HURL गोरखपुर ने उत्पादन और ऊर्जा दक्षता में रचा नया इतिहास

गोरखपुर, 2025। HURL गोरखपुर यूनिट हेड, श्री दिप्तेन रॉय ने जानकारी दी कि गोरखपुर फर्टिलाइज़र प्लांट ने अपनी स्थापना के बाद से उल्लेखनीय प्रगति की है। पिछले तीन वर्षों में संयंत्र ने 33.15 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन कर देश के कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

“उत्पादन में लगातार वृद्धि”

• वित्तीय वर्ष 2022-23 में संयंत्र ने 8.65 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन किया।
• वित्तीय वर्ष 2023-24 में यह बढ़कर 13.5 लाख मीट्रिक टन हो गया।
• वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 11 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन हो चुका है।

“ऊर्जा दक्षता में ऐतिहासिक उपलब्धि”

गोरखपुर संयंत्र ने न केवल उत्पादन में बढ़ोतरी की है, बल्कि ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में भी नए मानक स्थापित किए हैं। हाल ही में संयंत्र ने 4.80 Gcal/MT की न्यूनतम ऊर्जा खपत का रिकॉर्ड बनाया था, जिसे आज और बेहतर करते हुए 4.786 Gcal/MT तक ले आया गया है। यह संयंत्र की उच्च तकनीकी क्षमता और संचालन उत्कृष्टता को दर्शाता है। वर्तमान में संयंत्र 106% क्षमता पर निरंतर संचालन कर रहा है, जो इसकी कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

“समाज के उत्थान में HURL की भूमिका”

HURL न केवल यूरिया उत्पादन में उत्कृष्टता स्थापित कर रहा है, बल्कि समाज कल्याण के लिए भी प्रतिबद्ध है। माननीय प्रबंध निदेशक श्री एस. पी. मोहंती के कुशल नेतृत्व में, कंपनी ने गोरखपुर जिले में कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CER) परियोजनाओं के तहत 50 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। इस निवेश का उद्देश्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और सामुदायिक विकास को सशक्त बनाना है।

“किसानों और राष्ट्र की सेवा में समर्पित HURL”

HURL गोरखपुर संयंत्र अपने उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों, सतत विकास की नीतियों और समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के साथ देश के कृषि और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कंपनी का लक्ष्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना, उत्पादन लागत को कम करना और ऊर्जा दक्षता के नए मानक स्थापित करना है।

HURL गोरखपुर अपनी निरंतर प्रगति और नवाचारों के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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