नियमों को ताक पर रख सरकारी खेलकूद मैदान पर लग रहा दुबई कार्नीवाल प्रदर्शनी व मेला

सरकारी खेलकूद मैदान का व्यावसायिक उपयोग कर रहा तहसील व नगर पंचायत प्रशासन
खेलकूद मैदान के व्यावसायिक उपयोग से खेल प्रेमियों में आक्रोश व्याप्त
गोला, गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही राज्य में खेल व खिलाड़ियों को प्रोत्साहन के लिए हर संभव मदद करने का अक्सर मंचो से दावा करते हो। तो वहीं गृह जनपद के तहसील गोला में तहसील एवं नगर पंचायत प्रशासन अपने मनमाने रवैये से खेल व खिलाड़ियों की उपेक्षा कर उनके दावे की हवा निकालने में कोई कोर कसर नही छोड़ रहे है।ऐसा हम नही तहसील व नपं प्रशासन द्वारा गोला के ग्राम अतरौरा स्थित एक मात्र सरकारी खेलकूद मैदान पर व्यावसायिक उपयोग की मंजूरी के आदेश में दिख रहा है। जहां खेलकूद मैदान पर कार्निवाल व मेला लगाने के लिए मंजूरी देकर लगभग 50 दिनों के लिए मैदान को बंधक बनाने को लेकर जिम्मेदारों पर तमाम सवाल भी उठ रहे है। तो वहीं प्रशासन के मनमाने रवैये को लेकर खेल प्रेमियों एवं स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने शासन-प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों से खेलकूद मैदान को खेल व खिलाड़ियों के हित में मुक्त कराने की मांग किया है।
बता दे, गोला तहसील अन्तर्गत नगर पंचायत गोला के विस्तारित क्षेत्र ग्राम अतरौरा के गाटा संख्या गाटा संख्या 825, 831, 833 व 834 समेत चार गाटों को मिलाकर लगभग दो एकड़ 20 डिस्मिल में सरकारी खेलकूद मैदान स्थित है। जो पूरे नगर पंचायत क्षेत्र का एक मात्र खेलकूद मैदान है। इस मैदान पर खेल प्रेमी सुबह शाम क्रिकेट, फुटबाल आदि का अभ्यास करने के साथ ही मैच खेलते है। तो वहीं कस्बा समेत आस-पास के गांव के लोग भारी संख्या में टहलने और व्यायाम के लिए लोग पहुंचते है। इस समय अग्निबीर व पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी भी भारी संख्या में मैदान पर अभ्यास के लिए जुट रहे हैं। बावजूद इसके नियमों को ताक पर रखकर तहसील व नगर पंचायत प्रशासन ने सरकारी खेलकूद मैदान को व्यावसायिक उपयोग के लिए दे दिया है। जिसको लेकर खेल प्रेमियों एवं स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। खेलकूद मैदान के आसपास के गांव के रहने वाले पूर्व जिपसं घनानंद यादव, एडवोकेट संजय श्रीवास्तव, चंद्रभान वर्मा, महाबीर दूबे, शशिभूषण राय, जाने आलम हाशमी, हरिशंकर वर्मा, दयाशंकर यादव, लल्लन यादव, रामधारी यादव, विजय बहादुर यादव आदि ने कहा कि खेलकूद मैदान की दुर्दशा को लेकर आवाज उठाने पर नपं प्रशासन के जिम्मेदार पल्ला झाड़ने लगते है। और नही तो जब से यह मैदान ग्राम पंचायत से नपं की सीमा में आया है तबसे सरकारी खेलकूद मैदान की हालत दयनीय होती चली गयी। नपं के जिम्मेदार मोटी रकम वसूलने के लिए खेल व खिलाड़ियों की उपेक्षा कर मैदान का नियम विरूद्ध तरीके से व्यावसायिक उपयोग के लिए दे दिया है। जो गलत है। प्रशासन को इस पर विचार करते हुए खेलकूद मैदान को व्यावसायिक उपयोग से बंधन मुक्त करते हुए खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध कराने की मांग किया है।
ग्राम पंचायत ने मनरेगा व राज्य वित्त से कराया था खेल मैदान का सुंदरीकरण
ग्राम अतरौरा के तत्कालीन ग्राम प्रधान तेज बहादुर चंद ने बताया कि नगर पंचायत के विस्तारित क्षेत्र में शामिल होने से पहले क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत द्वारा मनरेगा व राज्य वित्त से इस खेलकूद मैदान के तीन तरफ से लोहे की जाली व ग्रिल से फैनसिंग लगाने के साथ ही मैदान का समतलीकरण कराकर सुंदरीकरण कराया गया था। ग्राम पंचायत का लगभग ढाई लाख का भुगतान भी लंबित चल रहा है। बोले जिम्मेदार
नगर पंचायत गोला की चेयरमैन लालती देवी के प्रतिनिधि मूराली सोखा ने बताया कि उन्हें इस प्रकरण की कोई जानकारी नही है। तो वहीं अधिशासी अधिकारी संजय तिवारी ने बताया कि यह मैदान नपं के आधीन है। मैदान पर प्रदर्शनी व मेला लगने से नपं की आय होती है। निर्धारित शुल्क जमा कर मेला की अनुमति दी गयी है।
कोट
नगर पंचायत प्रशासन व विद्यालय की अनापत्ति मिलने के साथ ही सारी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही शीतल फाउंडेशन को 14 सितंबर से 27 अक्टूबर तक दुबई कार्निवाल ड्रीम सिटी थीम प्रदर्शनी व मेला लगाने की अनुमति दी गयी है।
राजू कुमार, एसडीएम गोला 

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