Category: टेक्नोलॉजी

  • बी.आई.टी. में मण्डलस्तरीय टेक जेनेसिस का हुआ शुभारम्भ

    बी.आई.टी. में मण्डलस्तरीय टेक जेनेसिस का हुआ शुभारम्भ

    संवाददाता– एस. पी. सिंह

    गोरखपुर/सहजनवा ।

    बुद्धा इन्स्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाॅजी, गीडा मे दो दिवसीय मण्डलस्तरीय टेक-जेनिसिस 9.0 का शुभारम्भ हुआ ।
    इस टेक-जेनिसिस महोत्सव में गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बस्ती, खलीलाबाद जनपद के सैकड़ों विद्यालयों के हजारों छात्र एवं छात्राओं ने प्रतिभाग किया । इस महोत्सव में तकनीकी से संम्बंधित दर्जनों प्रतियोगिताएँ एवं विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन हुआ । इस कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि गोरखपुर परिक्षेत्र के बिशप फादर मैथ्यु एंव डा. अश्वनी मिश्रा, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी द्वारा किया गया । क्रार्यक्रम को संम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि शिक्षा और मेंहनत का कोई विकल्प नही है अगर आज आप संधर्ष, कठिन परिश्रम, लगन एवं ईमानदारी से अध्ययनरत रहेंगे तो आपका भविष्य सुनहरा रहेगा । इसके साथ ही क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केन्द्र गोरखपुर के तत्वधान में जनपद स्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन किया गया । जिसमे इण्टर कालेज के छात्र-छात्राओं द्वारा अनेको प्रकार के माॅडल प्रद्रर्शित की गई । जिला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केन्द्र के प्रभारी वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पाडे ने प्रतिभागी छात्रो को पुरस्कृत किया । टेक–जेनेसिस 9.0 के 9 वे संस्करण के दो दिवसीय कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के लिए अनेको प्रतियोगिताये, क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, शतरंज, कैरम, सहित अन्य खेल प्रतियोगिताएं, नृत्य गायन लेखन नाटक मिमिक्री रंगमंच की प्रतियोगिता सहित विविध ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताओं के लीग मैच आयोजित हुआ । फाइनल 1 दिसम्बर 2024 को होगा । कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में सृजन मिश्रा चेयरमैन सेन्ट्रल एकेडमी, मेजर साकेत प्रधानाचार्य मुरारी इण्टर कालेज, डा. विश्व प्रकाश प्रधानाचार्य जुुबली इंण्टर कालेज, फादर जेशन मैनुअल प्रधानाचार्य लिटिल फ्लावर स्कूल सहित मण्डल के अनेको कालेज के प्रधानाचार्य, शिक्षक व हजारो की संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे । संस्थान के सचिव डॉ. रजत अग्रवाल ने अतिथियों प्रधानाचार्य, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं का बी.आई.टी. संस्थान के आगमन पर स्वागत किया एवं विभिन्न विद्यालयों से आये प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों को सम्मानित भी किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बी.आई.टी. संस्थान के अध्यक्ष डॉ. आर.ए. अग्रवाल ने कहा कि बच्चों में प्रतिस्पर्धा जागृत करने के लिए इस तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन हर वर्ष संस्थान करता रहा है ताकि उन्हें अपनी प्रतिभा उभारने के लिए एक बड़ा मंच मिल सके । दो दिवसीय कार्यक्रम में अग्रणी भूमिका निभाने वालो में निदेशक प्रशासन दीपक अग्रवाल सहित अन्य लोग रहे । उपर्युक्त कार्यक्रम में कालेज के निदेशक बी.आई.टी. डा. अरविन्द पाण्डेय, निदेशक फार्मेसी डा. आशीष सिंह, निदेशक डिग्री काजेल डा. लतेन्द्र श्रीवास्तव, कार्यक्रम में संस्थान के प्रशासन सहित कालेज के सभी शिक्षक, कर्मचारी तथा मीडियाकर्मी व छात्र-छात्राएं उपस्थित थे ।

  • विज्ञान एवं प्रौद्योेगिकी केन्द्र, गोरखपुर के द्वारा वैज्ञानिक व्याख्या का आयोजन किया

    विज्ञान एवं प्रौद्योेगिकी केन्द्र, गोरखपुर के द्वारा वैज्ञानिक व्याख्या का आयोजन किया

     

    जिला विज्ञान क्लब/क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योेगिकी केन्द्र, तारामण्डल, गोरखपुर के द्वारा आज द नार्थ इंडिया स्कूल, खजुरी, गोरखपुर में विज्ञान लोकप्रियकरण एवं संचार कार्यक्रम के अन्तर्गत अंधविश्वासों के विरूद्ध वैज्ञानिक चमत्कारों की वैज्ञानिक व्याख्या का आयोजन किया गया। जिसमें ग्रामीण अंचल के विभिन्न विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में साइंस क्वीज,विज्ञान माॅडल आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की गयीं। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त बच्चों को पुरस्कृत किया गया तथा प्रतिभागी समस्त बच्चों को सम्मान प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रो0 आर0पी0ओझा, पूर्व विभागाध्यक्ष,भौतिकी विभाग,डीडीयू, गोरखपुर ने अन्धविश्वास साधुओं,मौलवियों आदि द्वारा लोगों के शोषण को बढ़ावा देता है, जिससे सामाजिक विकास बाधित होता है। मानसिक रोगियों को बुरी आत्माओं के प्रभाव में बताया जाता है, जिससे वे समुचित उपचार से वंचित रह जाते हैं, उन्होने कहा कि अल्पावधि सुधारों के लिए हमे ऐसे कानूनों की आवश्यकता है जो इन कुरीतियों/अन्धविश्वास को खत्म करने में सहायक हो। वैज्ञानिक अधिकारी, श्री महादेव पाण्डेय ने विभागीय जानकारी देते हुए कहा कि ज्यादातर ग्रामीण अंचल के लोग शिक्षा के अभाव में किसी भी घटना के घटित होने के वैज्ञानिक कारणों से अज्ञान होते हैं। अन्धविश्वास को ईश्वर के साथ जोड़ दिया जाता है, जिससे लोग इसकी आलोचना से डरने लगते हैं, लोग मानते हैं कि कुरीतियाॅं प्राचीन काल से चली आ रही हैं इसलिए उन्हें पालन करना चाहिए, जब लोग अपने आर्थिक उत्थान के लिए आवश्यक उपाय नहीं कर पाते तो वै इस उम्मीद में अन्धविश्वासों को अपना लेते हैं कि इससे उनकी हालत सुधर सकती है। विशेषज्ञ के रूप में श्री यशराज जायसवाल व जितेन्द्र सिंह ने वैज्ञानिक चमत्कारों के माध्यम से प्रायोगिक तौर से कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं को छुपे हुए रहस्यों से रूबरू कराया। कार्यकम में श्री अजय यादव, डायरेक्टर, द नार्थ इंडिया स्कूल, नन्दानगर, गोरखपुर एवं श्री विजय यादव, नार्थ इण्डिया स्कूल, खजुरी, व स0 अध्यापक, गिरजेश राय, खगोल विद श्री अमर पाल सिंह, द्वारा टेलीस्कोपों के माध्यम से सूर्य दर्शन/खगोल विज्ञान के विषय में जानकारी प्रदान की गयी। श्री वेद प्रकाश पाण्डेय, अशोक कुमार मिश्रा, इजहार, सहीर हसन,रामघिसियावन आदि कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग प्रदान किया।

  • भगवा हुआ BSNL का लोगो

    भगवा हुआ BSNL का लोगो
    कनेक्टिंग इंडिया की जगह, कनेक्टिंग भारत होगा स्लोगन
    24 साल बाद BSNL ने अपने लोगो ज़ स्लोगन में बदलाव किया है
    नए LOGO के साथ 7 नई सर्विस, मिलेगा हाई स्पीड इंटरनेट
    सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL जल्द ही अपनी 4G सर्विस भी पूरे देश में लॉन्च करने वाला है और 5G सर्विस पर भी BSNL तेजी से काम कर रहा है.
    भगवा हुआ BSNL का लोगो
    भगवा हुआ BSNL का लोगो
    BSNL ने 24 साल बाद अपने लोगो और स्लोगन में बदलाव किया है। नए लोगो में नारंगी रंग की पृष्ठभूमि है, जो गर्मजोशी और समावेशिता का प्रतीक है। साथ ही, नए स्लोगन “कनेक्टिंग भारत” के जरिए BSNL शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अपने संचार सेवाओं को बेहतर करने पर जोर दे रहा है। इसके साथ ही कंपनी ने 7 नई सेवाओं की भी घोषणा की है, जिनमें हाई-स्पीड इंटरनेट, 4G और 5G सेवाएं शामिल हैं, जो 2025 तक देशभर में उपलब्ध होंगी ।
  • क्या 18 सितंबर हो होने वाला चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा

    क्या 18 सितंबर हो होने वाला चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा

    क्या 18 सितंबर हो होने वाला चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा _वैसे तो विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए अंतरिक्ष में घटित होने वाली कोई भी खगोलीय घटनाएं नई जानकारियों के साथ ही रोमांचकारी अनुभव का एहसास भी कराती ही हैं, चाहें वह ग्रहण हों या अन्य कोई खगोलीय घटनाएं, अगर हम बात करें 18 सितंबर हो होने वाले उपच्छया चंद्र ग्रहण की या 18 सितंबर की रात्रि में दिखने वाले पूर्ण चांद की जिसे सुपर फुल मून कहा जायेगा तो हम पाते हैं कि यह सब खगोलीय घटनाओं का ही परिणाम है,
    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 18 सितंबर को होने वाला उपछाया चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा क्योंकि इस समय भारत में सुबह का समय हो रहा होगा इस कारण से इसे देख पाना मुश्किल होगा,जबकि इस ग्रहण का प्रारम्भ समय भारतीय समयानुसार सुबह प्रातः 06 बजकर 11 मिनिट्स से आंशिक ग्रहण की समाप्ति 10 बजकर 17 मिनिट्स पर होगा जिस समय सूर्य के कारण दिन का समय हो चुका होगा जिस से इसे देख पाना मुश्किल होगा,
    कैसे होता है चंद्र ग्रहण _ खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि जब चंद्रमा और सूर्य के बीच में पृथ्वी आ जाती है तब चंद्र ग्रहण की घटना घटित होती है, जिस वजह से चंद्रमा की सतह पर पृथ्वी की जैसी छाया पड़ती है वैसी ही इस्थिति के कारण ग्रहण लगते हैं जैसे कि पूर्ण, आंशिक, एवम उपछाया चंद्र ग्रहण ,
    प्रत्येक पूर्णिमा को क्यों नहीं लगता चंद्र ग्रहण _ खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चंद्रमा का कक्षा तल पृथ्वी के कक्षा तल से 5 डिग्री का कोण बनाता हैं जिस कारण तीनों पिण्ड (सूर्य , पृथ्वी और चन्द्रमा) एक सीधे रेखा में नहीं आ पाते हैं , यह कभी कभार कक्षा तल में उपर नीचे से गुजर जाते हैं जिस कारण प्रत्येक पूर्णिमा को ग्रहण नहीं लगता है, जब भी यह तीनों पिण्ड एक सटीक सीधे रेखा में आते हैं तब तब ग्रहण की इस्तिथि बनती है, इस इस्तिथी को खगोल विज्ञान की भाषा में ग्रहण कहा जाता है,
    18 सितंबर को होने वाला चंद्र ग्रहण कहां से दिखाई देगा _ खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस बार 18 सितंबर को होने बाला चंद्र ग्रहण यूरोप, अफ्रीका, अमेरिका आदि देशों में दिखाई देगा, यह भारत में दिखाई नहीं देगा,
    लेकिन निराश न हों,
    खगोल विद अमर पाल सिंह ने बताया कि जब शाम को पूर्वी आकाश में चन्द्रमा उदित होगा तब भारत में एक खूबसूरत नज़ारा दिखाई देगा जिसे सुपर मून या फूल मून कहा जायेगा, इस दौरान पृथ्वी से चन्द्रमा की दूरी 3 लाख 57 हज़ार 286 किलोमीटर होगी जो कि अपने कक्षा तल में नजदीकी बिंदु पर होगा जिसे खगोल विज्ञान की भाषा में पेरिगी कहा जाता है, चन्द्रमा की कक्षा पृथ्वी के चारों ओर अंडाकार है, जिस कारण चन्द्रमा कभी दूर और कभी पास से गुजरता है, खगोल विज्ञान की भाषा में पास वाले बिंदू को पेरीगी और दूर वाले विंदू को एपोगी कहा जाता है , जिस कारण यदि चांद पृथ्वी से अपने पास वाले बिंदू पर होता है तब यह अन्य पूर्ण चंद्र के मुकाबले 14 प्रतिशत ज्यादा बड़ा और 30 प्रतिशत ज्यादा चकमदार नज़र आता है, बता दें कि सुपर मून शब्द सबसे पहले वैज्ञानिक रिचर्ड नोल्ले ने दिया था, इस सुपर मून को अन्य कई नामों से भी जाना जाता है जैसे सुपर फुल मून या सुपर मून या कार्न मून या हार्वेस्ट मून आदि, जिसे सम्पूर्ण भारत में देखा जा सकेगा, जिसे बिना किसी ख़ास दूरबीन या अन्य सहायक उपकरणों की सहायता से ही आप अपनी साधारण आंखों से ही अपने घर से ही देख सकते हैं , जिसकी खूबसूरती देखते ही बनती है,

    ©️ अमर पाल सिंह खगोलविद वीर बहादुर सिंह नक्षत्र शाला ( तारामण्डल) गोरखपुर उत्तर प्रदेश भारत, मोबाईल नंबर _ 7355546489,

  • क्या भारत में बैन हो जाएगा Wikipedia? दिल्ली हाई कोर्ट की चेतावनी के बाद कंपनी ने दिया बयान

    क्या भारत में बैन हो जाएगा Wikipedia? दिल्ली हाई कोर्ट की चेतावनी के बाद कंपनी ने दिया बयान

    दिल्ली हाईकोर्ट की चेतावनी के बाद अपने बयान में विकिमीडिया फाउंडेशन ने कहा कि वे भारत के प्रति समर्पित हैं और बैन जैसी स्थिति का सामना ना करने के लिए वे जल्दी दी जरूरी कदम उठाएंगे

  • एक गलती से अकाउंट हो जाएगा खाली! स्कैमर्स ने खोज निकाला पैसे ऐंठने का नया तरीका

    एक गलती से अकाउंट हो जाएगा खाली! स्कैमर्स ने खोज निकाला पैसे ऐंठने का नया तरीका

    एक गलती से अकाउंट हो जाएगा खाली! स्कैमर्स ने खोज निकाला पैसे ऐंठने का नया तरीका
    Cyber Fraud: अपराधियों ने एक नया तरीका खोज निकाला है जिससे वह लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं. इस नए तरीके में स्कैमर्स अब ठगी के लिए फिंगरप्रिंट का यूज कर रहे हैं.

  • रसायन विज्ञान विभाग में दीक्षारम्भ कार्यक्रम

    रसायन विज्ञान विभाग में दीक्षारम्भ कार्यक्रम

    रसायन विज्ञान विभाग में दीक्षारम्भ कार्यक्रम
    आज दिनांक 14 अगस्त 2024 को रसायन विज्ञान विभाग में परास्नातक के नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षारम्भ कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में फार्मेसी के निदेशक प्रोफेसर पांडा जी थे कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर सोमशंकर दुबे ने किया कार्यक्रम की शुरुआत में रसायन विज्ञान विभाग केअध्यक्ष प्रोफेसर उमेश नाथ त्रिपाठी ने सभी नव प्रवेशित विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया एवं रसायन विज्ञान विभाग के गौरवशाली इतिहास से सभी विद्यार्थियों को अवगत कराया उन्होंने बताया कि रसायन विज्ञान विभाग के विद्यार्थी इस समय देश के कोने कोने में विभिन्न विश्वविद्यालय, विभिन्न शोध संस्थानों में है उन्होंने विद्यार्थियों को प्रयोगशाला में सही से काम करने के महत्वपूर्ण सुझाव दिए एवं विभाग के गौरव को बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया, मुख्य अतिथि प्रोफेसर पांडा ने शरीर के विभिन्न आयाम, विभिन्न हारमोंस पर विस्तृत चर्चा किया एवं सभी विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवन शैली के लिए प्रेरित किया, उन्होंने बताया कि स्वस्थ मस्तिष्क में अच्छी परिकल्पनाओं का निर्माण होता है उन्होंने विद्यार्थियों को इधर-उधर की बातों से दूर रहकर अपने समय के सदुपयोग एवं परास्नातक रसायन विज्ञान पर फोकस रहने के लिए प्रेरित किया, इस अवसर पर विभाग के समस्त शिक्षक गण उपस्थित रहे और सभी ने विद्यार्थियों का उत्साह वर्धन किया, धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर सोमशंकर दुबे ने किया, उक्त जानकारी रसायन विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर उमेश नाथ त्रिपाठी ने दिया