घोड़ालोटन में क्षतिग्रस्त विद्युत पोल मामले की जांच की मांग, मुख्यमंत्री से शिकायत

               ब्यूरो प्रभारी वेद प्रकाश यादव
गोला, गोरखपुर. गोला विद्युत उपकेंद्र के टाउन फीडर अंतर्गत ग्राम घोड़ालोटन में क्षतिग्रस्त विद्युत पोल के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। गांव निवासी मोनू कुमार ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर बिजली विभाग के लाइनमैन और संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग, विभागीय मिलीभगत और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि बीते 24 फरवरी को ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से गांव का एक विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हो गया था। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना विभाग को दी, लेकिन नियमानुसार कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया गया। आरोप है कि संबंधित लाइनमैन ने ट्रैक्टर चालक से मिलीभगत कर सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान को नजरअंदाज कर दिया।
शिकायत में कहा गया है कि घटना के बाद न तो किसी प्रकार की एफआईआर दर्ज कराई गई और न ही सरकारी नुकसान की भरपाई कराई गई। इतना ही नहीं, जहां पोल क्षतिग्रस्त हुआ था, वहां नया पोल लगाने के बजाय लगभग 10 मीटर दूर नया पोल स्थापित कर दिया गया। आरोप है कि पोलों के बीच निर्धारित मानकों की भी अनदेखी की गई और मनमाने ढंग से लाइन खड़ी कर दी गई।
ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि मौके पर एक अतिरिक्त पोल लगाया गया, जबकि उसकी कोई स्पष्ट विभागीय स्वीकृति या रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार यदि केवल एक पोल क्षतिग्रस्त हुआ था, तो अतिरिक्त पोल किस आधार पर लगाया गया और वह पोल आखिर कहां से आया।
मोनू कुमार ने आरोप लगाया है कि पूरा कार्य संबंधित लाइनमैन की देखरेख में कराया गया और बाद में जेई स्तर से उसे संरक्षण दिया गया। उनका कहना है कि विभागीय रिकॉर्ड और मौके की वास्तविक स्थिति में भारी अंतर दिखाई दे रहा है, जिससे पूरे मामले में भ्रष्टाचार और सरकारी संसाधनों में संभावित हेराफेरी की आशंका मजबूत हो रही है।
मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत में पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच कराने, संबंधित लाइनमैन को तत्काल हटाने, जेई से स्पष्टीकरण लेने, अतिरिक्त लगाए गए पोल और विभागीय अभिलेखों का मिलान कराने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर विभागीय एवं विधिक कार्रवाई की मांग की गई है.

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