खजनी थाना क्षेत्र के पड़ियापार गांव स्थित खजनी – सिकरीगंज सड़क मार्ग से सटे पूरब पोखरे में मंगलवार को ग्रामीणों ने एक शव उतराया देखा, जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। जानकारी होते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। गांव वालों ने मृतक की पहचान मोहन निषाद के रूप में की। मौके पर पहुंचे परिजनों ने बताया कि दो माह पहले मोहन लापता हुआ था। जिसकी सूचना पुलिस को दी गई थी लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। वहीं परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस ने मामले में गंभीरता नहीं दिखाई, जिसके कारण आज यह दिन देखना पड़ा है।
नाराज पर जिन्होंने परिजनों ने खजनी तिराहे पर बीती रात जाम लगा दिया था। यह जाम लगभग आधा घंटा रहा।
जाम के दौरान यातायात बाधित हो गया था। काफी समझाने बुझाने के बाद परिजन माने और शव को पुलिस को सौंपा। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। और मामले की जांच एसओजी टीम के द्वारा शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल: 13 दिसंबर की रात मोहन निषाद को चोरी के आरोप में हरिजन बस्ती से दौड़ाया गया था। इस दौरान उसके लाल गमछे भी मिले थे। परिजनों ने 14 दिसंबर को मोहन के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने एनडीआरएफ टीम की मदद से 12 घंटे तक खोजबीन की, लेकिन शव नहीं मिला। परिजनों ने कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल,
दो माह बाद मोहन का शव उसी पोखरे में मिला, जहां उसकी तलाश की गई थी। शव नायलॉन के कपड़े में बंधा हुआ था। परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अगर पुलिस ने गंभीरता से जांच की होती तो शव पहले ही मिल जाता। पुलिस ने शव को मोर्चरी हाउस भेज दिया है।
मृतक के पत्नी के तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ धारा 191(2),238,103 (1) मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
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