गोरखपुर। बड़हलगंज क्षेत्र के सिधूआपार स्थित एक पेट्रोल पंप पर शुक्रवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब पंप मैनेजर पर लाइन में खड़े ग्राहकों की अनदेखी कर जबरदस्ती नोजल छीनकर एक गाड़ी में पेट्रोल भरवाने का आरोप लगा। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, पंप पर पहले से काफी भीड़ लगी हुई थी और लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान अचानक एक गाड़ी आकर खड़ी हुई, जिसके बाद मैनेजर ने कथित तौर पर कर्मचारियों से नोजल लेकर उस वाहन में पेट्रोल भरवा दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जिस ग्राहक ने 1000 रुपये का पेट्रोल भराने की बात कही थी, उसके वाहन में कथित रूप से 1600 रुपये तक का पेट्रोल भर दिया गया, जिससे वहां मौजूद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। लोगों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई, तो मैनेजर ने उल्टा रौब झाड़ते हुए कहा- “मैं मैनेजर हूं, जो करना है कर लो।”
इस बयान के बाद पेट्रोल पंप पर माहौल और गरमा गया। लाइन में खड़े उपभोक्ताओं ने इसे सरेआम मनमानी, दबंगई और उपभोक्ता अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया। लोगों का कहना था कि यदि पंप प्रबंधन ही नियमों को ताक पर रख देगा, तो आम जनता आखिर न्याय के लिए कहां जाएगी। कई लोगों ने आरोप लगाया कि पंप पर अक्सर पहचान और रसूख के आधार पर वाहनों को प्राथमिकता दी जाती है, जिससे आम ग्राहकों को बेवजह परेशान होना पड़ता है।
घटना के दौरान कुछ देर के लिए पंप पर अफरा-तफरी और बहस का माहौल बन गया। मौजूद लोगों ने पंप प्रबंधन से जवाब मांगा, लेकिन संतोषजनक उत्तर न मिलने पर नाराजगी और बढ़ गई। उपभोक्ताओं ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित मैनेजर एवं जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पेट्रोल पंप जैसे सार्वजनिक सेवा केंद्रों पर पारदर्शिता, अनुशासन और उपभोक्ता सम्मान सबसे जरूरी है। यदि वहां भी खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जाएंगी, तो इससे आम जनता का भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा।
फिलहाल यह मामला पूरे बड़हलगंज क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कराकर सच्चाई सामने लाई जाए, ताकि दोषियों पर कार्रवाई हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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