भक्ति मानव की आत्मा को पूर्ण करती है: राजन जी महाराज

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ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

बड़हलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज जीवन में जय जयकार करने से कभी नहीं चूकना चाहिए क्योंकि ब्राह्मण को वेद उच्चारण से जो लाभ प्राप्त होता है, वही लाभ प्रभु के नाम के जय जयकार करने से सभी को मिलता है। भक्ति मानव की आत्मा को पूर्ण करती है

उक्त बातें अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक राजन महाराज ने रविवार को नेशनल इंटर कॉलेज के मैदान में चल रहे नौ दिवसीय श्रीराम कथा के चतुर्थ दिवस धनुष यज्ञ की कथा सुनाते हुए कही। कथा का विस्तार करते हुए कहा कि जब तक अपने को रिक्त नहीं मानेंगे तब तक कुछ नहीं जानेंगे। घर यदि सुंदर है तो जीव फोटो खिंचवाने आते है, अगर मन पावन हो जाय तो स्वयं भगवान फोटो खिंचवाने चले आते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को हमेशा संत के शरण में रहना चाहिए क्योंकि संत भगवान के एजेंट होते हैं। माता अहिल्या के श्राप की कथा सुनाते हुए राजन महाराज ने कहा कि अगर आपका श्रेष्ठ, आप पर क्रोध करता है तो उस क्रोध में भी मंगल छिपा होता है। कोई व्यक्ति अरबपति या खरबपति होकर सुखी नहीं हो सकते, क्योंकि अधिक संपत्ति विपत्ति में बदल जाती है, लेकिन अगर व्यक्ति के अन्दर भगवान की भक्ति मिल जाय तो वह तृप्ति को प्राप्त कर सकता है। भक्ति का कोई समय नहीं होता, शरीर जब तक ठीक है भक्ति करते रहना चाहिए। इससे पूर्व ब्लॉक प्रमुख राम आशीष राय, डॉ रमेश सिंह, सुनीता सिंह, अमित पांडेय, प्रीति पांडेय आदि ने व्यास पीठ की आरती उतार कर कथा का शुभारंभ कराया। इस दौरान सूबेदार राय, कुलदीप राय, अनिल पांडेय, डॉ सुमित मिश्रा, डा एएन चौबे, कमलेश सिंह,गिरधारी लाल स्वर्णकार, तारा राय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहें।

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