
Category: उत्तर प्रदेश
-

लखनऊ: 5 KD सीएम आवास पर मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक…

कांवड़ यात्रा-मोहर्रम को लेकर अधिकारियों के साथ मीटिंग
मुख्य सचिव मनोज कुमार,प्रमुख सचिव गृह दीपक कुमार…
DGP प्रशांत कुमार,ADG एलओ ऑर्डर अमिताभ यश रहे मौजूद
नगर विकास विभाग और ऊर्जा विभाग के अधिकारी रहे मौजूद. -

CM योगी ने आगामी पर्व त्योहारों के दृष्टिगत सुदृढ़ कानून व्यवस्था

उत्तर प्रदेश-
CM योगी ने आगामी पर्व त्योहारों के दृष्टिगत सुदृढ़ कानून व्यवस्था तथा महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के सफल आयोजन के संबंध में रविवार को शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पुलिस कमिश्नरों, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों व पुलिस कप्तानों को दिशा निर्देश जारी किये –
स्कूल चलो अभियान और संचारी रोग नियंत्रण अभियान की सफलता सामूहिक जिम्मेदारी-CM
कांवड़ यात्रा हो या मुहर्रम, आस्था का सम्मान, नई परंपरा को अनुमति नहीं-CM
दूसरे की धार्मिक भावना को आहत करने वालों के साथ कड़ाई से निपटें-CM
धार्मिक यात्राओं/जुलूसों में किसी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं-CM
कांवड़ यात्रा का पारंपरिक हिस्सा है नृत्य-संगीत, लेकिन तय सीमा से अधिक तेज न बजाएं-CM
अंतर्विभागीय समन्वय के साथ 01 से 31 जुलाई तक चलेगा प्रदेशव्यापी संचारी रोग अभियान..
संचारी रोग नियंत्रण अभियान में इस बार स्टॉप डायरिया का संकल्प भी शामिल..
ओवरसाइज डीजे हो या ताजिया को नहीं मिलेगी अनुमति..
कांवड़ यात्रा मार्ग पर कहीं भी खुले में मांस आदि का खरीद-बिक्री न हो-CM
अगले तीन माह तक न हो स्वास्थ्य विभाग और बाढ़ राहत एवं बचाव से जुड़े अधिकारियों/ कर्मचारियों का स्थानांतरण-CM
प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के भाव से जुड़ेगा उत्तर प्रदेश-CM -

नेशनल डॉक्टर्स डे (01 जुलाई 2024) पर विशेष
- नेशनल डॉक्टर्स डे (01 जुलाई 2024) पर विशेष
अस्पताल से लेकर समुदाय तक जन स्वास्थ्य की अलख जगा रहे डॉ हरिओम
टीबी मरीजों के एडॉप्शन कार्यक्रम और कायाकल्प पुरस्कार योजना में निभाई उल्लेखनीय भूमिका
गोरखपुर:समय के साथ चिकित्सकों की भूमिका में बदलाव हुआ है। अब वह सिर्फ ओपीडी में बैठे चिकित्सक नहीं रहे । उनकी भूमिका अब समुदाय को बीमारी से बचाने और बीमारी का सामना करने में सक्षम बनाने तक विस्तृत हुई है।
सरकारी क्षेत्र के एक ऐसे ही चिकित्सक है डॉ हरिओम पांडेय, जो अस्पताल से लेकर समुदाय तक जन स्वास्थ्य की अलख जगाने में जुटे हैं । सरदारनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी की भूमिका में उन्होंने अपनी टीम की मदद से चार बार अस्पताल को कायाकल्प पुरस्कार दिलवाया। टीबी मरीजों के एडॉप्शन में बढ़ चढ़ कर भाग लिया। वह नियमित टीकाकरण, जेई-एएईस और गैर संचारी रोगों से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिये भी अहम योगदान दे रहे हैं।
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में पब्लिक प्राइवेट मिक्स (पीपीएम) समन्वयक अभय नारायण मिश्र बताते हैं कि टीबी मरीजों का एडॉप्शन जब पहले चरण में शुरू हुआ, उस समय डॉ पांडेय ने खुद तो मरीजों को गोद लिया ही, कई संस्थाओं को इसके लिए प्रेरित भी किया। डॉ पांडेय ने दस टीबी मरीजों को गोद लेकर स्वस्थ होने में उनकी मदद की। उन्होंने लायंस क्लब के सदस्यों को प्रेरित किया कि वह भी टीबी मरीजों को गोद लें। इस तरह करीब सत्तर और टीबी मरीजों को गोद लिया गया और सभी स्वस्थ हो चुके हैं। इस तरह डॉ हरिओम जिले में सर्वाधिक टीबी मरीजों को गोद लेकर उनका सहयोग करने वाले चिकित्सक बन गये।
मूलतः सिद्धार्थनगर जिले के लोटन ब्लॉक के रसियावल खुर्द गांव के रहने वाले डॉ पांडेय के परिवार में कोई अन्य सदस्य चिकित्सक नहीं है। वह बताते हैं कि बचपन में जब वह अस्पताल जाते थे या किसी डॉक्टर के पास जाते थे तो उसके प्रति लोगों का सम्मान देख कर चिकित्सक बनना उनके जीवन का लक्ष्य बन गया। बड़े हुए तो वर्ष 2011 में पुणे स्थित भारतीय विद्यापीठ से उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई की। छात्र जीवन में उन्होंने महसूस किया कि जन स्वास्थ्य की दिशा में अभी काफी काम किया जाना बाकी है। लोगों को बीमारियों से बचाना है तो सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा ही एक अच्छा माध्यम है। इसी ध्येय से वर्ष 2012 में रेलवे अस्पताल गोरखपुर से शुरूआत की। इसके बाद जंगल कौड़िया में डोहरिया न्यू पीएचसी पर वर्ष 2014 में ज्वाइन किया ।
वह बताते हैं कि इस दौरान कई कार्यक्रमों का मास्टर ट्रेनर बनने का मौका मिला। इस अवसर का लाभ उन्होंने अधिकाधिक जानकारी प्राप्त करने और ज्यादा से ज्यादा चिकित्सा अधिकारियों और स्टॉफ का क्षमता संवर्धन करने में किया । मंडल स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला के जरिये सैकड़ों चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को उन तकनीकी पक्षों की जानकारी दी जिनके जरिये बीमारियों पर नियंत्रण, उनसे बचाव या उनका उन्मूलन किया जा सकता है। डॉ पांडेय राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के भी प्रशिक्षक हैं । सरदारनगर में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी का पद ग्रहण करने के बाद उनके प्रयासों से जिले में आरबीएसके योजना के तहत पहली हार्ट सर्जरी कराई जा सकी ।
*ऐसे शुरू हुआ कायाकल्प का सफर*
डॉ हरिओम पांडेय को जुलाई 2019 में सरदारनगर पीएचसी का प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बनाया गया। उस समय तक इस पीएचसी को एक भी कायाकल्प पुरस्कार नहीं मिला था। वह बताते हैं कि चूंकि उन्हें प्रशिक्षण की महत्ता पता थी, इसलिए सबसे पहले पूरी टीम को क्वालिटी का प्रशिक्षण दिलवाया। धीरे धीरे मानकों को पूरा किया । पहले प्रयास में इस योजना के तहत केवल 79.2 फीसदी अंकों के साथ पुरस्कार मिला। टीम का मनोबल बढ़ा और दक्षता बढ़ाई गई तो वर्ष 2020-21 में 80.9 फीसदी, वर्ष 2021-22 में 88.6 फीसदी और वर्ष 2022-23 में 92.55 फीसदी के साथ कायाकल्प पुरस्कार हासिल हुआ। अब उनका प्रयास होगा कि ब्लॉक के अधिकाधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का एनक्वास सर्टिफिकेशन कराया जाए।
*सभी चिकित्सकों को बधाई*
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर सभी चिकित्सकों को ढेर सारी बधाई। राष्ट्रीय कार्यक्रमों में अहम भूमिका निभाने वाले चिकित्सक एक नजीर हैं। बाकी लोगों को भी उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए और कोशिश करनी चाहिए कि अपने मूल दायित्वों को निभाते हुए जन स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने का प्रयास करें। इस साल इस दिवस की थीम ‘हीलिंग हैंड्स, केयरिंग हार्ट्स’ है, जो चिकित्सकों के समर्पण, करुणा और उनके जीवनकाल में लाखों लोगों के जीवन बचाने की उनकी भूमिका को रेखांकित करती है।
डॉ आशुतोष कुमार दूबे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, गोरखपुर
-

यूपी बोर्ड से जुड़ी बड़ी खबर
प्रयागराज
यूपी बोर्ड से जुड़ी बड़ी खबर
यूपी बोर्ड ने 2025 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा मैं शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के आवेदन पत्र बोर्ड की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड करने का शेड्यूल किया जारी,
संस्थागत और व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के आवेदन पत्र यूपी बोर्ड की वेबसाइट upmsp.edu.in पर शेड्यूल के मुताबिक ऑनलाइन अपलोड किए जा सकेंगे,
संस्था के प्रधानाचार्य द्वारा छात्र छात्राओं का कक्षा 10 और 12 में प्रवेश लेने और परीक्षा शुल्क प्राप्त करने की अंतिम तिथि 5 अगस्त 2024 है,
छात्र-छात्राओं से प्राप्त परीक्षा शुल्क को एक मुश्त चालान के माध्यम से संस्था के प्रधान द्वारा कोषागार में जमा करने की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2024 है,
संस्था के प्रधान द्वारा कोषागार में जमा किए गए परीक्षा शुल्क की सूचना और छात्र छात्राओं के शैक्षिक विवरण को यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड करने की अंतिम तिथि 18 अगस्त 2024 की मध्य रात्रि 12:00 बजे तक है,
10 अगस्त 2024 के बाद प्रति छात्र सौ रुपए विलंब शुल्क के साथ परीक्षा शुल्क चालान के माध्यम से कोषागार में जमा करने की अंतिम तिथि 16 अगस्त 2024 होगी,
विलंब शुल्क के साथ जमा परीक्षा शुल्क की सूचना और छात्र-छात्राओं के शैक्षिक विवरण वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड करने की अंतिम तिथि 20 अगस्त 2024 की मध्य रात्रि 12:00 बजे होगी,
वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड किए गए छात्र-छात्राओं के विवरणों की चेक लिस्ट प्राप्त कर संस्था के प्रधान द्वारा उनके विवरणों नाम माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, विषय और फोटो को चेक करने की अवधि 21 अगस्त से 31 अगस्त 2024 रहेगी,
ऑनलाइन अपलोड किए गए छात्रों के विवरण में जांच के बाद किसी प्रकार का संशोधन होना है, तो संस्था के प्रधान द्वारा वेबसाइट पर संशोधित अपडेट करने की अवधि 1 सितंबर से 10 सितंबर 2024 मध्य रात्रि 12:00 बजे तक होगी,
संस्था के प्रधान द्वारा पंजीकृत अभ्यर्थियों की फोटो युक्त नामावली और कोष पत्र की एक प्रति बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय को भेजे जाने के लिए डीआईओएस कार्यालय में जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2024 रखी गई है,
यूपी बोर्ड में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा 2025 के लिए परीक्षा शुल्क भी तय कर दिया है,
हाईस्कूल संस्थागत परीक्षार्थी के लिए परीक्षा शुल्क 500.75 रुपए और इंटरमीडिएट संस्थागत परीक्षार्थी के लिए 600.75 रुपए रखा गया है,
जबकि हाईस्कूल व्यक्तिगत का परीक्षा शुल्क 706 रुपए और इंटरमीडिएट व्यक्तिगत का परीक्षा शुल्क 806 रुपए निर्धारित किया गया है,
यूपी बोर्ड की सचिव दिब्य कांत शुक्ल ने विज्ञप्ति जारी कर दी जानकारी।
-

कुलपति ने किया मोजेक पत्रिका का विमोचन

गोरखपुर: सेंट पॉल स्कूल द्वारा शनिवार को संयुक्त राष्ट के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें विश्विद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन द्वारा मोजेक पत्रिका का विमोचन किया। डीडीयू ने तीन लाख छात्रों में एसडीजी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पत्रिका के संस्थापक अमरीश चंद्रा के साथ साझेदारी की है। कुलपति ने इस दौरान कहा कि एसडीजी के प्रति लोगों को अवेयर करके हम संयुक्त राष्ट के निर्धारित लक्ष्यों को हासिल कर सकते हैं। इस दौरान अमरीश चंद्रा ने कहा कि डीडीयू के साथ जागरूकता को लेकर साझेदारी की जा रही है। यह विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण कदम होगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद सांसद रवि किशन और कमिश्नर अनिल ढींगरा ने कहा कि यह बहुत ही सराहनीय कदम है। वहीं सांसद रवि किशन ने आगे कहा कि हमें विकास तो करना चाहिए लेकिन प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण के साथ-साथ। प्रकृति और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा कर हमें विकास नहीं चाहिए और उन्होंने वादा किया कि वह जब तक गोरखपुर में रहेंगे यहां के चौमुखी विकास में अपना योगदान करते रहेंगे। इस दौरान सुधीर मिश्रा, अनुराग बत्रा, मिहिर श्रीवास्तव, डॉ. सोनम महाजन, रोहित बोस प्रो. डॉ. दिव्या रानी सिंह, प्रो. अनुभूति दुबे, रेव्ह गिरीश चंद्र मौजूद रहे।
-

समाजवादी पार्टी द्वारा 01 जुलाई 2024 से 07 जुलाई 2024 तक प्रदेशव्यापी ‘पीडीए पेड़‘ वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन
समाजवादी पार्टी द्वारा 01 जुलाई 2024 से 07 जुलाई 2024 तक प्रदेशव्यापी ‘पीडीए पेड़‘ वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन
किया जाएगा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के जन्मदिन के उपलक्ष्य में इस कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश के प्रत्येक गांव में किया जाएगा। यह प्रदेशव्यापी कार्यक्रम एक सप्ताह तक चलेगा।समाजवादी पार्टी के सभी नेता एवं कार्यकर्ता मिलकर उत्तर प्रदेश के हर गांव में पीडीए पेड़ लगाएंगे। पीडीए पेड़ के रूप में बरगद, पीपल और नीम का पौधारोपण किया जाएगा। जो पर्यावरण के संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक न्याय के प्रतीक के रूप में सामाजिक समानता-समता की प्राणवायु हर दिन देंगे।
वर्तमान में हर तरफ फैले हुए तरह-तरह के प्रदूषण को दूर करने के लिए आवश्यकता पेड़ की है, शाखाओं की नहीं। जब पौधे की जड़ें जमीन पकड़ लेती हैं तो शाखाएं, पत्तियां, फूल, फल सब अपने आप प्राप्त होता है। वे शाखाएं अप्राकृतिक होती हैं जिनकी न तो जड़ों का पता होता है, और न ही इस बात का कि उनका फल किसको मिल रहा है। इसीलिए आवश्यकता जमीन से जुड़ें पेड़ों की है, मनुष्य निर्मित शाखाओं की नहीं।
पीडीए पेड़ पौधारोपण के इस पर्यावरणीय, सामाजिक आंदोलन को समाजवादी पार्टी द्वारा उत्तर प्रदेश के गांवों से शुरू करके आगामी चरणों में राष्ट्रव्यापी आंदोलन बनाने का प्रयास किया जाएगा।समाजवादी पार्टी द्वारा 01 जुलाई 2024 से 07 जुलाई 2024 तक प्रदेशव्यापी ‘पीडीए पेड़‘ वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के जन्मदिन के उपलक्ष्य में इस कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश के प्रत्येक गांव में किया जाएगा। यह प्रदेशव्यापी कार्यक्रम एक सप्ताह तक चलेगा।
समाजवादी पार्टी के सभी नेता एवं कार्यकर्ता मिलकर उत्तर प्रदेश के हर गांव में पीडीए पेड़ लगाएंगे। पीडीए पेड़ के रूप में बरगद, पीपल और नीम का पौधारोपण किया जाएगा। जो पर्यावरण के संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक न्याय के प्रतीक के रूप में सामाजिक समानता-समता की प्राणवायु हर दिन देंगे।
वर्तमान में हर तरफ फैले हुए तरह-तरह के प्रदूषण को दूर करने के लिए आवश्यकता पेड़ की है, शाखाओं की नहीं। जब पौधे की जड़ें जमीन पकड़ लेती हैं तो शाखाएं, पत्तियां, फूल, फल सब अपने आप प्राप्त होता है। वे शाखाएं अप्राकृतिक होती हैं जिनकी न तो जड़ों का पता होता है, और न ही इस बात का कि उनका फल किसको मिल रहा है। इसीलिए आवश्यकता जमीन से जुड़ें पेड़ों की है, मनुष्य निर्मित शाखाओं की नहीं।
पीडीए पेड़ पौधारोपण के इस पर्यावरणीय, सामाजिक आंदोलन को समाजवादी पार्टी द्वारा उत्तर प्रदेश के गांवों से शुरू करके आगामी चरणों में राष्ट्रव्यापी आंदोलन बनाने का प्रयास किया जाएगा। -

मुहब्बत..निकाह और 3 तलाक तक पहुंची बात, विवाद बढ़ा तो बीवी के कर दिए चार टुकड़े.. फिर नदी में बहाने पहुंच गया लाश के पीस
निष्पक्ष टुडे ब्यूरो रिपोर्ट
UP के मुज़फ्फरनगर में श्रद्धा हत्याकांड जैसा मामला सामने आया है। यहा अरबाज़ नाम के युवक ने अपनी पत्नी चाहत की हत्या कर उसके शरीर के चार टुकड़े किए और फिर उन्हें बारी बारी से ठिकाने लगा रहा था। टुकड़ों में लाश को ठिकाने लगाने के ही दाैरान आरोपी पति पकड़ा गया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
सात माह पहले हुए प्रेम विवाह में खर्चे का विवाद इतना बढ़ गया कि डेयरी संचालक अरबाज ने अपने साथी के साथ मिलकर बीवी चाहत के चाकू से चार टुकड़े कर दिए।सात दिन पहले हत्या के बाद किराए के कमरे में गर्दन और दोनों हाथों के पंजे काटकर फेंक दिए। मृतका का धड़ काली नदी में ठिकाने लगाने के दौरान आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। जबकि उसका दूसरा साथी फरार हो गया।
polएसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि 26 जून की रात न्याजूपुरा के पास काली नदी में दो युवक एक बोरे को पानी में बहाने की कोशिश कर रहे थे। दोनों एक बोरे को नदी में फैली जलकुंभी से निकालकर नदी के अंदर बहाने का प्रयास कर रहे थे।
-

अधिकारियों संग चेयरमैन प्रतिनिधि ने किया वृक्षारोपण
गोरखपुर::
गोला। पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिये जागरूकता अभियान की शुरूआत करते हुये चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर ने वन क्षेत्राधिकारी शिवजीत सिंह के साथ वृक्षारोपण किया।शनिवार को उपनगर के पुरानी हनुमान गढ़ी मन्दिर घाट के पास वृक्षारोपण करने के बाद उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे लोग भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अपनी भूमिका समझे और वृक्षारोपण कर उसकी सुरक्षा करें।
उन्होंने कहा कि वृक्ष ही हमारे जीवनदाता है अगर यह नही होंगे तो हम नही होंगे, अगर हम चाहते हैं कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल और हवा मिलती रहे तो हम सभी को आज वृक्षारोपण अभियान में अपनी सहभागिता निभानी होगी।
इस अवसर पर सभासद सुदीप वर्मा, राकेश राय, हिमांशु गौड़, उमेश यादव, अमलेश कुमार सहित तमाम लोग मौजुद थे
अधिकारियों संग चेयरमैन प्रतिनिधि ने किया वृक्षारोपण
गोला। पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिये जागरूकता अभियान की शुरूआत करते हुये चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर ने वन क्षेत्राधिकारी शिवजीत सिंह के साथ वृक्षारोपण किया।
शनिवार को उपनगर के पुरानी हनुमान गढ़ी मन्दिर घाट के पास वृक्षारोपण करने के बाद उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे लोग भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अपनी भूमिका समझे और वृक्षारोपण कर उसकी सुरक्षा करें।
उन्होंने कहा कि वृक्ष ही हमारे जीवनदाता है अगर यह नही होंगे तो हम नही होंगे, अगर हम चाहते हैं कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल और हवा मिलती रहे तो हम सभी को आज वृक्षारोपण अभियान में अपनी सहभागिता निभानी होगी।
इस अवसर पर सभासद सुदीप वर्मा, राकेश राय, हिमांशु गौड़, उमेश यादव, अमलेश कुमार सहित तमाम लोग मौजुद थे -

न्यू टेक्नोलोजी से जुड़ना समय की मांग: कुलपति

गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर की कुलपति श्रीमती प्रोफेसर पूनम टंडन ने इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में संचालित हो रहे सैमसंग इन्नोवेशन केंपस प्रोग्राम में प्रतिभाग कर रहे छात्र-छात्राओं को संबोधित किया।
इस अवसर पर कुलपति ने छात्र-छात्राओं को SWADES स्वदेश संस्था की तरफ से सैमसंग इन्नोवेशन केंपस किट का वितरण भी किया।
ध्यातव्य हो कि यह प्रोग्राम स्वदेश सोसायटी एवं गोरखपुर विश्वविद्यालय के मध्य एम•ओ•यू• के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है।
कुलपति ने बीटेक के छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि न्यू टेक्नोलोजी जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डाटा, इंटरनेट का थिंग्स और कोडिंग एवं प्रोग्रामिंग जैसी नवीनतम तकनीकों के साथ खुद को जोड़ना समय की मांग है। उन्होंने इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय में अत्याधुनिक सुविधाओं को जोड़ने की योजना की घोषणा भी की। प्रोफेसर टंडन ने छात्रों को इनक्यूबेशन सेल में अनुसंधान प्रस्ताव प्रस्तुत करके विश्वविद्यालय की विरासत को बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
कुलपति ने गोरखपुर महोत्सव और राष्ट्रीय विज्ञान दिवस जैसे कार्यक्रमों में इंजीनियरिंग छात्रों के प्रयासों की सराहना की और उन्हें बेहतर अवसरों की प्राप्ति के लिए विश्वविद्यालय के समर्थन का आश्वासन भी दिया। ‘स्वदेश समिति’ के प्रेसिडेंट डॉक्टर राजीव निगम एवं इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रोफेसर उमेश यादव ने इस सैमसंग इनोवेशन प्रोग्राम को संचालित करने में महत्वपूर्ण भुमिका निभायी है। इस अवसर पर अभियान्त्रिकी एवं प्रोद्योगिकी संस्थान के फकल्टी सदस्य श्री राजीव रंजन कुमार त्रिपाठी, डॉक्टर नरेंद्र यादव डॉक्टर राहुल कुमार, डॉक्टर सूर्यभान प्रताप सिंह, श्री सौरभ सिंह, डॉक्टर मुनीष शरन, श्री पंकज उपाध्याय एवं श्री प्रत्यूष त्रिपाठी एवं स्वदेश समिति के डॉक्टर नितिन शंकर एवं श्री कौस्तुभ नारायण त्रिपाठी सहित 60 से अधिक की संख्या छात्र उपस्थित रहे।
प्रो उमेश यादव
निदेशक, अभियांत्रिकी एवं प्रोद्योगिकी संस्थान
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर।










किया जाएगा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के जन्मदिन के उपलक्ष्य में इस कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश के प्रत्येक गांव में किया जाएगा। यह प्रदेशव्यापी कार्यक्रम एक सप्ताह तक चलेगा।
pol
गोला। पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिये जागरूकता अभियान की शुरूआत करते हुये चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर ने वन क्षेत्राधिकारी शिवजीत सिंह के साथ वृक्षारोपण किया।
