गायत्री साधना और सदभाव से स्वयं व समाज का सुधार संभव – श्यामा राठौर

बड़हलगंज में प्रज्ञा पुराण कथा का दूसरा दिन

      ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

बड़हलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज शान्तिकुंज हरिद्वार की ब्रह्मवादिनी बहन श्यामा राठौर ने कहा कि वर्तमान युग परिवर्तन का समय है, हम अपनी सोच, वाणी और कर्म को सही कर, गायत्री साधना और सद्भाव के माध्यम से स्वयं व समाज का सुधार कर सकते है।श्रीमती राठौर ने सोमवार को बड़हलगंज के राष्ट्रीय कन्या इंटर कॉलेज में चल रहे 108 कुण्डीय राष्ट्र जागरण नारी सशक्तिकरण गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धालुओं को पावन प्रज्ञा पुराण कथा का रसपान कराते हुए उक्त उदगार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गायत्री शक्ति और सद्बुद्धि, आत्म-ज्ञान व लोक-कल्याण के लिए जरूरी दिव्यदृष्टि प्रदान करती है। उन्होंने भगवान विष्णु और नारद संवाद के माध्यम से मानव कल्याण और आत्मज्ञान का ज्ञान दिया। उन्होंने कहा कि सद्भाव (अच्छी भावना अंतःकरण से उत्पन्न होता है, जो सदाचार को जन्म देता है। यह सारा ज्ञान और कर्म एक-दूसरे के पूरक हैं। कथा में ब्रह्मवादिनी बहन अरुंधती शाह, मन्दाकिनी तिवारी, लक्ष्मी साहू, विजयलक्ष्मी यादव, संगीता चंद्राकर ने वाद्ययंत्रों और संगीत के माध्यम से रोचकता प्रदान किया। इस अवसर पर शांतिकुंज हरिद्वार से आए सुभाष मौर्य, धर्मेंद्र यादव, चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर, गायत्री शक्तिपीठ बासुडीहा के संचालक आलोक सिंह, कार्यक्रम के संयोजक लक्ष्मीनारायण गुप्त, गायत्री शक्तिपीठ सिधुआपार के संस्थापक अनिल कुमार पाण्डेय, सुभाष विश्वकर्मा, विरेन्द्र नारायण गुप्ता,राजीव दूबे, डा बांके बिहारी मिश्रा, व्यापार मण्डल अध्यक्ष श्रीकांत सोनी, हरिश्चन्द्र जायसवाल, मीडिया प्रभारी सन्तोष जायसवाल, मीरा जायसवाल, दिलीप निगम, मनमोहन पटवा एवं बड़ी संख्या में पश्चिमी उप्र के सम्भल से आए महिला पुरुष गायत्री साधक मौजूद थे।

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