विश्व भर में सबसे ज्यादा और अधिक वैरायटी का आम भारत में होता है

“देश भर को गर्व है अपने “आम राजा” पर , पूरी दुनिया को खिलाता है 40 प्रतिशत आम”

दुनियाभर में हर साल 20 मिलियन टन आम पैदा होता है, इसका 40 फीसदी आम सिर्फ भारत में उगता है. यही वजह है दुनियाभर में भारत आम की पैदावार के मामले में सबसे आगे है. आंकड़े बताते हैं कि कैसे दुनियाभर में भारतीय आम का डंका बज रहा है. भारतीय आमों का डंका क्‍यों बज रहा है, आइए समझ लेते हैं. नेशनल हॉर्टीकल्‍चर बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, आम के उत्पादन के मामले में भारत पहले पायदान पर है. भारत के बाद चीन, थाइलैंड, मेक्सिको, पाकिस्‍तान फ‍िलीपींस, इंडोनेशिया, नाइजीरिया और इजिप्‍ट है. दुनियाभर में भारतीय आम की मांग है क्‍योंकि भारतीय आम की कई वैरायटी दुनियाभर में पॉपुलर हैं. दुनिया के कौन-कौन से देश भारत से सबसे ज्‍यादा आम खरीदते हैं. भारत से आम खरीदने के मामले में सबसे आगे है मुस्लिम देश संयुक्‍त अरब अमीरात है. वित्त वर्ष 2023-2024 में UAE ने भारत से 15336 मीट्रिक आम खरीदे. यह देश भारतीय आमों के लिए सबसे बड़ी मार्केट है. भारत से आम खरीदने में दूसरे पायदान पर ब्र‍िटेन है. ब्रिटेन हर साल भारत से 4706 मीट्रिक टन आम खरीदता है. तीसरे पायदान पर नेपाल (3,106.6 मीट्रि‍क टन), चौथे पर अमेरिका (3,106.5 मीट्रि‍क टन) और पांचवे पर कतर (1,304.2 मीट्रि‍क टन) है. इसके अलावा छठे पर कुवैत (964 मीट्रि‍क टन), सातवें पर ओमान (959.4 मीट्रि‍क टन), आठवें पर कनाडा (700 मीट्रि‍क टन), नौंवे पर भूटान (537.7 मीट्रि‍क टन) और दूसवें पर बहरीन (473.6 मीट्रि‍क टन) है. भारतीय आमों की दुनियाभर में इतनी डिमांड क्‍यों है अब इसे भी जान लेते हैं. भारत के अल्‍फांसो, दशहरी और केसर की सबसे ज्‍यादा डिमांड है. ये अपनी खास तरह की मिठास, खुशबू और स्‍वाद के लिए जाने जाते हैं. अल्‍फांसो को आमों का राजा कहा जाता है. दशहरी को मिठास के लिए जाना जाता है और केसर आम की खुशबू सबसे अलग तरह की होती है.

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