Author: Nishpaksh Today

  • दिव्यांग बच्चों के अभिभावक काउंसलिंग का हुआ आयोजन

    दिव्यांग बच्चों के अभिभावक काउंसलिंग का हुआ आयोजन

    दिव्यांग बच्चों के अभिभावक काउंसलिंग का हुआ आयोजन

    गोला: ब्लॉक सभागार में शुक्रवार खण्ड शिक्षा अधिकारी उदयशंकर राय की अध्यक्षता में ब्लॉक के समस्त परिषदीय, उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों के अध्ययनरत कक्षा एक से आठ तक के दिव्यांग बच्चों के माता-पिता एवं अभिभावकों की काउंसिलिंग का आयोजन किया गया, इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी उदय शंकर राय ने कहा कि सभी अभिभावकों को अपने दिव्यांग बच्चों को विद्यालय प्रतिदिन भेजने चाहिए व सरकारी सुविधाएं जैसे कार्ड ,व्हील चेयर , ट्राई सायकल, सी. पी. चेयर, एम. आर. किट, हियरिंग एंड एच. बी. ई. कीट आदि सारी सुविधाओ तथा स्कॉर्ट व स्टाइपेंड का लाभ शासन द्वारा प्राप्त करने के साथ उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रोत्साहित किया गया और विद्यालय प्रतिदिन भेजने के लिए प्रेरित भी किया गया. इस अवसर पर देवी प्रसाद, आर बी यादव, प्रदीप, आमिर हसन, राजन, उपेंद्र तिवारी आदि समस्त बी. आर. सी. स्टाफ उपस्थित रहे.

  • बच्चो में वैज्ञानिक चेतना का विकास करें शिक्षक बीईओ

    बच्चो में वैज्ञानिक चेतना का विकास करें शिक्षक बीईओ

    बच्चो में वैज्ञानिक चेतना का विकास करें शिक्षक – बीईओ

    # बीआरसी गोला में हुआ पुरस्कार वितरण समारोह।

    गोला: राष्ट्रीय अविष्कार अभियान के अंतर्गत बेसिक शिक्षा परिषद के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जिज्ञासा आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने तथा गणित विज्ञान एवम् प्रौद्योगिकी को लोकप्रिय बनाने व बच्चो में विवेकपूर्ण, तार्किकता, परीक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र गोला पर क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमे क्षेत्र के 117 छात्र – छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
    इस अवसर पर बच्चो को पुरस्कार वितरित करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी गोला उदय शंकर राय ने कहा कि शिक्षक छात्र – छात्राओं में प्रयोग के विविध अवसर उपलब्ध कराने, विज्ञान की प्रकृति सम्यक समझ बनाने तथा प्रतिस्पर्धात्मक भावना के विकास के लिए क्विज प्रतियोगिताएं होती रहनी चाहिए।शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं , शिक्षक बच्चो में उच्च संस्कार के साथ वैज्ञानिक चेतना का विकास जरूर करें, इस अवसर पर उपस्थित प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष काशीनाथ तिवारी ने कहा कि शिक्षक बच्चों में तर्क शक्ति विकसित करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करें क्योंकि बेहतर जीवन जीने के लिए विज्ञान अति आवश्यक है। ए आर पी रामनयन शुक्ल ने कहा कि निपुण भारत लक्ष्य की संप्राप्ति तभी संभव है जब सभी शिक्षक संकल्पित होकर स्कारात्मक सोच के साथ लर्निंग आउटकम को उच्च स्तर तक पहुंचाएं। ए आर पी विपिन मिश्र ने विज्ञान शिक्षण में मॉडल की उपयोगिता पर प्रकाश डाले. कार्यक्रम का संचालन शिक्षक रवींद्र नाथ यादव ने किया. इस अवसर पर जिला कार्य समिति सदस्य मनोज सिंह, रणविजय सिंह,उपेंद्र कुमार मिश्र, सूर्य प्रताप राय, जैनेन्द्र दुबे, रामकृष्ण शुक्ल, सुरेश, हरे कृष्ण दुबे , रणधीर सिंह, विनोद सिंह, दिवाकर मौर्य, अनिल मिश्र,नीलम राय, हितेश यादव, विद्यासागर शुक्ल, जैनेंद्र दुबे, हरिकेश सिंह, अनिल भारती, रंजीत कुमार,अनुज चौधरी, जावेद अहमद ,शिव कुमार, चंद्रकेतु प्रसाद, छोटक प्रसाद, रीता स्वरूप, आनंद यादव, रामलाल, अजीत कुमार, पप्पू कुमार, सतेंद्र चंद, सरयू शरण ,संतोष कुमार,रामलाल यादव, प्रदीप मिश्र, संतोष यादव, देवी प्रसाद, राजन मल्ल, सैयद आमिर हसन आदि लोग उपस्थित रहे।

    —दस को मिला सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार—
    रोशनी गौड़ लक्ष्मीपुर प्रथम, साहिल प्रजापति मदरिया द्वितीय, ऋतिक शर्मा मदरिया तृतीय, प्रिंस यादव दुरई, संगिनी रानीपुर, अभिषेक मौर्य मदरिया, अतुल कुमार घरावल, तपस्या प्रजापति मन्नी पुर सहड़ौली, अनन्या बाड़ी तरया, बेबी यादव बरईपार रामरूप.

  • दवाई वाला चारा खाते ही मर गई गौशाला की सैकड़ों गाय, श्रावस्ती में मचा हडकंप

    दवाई वाला चारा खाते ही मर गई गौशाला की सैकड़ों गाय, श्रावस्ती में मचा हडकंप

    दवाई वाला चारा खाते ही मर गई गौशाला की सैकड़ों गाय, श्रावस्ती में मचा हडकंप

    श्रावस्ती

    उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में एक गौशाला में बीती रात डॉक्टरों की लापरवाही से सैकड़ों गायों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि गौशाला में कुछ गायों की तबीयत खराब थी।डॉक्टरों ने आकर देखा और दवा दी।सभी गायों के चारे में डॉक्टर की दी गई दवा को मिला दिया गया।इसके बाद एक के बाद एक गायों की मौत का सिलसिला शुरू हो गया।देखते ही देखते गौशाला शमशान घाट में तब्दील हो गयी और सैकड़ों गायों की मौत हो गई।

    जिले के गिलौला विकासखंड के काशीपुर के मूसा गांव में गौशाला में कल कुछ गायों की तबीयत खराब थी।डॉक्टर ने आकर गायों के स्वास्थ्य की जांच की और चारे में दवा मिलाई गई और गायों को खिला दी गई।इसके बाद गौशाला शमशान घाट में तब्दील होने लगी।एक के बाद एक गायों की मौत का सिलसिला जो शुरू हुआ तो सैकड़ों गायों की मौत हो गई।

    गायों की मौत से पूरे जिले में हड़कंप मच गया।आनन फानन में डीएम और एसपी गौशाला पहुंचे और जांच शुरू की।डीएम ने कहा कि डॉक्टरों की टीम बुलाई गई है और उच्च स्तरीय जांच भी होगी।जांच में दोषी पाए गए लोगों के ऊपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ गायों को गौशाला के कर्मचारियों द्वारा गड्ढा खोदकर दफना भी दिया गया।अब सवाल यही उठ रहा है कि गौशाला में हुई सैकड़ों गायों की मौत की जिम्मेदार कौन है।

  • नगर निगम उद्यान विभाग व बिजली विभाग की संयुक्त टीम में मियां बाजार में लटक रही पेड़ की टहनियों को काटा

    नगर निगम उद्यान विभाग व बिजली विभाग की संयुक्त टीम में मियां बाजार में लटक रही पेड़ की टहनियों को काटा

    नगर निगम उद्यान विभाग व बिजली विभाग की संयुक्त टीम में मियां बाजार में लटक रही पेड़ की टहनियों को काटा

    हाई टेंशन तार पर लटक रहे पेड़ की टहनियों की वजह से हो सकता था बड़ा हादसा

    माया बाजार के पार्षद समद गुफरान की मौजूदगी में विभाग में चलाया संयुक्त अभियान

    गोरखपुर । जनपद में हाई टेंशन तार पर लटक रही टहनियों की वजह से आए दिन घटनाएं व दुर्घटनाएं होती रहती है जिसको को लेकर वार्ड नंबर 62 माया बाजार के पार्षद समद गुफरान ने बक्शीपुर के अधिशासी अभियंता अतुल रघुवंशी और अवर अभियंता को इसकी सूचना दी। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए नगर निगम उद्यान विभाग व बिजली विभाग की संयुक्त टीम द्वारा आज टाउन हॉल से हठ्ठी माता मंदिर रोड के पास बिजली के तारों पर लटक रहे टहनियों को काटने का काम किया गया। पेड़ की टहनियां कटने से रोड भी चौड़ी दिख रही है और दुर्घटना की संभावना भी कम होगी।
    मीडिया से बात करते हुए पार्षद समद गुफरान ने कहा कि टॉउन हाल से हठ्ठी माता स्थान की तरफ हजारों लोगों का यहां से गुजरना होता है पेड़ की टहनियां बढ़ गई थी जो हाई टेंशन तार को टच कर रही थी कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था पेड़ की टहनियों रोड की तरफ झुकी हुई थी जिसे रास्ता सकरा हो गया था और नगर निगम की सफाई गाड़ी को भी यहां तक आने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था आज नगर निगम उद्यान विभाग व बिजली विभाग की संयुक्त के द्वारा अभियान चलाकर लटक रही पेड़ की टहनियों को काटने का काम किया है पेड़ की टहनियों की वजह से स्ट्रीट लाइट का खम्बा टेढ़ा हो गया था और रोशनी को ढक दे रहा था बिजली विभाग और नगर निगम का यह प्रयास काफी सराहनीय है आम जनता के हित से जुड़ा यह मामला था पेड़ की टहनियां कट जाने से रास्ता भी चौड़ा दिख रहा है और आवागमन भी सुचारू से चलेगा जल्दी ही फुटपाथ बनवाकर सुंदरीकरण भी कराया जाएगा नगर निगम द्वारा आर आर आर सेंटर का निर्माण कार्य चल रहा है जल्दी वह भी शुरू हो जाएगा दो धार्मिक स्थल यहाँ पर हैं। श्रद्धालुओं को यहां तक पहुंचने में काफी सहूलियत मिलेगी।
    अभियान में बिजली विभाग के कर्मचारी गोविंद ,राजन कुमार, बाल गोविंद व दिनेश यादव भी मौजूद रहे।

  • भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे संजय जोशी

    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे संजय जोशी

    ब्रेकिंग:भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे संजय जोशी ,सुरक्षा बढाई गयी मंत्रियों का मिलना जुलना बढ़ा:- सूत्र

  • डिजिटल युग में हर हाथ में मोबाइल-टैबलेट फिर भी सामाजिक-सांस्कृतिक मूल्यों का अवमूल्यन-क्षरण का कठिन दौर: योगी आदित्यनाथ

    डिजिटल युग में हर हाथ में मोबाइल-टैबलेट फिर भी सामाजिक-सांस्कृतिक मूल्यों का अवमूल्यन-क्षरण का कठिन दौर: योगी आदित्यनाथ

    डिजिटल युग में हर हाथ में मोबाइल-टैबलेट फिर भी सामाजिक-सांस्कृतिक मूल्यों का अवमूल्यन-क्षरण का कठिन दौर: योगी आदित्यनाथ

    गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महापुरुषों का कृतित्व होता है. यही वजह है कि किसी भी आयोजन में जाओ और गो-सेवा गौ रक्षा की बात होती है, तो स्वतः ही भाईजी का स्मरण हो जाता है. वह एक शाश्वत सत्य की व्यवस्था पर आधारित होता है वह देश काल और परिस्थिति से आवंटित होता है. वह जितना प्रासंगिक उसे समय था, उतना आज भी है. भाई जी हनुमान प्रसाद पोद्दार के कृतित्व 132 वर्षों बाद भी आज हमें उनकी याद दिलाते हैं. लेकिन आज हमारे लिए सबसे कठिन दौर चल रहा है. आज जब हम डिजिटल युग और डिजिटल मीडिया के युग की ओर बढ़ रहे हैं हर हाथ में टैबलेट और मोबाइल है. सामाजिक सांस्कृतिक मूल्य का अवमूल्यन हुआ है. सामाजिक समरसता कमजोर पड़ी है सांस्कृतिक मूल्यों को लेकर हमें चिंतन करने की जरूरत है. राष्ट्रीय आंदोलन के स्वर मद्धिम पड़ते दिखाई दे रहे हैं. हमारी स्थिति क्या है इस पर हमें विचार करने की जरूरत है.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को गीता वाटिका में भाई जी हनुमान प्रसाद पोद्दार की 132 में जयंती के अवसर पर लोगों को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने भाई जी हनुमान प्रसाद पोद्दार और राधा बाबा के कार्यों को याद करते हुए लोगों को उनसे प्रेरणा लेने की सीख दी. उन्होंने कहा कि हमें गर्व होना चाहिए कि दोनों ही महापुरुषों ने गोरखपुर को अपनी कर्मभूमि के रूप में चुनकर पूरा जीवन समर्पित कर दिया. सन 1932 में जब आजादी के आंदोलन के स्वर साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में आगे बढ़ रहे थे, उसे दौर में भाई जी हनुमान प्रसाद पोद्दार ने कल्याण पत्रिका के आदि संपादक के रूप में कार्य करते हुए इस सांस्कृतिक आंदोलन को आगे बढ़ाया. मुख्यमंत्री ने कहा कि कई ऐसे अवसर आए जब अंग्रेजों के गुलामी के दौर में कल्याण पत्रिका को जप्त कर लिया गया लेकिन भाई जी हनुमान प्रसाद पोद्दार की साहित्य साधना को वह नहीं रोक पाए.

    आज उनकी 132वीं जयंती पर हम उन्हें याद कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने सारा जीवन लोक कल्याण के लिए समर्पित कर दिया. सनातन हिंदू धर्म और लोगों की रक्षा के लिए उन्होंने ऐसा मार्ग चुना जिस मार्ग पर चलते हुए उन्हें ने न सिर्फ सामान सनातन धर्म की रक्षा की बल्कि लोगों को इससे प्रेरणा लेने की सीख भी दी. उन्होंने कहा कि यही वजह है कि जब गीता प्रेस के प्रबंध समिति के लोग उनके पास गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष समारोह और भाई जी जयदयाल को गोयन्दका की जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह के आयोजन को लेकर चर्चा करने आए तो उन्होंने कहा कि कोई भी कार्यक्रम ऐसे भाव नहीं होता है उसके लिए पूरे मनोयोग से लगना पड़ता है. गीता प्रेस की स्थापना के उद्देश्य को देखते हुए इसका शताब्दी वर्ष पूरी भव्यता के साथ मनाया जाना चाहिए. तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समारोह में आए. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आगमन हुआ और इसके पहले ही गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार मिला. यह बताता है कि सनातन धर्म और उसके ग की रक्षा के लिए जिस तरह से भाई जी हनुमान प्रसाद पोद्दार और अन्य लोगों ने योगदान दिया है उसी का परिणाम है कि आज हम सनातन धर्म और उसकी रक्षा के संकल्प के उनके उद्देश्यों के बारे में आज यहां चर्चा कर रहे हैं. उन्होंने किसी महान कार्य को आगे बढ़ाया है जिसके फल स्वरुप 132 वीं जयंती पर आज हम उनका स्मरण कर रहे हैं.

  • जमीन के बिना 22 लोगों ने किसान बनकर बैंक से लिया 1.20 करोड़ का ऋण, मुकदमा दर्ज

    जमीन के बिना 22 लोगों ने किसान बनकर बैंक से लिया 1.20 करोड़ का ऋण, मुकदमा दर्ज

    जमीन के बिना 22 लोगों ने किसान बनकर बैंक से लिया 1.20 करोड़ का ऋण, मुकदमा दर्ज

    बागपत
    बड़ौत की आईसीआईसी बैंक शाखा में किसी अन्य की जमीन को अपनी बताकर 22 लोगों ने किसान क्रेडिट कार्ड का 1.20 करोड़ रुपये का ऋण ले लिया। जिसे जमा नहीं करने पर बैंक ने आंतरिक जांच कराई तो ऋण के लिए जमा किए गए दस्तावेज फर्जी निकले। इसमें बड़ौत शाखा के बैंककर्मी और दलाल समेत 24 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।

    आईसीआईसीआई बैंक के अधिकारी गौरव शर्मा ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि बड़ौत शाखा में कुछ लोगों ने किसान क्रेडिट कार्ड के ऋण के लिए आवेदन किया। जिनकी जांच के बाद 1.20 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत कर दिया गया। जिसे लेने के बाद समय पर जमा नहीं किया गया। जिसके लिए लाभार्थियों पर तकादा किया और अभिलेखों की आंतरिक जांच कराई गई। जांच में जमीनों के दस्तावेज फर्जी निकले, जो जमीन दूसरे लोगों के नाम दर्ज मिली। उन्होंने *बैंक में भू अभिलेखों के सत्यापन करने वाले कर्मी करुण चौधरी और दलाल पप्पू निवासी पट्टी धंधान छपरौली पर धोखाधड़ी कर ऋण स्वीकृत कराने का आरोप लगाया। पुलिस का कहना है कि बैंककर्मी करुण चौधरी, दलाल पप्पू समेत 24 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

    आईसीआईसीआई बैंक के अधिकारी गौरव शर्मा ने सोनू कुमार, प्रमोद, रविंद्र, राजबीर, पूजा, गौरव कुमार, अमित सैनी, कुशलवीर निवासी नांगल छपरौली, पप्पू, रविंद्र, प्रीति निवासी छपरौली, बिजेंद्र, कृष्णा, रामकुमार, जय प्रकाश, सुभाष निवासी लुहारी, इंतजार निवासी पट्टी चौधरान आर्यनगर, लोकेंद्र, कपिल, शौकीन निवासी निवाड़ा, सुशील कुमार शर्मा निवासी इंद्रा कालोनी निवाड़ा, सुभाष निवासी अग्रवाल मंडी टटीरी, बैंककर्मी करूण चौधरी और बिचौलिया पप्पू निवासी छपरौली के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।।

  • जमीन के बिना 22 लोगों ने किसान बनकर बैंक से लिया 1.20 करोड़ का ऋण, मुकदमा दर्ज

    जमीन के बिना 22 लोगों ने किसान बनकर बैंक से लिया 1.20 करोड़ का ऋण, मुकदमा दर्ज

    जमीन के बिना 22 लोगों ने किसान बनकर बैंक से लिया 1.20 करोड़ का ऋण, मुकदमा दर्ज

    बागपत
    बड़ौत की आईसीआईसी बैंक शाखा में किसी अन्य की जमीन को अपनी बताकर 22 लोगों ने किसान क्रेडिट कार्ड का 1.20 करोड़ रुपये का ऋण ले लिया। जिसे जमा नहीं करने पर बैंक ने आंतरिक जांच कराई तो ऋण के लिए जमा किए गए दस्तावेज फर्जी निकले। इसमें बड़ौत शाखा के बैंककर्मी और दलाल समेत 24 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।

    आईसीआईसीआई बैंक के अधिकारी गौरव शर्मा ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि बड़ौत शाखा में कुछ लोगों ने किसान क्रेडिट कार्ड के ऋण के लिए आवेदन किया। जिनकी जांच के बाद 1.20 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत कर दिया गया। जिसे लेने के बाद समय पर जमा नहीं किया गया। जिसके लिए लाभार्थियों पर तकादा किया और अभिलेखों की आंतरिक जांच कराई गई। जांच में जमीनों के दस्तावेज फर्जी निकले, जो जमीन दूसरे लोगों के नाम दर्ज मिली। उन्होंने *बैंक में भू अभिलेखों के सत्यापन करने वाले कर्मी करुण चौधरी और दलाल पप्पू निवासी पट्टी धंधान छपरौली पर धोखाधड़ी कर ऋण स्वीकृत कराने का आरोप लगाया। पुलिस का कहना है कि बैंककर्मी करुण चौधरी, दलाल पप्पू समेत 24 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

    आईसीआईसीआई बैंक के अधिकारी गौरव शर्मा ने सोनू कुमार, प्रमोद, रविंद्र, राजबीर, पूजा, गौरव कुमार, अमित सैनी, कुशलवीर निवासी नांगल छपरौली, पप्पू, रविंद्र, प्रीति निवासी छपरौली, बिजेंद्र, कृष्णा, रामकुमार, जय प्रकाश, सुभाष निवासी लुहारी, इंतजार निवासी पट्टी चौधरान आर्यनगर, लोकेंद्र, कपिल, शौकीन निवासी निवाड़ा, सुशील कुमार शर्मा निवासी इंद्रा कालोनी निवाड़ा, सुभाष निवासी अग्रवाल मंडी टटीरी, बैंककर्मी करूण चौधरी और बिचौलिया पप्पू निवासी छपरौली के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।।

  • औद्योगिक विकास मंत्री ने नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने की गीडा के विकास कार्यों की समीक्षा

    औद्योगिक विकास मंत्री ने नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने की गीडा के विकास कार्यों की समीक्षा

    औद्योगिक विकास मंत्री ने नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने की गीडा के विकास कार्यों की समीक्षा

    मंत्री नन्दी ने औद्योगिक क्षेत्रों को सजाने, संवारने और मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के दिए निर्देश*

    एजेंसी द्वारा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के कार्यों की निगरानी किए जाने के दिए निर्देश

    ई-टेंडर के जरिये ही कार्यों का आवंटन कराने और ऑनलाइन नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को अपनाने के निर्देश दिए

    गोरखपुर पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने रविवार को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण के विकास कार्यों की समीक्षा की। जिसमें मंत्री नन्दी ने अधिकारियों को औद्योगिक क्षेत्रों को सजाने, संवारने और मूलभूत सुविधाओं को व्यवस्थित बनाने के साथ ही ई-टेंडर के जरिये ही कार्यों का आवंटन किए जाने के निर्देश दिए।
    गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण के विकास कार्यों से मंत्री नन्दी को अवगत कराते हुए सीईओ गीडा श्रीमती अनुज मलिक ने कहा कि गीडा के विकास योजना के तहत 99 गांवों में अधिसूचित क्षेत्रफल 27 हजार 135 एकड़ है। जिसमें से अब तक गीडा द्वारा 3110 एकड़ भूमि एक्वायर किया गया हैं। कहा कि गीडा को 33 सेक्टर में विभाजित किया गया है। बताया कि 2024-25 में 31 अगस्त तक पांच महीने में 365 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है। भूमि क्रय करने की प्रगति के लिए रिटायर्ड लेखपाल और कानूनगो रखे गए हैं। प्रतिनियुक्ति पर कर्मचारियों के नियुक्ति की मांग की गई है। बताया कि प्रस्तावित लैंड बैंक में दो गांव पिपरा और सेनुहारी ऐसे हैं, जिसकी 45 एकड़ भूमि पर उच्चतम न्यायालय में मामला लम्बित है। जिस पर मंत्री नन्दी ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी किए जाने के निर्देश दिए।
    मंत्री नन्दी ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों को सबसे पहले सुंदर और आकर्षक बनाए जाने की जरूरत है। जिसके लिए गीडा की जमीनों पर आगे गेट बनाया जाए। पूरे क्षेत्र और प्लॉट को अट्रैक्टिव बनाया जाए। कहा कि नाली-रोड अच्छा हो, इसका विशेष ध्यान दिया जाए। टेंडर प्रतिष्ठित फर्मों को ही दिया जाए ताकि काम अच्छा हो।
    मंत्री नन्दी ने कहा कि आउटसोर्सिंग पर जो कर्मचारी रखे जा रहे हैं, वो एजेंसी के जरिये रखे जाते हैं। लेकिन निगरानी विभाग ही करता है। एजेंसी द्वारा भी कर्मचारियों के कार्यों की निगरानी की जानी चाहिए। नहीं तो लापरवाही पाए जाने पर उनका बिल काटा जाए। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को एजेंसी द्वारा जो कार्य और जिम्मेदारी जा रही है, इसकी जवाबदेही एजेंसी द्वारा तय की जानी चाहिए। मंत्री नन्दी ने विद्युत विभाग के कार्यों की जानकारी ली।

    मंत्री नन्दी ने कहा कि सॉफ्टवेयर ऐसा बनाया जाए जिससे पूरी जानकारी पारदर्शी हो। एक ही स्थान पर सेक्टर वाइज पूरी जानकारी आ जाए। डिफाल्टर आदि की लिस्ट भी एक ही स्थान पर ऑनलाइन मौजूद हो। मंत्री नन्दी ने कहा कि नक्शा पास कराने की प्रक्रिया ऑनलाइन की जय। ऑफलाइन में समय ज्यादा लगता है।

  • पूरी तरह सौर ऊर्जा पर संचालित होगा महायोगी गोरखनाथ विवि

    पूरी तरह सौर ऊर्जा पर संचालित होगा महायोगी गोरखनाथ विवि

    पूरी तरह सौर ऊर्जा पर संचालित होगा महायोगी गोरखनाथ विवि

    महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक में लिया गया निर्णय

    15000 की क्षमता के स्टेडियम निर्माण और वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियों को बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी

    1500 की क्षमता का बनेगा बहुउद्देश्यीय ऑडिटोरियम, 11000 पौधरोपण से बनेगा ग्रीन कैम्पस

    गोरखपुर, 29 सितंबर। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, आरोग्यधाम बालापार गोरखपुर ने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह विश्वविद्यालय आने वाले दिनों में ऊर्जा संबंधी आवश्यकताओं के लिए पूरी तरह सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करेगा। विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने रविवार को हुई बैठक में शत प्रतिशत सौर ऊर्जा के उपयोग और इस संबंध में जरूरी व्यवस्थाओं से जुड़े प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। कार्य परिषद ने सौर ऊर्जा के रूप में क्लीन एनर्जी के प्रयोग के साथ ही कैम्पस को ग्रीन बनाने के लिए 11 हजार पौधरोपण, 15 हजार की क्षमता के स्टेडियम और 1500 की क्षमता के अत्याधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी है।

    महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल डॉ. अतुल वाजपेयी की अध्यक्षता एवं कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव के संचालन में हुई कार्यपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए उप कुलसचिव (प्रशासन) श्रीकांत ने बताया कि कार्य परिषद ने तय किया है कि जल्द ही विश्वविद्यालय में ऊर्जा संबंधी सभी जरूरतें सौर ऊर्जा से पूरी की जाएंगी। इसके लिए जरूरी सिस्टम की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है। कार्य परिषद ने इस बात पर हर्ष व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय में सभी कक्षाओं को स्मार्ट क्लास रूम में अपग्रेड कर दिया गया है। आने वाले समय में विश्वविद्यालय का अपना सिम्यूलेशन लैब भी होगा। इससे जुड़े प्रस्ताव को बैठक में स्वीकार कर लिया गया है। कार्य परिषद ने इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है कि ग्रीन कैम्पस की परिकल्पना को साकार करने के लिए परिसर में 11000 पौधों का रोपण कराया जाए। शैक्षणिक व अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 1500 की क्षमता का बहुउद्देश्यीय ऑडिटोरियम बनाने और विश्वविद्यालय के अपने स्टेडियम के निर्माण के लिए रखे गए प्रस्तावों को भी कार्य परिषद के सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की। यह भी तय किया गया है कि विश्वविद्यालय आने वाले समय में वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।

    *अगले सत्र से होगी फोरेंसिक साइंस और एआई की पढ़ाई*
    स्थापना के बाद से समयानुकूल पाठ्यक्रमों को संचालित कर रहे महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में अगले सत्र से फोरेंसिक साइंस, आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और ड्रोन टेक्नोलॉजी की भी पढ़ाई होगी। इसके लिए पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। इससे जुड़े प्रस्ताव पर भी कार्य परिषद की बैठक में मुहर लगा दी गई है।

    *एमबीबीएस और बीएएमएस का नया सत्र 14 अक्टूबर से*
    विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक में इस सत्र से एमबीबीएस कोर्स को मान्यता मिलने और सभी सीटों पर प्रवेश होने पर प्रसन्नता व्यक्त की गई। बैठक में बताया गया कि स्टेट कोटा नीट काउंसिलिंग में छात्रों ने महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के श्री गोरक्षनाथ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर को पहली प्राथमिकता दी है। बैठक में एमबीबीएस और बीएएमएस के नए सत्र का संचालन 14 अक्टूबर से शुरू किए जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया गया।
    कार्य परिषद की बैठक में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की आचार्य डॉ. शोभा गौड़, महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के सदस्य प्रमथ नाथ मिश्र, महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य रामजन्म सिंह, प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव के प्रतिनिधि संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा प्रेम कुमार पांडेय, वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. सीएम सिन्हा महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता डॉ. सुनील कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक अमित कुमार सिंह, आयुर्वेद कॉलेज के सह आचार्य डॉ. सुमित कुमार एम., सहायक आचार्य डॉ. प्रिया एसआर नैयर, सीए अनिल कुमार सिंह, मुख्य अभियंता नीरज कुमार गौतम, सहायक अभियंता आशीष सिंह व्यक्तिगत रूप से तथा देवीपाटन शक्तिपीठ के महंत योगी मिथिलेशनाथ, चिकित्सा संकाय के अधिष्ठाता डॉ. हरिओम शरण, महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के प्रमथनाथ मिश्र ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।