गोरखपुर। गोरखपुर जिले के धुरियापार विधानसभा क्षेत्र से साल 2007 से 2012 तक समाजवादी पार्टी से विधायक रहे राजेंद्र सिंह उर्फ पहलवान सिंह अब इस दुनिया में नही रहे। पीजीआई में इलाज के दौरान सोमवार की भोर में 77 वर्ष की अवस्था में उन्होने अंतिम सांसे ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही राजनीतिक गलियारे व क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी। उनके गोरखपुर व संतकबीरनगर पैतृक आवास पर शोक प्रकट करने वालों का तांता लग गया। कई जनप्रतिनिधि व नेता उनके आवास पर पहुंचे और उनको श्रद्धांजलि दी।
बता दें, पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह उर्फ पहलवान सिंह जनपद संतकबीर नगर के हैंसर ब्लाक क्षेत्र स्थित भैंसही गांव निवासी सूबेदार सिंह के तीन पुत्रों में सबसे बड़े थे। वे युवा अवस्था से ही सामाजिक एवं राजनीति में सक्रिय हो गए थे। अपने पैतृक गांव के स्थानीय ब्लाक हैंसर व विधानसभा धनघटा की राजनीति में उनका सिक्का चलता था। वे खुद हैंसर से वर्ष 1990-1995 तक ब्लाक प्रमुख रहे। वर्ष 1999 में जिला पंचायत सदस्य हुए और उसी साल संतकबीर नगर से जिला पंचायत अध्यक्ष का भी मजबूती से चुनाव लड़े थे। हैंसर ब्लाक में वे जीवन पर्यंत राजनीति के एक धुरी रहे। उन्होने हैंसर ब्लाक से ही अपने एकलौते पुत्र प्रिंस अगम्य सिंह उर्फ सैंकी को वर्ष 2016 में ब्लाक प्रमुख बनवाया था। संतकबीर नगर के साथ ही गोरखपुर की राजनीति में उनका दमखम व सिक्का खूब चला। वर्ष 2002 में वे नेलोपा से पहली बार गोरखपुर जनपद की धुरियापार विधानसभा के विधायक व पूर्व मंत्री मार्कण्डेय चंद के खिलाफ ताल ठोक विधायक का चुनाव मजबूती से लड़े थे। चुनाव प्रचार के दौरान उनका दबंग स्टाइल व भाषण जनता को खूब भा रहा था। उनके इसी दबंग स्टाइल के कारण वर्ष 2007 के चुनाव में सपा से चुनाव लड़ रहे राजेंद्र सिंह उर्फ पहलवान सिंह को अपना जनप्रतिनिधि के रूप में चुना। वे विधान सभा के उस कार्यकाल में गोरखपुर जनपद के एकलौते सपा विधायक रहे। वर्ष 2022 में बसपा के टिकट पर चिल्लूपार से विधानसभा का चुनाव लड़े थे।
बता दें, वे तीन भाईयों में सबसे बड़े थे। उन्होने अपने पीछे एक पुत्र व दो पुत्रियों का भरा-पूरा परिवर छोड़कर गए। वे लगभग एक साल से बीमार चल रहे थे। विगत 3 फरवरी को तबियत ज्यादा खराब होने पर पीजीआई में भर्ती हुए थे। सोमवार की भोर में लगभग चार बजे उन्होने 77 वर्ष की अवस्था में अंतिम सांसे ली।
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अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी लोगों की भीड़
सोमवार की भोर में पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह उर्फ पहलवान सिंह के निधन की सूचना पर लोग उनके गोरखपुर व संतकबीरनगर के पैतृक गांव भैंसही गांव स्थित आवास पर भारी संख्या में जनप्रतिनिधि व शुभचिंतकों ने पहुंचकर उनका अंतिम दर्शन करते हुए श्रद्धांजलि दी।
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मुक्तिपथ पर पंचतत्व में विलिन हुए पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह उर्फ पहलवान सिंह
गोरखपुर जनपद के धुरियापार के विधायक रहे राजेंद्र सिंह उर्फ पहलवान सिंह का सोमवार की भोर में सामयिक निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर फूलों से सजे एक रथ पर रख, शव यात्रा संतकबीर जनपद के भैंसही गांव से फूलों से सजे रथ पर मुक्तिपथ बड़हलगंज के लिए निकली। शव यात्रा जिधर से गुजरी उधर उनके शुभ चिंतकों एवं समर्थकों ने उनका अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दी। बड़हलगंज मुक्तिपथ घाट पर विधि विधान से अंतिम संस्कार के बाद पूर्व विधायक पंचतत्व में विलिन हो गए। चिता को मुखाग्नि उनके पुत्र पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रिंस अगम्य सिंह उर्फ सैंकी ने दिया।
बड़हलगंज मुक्तिपथ घाट पर उनकी शव यात्रा पहुंचने से पहले ही घाट पर भारी भीड़ जमा हो गई थी। उनकी शव यात्रा में दलीय सीमाएं भी टूट गई थी। उनकी शव यात्रा में पूर्व सांसद संतकबीर नगर प्रवीण निषाद, बासगांव लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी डा संजय कुमार, पूर्व प्रमुख विजय यादव, पूर्व जिपसं श्याम नारायण यादव, श्रीराम यादव व घनानंद यादव, जिपसं संजय पासवान व अवध नारायण यादव, चेयरमैन प्रतिनिधि बड़हलगंज महेश उमर व उरूवां मुन्ना सिंह, घनश्याम कसौधन, उमेश कुमार यादव, विनय चंद, मनोज चंद, अरविंद सिंह, विट्ठल सिंह, रमेश शाही, संतोष चंद, पिंटू चंद, योगेन्द्र सिंह, विशाल सिंह, आनंद तिवारी, दुर्गेश त्रिपाठी समेत भारी संख्या में समर्थक व शुभचिंतक उपस्थित रहे।
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