फर्जी जाति बताकर दान विलेख कराने और हाईकोर्ट आदेश की अवहेलना का आरोप

फर्जी जाति बताकर दान विलेख कराने और हाईकोर्ट आदेश की अवहेलना का आरोप

पीड़ित पक्ष ने जालसाजी की कार्रवाई की माँग की

गोरखपुर। सदर तहसील क्षेत्र के महादेव झारखण्डी दुर्गानगरी नंबर–2 स्थित आराजी संख्या 200/1 को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। इसमें पिछड़ी जाति का होते हुए स्वयं को सामान्य वर्ग (क्षत्रिय) बताकर दान विलेख कराए जाने और माननीय उच्च न्यायालय प्रयागराज के स्थगन आदेश (स्टे ऑर्डर) की अवहेलना करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर लगाया आरोप

गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्तार-ए-आम अखिलेश यादव और शिकायतकर्ता मातादीन शुक्ला ने संयुक्त रूप से आरोप लगाया कि सुरेंद्र सिंह के पुत्र मनीष सिंह उर्फ भोलेन्द्र सिंह ने जाति को गलत तरीके से सामान्य वर्ग दर्शाते हुए धोखाधड़ी की है और विवादित भूमि पर दान विलेख कराया है।

हाईकोर्ट के स्टे ऑर्डर के बावजूद दान विलेख

उक्त भूमि पर माननीय उच्च न्यायालय प्रयागराज में वाद संख्या 12915/2018 (राजपति देवी, संजय एवं मारकण्डेय बनाम दिलीप सिंह मजीठिया एवं इंडियन टैंकर के प्रोपराइटर नौसाद) में एक एकड़ भूमि पर स्थगन आदेश लागू है।

इसके बावजूद 20 जून 2025 को मनीष सिंह ने अपनी माता से उक्त विवादित भूमि पर दान विलेख (गिफ्ट डीड) ले लिया। दान पत्र में मनीष और उनकी माता दोनों ने अपनी जाति सामान्य वर्ग (क्षत्रिय) दर्शाई है।

2016 में हुई पुरानी रजिस्ट्री भी विवाद का हिस्सा

उसी भूमि पर वर्ष 2016 में इंडियन टैंकर के प्रोपराइटर नौसाद अहमद ने दिलीप सिंह मजिठिया से रजिस्ट्री ली थी। उस जमीन पर विवाद अब भी न्यायालय में लंबित है।

  • दान पत्र के गवाह भी चिन्हित
  • दान विलेख में गवाह के रूप में—
  • ओम नारायण सिंह, पुत्र स्व. राम निवास सिंह, ग्राम–पोस्ट चडरांव, सहजनवां
  • कृष्णा यादव, पुत्र राममिलन यादव, ग्राम बंजरहा, सोनबरसा टोला, पोस्ट बृजमनगंज, तहसील फरेंदा, महराजगंज
  • हस्ताक्षरित हैं।
  • भाई ने खुद माना — हम पिछड़ी जाति के हैं

मनीष सिंह के भाई ऋषिकेश सिंह, जो प्राथमिक विद्यालय में सहायक शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं, को पूर्व में मातादीन शुक्ला की शिकायत पर नोटिस मिला था।

नोटिस के जवाब में ऋषिकेश ने अपनी जाति पिछड़ी कुर्मी सैंथवार स्वीकार की थी और जांच में सहयोग की बात कही थी। इससे जाति संबंधित फर्जीवाड़े के आरोप और मजबूत हो रहे हैं।

कार्यवाही की माँग

मुख्तार-ए-आम अखिलेश यादव और मातादीन शुक्ला ने प्रेस वार्ता में कहा कि—फर्जी जाति प्रमाण का उपयोग न्यायालय के स्थगन आदेश की अवहेलना

विभागों को धोखे में रखकर दान विलेख कराना ये सभी गंभीर अपराध हैं। उन्होंने शासन–प्रशासन से जालसाजी, धोखाधड़ी और न्यायालय अवमानना के तहत कठोर कार्रवाई की माँग की।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *