अपहरण कर फिरौती और हत्या में दो दोस्त गिरफ्तार

“खजनी पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, दोस्तों ने रचीं अपहरण की कहानी, की हत्या”

ब्यूरो प्रभारी: संतोष कुमार त्रिपाठी खजनी गोरखपुर

खजनी गोरखपुर। बीते दिसंबर महीने में खजनी थाने में पुलिस ने कुशीनगर जिले के निवासी एक युवक की गूमशूदगी की शिकायत दर्ज कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। किंतु मामले में हो रहे लगातार नए खुलासों से हैरान खजनी थाने की प्रभारी निरीक्षक इंस्पेक्टर अर्चना सिंह ने थाने का पदभार संभालते ही जांच पड़ताल तेज कर दी थी। मामले में अपहृत युवक की हत्या और उसके स्वजनों से फिरौती वसूलने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।

थाना क्षेत्र के छपियां गांव में किराए पर कमरा लेकर मेहनत मजदूरी करने वाले कुशीनगर जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के अजीजनगर गांव का निवासी युवक रामनगीना यादव 35 वर्ष बीते 12 अक्टूबर 2024 से अचानक गायब हो गया। जिसकी सूचना खजनी थाने में दी गई। बीते 15 अक्टूबर को राहुल यादव ने खजनी थाने में तहरीर देकर अपने जीजा के गायब होने की लिखित सूचना दी, जिसमें पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर फर्ज अदायगी कर ली। किंतु घटना के 19 दिन बाद 1 नवंबर को रामनगीना यादव के मोबाइल नंबर से उसकी पत्नी के पास फोन आया जिसमें किसी अन्य ने बताया कि तुम्हारा पति हमारे कब्जे में हैं। 5 लाख रूपए दे दो तो उसे छोड़ देंगे यदि नहीं दोगी तो मारकर फेंक देंगे।

रामनगीना की पत्नी रिंका देवी ने खेत बेच कर रूपए अपने पति के बैंक खाते में बैंक ऑफ बड़ौदा यूपी अजीजनगर कप्तानगंज में जमा करा दिए थे। हत्यारों ने पूरे पैसे कई किस्तों में निकाल लिए, जिसके बाद 6 दिसंबर और 7 दिसंबर को फिर एक बार उसी नंबर से रामनगीना के बड़े भाई राजकुमार के नंबर पर व्हाट्सएप काॅल करके 15 लाख रूपए मांगे गए। तब अपने पति के अपहरण की शिकायत लेकर पहुंची गर्भवती पत्नी ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। जांच में जुटी पुलिस ने रामनगीना यादव के कातिल साथियों को हिरासत में लेकर 5 दिनों तक जांच पड़ताल करती रही। लेकिन शातिर हत्यारों ने पुलिस को गुमराह कर दिया और बताया कि रामनगीना यादव के किसी अन्य महिला के साथ संबंध था, जिसके साथ वह नेपाल भाग गया है।

5 दिनों तक जब रामनगीना के नंबर से उसके साथियों के पास कोई फोन काॅल नहीं आई तो पुलिस ने उन्हें चेतावनी और हिदायत देकर छोड़ दिया था। इस बीच पुलिस ने 22 अक्टूबर को बनकटियां गांव गौरीबाजार थाना क्षेत्र देवरिया से एक युवक का शव बरामद किया था, जिसकी शिनाख्त मृतक की पत्नी रिन्का देवी ने कपड़े आदि देखकर अपने पति रामनगीना यादव के रूप में की थी। गौरीबाजार पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था, जिसमें हत्या की पुष्टि हुई थी, किंतु शव की अधिकृत शिनाख्त के लिए मृतक की मां राबड़ी देवी से डीएनए जांच के लिए सैंपल प्रयोगशाला में भेजा गया। इस बीच मोबाइल लोकेशन ट्रेस करते हुए हत्यारों और मृतक की मौजूदगी 12 दिसंबर को हत्या वाले स्थान के पास एक साथ पायी गई थी। इस खुलासे के बाद इंस्पेक्टर अर्चना सिंह का संदेह और गहरा हो चुका था, जिसके बाद एक बार पुलिस हत्यारों की तलाश में जुट गई। इस बीच जब रामनगीना की पत्नी रिंका देवी से 15 लाख फिरौती की मांग की गई तो पहले उसने पैसे नहीं होने की बात कही फिर नाटकीय ढंग से एक बार फिर खेत बेच कर पैसे देने और अपने पति को सुरक्षित लौटाने की शर्त पर राजी हो गई। हत्यारों के द्वारा बताए गए स्थान पर रूपयों से भरे बैग के साथ पहुंचने का झांसा देकर पुलिस ने हत्यारों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपितों किशन यादव पुत्र रामप्रसाद निवासी ग्राम रधिया थाना हाटा कुशीनगर और अनिकेत यादव पुत्र चंद्रशेखर निवासी बनकटियां थाना गौरीबाजार देवरिया ने पूछताछ में अपना अपराध क़ुबूल करते हुए पुलिस को बताया कि किशन यादव, रामनगीना के साथ खजनी के छपियां गांव में रह कर एक कंपनी में काम करता था। इस बीच एक बार किशन ने रामनगीना की पैंट की जेब से उसका मोबाइल निकाल कर अपने बैंक खाते में 45 हजार रूपए ट्रांसफर कर लिए थे,जिसकी जानकारी होने पर रामनगीना ने किशन यादव को खूब खरी-खोटी सुनाई थी और अपने रूपए भी वापस ले लिए थे।

रामनगीना, किशन की पत्नी से भी बातचीत किया करता था। उसने घटना की जानकारी किशन की पत्नी को भी दे दी थी। इतना ही नहीं अक्सर वह किशन को चोर कह कर संबोधित किया करता था। अपनी बदनामी से आहत किशन ने रामनगीना से बदला लेने की ठान ली उसने अपने भांजे अनिकेत यादव के पास बनकटियां गांव पहुंच कर हत्या से 15 दिन पहले ही स्थान देखकर योजना बना ली थी। 12 दिसंबर को अपने साथ रामनगीना यादव को लेकर बनकटियां गांव पहुंचा जहां अनिकेत के साथ मिलकर तीनों ने मौज मस्ती में खूब शराब पी और साजिश के तहत रामनगीना को बहुत अधिक शराब पिलाई तथा नशे की हालात में उसका सर कीचड़ में दबा कर हत्या कर दी तथा पहचान छिपाने के लिए सर को कूंच कर विकृत कर दिया। शव को मिट्टी में दबाने के बाद दोनों ने रामनगीना यादव के मोबाइल से फोन करके उसकी पत्नी से 5 लाख रूपए वसूल लिए और 20 लाख और देने की मांग करने लगे थे। इस बीच दोनों ने मिलकर रामनगीना यादव के किसी लड़की से संबंध होने और उसके साथ नेपाल भाग जाने की कहानी सुना कर स्वजनों और पुलिस को गुमराह कर दिया। यहां तक कि दोनों 5 दिनों तक खजनी पुलिस की हिरासत में भी रहे लेकिन रामनगीना का साथी होने के कारण किसी ने भी दोनों पर शक नहीं किया था।

मुकदमा अपराध संख्या 99/2025 में बीएनएस धारा 140(2) के तहत दोनों आरोपितों को पुलिस ने जेल भेज दिया है।

खजनी थाने की प्रभारी निरीक्षक इंस्पेक्टर अर्चना सिंह ने बताया कि लंबे समय से दोनों की तलाश की जा रही थी, दोनों की गिरफ्तारी के बाद प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की गई है।

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