सरयू नदी की कटान के साथ बाढ़ से बिगड़े हालात, सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से ग्रामीणो में दहशत

ब्यूरों प्रभारी — विनय तिवारी

बडहलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे) : बड़हलगंज विकास खण्ड बड़हलगंज के दियारा क्षेत्र दर्जनों गांव पे एक बार फिर बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। उधर सरयू नदी के कटान व बाढ़ से ज्ञानकोल नई बस्ती के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बाढ़ के पानी से जहाँ गांव का संपर्क मार्ग जलमग्न हो गया हैं वहीं दरार से पानी उपर होने के बाद भी अंदर अंदर सरयू नदी ज्ञानकोल टोले पर कटान कर रही हैं। सरयू नदी के कटान से बंशी यादव धर्मेंद्र रमाकांत, जयप्रकाश, सबसे अधिक प्रभावित हैं। नदी का मुख्य धारा बंशी यादव के मकान के नीव से टकरा रही हैं।

बाढ़ राहत शिविर में दुर्व्यवस्था पर नाराज कटान पीड़ित : तहसील प्रशासन द्वारा घर खाली करने के आदेश के बाद भी कटान पीड़ित राहत शिविर की दुव्यस्था देख उसमें नहीं जाना चाह रहे हैं। उनका कहना है कि असुविधा हैं परिवार लेकर बच्चों के साथ रहने लायक नहीं हैं।

प्रशासन पहले ध्यान दिया होता तो आज कटान की स्थिति नही बनी होती: गांव के लोगों का कहना हैं कि जब नदी गांव से दो किलोमीटर दूर थी उसी समय से कहा जा रहा हैं लेकिन किसी जिम्मेदार जनप्रतिनिधी या अधिकारी ध्यान नहीं दिया।जिसका नतीजा हैं कि आज सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य भूमि लीलते हुए सरयू नदी टोले का नाम भी मिटाने के लिए आतुर हैं। सरयू नदी का जल स्तर बढ़ने से संपर्क मार्ग पर चढ़ा बाढ़ का पानी।
राष्ट्रीय राम-जानकी मार्ग डेरवा से खोहिया पट्टी वैरिया खास को जोड़ने वाली सड़क पर हिंगुहार के पास व ज्ञानकोल नईबस्ती तक जाने वाली सड़क पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है। जिससे लोग पानी से होते हुए आवागमन कर रहे हैं।

बगहा प्राथमिक विद्यालय पर धीरे धीरे कटान कर रही नदी वहीं सरयू नदी बगहा स्थिति प्राथमिक विद्यालय पर कटान करने लगी हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक जावेद अंसारी शिक्षक अशोक सिंह ने बताया कि विद्यालय में बाढ़ का पानी आ गया है नदी का धारा तेज गति से विद्यालय के पूर्वी भवन पर टकरा रही हैं और नदी अंदर अंदर कटान कटान भी कर रही है अगर कटान की यही स्थिति रही तो विद्यालय अगले दो तीन दिन में कट जाएगा।

कटान रोकने के लिए जियोबैग पिचिंग के माध्यम से कटान रोकने का हो रहा प्रयास किया जा रहा है। सहायक अभियंता सुधांशु सिंह का कहना है कि नदी का जलस्तर ऊपर है कटान की गति धीमी हुई है जियोबैग पिचिंग व पार्को पाइन के माध्यम से कटान रोधी बचाव कार्य जारी हैं। जलस्तर खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर ऊपर है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य अशोक यादव ने कहां की ज्ञानकोल में घाघरा नदी से हो रही कटान से सभी लोग बेहद परेशान है।लोगों के सामने कृषि योग्य भूमि कटकर नदी में विलिन तो हो ही रही है, ऐसी स्थिति में शासन एवं प्रशासन के लोगों को स्थानीय ग्रामीणों को खाद्य सामग्री एवं नदी में विलीन हो रहे ग्रामीणों को आवासीय भूमि उपलब्ध कराने की मांग की है।

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