वफादारी की मिसाल: ओरियो 

“अपनी जान देकर बचाई परिवार के सदस्यों की जान”

संवाददाता– एस. पी. सिंह
सहजनवा, ( गोरखपुर ) ।

वफ़ादारी का मतलब किसी वस्तु, सिद्धान्त के लिए समर्पण, जो किसी भी परिस्थिति में स्थिर रहे । आज इस वफ़ादारी की मिसाल पिपरौली बाजार स्थित सुधीर जायसवाल के घर की है, जहां 10 साल से पाला एक जर्मन शेफर्ड ब्रीड का कुत्ता, जिसका नाम ओरियो था, जो सुधीर जायसवाल के परिवार के लिए एक पारिवारिक सदस्‍य की तरह था।

सुधीर के घर के पीछे अक्सर एक विषैला सांप दिखाई दिया करता था । बीती रात घर के पीछे वही विषैला सांप दिखाइ दिया । रात में परिवार के लोग सो रहे थे। उसी समय घर के पीछे ओरियो मौजुद था । वहां पर ओरियो को साँप दिखा, उसने सांप के ऊपर भौंकना शुरू किया और धीरे-धीरे उन दोनों के बीच लड़ाई शुरू हुई । इस लड़ाई में ओरियो के द्वार सांप को इतना ज्यादा चोटिल कर दिया गया कि सांप की जान चली गई, लेकिन ओरियो भी सांप के जहर से अपनी जिंदगी ना बचा सका और लगभग 3 घंटे बाद अपनी जान गँवा दीं । चूंकि रात में परिवार के लोग नींद में थे, इसलिए किसी ने भी ओरियों की तड़प को ना देखा और ना ही मदद के लिए प्रयास ही कर सकें।

आज सुधीर का पूरा परिवार और क्षेत्र के लोंग ओरियों के इस वफ़ादारी की चर्चा करते थक नहीं रहे हैं । बताते चले कि सुधीर का तो पूरा परिवार मातम मना रहा है, उसने एक बेटे रूपी ओरियो को खो दिया है । आज पुन: ओरियो कुत्ते के माध्यम से समाज को एक बहुत बड़ी वफ़ादारी की सीख मिल गई । इस बेजुबान जानवर ने सुधीर के परिवार के ‘दूध का कर्ज’ अपनी जान देकर चुकाई है ।

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