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  • भारत में नमक और चीनी के कई ब्रांड्स में माइक्रोप्लास्टिक्स पाए गए हैं

    भारत में नमक और चीनी के कई ब्रांड्स में माइक्रोप्लास्टिक्स पाए गए हैं. पर्यावरण अनुसंधान संगठन ‘टॉक्सिक्स लिंक’ की स्टडी में यह जानकारी सामने आई है. स्टडी में नमक के दस और चीनी के पांच नमूनों की टेस्टिंग की गई थी. इनमें मुख्य ब्रांडों के अलावा ऑर्गेनिक बताकर बेचे जाने वाले नमक-चीनी भी शामिल थे. जांच में इन सभी नमूनों में माइक्रोप्लास्टिक्स होने की पुष्टि हुई. आयोडीन युक्त नमक के एक नमूने में सबसे ज्यादा माइक्रोप्लास्टिक्स पाए गए.

    प्लास्टिक के बहुत छोटे कणों को माइक्रोप्लास्टिक कहा जाता है. इनका आकार एक से पांच हजार माइक्रोमीटर के बीच में होता है. अब माइक्रोप्लास्टिक फल, सब्जियों और कई अन्य खाद्य पदार्थों में भी मिलने लगे हैं. इन्हें खाने पर वे शरीर के अंदर पहुंच जाते हैं. इसके अलावा सांस लेने के दौरान भी माइक्रोप्लास्टिक शरीर में प्रवेश कर सकते हैं.

    स्टडी के मुताबिक, मानव शरीर के विभिन्न अंगों जैसे- सिर के बाल, लार, फेफड़े, लिवर, किडनी और खून के नमूनों में माइक्रोप्लास्टिक मिल चुके हैं. यह चिंताजनक है क्योंकि ये शरीर में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को जन्म दे सकते हैं.

  • चुनाव आयोग आज विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान करेगा

    चुनाव आयोग आज विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान करेगा

    चुनाव आयोग आज विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान करेगा. इसको लेकर दोपहर तीन बजे चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, जिसमें तारीखों की घोषणा की जाएगी. जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने हैं.

  • एतद् द्वारा समस्त सम्बन्धित को सूचित किया जाता है

    एतद् द्वारा समस्त सम्बन्धित को सूचित किया जाता है

    एतद् द्वारा समस्त सम्बन्धित को सूचित किया जाता है कि स्नातक स्तर के प्रथम सेमेस्टर में संचालित होने वाले “नाथपंथ एवं दर्शन” पाठ्यक्रम (Course Code: AEIMYGSP) की कक्षायें संलग्न सारणी के अनुसार हाइब्रिड मोड में महाराणा प्रताप परिसर स्थित महायोगी गुरु श्री गोरक्षनाथ शोधपीठ में दिनांक 20 अगस्त 2024 से संचालित की जायेगीं। छात्र/छात्राओं द्वारा उक्त पाठ्यक्रम से सम्बन्धित पाठ्य सामग्री निम्नलिखित लिंक के माध्यम से प्राप्त की जा सकेगी- http://erp.ddugu.ac.in/Nath Panth ASM.pdf

  • कभी खाली बैठने की थी नौबत, अब काम के लिए 24 घंटे भी कम

    कभी खाली बैठने की थी नौबत, अब काम के लिए 24 घंटे भी कम

    कभी खाली बैठने की थी नौबत, अब काम के लिए 24 घंटे भी कम
    दिवाली के ढाई महीने पहले ही कई ट्रक उत्पाद की आपूर्ति कर चुके हैं टेराकोटा शिल्पकार
    सीएम योगी ने ओडीओपी में किया शामिल तो टेराकोटा को लगे पंख   काम की अधिकता के चलते नए ऑर्डर नहीं ले रहे कई शिल्पकार गोरखपुर, 13 अगस्त। माटी के विशेष शिल्प टेराकोटा से पीढ़ियों से जुड़े शिल्पकारों के पास सात साल पहले तक घर-परिवार का खर्च निकालने भर का ही काम रहता था। कई बार तो खाली बैठने की नौबत आ जाती थी। दूरदर्शी सोच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टेराकोटा को एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में शामिल किया तो अब शिल्पकारों के पास काम इतना रहता है कि उनके हाथ खाली नहीं रहते हैं। दशहरा और दीपावली आने में अभी करीब ढाई महीने बाकी हैं लेकिन गोरखपुर के कई टेराकोटा शिल्पकार दूसरे राज्यों में कई ट्रक उत्पाद की आपूर्ति कर चुके हैं। एडवांस ऑर्डर लगातार पूरे किए जा रहे हैं और काम की अधिकता के चलते नए ऑर्डर स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं।

    टेराकोटा को पंख लगाने का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है। टेराकोटा शिल्प को उद्यम में बदलने के लिए उन्होंने इसे बहुआयामी और महत्वाकांक्षी एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में शामिल किया। ओडीओपी में शामिल होने के बाद टेराकोटा शिल्पकारों को संसाधनगत, वित्तीय व तकनीकी मदद तो मिली ही, सीएम की अगुवाई में ऐसी जबरदस्त ब्रांडिंग हुई कि इसके बाजार का अपार विस्तार हो गया। इलेक्ट्रिक चाक, पगमिल, डिजाइन मशीन आदि मिलने से शिल्पकारों का काम आसान और उत्पादकता तीन से चार गुनी हो गई। गुणवत्ता अलग से निखर गई।

    वर्तमान में टेराकोटा के मूल गांव औरंगाबाद के साथ ही गुलरिहा, भरवलिया, जंगल एकला नंबर-2, अशरफपुर, हाफिज नगर, पादरी बाजार, बेलवा, बालापार, शाहपुर, सरैया बाजार, झुंगिया, झंगहा क्षेत्र के अराजी राजधानी आदि गांवों में टेराकोटा शिल्प का काम वृहद स्तर पर चल रहा है। ओडीओपी में शामिल होने के बाद बाजार बढ़ने से करीब 30-35 फीसद नए लोग भी टेराकोटा के कारोबार से जुड़े हैं। एक तरह से इसके ब्रांड एम्बेसडर खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं और, इस ब्रांडिंग ने शिल्पकारों को बारह महीने काम से सराबोर कर दिया है।

    मांग और बाजार को लेकर राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत शिल्पकार राजन प्रजापति का कहना है कि अब तो हमारे पास पूरे साल काम रहता है। मार्च से ही दशहरा-दिवाली के ही ऑर्डर पर काम चल रहा है। काम इतना है कि एक दिन में चौबीस घंटे भी कम पड़ जा रहे हैं। बकौल राजन, वह अब तक दशहरा और दिवाली से जुड़े ऑर्डर के आठ ट्रक उत्पाद की सप्लाई कर चुके हैं। तीन ट्रक माल गुजरात के अहमदाबाद, दो-दो ट्रक हैदराबाद और आंध्र प्रदेश तथा एक ट्रक माल राजस्थान भेज दिया गया है। अभी लगातार काम जारी है ताकि शेष ऑर्डर को समय रहते पूरा किया जा सके। राजन कहते हैं कि महाराज जी (सीएम योगी) ने हमारे टेराकोटा का ऐसा कायाकल्प करा दिया है कि काम की कोई किल्लत ही नहीं है। उन्होंने हर जगह टेराकोटा की इतनी चर्चा कर दी है कि आज हमारे उत्पाद की मांग पूरे देश में हैं।

    टेराकोटा शिल्प के लिए कई मंचों पर सम्मानित हो चुके शिल्पकार अखिलेश प्रजापति भी टेराकोटा की भरपूर मांग को सीएम योगी की तरफ से उठाए गए कदमों और उनकी ब्रांडिंग की देन बताते हैं। त्योहारी मांग के एवज में चार ट्रक टेराकोटा उत्पाद उत्तराखंड और मुंबई भेज चुके अखिलेश का कहना है कि ऑर्डर की सप्लाई के लिए लगातार काम करना पड़ रहा है। वह मानते हैं कि पहले काम काफी कम होता था लेकिन ओडीओपी में शामिल होने के होने के बाद टेराकोटा की डिमांड खूब बढ़ी है। झांसी और इंदौर के लिए एक-एक ट्रक माल भेज चुके टेराकोटा शिल्पकार जितेंद्र भी टेराकोटा कारोबार में आए जबरदस्त उछाल का श्रेय योगी सरकार की ओडीओपी योजना को देते हैं। उनके मुताबिक ओडीओपी से टेराकोटा शिल्पकारों को फायदा ही फायदा है।

    *ऐसे शिल्प से उद्यम की तरफ बढ़ा टेराकोटा*
    2017 के पहले तक टेराकोटा शिल्पकारों के पास संसाधनों का अभाव था। वह सारा काम हाथ से करते थे। ओडीओपी में शामिल होने के बाद उन्हें इलेक्ट्रिक चाक मिले, पगमील मशीन मिली। हस्तचालित चाक की तुलना में इलेक्ट्रिक चाक पर तेजी से कलाकृतियां बन जाती हैं। जबकि पगमील के जरिए 24 घंटे के बराबर मिट्टी की गुथाई एक घंटे में हो जाती है। इसका असर यह हुआ कि जितने उत्पाद एक दिन तैयार होते थे, अब उतने दो घंटे में बन जाते हैं। पूंजी का संकट दूर करने के लिए भारी अनुदान पर आसानी से ऋण मिल जाने से काम और भी आसान हो गया। शिल्पकारों को संसाधन उपलब्ध कराने साथ ही सरकार ने बड़ा बाजार दिलाने के लिए इसकी ब्रांडिंग की। बड़े बड़े महानगरों में तमाम प्रदर्शनी लगवाई, शिल्पकारो को पुरस्कार देकर उत्साहित किया, बड़ी हस्तियों को भेंट करने के लिए टेराकोटा के उत्पादों को प्राथमिकता दी गई।

  • नौतनवा क्षेत्र के महदेंईया गांव में प्रशिक्षण देती प्रशिक्षक रीना शर्मा।

    नौतनवा क्षेत्र के महदेंईया गांव में प्रशिक्षण देती प्रशिक्षक रीना शर्मा।

    आकर्षक पुतले बना स्वावलंबी बन रही समूह की महिलाएं
    – 32 महिलाओं ने शुरू किया प्रशिक्षण
    – आनलाइन परीक्षा के बाद सहज होगी लोन की व्यवस्था
    नौतनवा क्षेत्र के महदेंईया गांव में प्रशिक्षण देती प्रशिक्षक रीना शर्मा। जागरण
    अरविंद त्रिपाठी
    नौतनवा/ महराजगंज : नौतनवा विकास खंड के ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनाने के लिए आकर्षक पुतलों को सहारा बनाया है। जिसे बनाने का हुनर सिख वह रोजगार के नए सृजन के पथ पर हैं।
    ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा इसकी शुरुआत नौतनवा विकास खंड के महदेंईया गांव में की गई है। जहां विभिन्न समुह की 32 महिलाओं को कपड़े व रूई की मदद से से पांडा, टेडी बियर, डॉग, मंकी, एलिफेंट, पोलर बियर, सेंटर क्लास, बर्ड्स, कैप व टेडी बियर बनाने का प्रशिक्षण शुरू कर दिया है।
    प्रशिक्षक रीना शर्मा ने बताया कि गांव की क्रांति महिला सहायता समूह की, भीम राव अंबेडकर सहायता समूह, राधिका सहायता समूह, कृष्णा सहायता समूह, जागृति सहायता समूह व जीवन ज्योति सहायता समूह की महिलाओं समेत कुल 32 महिलाओं को 13 दिन तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। 14 अगस्त को आनलाइन परीक्षा के बाद उन्हें बंगलौर से प्रमाण पत्र मिलेगा। उसी प्रमाण पत्र के आधार पर बैंक महिला समुह को लोन देगी।
    संस्था के ब्लाक मैनेजर अंकित श्रीवास्तव ने बताया कि वह नौतनवा ब्लाक के सभी गांवों में इस तरह का प्रशिक्षण कैंप लगाएंगे।
    नर्वदा विश्वकर्मा ने बताया पुतले बनाकर घर बैठे ही अच्छी कमाई होगी। यह बेहतर रोजगार साबित होगा।
    लक्ष्मीना ने बताया कि इस लघु उद्योग में काफी कम लागत में ही अच्छी आय हो जाएगी।
    संगीता यादव ने बताया घर बैठे इससे बेहतर आय का कोई साधन नहीं है। प्रशिक्षण पूरा होती ही वह पुतले बनाने का कारोबार शुरू करूंगी।
    ममता ने बताया कि पहले वह बकरी पालन की सोंच रही थी। लेकिन यह कारोबर उससे सुगम लग रहा है।

  • स्वतंत्रता दिवस समारोह 2024 में सहभागिता हेतु राष्ट्रीय सेवा योजना के चार स्वयंसेवको को कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने आशीर्वाद देकर किया विदा

    स्वतंत्रता दिवस समारोह 2024 में सहभागिता हेतु राष्ट्रीय सेवा योजना के चार स्वयंसेवको को कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने आशीर्वाद देकर किया विदा

    स्वतंत्रता दिवस समारोह 2024 में सहभागिता हेतु राष्ट्रीय सेवा योजना के चार स्वयंसेवको को कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने आशीर्वाद देकर किया विदा
    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना से स्वतंत्रता दिवस समारोह 2024 में सहभागिता हेतु चार स्वयंसेवको का विगत दिनों चयन हुआ था। ये सभी स्वयंसेवक स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमो में हिस्सा लेंगे। स्वयं सेवकों की इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने सभी स्वयं सेवकों को शुभकामनाएँ देते हुए विदा किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
    यहाँ यह बताना उल्लेखनीय है कि मेरी माटी मेरा देश नामक कार्यक्रम के अंतर्गत अमृत वाटिका के निर्माण करने वाले दो उत्कृष्ट स्वयंसेवक आकाश कुमार तथा यशी श्रीवास्तव का चयन हुआ था तथा माय भारत पोर्टल पर पंजीकृत ऐसे छात्र जो छात्र पुलिस अनुभवात्मक कार्यक्रम में प्रतिभा किए हैं, उनमें से दो स्वयंसेवक कृष्ण कुमार मिश्रा तथा आकांक्षा राय और साथ ही इनके एक-एक अभिभावक राष्ट्रीय सेवा योजना की तरफ से स्वतंत्रता दिवस समारोह 2024 में सहभागिता करके का अवसर मिला है।
    उक्त जानकारी देते हुए एनएसएस समन्वयक डॉ सत्यपाल सिंह ने बताया कि यह विश्वविद्यालय के स्वयंसेवकों के लिए बहुत उत्साहजनक है कि उनका चयन स्वतंत्रता दिवस में सहभागिता के लिए हुआ है। यह पहली बार है कि जब स्वतंत्रता दिवस पर स्वयं सेवकों को विभिन्न कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के लिए दिल्ली बुलाया गया है। इन स्वयंसेवको को रेलवे स्टेशन से ही कार्यक्रम से संबंधित अधिकारियों की टीम रिसीव करेगी और उन्हें उनके गन्तव्य तक ले जाएगी। होटल इंटरनेशनल और होटल स्टार में इन स्वयंसेवको के ठहरने की व्यवस्था की गयी हैं। तीन दिनो तक चलने वाले स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर ये स्वयंसेवक दिनांक 16 अगस्त को वापस होंगे।

  • पुलिस की सरकारी एसएलआर के साथ युवक का फोटो वायरल

    पुलिस की सरकारी एसएलआर के साथ युवक का फोटो वायरल

    बिग ब्रेकिंग, कासगंज
    पुलिस की सरकारी एसएलआर के साथ युवक का फोटो वायरल
    सोशल मीडिया पर जमकर हो रहा है युवक का फोटो वायरल
    सरकारी शस्त्र के साथ फोटो से सोशल मीडिया के जरिए लोगों में भय व्यक्त कर रहा है युवक
    सोरों कोतवाली क्षेत्र के हुमायूंपुर गांव का रहने वाला बताया जा रहा है युवक संतोष मौर्य
    पुलिस ने अभी तक नहीं की युवक के खिलाफ कोई कार्रवाई।

  • हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने के लिए पीपीगंज मंडल की बैठक संपन्न

    हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने के लिए पीपीगंज मंडल की बैठक संपन्न

    गोरखपुर /पीपीगंज: हर घर तिरंगा अभियान कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पीपीगंज मंडल की बैठक आज नगर पंचायत पीपीगंज के सभागार में संपन्न हुई। बैठक को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि जिलाउपाध्यक्ष शेषमणि त्रिपाठी ने हर घर तिरंगा अभियान कार्यक्रम के बारे में विस्तृत रूप से कार्यकर्ताओं को बताया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत 12 अगस्त को स्वच्छता, कार्यक्रम,13 अगस्त को स्वतंत्रता सेनानियों के मूर्ति पर माल्यार्पण ,14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस व 15 अगस्त के पहले हर घर पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य है। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्वांचल विकास बोर्ड के सदस्य विजय शंकर यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में राष्ट्रीय पर्वों में जन-जन की सहभागिता बढ़ी है और लोगों में स्वतंत्रता दिवस , गणतंत्र दिवस के प्रति उत्साह देखने को मिल रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मंडल अध्यक्ष राकेश चौधरी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के आदेशानुसार भारतीय जनता पार्टी के सभी कार्यकर्ता मिलकर इस अभियान को सफल बनाएंगे और घर-घर तिरंगा फहराने के लिए लोगों को प्रेरित भी करेंगे । कार्यक्रम का संचालन मंडल महामंत्री पशुपति नाथ अग्रहरी ने किया । कार्यक्रम में प्रमुख रूप से वरिष्ठ भाजपा नेता जगदंबा अग्रहरी, पूर्व मंडल अध्यक्ष बिंद्रासन चौधरी, पूर्व मंडल अध्यक्ष मारकंडेय चौरसिया, पूर्व नगर अध्यक्ष अनिल अग्रहरि, राजेंद्र मद्धेशिया,प्रदीप छापड़िया ,पूर्व मंडल महामंत्री अजीत सिंह,वेद प्रकाश दुबे ,लाल जी विश्वकर्मा ,रामकरण सिंह, दिनेश यादव ,राकेश अग्रहरी, संदीप जायसवाल, कमलेश वर्मा ,दिनेश निषाद, शशि भूषण पासवान, अजय पांडेय , कुशहर चौधरी, राजकुमार निषाद ,सतई निषाद,राज त्रिपाठी,संदीप गुप्ता, शिव शंकर यादव, क्षेत्र पंचायत सदस्य दिनेश यादव,रंजीत शर्मा, प्रेम नाथ गौड़, महेंद्र वर्मा,सुरेश वरुण, सुनील चौरसिया,रघुनंदन तिवारी, सतिराम गुप्ता,आद्रेश पासवान,शंभू गौड़ ,बिरजू मद्धेशिया,राहुल चौधरी,आदि लोग उपस्थित रहें।

  • काकोरी ट्रेन एक्सन की 100 वी वर्षगाँठ के उपलक्ष में काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव आयोजन

    काकोरी ट्रेन एक्सन की 100 वी वर्षगाँठ के उपलक्ष में काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव आयोजन

    गोरखपुर: काकोरी ट्रेन एक्सन की 100 वी वर्षगाँठ के उपलक्ष में काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव आयोजन के अवसर पर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवायोजना के गांधी इकाई कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रभुनाथ प्रसाद तथा निवेदिता इकाई कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अपरा त्रिपाठी द्वारा आज दिनांक 10.08.2024 को मजीठिया भवन के समीप स्थित चौरीचौरा शहीद स्मारक के समीप स्वच्छता अभियान चलाया गया|

    इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. शान्तनु रस्तोगी ने शहीदों को याद करते हुए स्वयंसेवकों को ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 9 अगस्त 1925 को लखनऊ के काकोरी में घटी थी, जब स्वतंत्रता सेनानियों ने ब्रिटिश सरकार का खजाना लूटकर क्रांति के लिए हथियार खरीदने की योजना बनाई थी। यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई।
    स्वच्छता अभियान के दौरान कुलसचिव प्रो. शान्तनु रस्तोगी और रा.से.यो. के समन्वयक डॉ. सत्यपाल सिंह की अगुआई में स्वयंसेवकों ने शहीद स्मारक के आसपास सफाई की, जिसमें झाड़ू लगाना और बढ़ी हुई घास की कटिंग शामिल थी।
    इस अभियान में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रभुनाथ प्रसाद, डॉ. अपरा त्रिपाठी और डॉ. कुसुम रावत के साथ भौतिकी विभाग के कई अन्य शिक्षकों जैसे डॉ. विनीत कुमार सिंह, डॉ. मनिन्द्र कुमार, डॉ. अमित कुमार सिंह चौहान, डॉ. दीपेन्द्र शर्मा, डॉ. प्रशांत शाही, और डॉ. दीपेश शेखर सैनी ने भी भाग लिया। सभी इकाइयों के स्वयंसेवकों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और इस सफाई अभियान में उत्साह पूर्वक योगदान दिया।
    इस आयोजन का उद्देश्य न केवल शहीदों के बलिदान को याद करना था, बल्कि समाज में स्वच्छता और राष्ट्रप्रेम की भावना को भी बढ़ावा देना था।

  • फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की शुरुआत मेयर ने हरी झंडी दिखाकर की

    फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की शुरुआत मेयर ने हरी झंडी दिखाकर की

    1. गोरखपुर।मेयर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव ने आज जिला अस्पताल में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की शुरुआत किया और प्रचार गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 10 अगस्त से 2 सितंबर तक जिले में इस अभियान को चलाया जाएगा। तकरीबन 3.5 हजार स्वास्थ्य कर्मियों को घर-घर जाकर फाइलेरिया की दवा लोगों को खिलाने का लक्ष्य दिया गया है। फाइलेरिया बीमारी को आम बोलचाल की भाषा में हाथी पांव की बीमारी भी कहा जाता है। इस बीमारी के रोकथाम के लिए प्रतिवर्ष फाइलेरिया की दवा खानी होती है, जोकि 5 सालों तक निरंतर खाने से फाइलेरिया की बीमारी से बच सकते हैं।

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी आशुतोष कुमार दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 10 अगस्त से 2 सितंबर तक फाइलेरिया रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए सैकड़ो की संख्या में हजारों की संख्या में स्वास्थ्य कर्मियों को लगाया गया है जो लोगों के घर-घर जाकर फाइलेरिया की दवा खिलाएंगे उन्होंने बताया कि पूरे जिले में 46 लाख लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।