूल्यों को लेकर हमें चिंतन करने की जरूरत है. राष्ट्रीय आंदोलन के स्वर मद्धिम पड़ते दिखाई दे रहे हैं. हमारी स्थिति क्या है इस पर हमें विचार करने की जरूरत है.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को गीता वाटिका में भाई जी हनुमान प्रसाद पोद्दार की 132 में जयंती के अवसर पर लोगों को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने भाई जी हनुमान प्रसाद पोद्दार और राधा बाबा के कार्यों को याद करते हुए लोगों को उनसे प्रेरणा लेने की सीख दी. उन्होंने कहा कि हमें गर्व होना चाहिए कि दोनों ही महापुरुषों ने गोरखपुर को अपनी कर्मभूमि के रूप में चुनकर पूरा जीवन समर्पित कर दिया. सन 1932 में जब आजादी के आंदोलन के स्वर साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में आगे बढ़ रहे थे, उसे दौर में भाई जी हनुमान प्रसाद पोद्दार ने कल्याण पत्रिका के आदि संपादक के रूप में कार्य करते हुए इस सांस्कृतिक आंदोलन को आगे बढ़ाया. मुख्यमंत्री ने कहा कि कई ऐसे अवसर आए जब अंग्रेजों के गुलामी के दौर में कल्याण पत्रिका को जप्त कर लिया गया लेकिन भाई जी हनुमान प्रसाद पोद्दार की साहित्य साधना को वह नहीं रोक पाए.

    आज उनकी 132वीं जयंती पर हम उन्हें याद कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने सारा जीवन लोक कल्याण के लिए समर्पित कर दिया. सनातन हिंदू धर्म और लोगों की रक्षा के लिए उन्होंने ऐसा मार्ग चुना जिस मार्ग पर चलते हुए उन्हें ने न सिर्फ सामान सनातन धर्म की रक्षा की बल्कि लोगों को इससे प्रेरणा लेने की सीख भी दी. उन्होंने कहा कि यही वजह है कि जब गीता प्रेस के प्रबंध समिति के लोग उनके पास गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष समारोह और भाई जी जयदयाल को गोयन्दका की जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह के आयोजन को लेकर चर्चा करने आए तो उन्होंने कहा कि कोई भी कार्यक्रम ऐसे भाव नहीं होता है उसके लिए पूरे मनोयोग से लगना पड़ता है. गीता प्रेस की स्थापना के उद्देश्य को देखते हुए इसका शताब्दी वर्ष पूरी भव्यता के साथ मनाया जाना चाहिए. तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समारोह में आए. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आगमन हुआ और इसके पहले ही गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार मिला. यह बताता है कि सनातन धर्म और उसके ग की रक्षा के लिए जिस तरह से भाई जी हनुमान प्रसाद पोद्दार और अन्य लोगों ने योगदान दिया है उसी का परिणाम है कि आज हम सनातन धर्म और उसकी रक्षा के संकल्प के उनके उद्देश्यों के बारे में आज यहां चर्चा कर रहे हैं. उन्होंने किसी महान कार्य को आगे बढ़ाया है जिसके फल स्वरुप 132 वीं जयंती पर आज हम उनका स्मरण कर रहे हैं.

  • जमीन के बिना 22 लोगों ने किसान बनकर बैंक से लिया 1.20 करोड़ का ऋण, मुकदमा दर्ज

    जमीन के बिना 22 लोगों ने किसान बनकर बैंक से लिया 1.20 करोड़ का ऋण, मुकदमा दर्ज

    जमीन के बिना 22 लोगों ने किसान बनकर बैंक से लिया 1.20 करोड़ का ऋण, मुकदमा दर्ज

    बागपत
    बड़ौत की आईसीआईसी बैंक शाखा में किसी अन्य की जमीन को अपनी बताकर 22 लोगों ने किसान क्रेडिट कार्ड का 1.20 करोड़ रुपये का ऋण ले लिया। जिसे जमा नहीं करने पर बैंक ने आंतरिक जांच कराई तो ऋण के लिए जमा किए गए दस्तावेज फर्जी निकले। इसमें बड़ौत शाखा के बैंककर्मी और दलाल समेत 24 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।

    आईसीआईसीआई बैंक के अधिकारी गौरव शर्मा ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि बड़ौत शाखा में कुछ लोगों ने किसान क्रेडिट कार्ड के ऋण के लिए आवेदन किया। जिनकी जांच के बाद 1.20 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत कर दिया गया। जिसे लेने के बाद समय पर जमा नहीं किया गया। जिसके लिए लाभार्थियों पर तकादा किया और अभिलेखों की आंतरिक जांच कराई गई। जांच में जमीनों के दस्तावेज फर्जी निकले, जो जमीन दूसरे लोगों के नाम दर्ज मिली। उन्होंने *बैंक में भू अभिलेखों के सत्यापन करने वाले कर्मी करुण चौधरी और दलाल पप्पू निवासी पट्टी धंधान छपरौली पर धोखाधड़ी कर ऋण स्वीकृत कराने का आरोप लगाया। पुलिस का कहना है कि बैंककर्मी करुण चौधरी, दलाल पप्पू समेत 24 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

    आईसीआईसीआई बैंक के अधिकारी गौरव शर्मा ने सोनू कुमार, प्रमोद, रविंद्र, राजबीर, पूजा, गौरव कुमार, अमित सैनी, कुशलवीर निवासी नांगल छपरौली, पप्पू, रविंद्र, प्रीति निवासी छपरौली, बिजेंद्र, कृष्णा, रामकुमार, जय प्रकाश, सुभाष निवासी लुहारी, इंतजार निवासी पट्टी चौधरान आर्यनगर, लोकेंद्र, कपिल, शौकीन निवासी निवाड़ा, सुशील कुमार शर्मा निवासी इंद्रा कालोनी निवाड़ा, सुभाष निवासी अग्रवाल मंडी टटीरी, बैंककर्मी करूण चौधरी और बिचौलिया पप्पू निवासी छपरौली के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।।

  • जमीन के बिना 22 लोगों ने किसान बनकर बैंक से लिया 1.20 करोड़ का ऋण, मुकदमा दर्ज

    जमीन के बिना 22 लोगों ने किसान बनकर बैंक से लिया 1.20 करोड़ का ऋण, मुकदमा दर्ज

    जमीन के बिना 22 लोगों ने किसान बनकर बैंक से लिया 1.20 करोड़ का ऋण, मुकदमा दर्ज

    बागपत
    बड़ौत की आईसीआईसी बैंक शाखा में किसी अन्य की जमीन को अपनी बताकर 22 लोगों ने किसान क्रेडिट कार्ड का 1.20 करोड़ रुपये का ऋण ले लिया। जिसे जमा नहीं करने पर बैंक ने आंतरिक जांच कराई तो ऋण के लिए जमा किए गए दस्तावेज फर्जी निकले। इसमें बड़ौत शाखा के बैंककर्मी और दलाल समेत 24 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।

    आईसीआईसीआई बैंक के अधिकारी गौरव शर्मा ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि बड़ौत शाखा में कुछ लोगों ने किसान क्रेडिट कार्ड के ऋण के लिए आवेदन किया। जिनकी जांच के बाद 1.20 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत कर दिया गया। जिसे लेने के बाद समय पर जमा नहीं किया गया। जिसके लिए लाभार्थियों पर तकादा किया और अभिलेखों की आंतरिक जांच कराई गई। जांच में जमीनों के दस्तावेज फर्जी निकले, जो जमीन दूसरे लोगों के नाम दर्ज मिली। उन्होंने *बैंक में भू अभिलेखों के सत्यापन करने वाले कर्मी करुण चौधरी और दलाल पप्पू निवासी पट्टी धंधान छपरौली पर धोखाधड़ी कर ऋण स्वीकृत कराने का आरोप लगाया। पुलिस का कहना है कि बैंककर्मी करुण चौधरी, दलाल पप्पू समेत 24 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

    आईसीआईसीआई बैंक के अधिकारी गौरव शर्मा ने सोनू कुमार, प्रमोद, रविंद्र, राजबीर, पूजा, गौरव कुमार, अमित सैनी, कुशलवीर निवासी नांगल छपरौली, पप्पू, रविंद्र, प्रीति निवासी छपरौली, बिजेंद्र, कृष्णा, रामकुमार, जय प्रकाश, सुभाष निवासी लुहारी, इंतजार निवासी पट्टी चौधरान आर्यनगर, लोकेंद्र, कपिल, शौकीन निवासी निवाड़ा, सुशील कुमार शर्मा निवासी इंद्रा कालोनी निवाड़ा, सुभाष निवासी अग्रवाल मंडी टटीरी, बैंककर्मी करूण चौधरी और बिचौलिया पप्पू निवासी छपरौली के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।।

  • औद्योगिक विकास मंत्री ने नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने की गीडा के विकास कार्यों की समीक्षा

    औद्योगिक विकास मंत्री ने नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने की गीडा के विकास कार्यों की समीक्षा

    औद्योगिक विकास मंत्री ने नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने की गीडा के विकास कार्यों की समीक्षा

    मंत्री नन्दी ने औद्योगिक क्षेत्रों को सजाने, संवारने और मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के दिए निर्देश*

    एजेंसी द्वारा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के कार्यों की निगरानी किए जाने के दिए निर्देश

    ई-टेंडर के जरिये ही कार्यों का आवंटन कराने और ऑनलाइन नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को अपनाने के निर्देश दिए

    गोरखपुर पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने रविवार को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण के विकास कार्यों की समीक्षा की। जिसमें मंत्री नन्दी ने अधिकारियों को औद्योगिक क्षेत्रों को सजाने, संवारने और मूलभूत सुविधाओं को व्यवस्थित बनाने के साथ ही ई-टेंडर के जरिये ही कार्यों का आवंटन किए जाने के निर्देश दिए।
    गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण के विकास कार्यों से मंत्री नन्दी को अवगत कराते हुए सीईओ गीडा श्रीमती अनुज मलिक ने कहा कि गीडा के विकास योजना के तहत 99 गांवों में अधिसूचित क्षेत्रफल 27 हजार 135 एकड़ है। जिसमें से अब तक गीडा द्वारा 3110 एकड़ भूमि एक्वायर किया गया हैं। कहा कि गीडा को 33 सेक्टर में विभाजित किया गया है। बताया कि 2024-25 में 31 अगस्त तक पांच महीने में 365 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है। भूमि क्रय करने की प्रगति के लिए रिटायर्ड लेखपाल और कानूनगो रखे गए हैं। प्रतिनियुक्ति पर कर्मचारियों के नियुक्ति की मांग की गई है। बताया कि प्रस्तावित लैंड बैंक में दो गांव पिपरा और सेनुहारी ऐसे हैं, जिसकी 45 एकड़ भूमि पर उच्चतम न्यायालय में मामला लम्बित है। जिस पर मंत्री नन्दी ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी किए जाने के निर्देश दिए।
    मंत्री नन्दी ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों को सबसे पहले सुंदर और आकर्षक बनाए जाने की जरूरत है। जिसके लिए गीडा की जमीनों पर आगे गेट बनाया जाए। पूरे क्षेत्र और प्लॉट को अट्रैक्टिव बनाया जाए। कहा कि नाली-रोड अच्छा हो, इसका विशेष ध्यान दिया जाए। टेंडर प्रतिष्ठित फर्मों को ही दिया जाए ताकि काम अच्छा हो।
    मंत्री नन्दी ने कहा कि आउटसोर्सिंग पर जो कर्मचारी रखे जा रहे हैं, वो एजेंसी के जरिये रखे जाते हैं। लेकिन निगरानी विभाग ही करता है। एजेंसी द्वारा भी कर्मचारियों के कार्यों की निगरानी की जानी चाहिए। नहीं तो लापरवाही पाए जाने पर उनका बिल काटा जाए। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को एजेंसी द्वारा जो कार्य और जिम्मेदारी जा रही है, इसकी जवाबदेही एजेंसी द्वारा तय की जानी चाहिए। मंत्री नन्दी ने विद्युत विभाग के कार्यों की जानकारी ली।

    मंत्री नन्दी ने कहा कि सॉफ्टवेयर ऐसा बनाया जाए जिससे पूरी जानकारी पारदर्शी हो। एक ही स्थान पर सेक्टर वाइज पूरी जानकारी आ जाए। डिफाल्टर आदि की लिस्ट भी एक ही स्थान पर ऑनलाइन मौजूद हो। मंत्री नन्दी ने कहा कि नक्शा पास कराने की प्रक्रिया ऑनलाइन की जय। ऑफलाइन में समय ज्यादा लगता है।

  • पूरी तरह सौर ऊर्जा पर संचालित होगा महायोगी गोरखनाथ विवि

    पूरी तरह सौर ऊर्जा पर संचालित होगा महायोगी गोरखनाथ विवि

    पूरी तरह सौर ऊर्जा पर संचालित होगा महायोगी गोरखनाथ विवि

    महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक में लिया गया निर्णय

    15000 की क्षमता के स्टेडियम निर्माण और वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियों को बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी

    1500 की क्षमता का बनेगा बहुउद्देश्यीय ऑडिटोरियम, 11000 पौधरोपण से बनेगा ग्रीन कैम्पस

    गोरखपुर, 29 सितंबर। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, आरोग्यधाम बालापार गोरखपुर ने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह विश्वविद्यालय आने वाले दिनों में ऊर्जा संबंधी आवश्यकताओं के लिए पूरी तरह सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करेगा। विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने रविवार को हुई बैठक में शत प्रतिशत सौर ऊर्जा के उपयोग और इस संबंध में जरूरी व्यवस्थाओं से जुड़े प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। कार्य परिषद ने सौर ऊर्जा के रूप में क्लीन एनर्जी के प्रयोग के साथ ही कैम्पस को ग्रीन बनाने के लिए 11 हजार पौधरोपण, 15 हजार की क्षमता के स्टेडियम और 1500 की क्षमता के अत्याधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी है।

    महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल डॉ. अतुल वाजपेयी की अध्यक्षता एवं कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव के संचालन में हुई कार्यपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए उप कुलसचिव (प्रशासन) श्रीकांत ने बताया कि कार्य परिषद ने तय किया है कि जल्द ही विश्वविद्यालय में ऊर्जा संबंधी सभी जरूरतें सौर ऊर्जा से पूरी की जाएंगी। इसके लिए जरूरी सिस्टम की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है। कार्य परिषद ने इस बात पर हर्ष व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय में सभी कक्षाओं को स्मार्ट क्लास रूम में अपग्रेड कर दिया गया है। आने वाले समय में विश्वविद्यालय का अपना सिम्यूलेशन लैब भी होगा। इससे जुड़े प्रस्ताव को बैठक में स्वीकार कर लिया गया है। कार्य परिषद ने इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है कि ग्रीन कैम्पस की परिकल्पना को साकार करने के लिए परिसर में 11000 पौधों का रोपण कराया जाए। शैक्षणिक व अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 1500 की क्षमता का बहुउद्देश्यीय ऑडिटोरियम बनाने और विश्वविद्यालय के अपने स्टेडियम के निर्माण के लिए रखे गए प्रस्तावों को भी कार्य परिषद के सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की। यह भी तय किया गया है कि विश्वविद्यालय आने वाले समय में वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।

    *अगले सत्र से होगी फोरेंसिक साइंस और एआई की पढ़ाई*
    स्थापना के बाद से समयानुकूल पाठ्यक्रमों को संचालित कर रहे महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में अगले सत्र से फोरेंसिक साइंस, आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और ड्रोन टेक्नोलॉजी की भी पढ़ाई होगी। इसके लिए पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। इससे जुड़े प्रस्ताव पर भी कार्य परिषद की बैठक में मुहर लगा दी गई है।

    *एमबीबीएस और बीएएमएस का नया सत्र 14 अक्टूबर से*
    विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक में इस सत्र से एमबीबीएस कोर्स को मान्यता मिलने और सभी सीटों पर प्रवेश होने पर प्रसन्नता व्यक्त की गई। बैठक में बताया गया कि स्टेट कोटा नीट काउंसिलिंग में छात्रों ने महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के श्री गोरक्षनाथ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर को पहली प्राथमिकता दी है। बैठक में एमबीबीएस और बीएएमएस के नए सत्र का संचालन 14 अक्टूबर से शुरू किए जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया गया।
    कार्य परिषद की बैठक में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की आचार्य डॉ. शोभा गौड़, महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के सदस्य प्रमथ नाथ मिश्र, महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य रामजन्म सिंह, प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव के प्रतिनिधि संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा प्रेम कुमार पांडेय, वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. सीएम सिन्हा महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता डॉ. सुनील कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक अमित कुमार सिंह, आयुर्वेद कॉलेज के सह आचार्य डॉ. सुमित कुमार एम., सहायक आचार्य डॉ. प्रिया एसआर नैयर, सीए अनिल कुमार सिंह, मुख्य अभियंता नीरज कुमार गौतम, सहायक अभियंता आशीष सिंह व्यक्तिगत रूप से तथा देवीपाटन शक्तिपीठ के महंत योगी मिथिलेशनाथ, चिकित्सा संकाय के अधिष्ठाता डॉ. हरिओम शरण, महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के प्रमथनाथ मिश्र ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।

  • धर्म, लोक और राष्ट्र कल्याण को समर्पित था भाईजी का जीवन: सीएम योगी

    धर्म, लोक और राष्ट्र कल्याण को समर्पित था भाईजी का जीवन: सीएम योगी

    विश्व प्रसिद्ध धार्मिक पत्रिका कल्याण के आदि संपादक हनुमान प्रसाद पोद्दार ‘भाईजी’ की 132वीं जयंती पर मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

    नागरिक कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन होगी भाईजी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि : सीएम योगी

    कल्याण पत्रिका को सदगृहस्थ जीवन की मार्गदर्शिका बनाया भाईजी ने

    गोरखपुर, 29 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध धार्मिक-आध्यात्मिक पत्रिका कल्याण के आदि संपादक हनुमान प्रसाद पोद्दार ‘भाईजी’ का पूरा जीवन धर्म, लोक और राष्ट्र कल्याण को समर्पित था। अपने समय में उन्होंने जीवन के प्रत्येक पक्ष में समाज का मार्गदर्शन किया। आज हम अपने नागरिक कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन कर भाईजी को सच्ची श्रद्धांजलि दी सकते हैं।

    सीएम योगी रविवार सायंकाल गीता वाटिका में विश्व प्रसिद्ध धार्मिक पत्रिका कल्याण के आदि संपादक हनुमान प्रसाद पोद्दार ‘भाईजी’ की 132वीं जयंती पर आयोजित श्रद्धार्चन सभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक जगत का कैसा कोई कार्य गत सदी में नहीं है जिसमें कम से कम 70 वर्ष के कालखंड में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से भाईजी की सहभागिता न रही हो। गोरखपुर को उन्होंने अपनी साहित्यिक साधन का केंद्र बनाया। 1927 में धार्मिक-आध्यात्मिक पत्रिका कल्याण का गोरखपुर से प्रकाशन शुरू करने वाले इसके आदि संपादक भाईजी ने कल्याण को न केवल हर सनातनी के घर पहुंचाया बल्कि इसे सदगृहस्थ जीवन के लिए मार्गदर्शिका बनाया। देश-दुनिया के सनातनियों के घर अगर कल्याण पत्रिका पहुंची तो इसका श्रेय भाईजी को ही जाता है।

    *भाईजी की साधना में था धर्म, देश और लोक कल्याण का भाव*
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साधना का एक पक्ष होता है। जिस भाव से हम साधना करेंगे परिणाम भी उसी के अनुरूप आएगा। भाईजी की साधना में धर्म, लोक और राष्ट्र कल्याण का भाव था। उन्होंने आजादी के आंदोलन में भी भाग लिया। इसके लिए ब्रिटिश हुकूमत ने उन्हें यातना दी, प्रताड़ित किया कल्याण पत्रिका को जब्त भी किया। इसके बावजूद स्वाधीनता आंदोलन के दौर में ऐसा कोई प्रबुद्ध नेता या प्रबुद्ध क्रांतिकारी नहीं था जो भाई जी के संपर्क में न रहा हो। उन्होंने साहित्य साधना से आजादी के आंदोलन को आगे बढ़ाया।

    *संस्कारयुक्त परिवार के लिए भाईजी ने दी लेखनी को धार*
    सीएम योगी ने कहा कि हमें यह ध्यान रखना होगा कि जीवन केवल जीने के लिए नहीं होता है। यदि हम ऊंचे लक्ष्यों के लिए प्रयास करेंगे और उसी आधार पर आचरण करेंगे तो परिणाम भी उसी अनुरूप आएगा। आजादी के बाद भारत को कैसे बनना चाहिए, इसको ध्यान में रखकर संस्कारयुक्त परिवार के लिए भाईजी ने अपनी लेखनी को धार दी।

    *गीता प्रेस को सनातन साहित्य का सबसे बड़ा केंद्र बनाने में भाईजी की साधना का योगदान*
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गीता प्रेस अगर आज दुनिया में सनातन साहित्य के प्रकाशन और प्रचार-प्रसार का सबसे बड़ा केंद्र है तो इसके मूल में भाईजी हनुमान प्रसाद पोद्दार की साहित्यिक साधना ही है। उन्होंने वैदिक साहित्य की चिंतन परंपरा को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गोरखपुर में गीता प्रेस की स्थापना सेठ जयदयाल गोयंदका ने की थी लेकिन इसे साहित्यिक साधन से भाईजी ने ही आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि वैदिक साहित्य उत्कृष्ट नहीं होते तो जर्मनी जैसा देश इस पर शोध करके खुद को एक बड़ी ताकत के रूप में प्रस्तुत नहीं कर पाता। गुलामी का कालखंड तभी झेलना पड़ा जब हमने अपने वैदिक साहित्य पर आत्म गौरव की अनुभूति नहीं की, अपनी विरासत को विस्मृति किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गीताप्रेस की स्थापना का गत वर्ष शताब्दी महोत्सव मनाया गया। यह कोई सामान्य बात नहीं थी इसलिए शताब्दी महोत्सव के उद्घाटन में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और समापन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन हुआ। गीता प्रेस की साहित्यिक साधना के लिए गत वर्ष इसे गांधी शांति पुरस्कार भी मिला।

    *महानता के गुण से ही होता है लंबी अवधि के बाद भी स्मरण*
    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति के जीते जी अलग-अलग कारण से सभी लोग उसे याद रखते हैं लेकिन यदि लंबी अवधि के बाद भी किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व और कृतित्व का स्मरण किया जाता है तो निश्चित ही उस व्यक्ति में महानता के गुण होंगे। उसने देश, धर्म और समाज के लिए अविस्मरणीय योगदान दिया होगा। हम श्रीराम और श्रीकृष्ण को आज भी ऐसे ही योगदान के कारण दैवीय विभूति के रूप में स्मरण कर श्रद्धावनत होते हैं। भाईजी हनुमान प्रसाद पोद्दार का भौतिक देह 53 वर्ष पूर्व से नहीं है लेकिन आज भी हम उनकी साहित्य साधना, शिक्षा, गोरक्षा के क्षेत्र में योगदान और आध्यात्मिक, सांस्कृतिक आंदोलनों के लिए याद करते हैं। उन्होंने कहा कि महापुरुषों का कृतित्व शाश्वत सत्य की व्यवस्था पर आधारित होता है।

    *समाज में लोक कल्याण का भाव कमजोर होना चिंतनीय*
    सीएम योगी ने कहा कि डिजिटल युग में जब हर हाथ में स्मार्टफोन है, साहित्यिक साधना कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है। देश, समाज और संस्कृति के मूल्यों को लेकर लोक का स्वर मंदित पड़ता दिखाई देता है। आज लोक कल्याण का भाव सरकार में तो है लेकिन इस भाव का समाज में कमजोर होना चिंतनीय है। यदि हम आराम का जीवन बिता रहे हैं और बगल में कोई भूखों मर रहा है तो हमारा पहला दायित्व उसकी सेवा करने का है। भाईजी का जीवन इसी की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा था कि चुपचाप मदद करो, किसी को एक हाथ से दान ऐसे दो कि दूसरे हाथ को भी पता न चले।

    *हरेक क्षेत्र में ईमानदारी से दायित्व निर्वहन से बनेगा विकसित भारत*
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का संकल्प देशवासियों को दिया है। इसके लिए संभावना और परिस्थितियां भी अनुकूल हैं। ऐसे में जरूरी है कि हम अपने अपने कार्यक्षेत्र में अपने दायित्वों का निर्वाह ईमानदारी से करें। ऐसा करने से भाईजी की आत्मा को भी संतुष्टि मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की दुनिया में एकपक्षीय ध्रुव संभव नहीं है। आज के नए भारत और मजबूत भारत के चलते दुनिया का हर देश चाहता है कि भारत उसके साथ खड़ा रहे। भाईजी और उनके अनन्य सहयोगी राधा बाबा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने दोनों विभूतियों को दो शरीर और एक आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि भाईजी ने अपने कालखंड में धर्म, लोक, समाज और राष्ट्र के कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया।
    भाई जी के प्रति श्रद्धार्चन के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनकी समाधि स्थली पर भी गए और पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी श्रद्धा निवेदित की। इस अवसर पर कथावाचक नरहरि दास जी महाराज, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव प्रो. सच्चिदानंद जोशी, अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. बालमुकुंद पांडेय, भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद के निदेशक (शोध एवं प्रशासन) ओम जी उपाध्याय, हनुमान प्रसाद पोद्दार स्मारक समिति के सचिव उमेश सिंहानिया, संयुक्त सचिव रसेंदु फोगला, विष्णु प्रसाद अजितसरिया आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

  • अंग्रेज़ी विभाग के लिटरेरी क्लब द्वारा आयोजित होंगी विभिन्न साहित्यिक प्रतियोगिताएँ

    अंग्रेज़ी विभाग के लिटरेरी क्लब द्वारा आयोजित होंगी विभिन्न साहित्यिक प्रतियोगिताएँ

    अंग्रेज़ी विभाग के लिटरेरी क्लब द्वारा आयोजित होंगी विभिन्न साहित्यिक प्रतियोगिताएँ
    अक्टूबर माह के प्रथम सप्ताह से आयोजित होगी लिटरेरी कंपटीशन सीरीज

    कुलपति का विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर रहता है ज़ोर

    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर के अंग्रेज़ी विभाग द्वारा गठित लिटरेरी क्लब द्वारा विभाग में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जायेगा,जिसका संचालन विभागाध्यक्ष के नेतृत्व में विद्यार्थियों द्वारा ही किया जाएगा। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि इन सभी गतिविधियों के सफल संचालन की जिम्मेदारी विद्यार्थियों को ही दी गई है,उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका विद्यार्थियों द्वारा बेहतर तरीके से प्रकाशित की जाती है ,उन्हीं विद्यार्थियों को विभागाध्यक्ष की देख रेख में इस कोर ग्रुप का सदस्य बनाया गया है।कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसी गतिविधियों को आयोजित करने के लिए हमेशा ज़ोर देती रहतीं हैं। गत वर्ष आयोजित प्रतियोगिताओं के लिए विद्यार्थियों को कुलपति द्वारा प्रमाण पत्र देकर उनका मनोबल बढ़ाया गया था।

    ये विद्यार्थी होंगे लिटरेरी क्लब के सदस्य

    एम.ए तृतीय सेमेस्टर:
    – जाह्नवी सिंह
    – श्रेया मिश्रा
    – प्रकृति पटेल
    – सुस्मिता सिंह
    – आकर्षिका सिंह
    – आकांक्षा पांडेय
    – आयुषी राव
    – श्वेता उपाध्याय
    – आनंद सिंह
    – कुशाग्र मिश्रा
    – सुधांशु राय
    – आयुष्मान पांडेय
    – अमीषा राव
    – आरुषि गौतम

    एम.ए प्रथम सेमेस्टर:
    – सुंदरम पांडेय
    – राज वैभव त्रिपाठी
    – सोनल
    – अविका शुक्ला
    – अंजू उपाध्याय
    – अनुष्का कृष्णा राय
    – अंजली वर्मा
    – ⁠प्रिया शर्मा

    अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में आयोजित होगी वाद-विवाद प्रतियोगिता

    लिटरेरी क्लब द्वारा अगले सप्ताह साहित्यिक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिसका विषय है: “डिजिटल साहित्य बनाम पारंपरिक साहित्य: एआई से प्रेरित विकास या क्रांति?”
    प्रो शुक्ला ने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस ) की तेजी से बढ़ती भूमिका ने साहित्य के क्षेत्र में नई बहस छेड़ दी है। इस वाद-विवाद में यह सवाल उठेगा कि क्या ए-आई साहित्य में स्वाभाविक विकास का साधन है, या यह एक क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है जो पारंपरिक साहित्य की नींव को चुनौती दे रहा है
    प्रोफेसर अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि एम.‍‌ए तृतीय सेमेस्टर तथा प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों में इस प्रतियोगिता को लेकर काफी उत्साह है विद्यार्थियों ने इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए अपने नाम देने शुरू कर दिए हैं।

  • विशिष्ट बी.टी.सी. शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन गोरखपुर शिक्षकों का करेगा सम्मान

    विशिष्ट बी.टी.सी. शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन गोरखपुर शिक्षकों का करेगा सम्मान

    विशिष्ट बी.टी.सी. शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन गोरखपुर शिक्षकों का करेगा सम्मान

    गोरखपुर

    विशिष्ट बी.टी.सी. शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, उ.प्र., गोरखपुर मंडल द्वारा विगत सात वर्षों से मंडल के सूदूर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में उत्कृष्ट शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों को सम्मानित करने का कार्य निरंतर करता आ रहा है । उसी क्रम में इस वर्ष 30 सितम्बर को 01 बजे से डायट स्थित गुरु गोरक्षनाथ सभागार में गोरखपुर मंडल के 60 उत्कृष्ट शिक्षकों, अनुदेशकों, शिक्षामित्रों, विशेष शिक्षकों व कस्तूरबा विद्यालय के शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा तथा विशिष्ट संवर्ग से उच्च पदों पर कार्यरत 05 पूर्व शिक्षकों को भी सम्मानित किया जाएंगा । कैम्प कार्यालय पर आयोजित तैयारी बैठक में प्रदेश मंत्री व आयोजन समिति के संयोजक तारकेश्वर शाही ने अपने संबोधन में उक्त बातें कही । बैठक की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष उपेन्द्र उपाध्याय व संचालन त्रिपुरारी दूबे ने किया ।
    तैयारी बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संगठन मंत्री संजयराज सिंह, मंडल उपाध्यक्ष विनोद मिश्र व ईश्वर चन्द्र शुक्ल, मंडल कोषाध्यक्ष रणधीर सिंह, मीडिया प्रभारी रणधीर प्रताप शाही, जिलाध्यक्ष देवरिया विज्ञान सिंह, कोषाध्यक्ष गोरखपुर शिवरतन निषाद आदि उपस्थित रहे ।

  • रामजानकी मार्ग गढ्ढे में हुआ तब्दील ई रिक्शा पटलने से यात्री हुए घायल

    रामजानकी मार्ग गढ्ढे में हुआ तब्दील ई रिक्शा पटलने से यात्री हुए घायल

    रामजानकी मार्ग गढ्ढे में हुआ तब्दील ई रिक्शा पटलने से यात्री हुए घायल

    पिड़हनी चौराहे पर 2 फुट गढ्ढे में पांच ई रिक्शा पलटा

    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बड़हलगंज /गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे)
    रास्ट्रीय रामजानकी राज मार्ग बड़हलगंज से बरहज देवरिया सहित विहार भागलपुर बलिया को जोड़ने वाली सड़क बड़हलगंज से पटनाघाट के बीच दर्जनों जगह गढ्ढे में तब्दील हो गयी हैं ।
    सबसे दयनीय स्थिति पीडहनी चौराहे पर बने गढ्ढे की हैं जो 2 फुट से 3 फुट गहरा हो गया हैं।
    बरसात का पानी भरा होने से किसी गाड़ी चालक को मालूम नही पड़ रहा हैं किधर समतल हैं किधर गढ्ढा हैं ।
    शनिवार दोहपर 2 बजे के तकरीबन आधे घण्टे के अंतराल में यात्रियों से भरा पांच ई रिक्शा गढ्ढे में पलट गया ।जिसे चौराहे पर उपस्थित दुकानदारों ने दौड़ कर उठाया जिसमे 7 लोग
    चोटिल हो गए है ।
    इसी तरह पूर्व मंत्री स्व कल्पनाथ सिंह के आवास के पास, डेरवा चौराहे, सिधेगौर ,नेतवार पट्टी ,पटनाघाट गायघाट सहित अन्य जगहों पर गढ्ढा बन गया ।

  • खुशबू तिवारी केटी और काजल त्रिपाठी का देवी गीत ‘कहवां से आवेली शीतली मइया’ यूट्यूब पर हुआ वायरल

    खुशबू तिवारी केटी और काजल त्रिपाठी का देवी गीत ‘कहवां से आवेली शीतली मइया’ यूट्यूब पर हुआ वायरल

    खुशबू तिवारी केटी और काजल त्रिपाठी का देवी गीत ‘कहवां से आवेली शीतली मइया’ यूट्यूब पर हुआ वायरल

    भोजपुरी सिंगर खुशबू तिवारी केटी की आवाज में गाया हुआ भक्ति गीत ‘कहवां से आवेली शीतली मइया’ म्यूजिक कंपनी वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल से ऑडियन्स के बीच आ चुका है। जो रिलीज के साथ ही यूट्यूब पर वायरल हो गया है। वही इसमें एक्ट्रेस काजल त्रिपाठी ने अजने एक्सप्रेशन और मनमोहक परफॉर्मर्स से दर्शकों को अपना दीवाना बना दिया है। काजल त्रिपाठी इस समय बहुत ही ज्यादा पॉपुलर कलाकारों की लिस्ट में शामिल हो गई हैं। उनको इस समय काफी ज्यादा सर्च किया जा रहा है। वही खुशबू तिवारी केटी भी इंडस्ट्री का जाना माना नाम है अब इन दोनों को एक गाने में साथ आना दर्शकोंन के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है। ये देवी गीत यूट्यूब पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। गाने के वीडियो में दिखाया गया है कि काजल अपनी सखी सहेलियों साथ मिलकर पूछ रही हैं कि कौन देवी माँ कहाँ से आती है, कौन भगवान व देवता कहाँ से आते हैं। जवाब में धार्मिक स्थानों का जिक्र किया गया है, जिससे जवाब पूरा हो जाता है।
    काजल त्रिपाठी कह रही है कि…
    ‘कहवाँ से आवई शीतली मइया, कहवाँ से काली मइया हो, सखी हो कहवाँ से आवई भगवान त शिव शंकर भोला जी हो…’
    वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स प्रस्तुत इस देवी गीत ‘कहवां से आवेली शीतली मइया’ के निर्माता रत्नाकर कुमार हैं। इस गीत को सिंगर खुशबू तिवारी केटी ने भक्ति भाव में गाया है। इसके वीडियो में एक्ट्रेस काजल त्रिपाठी ने माता की भक्तिमय अदाकारी किया है। इस गाने को गीतकार यादव राज, ट्रेडिशनल ने लिखा है, जबकि संगीतकार डीपी यादव ने मधुर संगीत दिया है। वीडियो डायरेक्टर सुनील बाबा, कोरियोग्राफर एमके गुप्ता जॉय, डीओपी गौरव राय एंड रंजन, एडिटर आलोक गुप्ता हैं। डीआई रोहित सिंह, प्रोडक्शन पंकज सोनी ने किया है। इस गाने का ऑल राइट वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स के पास है।