Author: Anil Singh

  • विकास,पारदर्शिता और जनहित आधारित नेतृत्व चाहती है चिल्लूपार की जनता: अस्मिता चन्द 

    विकास,पारदर्शिता और जनहित आधारित नेतृत्व चाहती है चिल्लूपार की जनता: अस्मिता चन्द 

     चिल्लूपार क्षेत्र में विकास पारदर्शिता और जनहित आधारित राजनीति की वकालत 2027 चुनाव को लेकर रखी विकासोन्मुख सोच

      गोला, गोरखपुर।चिल्लूपार (328) विधानसभा क्षेत्र की प्रमुख समाजसेवी एवं संभावित विधानसभा प्रत्याशी अस्मिता चन्द ने क्षेत्र की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अब जनता आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति नहीं बल्कि विकास,पारदर्शिता और जनहित आधारित नेतृत्व चाहती है। उन्होंने कहा कि राजनीति का मूल उद्देश्य जनसेवा और क्षेत्र का समग्र विकास होना चाहिए लेकिन लंबे समय से जनप्रतिनिधि एक-दूसरे पर आरोप लगाने और राजनीतिक खींचतान में ही उलझे हुए हैं। इसका सीधा असर क्षेत्र के विकास पर पड़ा है और जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

           अस्मिता चन्द ने कहा कि चिल्लूपार क्षेत्र में आज भी जर्जर सड़कें, कमजोर स्वास्थ्य सेवाएं,शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियां,युवाओं का रोजगार के लिए पलायन और सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं गंभीर रूप से मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने अपने प्रतिनिधियों को विकास कार्यों के लिए चुना था न कि आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति के लिए। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि चिल्लूपार की राजनीति को नई दिशा दी जाए और विकास को प्राथमिकता दी जाए। वर्ष 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि वह जनता के आशीर्वाद से स्वच्छ, ईमानदार और विकासोन्मुख विकल्प के रूप में मैदान में उतरने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

  • गोला में सम्पूर्ण समाधान दिवस:124 मामलों में सिर्फ 09 का निस्तारण,फरियादी निराश  चित्र परिचय:

    गोला में सम्पूर्ण समाधान दिवस:124 मामलों में सिर्फ 09 का निस्तारण,फरियादी निराश चित्र परिचय:

    गोला, गोरखपुर।गोला तहसील परिसर में सोमवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में एक बार फिर शिकायतों के निस्तारण की रफ्तार बेहद धीमी रही। कुल 124 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से केवल 9 मामलों का ही मौके पर निस्तारण हो सका। अन्य मामलों को संबंधित विभाग को सौंप दिया गया। कुल शिकारतों में 10 प्रतिशत शिकायतों के भी समाधान नहीं होने से अधिकांश फरियादी मायूस होकर लौटे।
    समाधान दिवस की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी गोला ने की। इस दौरान तहसीलदार सत्येंद्र मौर्य तथा नायब तहसीलदार बालचंद चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। समाधान दिवस में बड़हलगंज थाना क्षेत्र की एक युवती ने प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाते हुए आरोप लगाया कि लगभग दो वर्ष पूर्व उसकी पहचान बांसगांव थाना क्षेत्र के कनईल गांव निवासी धनंजय पुत्र महेश से हुई थी। दोनों पति-पत्नी की तरह साथ रहने लगे। युवती का आरोप है कि गर्भवती होने पर आरोपी ने दवा खिलाकर उसका गर्भपात करा दिया और बाद में उसे छोड़कर गुजरात चला गया। अब वह साथ रखने से भी इनकार कर रहा है। युवती ने प्रशासन से न्याय दिलाने की मांग की। वहीं वार्ड संख्या-3 निवासी एवं उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल बेवरी के अध्यक्ष सुधीर सिंह ने विद्युत विभाग के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि बिजली बिल का भुगतान करने के बावजूद उनके नाम से लगातार बिल जारी हो रहा है, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने शीघ्र समस्या के समाधान की मांग की। तीरागांव के निवर्तमान प्रधान सूरज कुमार ने हल्का लेखपाल अखिलेश कन्नौजिया पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके उदासीन रवैये के कारण चकमार्ग के मरम्मत कार्य में अनावश्यक विलंब हो रहा है। इसी गांव के निवासी कुशहर पुत्र स्वर्गीय गरीब ने बताया कि वह रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं और उनकी पेंशन पंजाब नेशनल बैंक, गोपालपुर शाखा के माध्यम से आती है। उनका आरोप है कि बैंक द्वारा जीवित प्रमाण पत्र समय पर अग्रसारित न किए जाने के कारण पिछले आठ माह से उनकी पेंशन बंद है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
    समाधान दिवस में आपूर्ति निरीक्षक प्रतीक कुमार राय, राजस्व निरीक्षक रमेश पाण्डेय,राजू सिंह, संजय कुमार, के.एम. उपाध्याय, लल्लन प्रसाद, अरुणाकर सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • अपनी नाकामी छिपाने के लिए राजनीति करते हैं राजेश त्रिपाठी :स्मिता चंद

    अपनी नाकामी छिपाने के लिए राजनीति करते हैं राजेश त्रिपाठी :स्मिता चंद

    चिल्लूपार में सियासी घमासान

    बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप

    जर्जर सड़कें और बदहाल व्यवस्था

    युवाओं का पलायन

    बेलगाम सरकारी तंत्र

    2027 के लिए ठोंकी ताल,”बदलेंगे आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति”

    अस्मिता चंद का चिल्लूपार के लिए रोडमैप

    राजनीतिक मायने

    गोला, गोरखपुर।चिल्लूपार(328) विधानसभा में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की राजनीतिक बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। हाल ही में राम मंदिर मुद्दे को लेकर वर्तमान भाजपा विधायक राजेश त्रिपाठी द्वारा पूर्व विधायक पर लगाए गए आरोपों के बाद अब इस विवाद में भाजपा नेत्री अस्मिता चंद की भी एंट्री हो गई है।
    अस्मिता चंद ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर वर्तमान विधायक राजेश त्रिपाठी और विपक्षी धड़े, दोनों की राजनीति पर तीखा प्रहार किया है।
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    चिल्लूपार में सियासी घमासान,,
    भाजपा विधायक राजेश त्रिपाठी पर भाजपा नेत्री अस्मिता चंद का बड़ा हमला, कहा- नकारात्मक राजनीति से क्षेत्र का नुकसान हुआ है।
    चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर हैं। राम मंदिर के मुद्दे पर शुरू हुआ बयानबाजी का दौर अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। हाल ही में चिल्लूपार के वर्तमान विधायक राजेश त्रिपाठी द्वारा पूर्व विधायक पर पुराने भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर दिए गए बयान पर अब भारतीय जनता पार्टी की ही नेत्री अस्मिता चंद ने करारा पलटवार किया है। अस्मिता चंद ने राजेश त्रिपाठी पर सीधा निशाना साधते हुए इसे ‘नकारात्मक राजनीति’ करार दिया है। नूराकुश्ती से जनता को कुछ नहीं मिला।
    अस्मिता चंद ने क्षेत्र की जनता को संबोधित करते हुए एक बेहद आक्रामक और भावुक पोस्ट साझा की है। उन्होंने लिखा कि राजनीति का मूल उद्देश्य जनसेवा और विकास होता है, लेकिन चिल्लूपार में लंबे समय से जिम्मेदारी संभालने वाले चेहरे आज अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए एक-दूसरे पर कीचड़ उछाल रहे हैं।
    विधायक राजेश त्रिपाठी और पूर्व विधायक के बीच चल रही इस जुबानी जंग को ‘नूराकुश्ती बताते हुए अस्मिता ने सवाल उठाया।
    अस्मिता चंद ने पोस्ट में पूछा, मैं पूछना चाहती हूँ कि इस आपसी लड़ाई से हमारे चिल्लूपार की जनता को क्या मिला? सच तो यह है कि इस नकारात्मक राजनीति से केवल और केवल आम जनमानस और समूचे चिल्लूपार का नुकसान हुआ है।”
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    बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप
    भाजपा नेत्री ने क्षेत्र की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि किसी अन्य व्यक्ति की गलती या उसका पुराना भ्रष्टाचार, वर्तमान जनप्रतिनिधियों की अकर्मण्यता को नहीं छिपा सकता। उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं को रेखांकित करते हुए कहा।
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    जर्जर सड़कें और बदहाल व्यवस्था:
    आज भी क्षेत्र की सड़कें बदहाल हैं, स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है।
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    युवाओं का पलायन:
    क्षेत्र का युवा रोजगार के लिए लगातार पलायन करने को मजबूर है।
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    बेलगाम सरकारी तंत्र:
    जब बड़े चेहरे आपसी जंग और व्यक्तिगत आरोपों में उलझ जाते हैं, तो जनता के बुनियादी मुद्दे पीछे छूट जाते हैं और सरकारी तंत्र बेलगाम हो जाता है।
    उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जनता ने नेताओं को एक-दूसरे के पापों और भ्रष्टाचार की सूची पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि समस्याओं के समाधान के लिए चुना था।
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    2027 के लिए ठोंकी ताल: “बदलेंगे आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति”
    इस पूरे विवाद के बीच अस्मिता चंद ने आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए भी अपनी दावेदारी और संकल्प को साफ कर दिया है। उन्होंने चिल्लूपार की जनता से आशीर्वाद मांगते हुए कहा कि वे इस आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति को हमेशा के लिए बदलने और क्षेत्र को एक स्वच्छ, ईमानदार और सकारात्मक विकल्प देने के लिए पूरी तरह संकल्पित हैं।
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    अस्मिता चंद का चिल्लूपार के लिए रोडमैप:
    सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार का पूरी तरह खात्मा करना,
    माताओं-बहनों को सुरक्षा और सम्मान दिलाना,हर गांव तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना और विकास की एक बड़ी लकीर खींचना।
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    राजनीतिक मायने:
    चिल्लूपार में वर्तमान विधायक राजेश त्रिपाठी के खिलाफ अपनी ही पार्टी के भीतर से उठ रहे ये सुर आगामी चुनावों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। राम मंदिर मुद्दे से शुरू हुई यह बहस अब स्थानीय विकास, भ्रष्टाचार और भाजपा के अंदर ही अपने नेताओं के आरोपों के इर्द-गिर्द घूम गई है, जिससे आने वाले दिनों में चिल्लूपार की राजनीति और भी दिलचस्प होने की उम्मीद है।

  • छ: जुलाई को मनाया जायेगा, पण्डित श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म दिन 

    छ: जुलाई को मनाया जायेगा, पण्डित श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म दिन 

    बडहलगंज, गोरखपुर।बडहलगंज भारतीय जनता पार्टी बड़हलगंज मंडल की मासिक कामकाजी बैठक कर यह निर्णय  लिया गया  कि 6 जुलाई को पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म जयंती सभी बूथों पर मनाई जायेगी। कार्यक्रम के मुख्यअतिथि भारतीय  जनता  पार्टी के जिला उपाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह

     ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा उत्तर प्रदेश के विधानसभा का चुनाव नजदीक है कार्यकर्ता वोटर लिस्ट का ठीक प्रकार से अध्ययन करके हर  महीने के तीसरे रविवार को शक्ति केन्द्रो की बैठक बूथ अध्यक्षों के साथ निश्चित करले और महीने के चौथे रविवार को प्रधानमंत्री के मन की बात सरल एप पर  सौ प्रतिशत अपलोड हो जाए। और  6 तारीख को हर बुथ पर मां के नाम से वृक्ष सभी कार्यकर्ता द्वारा निश्चित रूप से एक वृक्ष अवश्य लगाएं  और श्यामा प्रसाद मुखर्जी  के चित्र पर पुष्पांजलि कर हर बुथपर उनका जन्मदिवस  दिवस मनाये और  2027 कैसे जीता जाए इसके भी गुण कार्यकर्ताओं को बताए । कार्यक्रम की अध्यक्षता  एनजीओ प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक महेश उमर ने किया संचालन मण्डल अध्यक्ष दुर्गेश मिश्र ने किया।

    बैठक में प्रमुख रूप से जिला सह कार्यालय मंत्री अखंड प्रताप शाही अतुल शाही आलोक तिवारी शैलेंद्र राय, राज कुमार निगम, राधेश्याम भारती, संजय दुबे, श्रीमती निशा जयसवाल, श्रीमती विजयलक्ष्मी जायसवाल , श्रीमती गीता सिंह , श्रीमती मीनू श्रीवास्तव, श्रीमती अनू गुप्ता, भीम निषाद ,मानस मणि त्रिपाठी, रंजय कनौजिया ,कृष्ण मोहन मौर्य ,श्रीकांत सोनी ,अखिलेश श्रीवास्तव ,राजेंद्र चौरसिया ,अवनीश शुक्ला ,ओम प्रकाश पटवा ,सुधीर पटेल, प्रकाश वीर जायसवाल, राजेश दुबे ,राजू ओझा, आदर्श विश्वकर्मा, सहित सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित थे।

  • Indus Waters Treaty पर पाकिस्तान की दलील कमजोर, भारत के पास अमेरिका-रूस-चीन का उदाहरण

    Indus Waters Treaty पर पाकिस्तान की दलील कमजोर, भारत के पास अमेरिका-रूस-चीन का उदाहरण

    Indus Waters Treaty लंबे समय से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का एक बड़ा मुद्दा रहा है। पाकिस्तान अक्सर इस समझौते के पालन को लेकर भारत पर आरोप लगाता है, लेकिन आतंकवाद और सीमा पार गतिविधियों पर अपनी भूमिका को लेकर वह चुप्पी साध लेता है। इसी बहस के बीच एक अहम तथ्य यह भी है कि दुनिया की कई बड़ी ताकतों ने अपने राष्ट्रीय हितों के अनुरूप पुराने समझौतों को बदला, रोका या समाप्त किया है।

    भारत की स्थिति को समझने के लिए यह देखना जरूरी है कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में कोई भी देश अपने दीर्घकालिक हितों, सुरक्षा और रणनीतिक जरूरतों से ऊपर किसी समझौते को नहीं रखता। यही कारण है कि अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों के उदाहरण सिंधु जल समझौते की बहस में महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

    पाकिस्तान की दलील और भारत की रणनीतिक स्थिति

    Indus Waters Treaty पाकिस्तान का आरोप है कि भारत सिंधु जल समझौते की भावना के अनुरूप व्यवहार नहीं कर रहा। हालांकि भारत का तर्क रहा है कि यह समझौता आपसी विश्वास और क्षेत्रीय शांति की भावना पर आधारित था, लेकिन पाकिस्तान की ओर से लगातार सीमा पार आतंकवाद, उकसावे और अस्थिरता पैदा करने वाली गतिविधियों ने इस भरोसे को कमजोर किया है।

    Indus Waters Treaty : भारत के लिए यह केवल जल बंटवारे का मामला नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा जरूरतों, कृषि विकास और जल संसाधनों के न्यायसंगत उपयोग का भी प्रश्न है। ऐसे में भारत यह सवाल उठाता है कि जब पाकिस्तान खुद समझौते की मूल भावना का सम्मान नहीं करता, तो केवल भारत से ही सख्त पालन की अपेक्षा क्यों की जाए।

  • पति-पत्नी के विवाद के बाद महिला की संदिग्ध मौत, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा

    पति-पत्नी के विवाद के बाद महिला की संदिग्ध मौत, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा

    गोला, गोरखपुर ।गोला थाना क्षेत्र के चिलवां गांव में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
    चिलवां निवासी रेनू यादव (40) पत्नी पप्पू यादव की गुरुवार रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के मुताबिक, घटना से पहले किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। बताया जाता है कि पप्पू यादव शाम को झींगा मछली लेकर घर आए थे और पत्नी से उसे बनाने को कहा था। किसी कारणवश रेनू ने मछली बनाने से इन्कार कर दिया, जिसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हो गई और पति घर से बाहर चला गया। परिजनों का कहना है कि इसके बाद रेनू ने कथित रूप से कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। गुरुवार रात करीब 10 बजे उनकी तबियत बिगड़ने पर पुत्री प्रीति यादव ने परिजनों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद परिजन उन्हें सीएचसी गोला लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद रात करीब 11 बजे उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इसके बाद शव को घर वापस लाया गया। शुक्रवार सुबह सूचना मिलने पर गोला पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका अपने पीछे पुत्री प्रीति (18) और पुत्र अमन (16) को छोड़ गई हैं। परिजनों के अनुसार, रेनू यादव का डिप्रेशन का इलाज चल रहा था। पति पप्पू यादव पहले बैंकॉक में रहकर काम करते थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से घर पर रहकर डीसीएम वाहन चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे।
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    क्या बोले इंस्पेक्टर…..
    गोला थाना प्रभारी निरीक्षक सी.पी. पाण्डेय ने बताया कि पति-पत्नी के बीच विवाद होने के बाद महिला द्वारा जहरीला पदार्थ खाने की बात सामने आई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    समाचार लिखे जाने तक इस मामले में पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई थी।
  • नवागत गोला थाना प्रभारी सीपी पाण्डेय ने संभाला कार्यभार

    नवागत गोला थाना प्रभारी सीपी पाण्डेय ने संभाला कार्यभार

                 ब्यूरो प्रभारी- वेद प्रकाशयदव

    गोला बाजार।गोला कोतवाली के नवागत प्रभारी निरीक्षक चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया। कार्यभार संभालने के बाद रविवार को उन्होंने कोतवाली में तैनात समस्त पुलिसकर्मियों से परिचय प्राप्त किया तथा थाना क्षेत्र की भौगोलिक एवं कानून-व्यवस्था संबंधी जानकारी ली। इसके उपरांत थाने पहुंचे फरियादियों की समस्याएं सुनीं और उनके विधिसम्मत निस्तारण के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
    प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ द्वारा थाना प्रभारियों के स्थानांतरण किए गए हैं। इसी क्रम में गोला कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक प्रहलाद सिंह का स्थानांतरण साइबर विभाग में किया गया है, जबकि एम्स थाना में तैनात प्रभारी निरीक्षक सी.पी. पाण्डेय को गोला कोतवाली की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान सीपी पांडेय ने कहा कि शासन एवं प्रशासन के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को त्वरित एवं निष्पक्ष न्याय दिलाने के लिए पुलिस पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करेगी। उन्होंने बताया कि भूमि संबंधी विवादों के मामलों में राजस्व विभाग के सक्षम अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मुख्य उद्देश्य ऐसे मामलों में शांति व्यवस्था बनाए रखना और कानून के अनुरूप कार्रवाई करना होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस का दरवाजा आम जनता और पीड़ितों के लिए हमेशा खुला रहेगा। कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या लेकर थाने पहुंच सकता है और उसे न्याय दिलाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। सीपी पाण्डेय मूल रूप से गाजीपुर जनपद के निवासी हैं। वे 1999 बैच के पुलिस अधिकारी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव में हुई, जबकि उच्च शिक्षा प्रयागराज से प्राप्त की। लगभग पांच माह पूर्व उनका स्थानांतरण मिर्जापुर से गोरखपुर जनपद में हुआ था। जनपद में उनकी पहली तैनाती एम्स थाना में हुई थी, जहां से स्थानांतरित होकर अब उन्हें गोला कोतवाली की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

  • दो महीने से जला पड़ा ट्रांसफार्मर, गोला तहसील में बिजली व्यवस्था चरमराई; बड़े संकट की आशंक

    दो महीने से जला पड़ा ट्रांसफार्मर, गोला तहसील में बिजली व्यवस्था चरमराई; बड़े संकट की आशंक

    गोला, गोरखपुर। गोला विद्युत उपकेंद्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उपकेंद्र पर स्थापित 5 एमवीए क्षमता के दो ट्रांसफार्मरों में से एक पिछले दो माह से अधिक समय से खराब पड़ा हुआ है, लेकिन अब तक उसकी न तो विधिवत मरम्मत कराई गई और न ही उच्चाधिकारियों को इसकी आधिकारिक सूचना दिए जाने की बात सामने आई है। इसको लेकर क्षेत्र में विभागीय लापरवाही को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
    जानकारी के अनुसार गोला विद्युत उपकेंद्र पर 33 हजार लाइन को 11 हजार वोल्ट सप्लाई में परिवर्तित कर क्षेत्र में सुचारू विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के उद्देश्य से दो बड़े ट्रांसफार्मर लगाए गए थे। आरोप है कि इनमें से एक ट्रांसफार्मर काफी समय पहले जल गया, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने मामले को दबाए रखा। स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब ट्रांसफार्मर को बदलने या उच्च स्तर पर रिपोर्ट भेजने के बजाय चोरी-छिपे उसकी मरम्मत कराने की कोशिश की जाती रही।
    क्षेत्रीय उपभोक्ताओं का आरोप है कि इस पूरे मामले में विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण गोला तहसील क्षेत्र में लगातार लो-वोल्टेज और फ्लक्चुएशन की समस्या बनी हुई है। घरों में पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण सही ढंग से नहीं चल पा रहे हैं, वहीं कई उपभोक्ताओं के उपकरण खराब होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
    सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर जताई जा रही है कि वर्तमान समय में पूरा भार एक ही ट्रांसफार्मर पर चल रहा है। यदि किसी कारणवश दूसरा ट्रांसफार्मर भी खराब हो गया, तो पूरे गोला तहसील क्षेत्र में हजारों घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो सकती है और व्यापक अंधेरा छा सकता है।
    स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि आखिर दो माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी खराब ट्रांसफार्मर को क्यों नहीं बदला गया। साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त कराया जाए, ताकि संभावित बड़े संकट से बचा जा सके।
  • घोड़ालोटन में क्षतिग्रस्त विद्युत पोल मामले की जांच की मांग, मुख्यमंत्री से शिकायत

    घोड़ालोटन में क्षतिग्रस्त विद्युत पोल मामले की जांच की मांग, मुख्यमंत्री से शिकायत

                   ब्यूरो प्रभारी वेद प्रकाश यादव
    गोला, गोरखपुर. गोला विद्युत उपकेंद्र के टाउन फीडर अंतर्गत ग्राम घोड़ालोटन में क्षतिग्रस्त विद्युत पोल के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। गांव निवासी मोनू कुमार ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर बिजली विभाग के लाइनमैन और संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग, विभागीय मिलीभगत और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
    शिकायतकर्ता का आरोप है कि बीते 24 फरवरी को ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से गांव का एक विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हो गया था। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना विभाग को दी, लेकिन नियमानुसार कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया गया। आरोप है कि संबंधित लाइनमैन ने ट्रैक्टर चालक से मिलीभगत कर सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान को नजरअंदाज कर दिया।
    शिकायत में कहा गया है कि घटना के बाद न तो किसी प्रकार की एफआईआर दर्ज कराई गई और न ही सरकारी नुकसान की भरपाई कराई गई। इतना ही नहीं, जहां पोल क्षतिग्रस्त हुआ था, वहां नया पोल लगाने के बजाय लगभग 10 मीटर दूर नया पोल स्थापित कर दिया गया। आरोप है कि पोलों के बीच निर्धारित मानकों की भी अनदेखी की गई और मनमाने ढंग से लाइन खड़ी कर दी गई।
    ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि मौके पर एक अतिरिक्त पोल लगाया गया, जबकि उसकी कोई स्पष्ट विभागीय स्वीकृति या रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार यदि केवल एक पोल क्षतिग्रस्त हुआ था, तो अतिरिक्त पोल किस आधार पर लगाया गया और वह पोल आखिर कहां से आया।
    मोनू कुमार ने आरोप लगाया है कि पूरा कार्य संबंधित लाइनमैन की देखरेख में कराया गया और बाद में जेई स्तर से उसे संरक्षण दिया गया। उनका कहना है कि विभागीय रिकॉर्ड और मौके की वास्तविक स्थिति में भारी अंतर दिखाई दे रहा है, जिससे पूरे मामले में भ्रष्टाचार और सरकारी संसाधनों में संभावित हेराफेरी की आशंका मजबूत हो रही है।
    मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत में पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच कराने, संबंधित लाइनमैन को तत्काल हटाने, जेई से स्पष्टीकरण लेने, अतिरिक्त लगाए गए पोल और विभागीय अभिलेखों का मिलान कराने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर विभागीय एवं विधिक कार्रवाई की मांग की गई है.
  • ग़ोला के सरयू में समा गई जिंदगी: विसरा तट पर मिला किसान का शव, परिवार में मचा कोहराम

    ग़ोला के सरयू में समा गई जिंदगी: विसरा तट पर मिला किसान का शव, परिवार में मचा कोहराम

    नदी किनारे कपड़े और पैर फिसलने के निशान मिलने से हादसे की आशंका
    गोला बाजार। सरयू नदी ने मंगलवार को एक परिवार की खुशियां छीन लीं। गोलाउपनगर के वार्ड संख्या-5 विसरा निवासी 58 वर्षीय किसान सुरजभान यादव की सरयू नदी में डूबने से मौत हो गई। मंगलवार सुबह नदी किनारे उनका शव मिलने के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
    जानकारी के अनुसार विसरा निवासी सुरजभान यादव पुत्र अम्बिका यादव खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। सोमवार अपराह्न वह घर से निकले थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। काफी समय बीतने के बाद भी जब वह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। इसके बाद परिवार के लोग उनकी तलाश में जुट गए। रात भर परिजनों ने नदी किनारे सहित अन्य संभावित स्थानों पर खोजबीन की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला।
    मंगलवार सुबह परिजन एक बार फिर खोजबीन करते हुए सरयू नदी के विसरा तट पर पहुंचे। इसी दौरान नदी में एक शव उतराता दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर शव की पहचान सुरजभान यादव के रूप में हुई। शव की पहचान होते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई।