ट्रेन के 11 घंटे देर होने पर मासूम की चली गई जिंदगी
लखनऊ: मासूम के इलाज के लिए बरौनी-नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन से देवरिया से दिल्ली ले जाई जा रहे माता पिता ने अपने मासूम को बोगी में ही दम तोड़ते हुए देखा।
लखनऊ के ऐशबाग स्टेशन पर डॉक्टरों ने मासूम को मृत घोषित किया। मासूम के शव को मां-बाप उसे सड़क मार्ग से देवरिया ले गए। ट्रेन को सुबह दिल्ली पहुंचना था, लेकिन लेट होने के कारण ऐशबाग पहुंची। बरौनी से नई दिल्ली जा रही 02563 स्पेशल ट्रेन का है मामला। यह ट्रेन तकरीबन ग्यारह घंटे की देरी से देवरिया पहुंची थी। देवरिया निवासी सद्दाम की एक साल का बेटी को निमोनिया हो गया था। स्थानीय इलाज से राहत नहीं मिलने पर, उसे एम्स दिल्ली ले जा रहे थे।
मासूम के माता पिता 02563 स्पेशल ट्रेन के थर्ड एसी कोच बी-1 में 40 नंबर सीट पर सवार थे। लखनऊ पहुंचने से पहले ही मासूम की तबीयत बिगड़ने लगी। सहयात्री हर्ष भारद्वाज ने हेल्पलाइन नंबर और सोशल मीडिया एक्स पर मदद की गुहार भी लगाई। इसके बाद ट्रेन के ऐशबाग स्टेशन पहुंचने पर डॉक्टरों ने अटेंड किया। लेकिन, उससे पूर्व ही मासूम की मौत हो चुकी थी।
ऐशबाग से मासूम को लेकर उसके मां-बाप सड़क मार्ग से देवरिया रवाना हो गए। बदकिस्मती से इस ट्रेन को सुबह 5:10 बजे दिल्ली पहुंचना था, लेकिन लेट लतीफी के चलते ट्रेन सुबह 9:47 बजे लखनऊ के ऐशबाग तक ही पहुंची। इस सर्दी में भारतीय रेल के पास बीमार और आकस्मिक ईलाज को लेकर कोई विकल्प नहीं है। नई ट्रेनें लाने में व्यस्त भारतीय रेल को इस मामले से सीख तो लेनी चाहिए।
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