“काव्य रस की गंगा में मंत्रमुग्ध हो रात भर गोता लगाते रहे श्रोता”
“कवियों के मुक्तकों एवं मुशायरे से पूरी रात गुलजार रहा कवि सम्मेलन”
“कवि सम्मेलन में पूरी रात श्रोताओं ने हास्य-व्यंग,बीर व श्रृंगार रस की अविरल धारा में गोता लगाते रहे”
“देश के प्रख्यात हास्य-व्यंग कवि दिनेश मिश्र ‘बावरा’ ने अपने मुक्तकों से सभी को लोट-पोट कर दिया”
गोला। उपनगर गोला के बेवरी चौराहा स्थित एक रिसोर्ट में विगत वर्ष की भांति सरयू साहित्य मंच के तत्वावधान में आयोजित कवि सम्मेलन में देश के कोने-कोने से आये नामचीन कवियों ने हास्य-व्यंग,वीर व श्रृंगार रस का एक से एक काव्य पाठ कर महफिल को पूरी रात गुलजार रखा । कवियों के एक-एक मुक्तकों व मुशायरों पर पंडाल में बैठे श्रोताओं ने जमकर लुफ्त उठाया । कवियों नें राजनीति से लेकर सामाजिक व्यवस्था तक हर क्षेत्र से हास्य के पुट निकालकर श्रोताओं को लोटपोट कर दिया।
शनिवार की रात उपनगर गोला के बेवरी चौराहा स्थित एक रिसोर्ट में सरयू साहित्य मंच के तत्वाधान में आयोजित कवि सम्मेलन में कवि दिनेश मिश्र बांवरा व कवियत्री डा तिष्या श्री,पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी व सरयू साहित्य मंच के संरक्षक डा अनिल तिवारी ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरूआत किया ।
तत्पश्चात कवियत्री डा तिष्या श्री ने सम्मेलन की शुरूआत माँ सरस्वती की वंदना “मां शारदे तेरे कृपा से, गाकर के किया। जिसके बाद श्रोताओं से खचाखच भरे पाण्डाल में कवि सम्मेलन के सुत्रधार क्षेत्रीय माटी के लाल व अंतर्राष्ट्रीय कवि दिनेश मिश्र बावरा नें अपनी कयी कविताओं का प्रस्तुतिकरण किया जिसे सुनकर सभी लोग मंत्रमुग्ध हो गये । उन्होंने अपनी कविताओं “सुगर खाने में मजा देती है मगर हो जाये तो फिर सजा देती है”, “इस दुनिया को खतरा न चीन न पाकिस्तान न इजराइल न अमेरिका से है सबसे ज्यादा खतरा जेब में रखे मोबाइल से है” आदि कविताओं को प्रस्तुत किया । अपने क्षेत्र के ख्याति प्राप्त कवि बावरा की कविताओं को सुनकर श्रोताओं नें हर बार ताली बजाकर उनका स्वागत किया ।
पटना की उभरती हुई नामचीन श्रृंगार रस की कवियत्री डा तिष्या श्री की
प्रेम पर की गाई रचना “छोड़ पेशा मुहब्बत को गाती हूं सारे संसार का प्रेम पाती हूं मैं”, ” चौक सजाओ दीप जलाओ राम अयोध्या आये हैं,”पहली बार हमने उनको इन्स्ट्राग्राम पर देखा आदि रचनाओं पर युवाओं द्वारा खुब तालियां बजी।
गोरखपुर जनपद से आये कवि प्रदीप मिश्रा द्वारा “किसी के वास्ते ही मुद्दतों ही घर आया हूं मैं व सीवान के वीर रस के कवि सुभाष यादव की “जग में माई बिना केहू सहाई ना होई तो लोग भाव विभोर हो गये।तो वहीं वाराणसी के हास्य कवि झगडू भैया द्वारा “हमरो दिन बहुरि जाला संघतिया के बारात में गैली,तोप नही तलवार नहीं यह चुटकी भर सिंदूर” तथा रायबरेली के कवि संचालन कर रहे नीरज पाण्डेय द्वारा “राम गुण गायक हो संतों के सहायक हो हनुमान और वाराणसी के कवि अध्यक्षता कर रहे डा वशिष्ट अनूप द्वारा “हमारी माटी में जो खुशबू है ओ शहर के परफ्यूम में कहां,”तुम्हें देखा तो आंखो ने तुम्हें ही देखना चाहा आदि गीतों ने लोगो को खुब रिझाया ।
ग्वालियर से आये हुए हास्य व्यंग्य कवि तेजनारायण शर्मा(बेचैन) ने भी अपनी हास्य पद्य रचनाओं से लोगो को खुब हंसाया और अपनी रचनाओं से लोगो के अंदर नव उर्जाओं का संचार भर दिया । लोगो ने उनकी रचनाओ पर जम कर तालियां बजाई।देश के कोने कोने से आये कवियों के काव्य पाठ को लोगो ने बडे चाव से सुना और समय समय पर तालियों के गड़गड़ाहट से पुरा पाण्डाल को गुंजायमान मान कर उनका उत्साह वर्धन किया।मंच ने स्थानीय नवोदित कवियों सत्यशील त्रिपाठी व रोहन मिश्रा निष्पक्ष को भी मौका दिया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति के संरक्षक डा अनिल तिवारी,संयोजक डा प्रवीण तिवारी व सह संयोजक डा फूलचंद तिवारी ने कार्यक्रम में सहयोग करने वाले टीम के सदस्यों एवं आए हुए सभी कवियों एवं स्रोताओं के प्रति आभार प्रकट करते धन्यवाद ज्ञापित किया ।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी,संजय मिश्र,एमसीए की शिक्षा निदेशिका रत्ना सिंह,उत्तराधिकारी श्रीश दास महाराज,अखिलेश ऊर्फ नन्हे दूबे,योगेन्द्र नाथ सिंह,सुनील व सुशील तिवारी,राम अधार यादव,संपूर्णानंद शुक्ल,राकेश कुमार यादव,डा अनूप तिवारी,भागीरथी प्रसाद स्वर्णकार,राजेश यादव,घनानंद यादव,अजय शुक्ला, विजय मिश्र,सूरज पाण्डेय,विपिन मिश्र,अजय मिश्र,गंगेश मिश्र,कुन्दू दूबे,एडवोकेट हरिकेश यादव व वीरबहादुर चंद,निषीथ राय,सचितानंद राय,दिवाकर दूबे,प्रणव मिश्र,सत्यपाल पाण्डेय,अनुप सिंह,अशोक मौर्य,चंचल तिवारी,छोटू राय आदि सहित सैकडों की संख्या में महिला पुरूष उपस्थित रहे ।
Leave a Reply