गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे): गोरखपुर प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधारने के सरकार के दावों के बीच गोरखपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली निवासी महिला डॉक्टर ने आरोप लगाया है कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने झूठे मुकदमे दर्ज कराकर उनके परिवार से करोड़ों रुपये की अवैध वसूली की है।
दिल्ली के नजफगढ़ निवासी डॉक्टर खुशबू ने गोरखपुर के एसपी सिटी को शिकायत पत्र सौंपकर बताया कि तीन लोगो ने मिलकर ऊंची पहुंच का दुरुपयोग कर उनके और उनके परिजनों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराए।
डॉ. खुशबू ने आरोप लगाया कि उनके पिता अजीत सिंह के खिलाफ थाना तिवारीपुर में केस संख्या 231/23 दर्ज कराया गया। आरोपियों ने धमकाकर एक करोड़ रुपये वसूले, जो उनकी मां मुकेश लता और नानी ने प्लॉट बेचकर व एफडी तुड़वाकर अदा किए।
पीड़िता के अनुसार, 11 जनवरी 2024 को उनके पिता को हापुड़ बुलाकर गिरफ्तार कराया गया और धोखे से बैंक से पांच चेक निकलवाए गए। बाद में इन्हीं चेकों के आधार पर थाना मैदान गली, अमरोहा में केस संख्या 149/24 दर्ज कराया गया।
पीड़िता ने बताया कि जब उनकी मां ने इस घटनाक्रम की शिकायत की, तो आरोपियों ने द्वारका नॉर्थ (दिल्ली) पुलिस के अधिकारियों से संपर्क कर झूठी शिकायत करवाई, जिसके चलते केस संख्या 490/24 दर्ज हुआ।
पुलिस प्रशासन पर भी गंभीर आरोप
डॉ. खुशबू ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उनके पिता अजीत सिंह के रिश्तेदार – अरविंद कुमार और रूबी – के खिलाफ भी फर्जी केस दर्ज कराए। आरोप है कि थाना तिवारीपुर के एक दरोगा ने उनके पिता पर 8 करोड़ रुपये देने का दबाव बनाया, अन्यथा और झूठे मुकदमे दर्ज कराने की धमकी दी।
बाद में चौरीचौरा थाने में केस संख्या 186/25 भी दर्ज कराया गया। पीड़िता का कहना है कि अलग-अलग माध्यमों से व्हाट्सऐप कॉल कर उनके परिवार को धमकाया गया और करोड़ों रुपये की डिमांड की गई।
डॉ. खुशबू ने आरोप लगाया कि इस पूरे फर्जीवाड़े में कुछ पुलिसकर्मी की भूमिका भी संदिग्ध है, जिसकी निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।
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