नगर निगम सदन हाल में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की व्यापक समीक्षा बैठक, डीएम दीपक मीणा ने जनप्रतिनिधियों को बनाया अभियान का सहभागी।

गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे:-

गोरखपुर। गोरखपुर नगर निगम के सदन हाल में प्रधानमंत्री पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, जन-जागरूकता एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा बैठक जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम के सभी पार्षद, अधिकृत वेंडर, नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी, यूपी नेडा, डूडा तथा संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य शहरी क्षेत्र में सोलर रूफटॉप स्थापना की रफ्तार तेज करना और आम नागरिकों को योजना के अधिकतम लाभ से जोड़ना रहा।

“पार्षद बनें योजना के ब्रांड एंबेसडर”

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जनआंदोलन है। उन्होंने सभी पार्षदों से अपील की कि वे सबसे पहले अपने-अपने घरों पर सोलर रूफटॉप लगवाकर उदाहरण प्रस्तुत करें और इसके बाद अपने वार्डों, मोहल्लों और कॉलोनियों में लोगों को प्रेरित करें।
डीएम ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि स्वयं आगे बढ़कर योजना को अपनाएंगे तो जनता का विश्वास और सहभागिता स्वतः बढ़ेगी। उन्होंने पार्षदों से कहा कि वे नागरिकों को यह समझाएं कि सोलर रूफटॉप से न केवल बिजली बिल में भारी राहत मिलती है, बल्कि भविष्य में बढ़ती बिजली दरों से भी सुरक्षा मिलती है।
योजनाबद्ध प्रचार-प्रसार के निर्देश जिलाधिकारी ने नगर निगम और यूपी नेडा के अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना का डोर-टू-डोर प्रचार, वार्ड स्तर पर जागरूकता शिविर, कॉलोनियों में कैंप, डिजिटल मीडिया, बैनर, पोस्टर और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार किया जाए। उन्होंने कहा कि आवेदन प्रक्रिया, सब्सिडी की जानकारी और वेंडर चयन से संबंधित भ्रांतियों को दूर करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अधिकृत वेंडर गुणवत्ता से कोई समझौता न करें और सोलर रूफटॉप स्थापना की समय-सीमा का कड़ाई से पालन करें। शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

“नगर निगम की सक्रिय भूमिका”

बैठक में नगर आयुक्त गौरव सिंह ने बताया कि नगर निगम द्वारा योजना के प्रचार-प्रसार के लिए आईटी टीम, फील्ड स्टाफ और वार्ड स्तर पर कर्मचारियों को लगाया गया है। नगर निगम की ओर से गृहकर में 15 प्रतिशत की छूट जैसी सुविधाओं की जानकारी नागरिकों तक पहुंचाई जा रही है।
अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार ने कहा कि नगर निगम का लक्ष्य है कि प्रत्येक वार्ड में अधिकतम घरों पर सोलर रूफटॉप लगे, जिससे गोरखपुर को ऊर्जा के क्षेत्र में मॉडल शहर बनाया जा सके।
बैठक में उप सभापति पवन त्रिपाठी ने भी योजना को जनहितकारी बताते हुए पार्षदों से इसे जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
जिले में योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार दिनांक 22 दिसंबर 2025 तक गोरखपुर जिले में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत कुल 34,088 पंजीकरण किए जा चुके हैं।
इनमें-

9,708 आवेदन फीज़िबिलिटी के स्तर तक पहुंचे
12,264 मामलों में वेंडर चयन पूर्ण हुआ
6,109 घरों पर सोलर रूफटॉप स्थापना की जा चुकी है
दिसंबर माह के लिए निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 48 प्रतिशत से अधिक प्रगति दर्ज की गई है।
22 दिसंबर 2025 की दैनिक प्रगति रिपोर्ट के अनुसार गोरखपुर में एक ही दिन में 43 फीज़िबिलिटी, 33 वेंडर चयन और 21 इंस्टॉलेशन किए गए, जिसे प्रशासन ने संतोषजनक बताया।
योजना के आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ
बैठक में अधिकारियों ने योजना के लाभों को विस्तार से रेखांकित किया—

*प्रत्येक लाभार्थी को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली केंद्र सरकार द्वारा*

1 किलोवाट पर 30,000
2 किलोवाट पर 60,000
3 से 10 किलोवाट तक अधिकतम 78,000 अनुदान
राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त अनुदान, जिससे 3 किलोवाट तक कुल सब्सिडी 1,08,000 तक सोलर प्लांट की अनुमानित लागत लगभग ₹65,000 प्रति किलोवाट सोलर पैनलों की कार्य क्षमता लगभग 25 वर्ष
मात्र 7 प्रतिशत ब्याज दर पर बैंक ऋण 1800 रुपये मासिक ईएमआई में 3 किलोवाट सोलर प्लांट लगाने की सुविधा प्लांट कमीशनिंग के बाद डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में सब्सिडी बिजली बिल में दो तिहाई तक की बचत अतिरिक्त बिजली उत्पादन होने पर नेट मीटरिंग के जरिए बिजली विभाग को बिजली बेचकर अतिरिक्त आय
शीघ्र आवेदन करने की अपील
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने नागरिकों से अपील की कि वे इस योजना का शीघ्र लाभ उठाएं और https://pmsuryaghar-gov-in/ पोर्टल पर आवेदन करें। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है।
अंत में डीएम ने कहा कि प्रशासन, नगर निगम, जनप्रतिनिधि और आम जनता मिलकर यदि इस योजना को सफल बनाते हैं, तो गोरखपुर जल्द ही हरित ऊर्जा और सोलर रूफटॉप मॉडल शहर के रूप में अपनी पहचान ।

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